मकर संक्रांति, बिहू और पोंगल का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
नयी दिल्ली। मकर संक्रांति, बिहू और पोंगल का त्योहार बुधवार को देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने नदियों और जलाशयों में डुबकी लगाई तथा सामुदायिक भोज में भाग लिया, वहीं रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान छाया रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मकर संक्रांति पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उत्सव देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है और नागरिकों को एकजुटता की भावना की याद दिलाता है जो सभी को एक सूत्र में पिरोता है। मोदी ने असम के लोगों को माघ बिहू की भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आनंद, स्नेह और भाईचारे का अवसर है जो असमिया संस्कृति की सर्वोत्तम विशेषताओं को दर्शाता है।
दिल्ली में मोदी ने पोंगल समारोह में भाग लिया और इसे दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक का प्रतिनिधित्व करने वाला एक वैश्विक त्योहार बताया। मोदी केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर आयोजित समारोह में तमिल समाज की प्रमुख हस्तियों के साथ मौजूद थे, जिनमें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पराशक्ति' के कलाकार भी शामिल थे। ‘पोंगल' उत्सव से पहले मनाया जाने वाला भोगी त्योहार पूरे तमिलनाडु में मनाया गया। केरल और पुडुचेरी में भी पोंगल उत्सव की शुरुआत हुई। असम में माघ बिहू उत्सव मंगलवार रात को उरुका (सामुदायिक भोज) के साथ शुरू हुआ, जहां लोग फसल की कटाई का त्योहार मनाने के लिए एक साथ खाना पकाते और खाते हैं। उत्सव का एक मुख्य आकर्षण ‘भेलाघर' है, जो फूस का बना होता है। इन्हीं संरचनाओं के अंदर और आसपास अधिकांश सामुदायिक भोज आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति उत्सव के तहत नौ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सुबह प्रयागराज में गंगा और संगम में डुबकी लगाई। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा, जबकि देश के कई हिस्सों में बुधवार को यह त्योहार मनाया गया। वर्तमान माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान उत्सव मकर संक्रांति बृहस्पतिवार को है।
राजस्थान में मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। लोग मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे और दान किया। राजस्थान में, तड़के से लोग अजमेर के पुष्कर सरोवर और जयपुर के गलता धाम में स्नान करने के लिए उमड़ पड़े। एकादशी के साथ यह दिन पड़ने के कारण इस वर्ष यह त्योहार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। गोविन्द देवजी मंदिर, ताड़केश्वरजी मंदिर और राज्य के अन्य तीर्थ स्थलों को फूलों और पतंगों से सजाया गया था। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों तीर्थयात्रियों ने सागर द्वीप में वार्षिक गंगासागर मेले में हुगली नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान किया। सूर्योदय से काफी पहले ही श्रद्धालुओं की भीड़ सागर द्वीप के ठंडे पानी में उतर गई और भजन-कीर्तन करने लगी। मकर संक्रांति के अवसर पर ओडिशा में लोगों ने विभिन्न जलाशयों में स्नान किया। इस अवसर पर सैकड़ों लोग पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पहुंचे, जहां सुबह से ही विशेष अनुष्ठान किए जा रहे थे। भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा को मकर चौरासी वेश में सजाया गया था।
रंग-बिरंगे फूलों और तुलसी की मालाएं त्रिमूर्ति के इस दिन के वस्त्र का हिस्सा रहीं। देवताओं को विशेष मिठाई ‘मकर चौला' अर्पित की जाती है जो ताजे चावल, गुड़, नारियल और केले से तैयार की जाती है। सूर्योदय का दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग चंद्रभागा तट और कोणार्क के सदियों पुराने सूर्य मंदिर भी गए। ओडिशा में बुधवार तड़के रायगड़ा जिले में पटाखों में हुए विस्फोट में चार लोग झुलस गए। यह घटना रायगा कस्बे के येदुसाही में हुई, जो तेलुगु भाषी लोगों की बस्ती है और जहां मकर संक्रांति से पहले ‘भोगी पोड़ी' मनाई जा रही थी। गुजरात में मकर संक्रांति (जिसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है) पर आसमान हजारों रंग-बिरंगी पतंगों से पट गया और ‘काई पो चे' के नारे गूंज रहे थे। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तीन दिवसीय फसल उत्सव भोगी के साथ शुरू हुआ। इस उत्सव के उपलक्ष्य में राज्य भर में सुबह-सुबह अलाव जलाए गए। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह तीन दिवसीय उत्सव भोगी, मकर संक्रांति और कनुमा के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में मंगलवार को लोहड़ी मनाई गई।


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