भाजपा प्रमुख नवीन ने युवाओं को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को भारत की युवा पीढ़ी को 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की जड़ों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक स्तर पर अराजकता को बढ़ावा देकर विभिन्न देशों के लोकतंत्र को चुनौती देने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय जनसंघ के 75वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि दुनिया में बदलते हालात एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। इससे निपटने के लिए न केवल विचारधारा की निरंतरता बनाए रखने, बल्कि नयी पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक राष्ट्रवादी नींव से गहराई से जोड़ने की भी जरूरत है। नवीन ने भाजपा के विस्तार और मजबूती का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा भाजपा और जनसंघ के कई अन्य नेताओं के समर्पण और कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा, "हालांकि, मित्रों, हमें इस विस्तार को अपने मूल उद्देश्य के प्रति दृढ़ संकल्प से जोड़ने की जरूरत है। हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है। परिस्थितियां बदल रही हैं और नई पीढ़ियां सामने आ रही हैं। ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी विचारधारा के साथ-साथ युवा पीढ़ी भी देश के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जड़ों से जुड़ी रहे।" नवीन ने कहा, "आज हम देख रहे हैं कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के लोकतंत्र को चुनौती देने के लिए अराजकता का सहारा लिया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जनसंघ ने जो बीज बोए और अपने कार्यकर्ताओं को जिन आदर्शों की शिक्षा दी, वे देश के सभी 140 करोड़ नागरिकों को एकजुट करने और उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।


.jpeg)





.jpeg)
.jpg)
Leave A Comment