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दुनिया के शीर्ष 100 प्रबंधन संस्थानों में भारत के 14 संस्थान, आईआईएम बेंगलूर 21वें स्थान पर

नयी दिल्ली. प्रबंधन के शिक्षण से जुड़े भारत के 14 संस्थानों को फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) की नवीनतम रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 100 में जगह मिली है। इनमें सात भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) शामिल हैं। सोमवार को जारी 'मास्टर्स इन मैनेजमेंट' (एमआईएम) 2026 रैंकिंग में शामिल भारतीय संस्थानों में आईआईएम बेंगलूर सबसे आगे रहा। उसे वैश्विक स्तर पर 21वां स्थान मिला है। इसके बाद मुंबई के एसपी जैन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एसपीजेआईएमआर) का स्थान रहा, जो 26वें पायदान पर है। आईआईएम अहमदाबाद 27वें, एक्सएलआरआई 33वें और आईआईएम कलकत्ता 39वें स्थान पर रहे।
आईआईएम बेंगलूर ने पिछले साल के 28वें स्थान से सुधार करते हुए इस साल 21वां स्थान हासिल किया है। वह 2024 में 41वें स्थान पर रहा था। रैंकिंग में शामिल अन्य भारतीय संस्थानों में आईआईएम कोझिकोड 54वें, आईआईएम इंदौर 62वें, मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एमडीआई) गुरुग्राम 67वें, आईआईएम लखनऊ 72वें और नरसी मोंजी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) मुंबई 73वें स्थान पर रहे। वहीं, आईआईएम उदयपुर 83वें, इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) गाजियाबाद 86वें, इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (आईएमआई) दिल्ली 90वें और टीए पई मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट कर्नाटक 98वें स्थान पर रह। आईआईएम बेंगलूर के प्रभारी निदेशक यू दिनेश कुमार ने कहा, "एफटी की रैंकिंग संस्थान की शिक्षा और उसके छात्रों के वैश्विक स्तर पर प्रभाव को दर्शाती है। संस्थान अपने पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और परिणामों की तुलना दुनिया के बेहतरीन संस्थानों से करता है।" वैश्विक स्तर पर स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट गैलेन ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। पुर्तगाल की नोवा स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इकॉनमिक्स दूसरे और चीन की शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी का अंताई कॉलेज ऑफ इकॉनमिक्स एंड मैनेजमेंट तीसरे स्थान पर रहा। फाइनेंशियल टाइम्स की एमआईएम रैंकिंग में रोजगार के अवसर, वेतन वृद्धि, शिक्षा पर खर्च के मुकाबले लाभ, अंतरराष्ट्रीय अनुभव, छात्रों की विविधता और टिकाऊ विकास से जुड़ी पहल जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर संस्थानों का आकलन किया जाता है। रैंकिंग में कुल 19 मानकों को शामिल किया गया है। इसमें पूर्व छात्रों की प्रतिक्रिया को 56 प्रतिशत और संस्थानों से मिले आंकड़ों को 44 प्रतिशत भारांक दिया गया है। रोजगार, निवेश पर लाभ, विविधता, पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) मानकों तथा अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे परिणामों को भी आकलन में शामिल किया जाता है।

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