आरएसएस के 32 सहयोगी संगठनों की समन्वय बैठक, जेन-जी से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा सहित उसके 32 सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी अगले सप्ताह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले में वार्षिक समन्वय बैठक के लिए जुटेंगे। बैठक में समकालीन मुद्दों के साथ-साथ जेन-जी से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। तीन दिन की यह बैठक 19 अगस्त को विशाखापत्तनम के गुडीलोवा में शुरू होगी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबाले इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक 21 अगस्त को समाप्त होगी। आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक बयान में कहा, "बैठक के दौरान, सभी 32 संगठन अपनी-अपनी गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करेंगे और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखेंगे।" उन्होंने कहा कि बैठक में आपसी तालमेल और सहयोग को बेहतर बनाने के साथ-साथ जन-कल्याण और नीति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "इस बैठक में जनसंख्या असंतुलन, 'नशा मुक्ति', युवाओं में जागरूकता पैदा करने, 'पंच परिवर्तन' को लागू करने, विकास की भारतीय अवधारणा और अन्य संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।" सूत्रों के मुताबिक, बैठक में "जेन-जी से जुड़े मुद्दों" पर भी चर्चा होगी। इस बैठक में आरएसएस से जुड़ी सभी 32 संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। इनमें संस्थाओं के अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन सचिव शामिल हैं। आरएसएस ने एक बयान में कहा, "सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सभी सहसरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यविभाग प्रमुख बैठक में मौजूद रहेंगे।"










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