नेपाल में बाढ़ में मरने वालों की संख्या 359 हुई: पुलिस
काठमांडू. नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि बचाव दलों ने प्रभावित जिलों से अन्य शवों को बरामद किया, जिसके बाद मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ। तिब्बत से अचानक आयी भीषण बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के तेज बहाव में महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गईं।
बाढ़ का पानी कई जिलों में फैल गया। नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रसुवा, धादिंग, नुवाकोट और चितवन समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, चितवन जिले से सबसे अधिक 132 शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ रसुवा और अन्य जिलों से होते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते निचले इलाकों में पहुंची, जिससे जलविद्युत परियोजनाओं, बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के आंकड़ों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में करीब 826 लोग लापता हैं, जिनमें से 590 पर्यटक हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता लोगों में 288 भारतीय शामिल हैं।
नेपाल के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के संशोधित विश्लेषण के अनुसार, ग्लेशियर के ढहने या हिमस्खलन के कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई। हिमस्खलन के कारण भोटे कोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा होने के बाद यह बाढ़ आई और सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में बाढ़ का कहर टूटा।










Leave A Comment