दिल्ली-एम्स के मानकों के अनुरूप बनेंगे देश के सभी एम्स संस्थान : नड्डा
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि सभी एम्स संस्थान दिल्ली-एम्स के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि एम्स को देश भर के अन्य मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए मार्गदर्शक बनने में सक्षम बनाया जाए। नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान बोर्ड (एनबीईएमएस) के 23वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 20वीं शताब्दी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छह अन्य एम्स स्थापित किए गए। उन्होंने कहा, "तब से 16 नए एम्स जोड़े गए हैं, जिससे देश भर में एम्स की कुल संख्या 23 हो गई है।"
नड्डा ने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है, जबकि चिकित्सा की स्नातक सीट की संख्या बढ़कर लगभग 1.28 लाख हो गई है। उन्होंने बताया कि साथ ही, स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट की संख्या भी 31,000 से बढ़कर लगभग 85,000 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट में 75,000 की वृद्धि की घोषणा की है, जिनमें से लगभग 23,000 सीट पिछले दो वर्षों में ही सृजित की जा चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिए 2026-2029 की अवधि के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने स्नातक चिकित्सकों से करुणा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ समाज की सेवा करने का आग्रह किया, साथ ही उन्हें शिक्षा और चिकित्सा शिक्षण में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।





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