रणजीव पुरी मिशिगन के पहले भारतीय-अमेरिकी विधानसभा अध्यक्ष बनने की दौड़ में
वाशिंगटन. भारतीय मूल के मिशिगन के विधायक रणजीव पुरी तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में राज्य विधानसभा के स्पीकर पद की दौड़ में हैं। पुरी (42) वर्ष 2020 में मिशिगन प्रतिनिधि सभा के लिए चुने जाने वाले पहले सिख अमेरिकी बने थे। राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था। पंजाबी प्रवासी परिवार में जन्मे पुरी को 2025 में रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली 110 सदस्यीय विधानसभा में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता नियुक्त किया गया था। मिशिगन में ग्रेचेन व्हिटमर डेमोक्रेटिक पार्टी की गवर्नर हैं, लेकिन राज्य विधानसभा पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है। मैट हॉल विधानसभा के स्पीकर हैं।
डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि वे तीन नवंबर के चुनाव में विधानसभा में बहुमत हासिल कर लेंगे। इससे पुरी के देश के पहले भारतीय-अमेरिकी विधानसभा अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो सकता है। राज्य की अमेरिकी सांसद हेली स्टीवंस ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा, मिशिगन में डेमोक्रेट्स आगे बढ़ रहे हैं। हम राज्य विधानसभा में बहुमत हासिल करने वाले हैं और रणजीव पुरी को देश का पहला भारतीय-अमेरिकी राज्य विधानसभा स्पीकर बनाएंगे। स्टीवंस इस साल अमेरिकी सीनेट चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन हासिल करने में नाकाम रहने के बाद अमेरिकी कांग्रेस से सेवानिवृत्त होने वाली हैं। पुरी ने 2008 और 2012 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव प्रचार अभियानों में भाग लिया था। इसके बाद उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री हासिल की और मिशिगन लौट आए। यहां उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग में काम किया। राज्य विधानसभा में अपने तीसरे कार्यकाल में पुरी को 2025 में सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता नियुक्त किया गया था। तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में पुरी का मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी की एलिसन के फुलर से है।
रिपब्लिकन रणनीतिकार अनंग मित्तल द्वारा तैयार भारतीय अमेरिकी वोटर एटलस के अनुसार, मिशिगन में भारतीय मूल के 1.27 लाख लोग रहते हैं, जो राज्य की कुल आबादी का 1.27 प्रतिशत हैं।










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