ईरान के शीर्ष नेता ने हमलों को जारी रखने का संकल्प जताया
दुबई. अपने दिवंगत पिता की जगह संभालने के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पहला बयान जारी कर बृहस्पतिवार को कहा कि ईरान अपने खाड़ी अरब के पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के रणनीतिक लाभ का इस्तेमाल अमेरिका व इजराइल के खिलाफ दबाव के लिये करेगा। सरकारी टेलीविजन पर शीर्ष नेता खामेनेई (56) का बयान एक समाचार प्रस्तोता द्वारा पढ़ा गया। खामेनेई कैमरे के सामने नहीं आए और इजराइली आकलन से पता चलता है कि युद्ध की शुरुआती गोलीबारी में वह घायल हो गए थे। उन्होंने एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए 165 लोगों समेत युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने का संकल्प जताया। इस बयान से उस युद्ध को जारी रखने की इच्छा का संकेत मिलता है जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और खाड़ी अरब देशों को प्राप्त सापेक्ष सुरक्षा को बाधित किया है, और जिसने ईरान के नेतृत्व, सैन्य और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी भारी असर डाला है। युद्ध शुरू होने के बाद से खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
फारस की खाड़ी में पोत परिवहन और ऊर्जा अवसंरचना पर ईरान के लगातार हमलों के कारण बृहस्पतिवार को तेल की कीमतें फिर से 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। अमेरिकी और इजराइली हमलों ने इस्लामिक गणराज्य पर कहर बरपाया और युद्ध के अंत के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। ईरान वैश्विक स्तर पर इतना आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है जिससे अमेरिका और इजराइल पर बमबारी रोकने का दबाव पड़े। अमेरिका व इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले के साथ युद्ध की शुरुआत की थी। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक ईरान को किसी अन्य हमले के खिलाफ सुरक्षा गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि युद्धविराम या अमेरिका द्वारा जीत की घोषणा के बावजूद संघर्ष रुकेगा नहीं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "काम पूरा करने" का वादा किया है, हालांकि उन्होंने दावा किया है कि ईरान "लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका है"। इसी बीच, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने लेबनान से उत्तरी इजराइल पर लगभग 200 रॉकेट दागे, जबकि अन्य क्षेत्रों में सायरन बजने लगे और ईरानी मिसाइलों को रोके जाने से उत्पन्न तेज धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती थीं। इजराइल ने तेहरान और लेबनान पर एक बार फिर हमले किये, जिसमें 11 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण लगभग 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। एजेंसी ने बताया कि इनमें से अधिकांश लोग तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों से भागकर देश के उत्तरी भाग या ग्रामीण क्षेत्रों की ओर चले गए हैं। इसमें कहा गया है कि लेबनान में कम से कम 759,000 लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं। बृहस्पतिवार को इजराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के एक और बड़े इलाके के निवासियों को उनके घर छोड़ने की चेतावनी दी। उसने कहा कि उन्हें जहरानी नदी के उत्तर में चले जाना चाहिए, जिसका मध्य बिंदु इजराइल की सीमा से लगभग 56 किलोमीटर दूर है। ईरानी अधिकारियों ने पीछे हटने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है।
खामेनेई के बयान से पहले, ईरान के शिया धर्मतंत्र में अपेक्षाकृत उदारवादी माने जाने वाले राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने ऑनलाइन सुझाव दिया था कि युद्ध को समाप्त करने के लिए, दुनिया को ईरान के "वैध अधिकारों" को मान्यता देनी होगी, हर्जाना देना होगा और भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।
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