भर्ती प्रक्रिया अपरिवर्तित रहेगी, अग्निपथ योजना बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करेगी : सेना
नयी दिल्ली। सेना के तीनों अंगों ने मंगलवार को कहा कि अग्निपथ योजना सैनिकों की भर्ती की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं लाएगी और न ही उनकी युद्धक क्षमताओं तथा अभियानगत तैयारी को प्रभावित करेगी। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने नयी योजना के बारे में विभिन्न मुद्दों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सैन्य बलों का आकार सही करने और सेना का युवा स्वरूप बनाने के लिए योजना लायी गई है और कुल मिलाकर इससे बलों की क्षमता बढ़ेगी। भर्ती के लिए नए मॉडल की घोषणा के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध देखा गया। नयी योजना के तहत केवल चार साल के लिए साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं की भर्ती करने का प्रावधान है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों के लिए सेवा में बनाए रखा जाएगा। इस साल के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा, ‘‘भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। पांच साल पहले जो हुआ, जो पूर्व में हुआ, वही जारी रहेगा।'' साथ ही, उन्होंने कहा कि योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिक वीरता पुरस्कार के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना इसलिए शुरू की जा रही है ताकि सशस्त्र बल सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित कर सकें। पुरी ने कहा कि अग्निपथ सशस्त्र बलों को ताकत देगा। सेना के तीनों अंगों के शीर्ष अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि अग्निवीर को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, हालांकि इसकी अवधि कम की जाएगी।
‘एयर ऑफिसर-इन-चार्ज ऑफ पर्सनल' एयर मार्शल एस के झा ने कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता और तैयारी पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। भारतीय वायु सेना और सरकार वह सब कुछ करेगी जो हमें युद्ध के योग्य और युद्ध के लिए तैयारी रखने को लेकर आवश्यक है।'' उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत भारतीय वायुसेना की भर्ती प्रक्रिया, प्रवेश स्तर की योग्यता, परीक्षा पाठ्यक्रम और चिकित्सा मानकों में ‘‘बिल्कुल कोई बदलाव नहीं'' हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना में प्रवेश अग्निवीर वायु के माध्यम से ही होंगे।''
सेना के एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा ने कहा कि सेना अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं को सैन्य पुलिस के रूप में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से नुकसान नहीं होगा बल्कि सेना की युद्धक क्षमता में सुधार होगा। भर्ती कार्यक्रम जारी करते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल पोनप्पा ने कहा कि उम्मीदवारों का ऑनलाइन पंजीकरण और भर्ती रैलियों के कार्यक्रम की घोषणा एक जुलाई से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि भर्ती रैलियां अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगी, अग्निवीर के पहले बैच के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा 16 अक्टूबर और 13 नवंबर को होगी तथा वे 22 दिसंबर को प्रशिक्षण केंद्रों पर रिपोर्ट करेंगे। पहला बैच 23 जुलाई को अपनी-अपनी इकाइयों में शामिल होंगे। वायुसेना के भर्ती कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए एयर मार्शल झा ने कहा कि उम्मीदवारों का पंजीकरण 24 जून से 5 जुलाई तक होगा, जबकि स्टार परीक्षा (ऑनलाइन) के लिए पंजीकरण 24 से 31 जुलाई के बीच उपलब्ध होगा। वायु सेना अस्थायी रूप से चयनित उम्मीदवारों को 10 अगस्त तक कॉल लेटर जारी करेगी और उनका मेडिकल परीक्षण 29 अगस्त से 8 नवंबर तक किया जाएगा। एयर मार्शल झा ने कहा कि अनंतिम चयन सूची 1 दिसंबर को जारी की जाएगी, नामांकन सूची और सफल उम्मीदवारों को कॉल लेटर 11 दिसंबर को जारी किए जाएंगे और पाठ्यक्रम 30 दिसंबर से शुरू होगा। नौसेना के कार्यक्रम के बारे में, वाइस एडमिरल (कार्मिक) दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया का विवरण बुधवार को जारी किया जाएगा और सभी उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एक जुलाई से शुरू होगा। भर्ती के लिए एक विस्तृत अधिसूचना जुलाई में प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदन विंडो 15 से 30 जुलाई तक उपलब्ध होगी और परीक्षा और शारीरिक फिटनेस परीक्षण अक्टूबर के मध्य में होगा जबकि प्रशिक्षण प्रक्रिया 21 नवंबर से शुरू होगी। वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि अग्निवीर को अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद मर्चेंट नेवी में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

.jpg)









Leave A Comment