ब्रेकिंग न्यूज़

 युवा शक्ति ही करेगी विकसित और सशक्त भारत का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

-जेन नेक्स्ट संवाद में जेन-जी और जेन-अल्फा से रूबरू हुए मुख्यमंत्री
-युवाओं से कहा - बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और मेहनत से उन्हें साकार करें
-मुख्यमंत्री ने युवाओं से साझा किए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव
-विद्यार्थियों के सवालों के दिए सहज और रोचक जवाब, शिक्षा, रोजगार, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ के भविष्य पर खुलकर की चर्चा
 रायपुर।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य तय करने और पूरी मेहनत एवं समर्पण के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री साय आज शाम राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद 'यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन के संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सहज और आत्मीय अंदाज में युवाओं के सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।
 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था, तब इसे लेकर सवाल भी उठाए गए थे। आज स्वच्छता जन-जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। घर-घर शौचालय के निर्माण से माताओं-बहनों के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के प्रति सोच और व्यवहार दोनों में बड़ा बदलाव लाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और आज पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि चार दिनों के प्रवास के दौरान उनकी अनेक प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।
युवाओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि आप सभी से चर्चा करते हुए मुझे अपना बचपन याद आ रहा है। जब मैं बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था, तब हमारे स्कूल में पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने की व्यवस्था तक नहीं थी। परीक्षा देने के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ा और वहां पांच दिनों तक रुककर परीक्षा दी। उस समय स्कूल भवन भी कच्चे होते थे और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है और उच्च शिक्षा की विभिन्न संस्थाएं प्रदेश में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें शिक्षा के जो अवसर और सुविधाएं मिल रही हैं, उनका भरपूर सदुपयोग करें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।बीबीए के छात्र अश्मित शिंदे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा कैसे मिली। सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं जशपुर के बगिया जैसे छोटे से गांव में पला-बढ़ा हूं। जब मैं लगभग 10 वर्ष का था, तब मेरे पिता का आकस्मिक निधन हो गया। भाइयों में सबसे बड़ा होने के कारण छोटी उम्र में ही छोटे भाइयों, मां और दादी की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को सक्षम बनाने का प्रयास किया। उस समय कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि गांव का सरपंच बनूंगा। सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और आज मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को जीवन में अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि हम अच्छे उद्देश्य से पूरी निष्ठा के साथ काम करते हैं तो ईश्वर भी हमारा साथ देता है। शायद ईश्वर को मेरे हाथों से लोगों की सेवा करानी थी, इसलिए एक छोटे से गांव के सरपंच को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का अवसर मिला।
छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन का मूल मंत्र पूछा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका समय अध्ययन और अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है। इस समय का जितना अधिक सदुपयोग करेंगे, भविष्य उतना ही बेहतर होगा। सपने हमें मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। हर युवा को अपनी रुचि पहचाननी चाहिए, उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से प्रयास करना चाहिए।
कक्षा नवमीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने मुख्यमंत्री श्री साय से पूछा कि स्कूली विद्यार्थी जल संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल है तो कल है।” जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और यह आज पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान चलाया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरिया जिले में लागू 5 प्रतिशत मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख किया है। राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है।उन्होंने युवाओं से वर्षा जल संचयन को अपने घर, स्कूल और समाज में प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा ग्यारहवीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 
छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में सवाल किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना में छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। योजना के तहत इन विद्यालयों में अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखते हुए उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के अंतर्गत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english