केरल के मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा, पर्यवेक्षकों ने पार्टी विधायकों से चर्चा की
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत यूडीएफ की जीत के बाद राज्य के अगले मुख्यमंत्री के चयन पर विचार जानने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन ने बृहस्पतिवार को पार्टी विधायकों और गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठक की, जिसके बाद फैसला अब आलाकमान करेगा। पार्टी सूत्रों ने यहां बताया कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार दे दिया। प्रस्ताव पारित होने के बाद, एआईसीसी पर्यवेक्षकों ने केपीसीसी मुख्यालय में विधायकों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं ताकि नेतृत्व के मुद्दे पर उनके विचार जाने जा सकें। पार्टी की प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी, राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नवनिर्वाचित विधायक बंद कमरे में हुई इस बैठक में शामिल हुए। बाद में, पर्यवेक्षकों ने कांग्रेस नीत गठबंधन के घटक दलों के नेताओं से मुलाकात कर अगले मुख्यमंत्री के बारे में उनके विचार जाने। फिलहाल, मुख्यमंत्री पद के लिए वी डी सतीशन, रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वासनिक ने सीएलपी की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत ''उल्लेखनीय'' और ''ऐतिहासिक'' है, इसलिए उत्सव का माहौल था। उन्होंने कहा, ''यह अत्यंत खुशी की बात है और इसी माहौल में बैठक हुई।
यह पूछे जाने पर कि एआईसीसी पर्यवेक्षकों के लिए केरल के अगले मुख्यमंत्री का चयन करना कठिन है या आसान, वासनिक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, '' बैठक बहुत अच्छी रही। कांग्रेस विधायकों ने सबसे पहले सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया, जिसे केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पेश किया और मौजूदा सीएलपी नेता वी डी सतीशन ने इसका समर्थन किया। इस प्रस्ताव में कांग्रेस अध्यक्ष को अगले सीएलपी नेता का चयन करने का अधिकार दिया गया है।'' वहीं, माकन ने कहा, ''देखते हैं कि आगे क्या होता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व सभी विधायकों के साथ व्यक्तिगत रूप से चर्चा चाहता था। माकन ने कहा, ''हमने सभी विधायकों से बातचीत की। आज शाम हम दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। हम अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। हमें उम्मीद है कि जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा। सभी ने फैसला नेतृत्व पर छोड़ दिया है।'' बैठक के बाद, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पत्रकारों को बताया कि प्रस्ताव की जानकारी एआईसीसी को दे दी गई है। उन्होंने कहा, ''पर्यवेक्षक नयी दिल्ली लौटकर आलाकमान को जानकारी देंगे, जिसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।'' नयी दिल्ली रवाना होने से पहले, पर्यवेक्षकों ने यूडीएफ के अन्य घटक दलों, जिनमें आईयूएमएल और केईसी शामिल हैं, के नेताओं से भी मुलाकात की। बैठक के बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पी के कुन्हालीकुट्टी ने यहां पत्रकारों को बताया कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख कांग्रेस नेताओं को बता दिया गया है। मलप्पुरम विधानसभा सीट से भारी अंतर से जीत हासिल करने वाले कुन्हालीकुट्टी ने कहा, ''उन्होंने धैर्यपूर्वक हमारी बात सुनी और कहा कि वे इसकी सूचना दिल्ली में अपने आलाकमान को देंगे। हम दिल्ली से अगली सूचना का इंतजार करेंगे और जब वह आएगी, तो हम अपनी पार्टी में इस पर चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे।'' आईयूएमएल के अलावा, केरल कांग्रेस (केईसी), केरल कांग्रेस (जैकब) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के नेताओं ने भी पर्यवेक्षकों से मुलाकात की। यूडीएफ ने 9 अप्रैल को हुए राज्य विधानसभा चुनाव में 140 सीट में से 102 सीट हासिल कीं। गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस ने 63 सीट पर जीत दर्ज की है।


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