पश्चिम बंगाल और असम में जनता का भरोसा उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है: धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विधान चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी के मजबूत प्रदर्शन और जनसमर्थन पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं सभी पांच राज्यों के मतदाताओं को हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त करता हूं। अपना वोट डालकर उन्होंने अपनी पसंद व्यक्त की है और अपनी पसंदीदा सरकारें चुनी हैं। यही लोकतंत्र का सार और हमारी संवैधानिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है।”
पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन पर न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं इसे उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी मानता हूं। लोकतंत्र में जब लोग बार-बार अपना विश्वास जताते हैं तो वह पार्टी पर भरोसा करते हुए जिम्मेदारी देते हैं। आज 22 से अधिक राज्यों में एनडीए और भाजपा की सरकारें हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार तीन कार्यकालों से हम राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “यह हताशा और हार की भाषा है। अगर ममता बनर्जी को नैतिकता और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास है तो उन्हें हार को शालीनता से स्वीकार कर लेना चाहिए। जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था, “बादल छटेंगे, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा। आज पूरे देश में कमल खिल रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार हमारी सरकार बनने जा रही है। सचमुच, यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकतंत्र की है।”
वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत अचानक नहीं हुई है। पिछले 15 वर्षों में लोगों ने ममता बनर्जी के बढ़ते निरंकुश व्यवहार को देखा है। जिस तरह ममता ने एक मेडिकल छात्रा से जुड़े मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं होने दी, उससे वहां की महिलाओं और युवाओं में आक्रोश फैल गया। ऐसे कई मुद्दों को लेकर पश्चिम बंगाल की जनता नाराज थी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास के लिए भाजपा को मतदान किया है।”










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