संक्रमण के मामलों में वृद्धि वाले राज्यों से आ रहे यात्रियों की रैंडम जांच होगी : दिल्ली हवाईअड्डा
नयी दिल्ली। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) उन राज्यों से आ रहे हवाई यात्रियों की ‘रैंडम' कोविड-19 जांच करेगा, जहां कोविड-19 के मामलों में हाल में तेजी से वृद्धि हुई है। दिल्ली हवाईअड्डा संचालक डीआईएएल ने बुधवार को यह जानकारी दी।
रैंडम जांच में क्रम का पालन नहीं होता है। इसके तहत किसी भी यात्री को चुनकर उनकी जांच की जा सकती है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा था कि देश में कोविड-19 की स्थिति ‘बद से बदतर' की तरफ बढ़ रही है और यह खास तौर पर कुछ राज्यों के लिए यह चिंता की बड़ी बात है। केंद्र ने आगाह किया कि पूरा देश खतरे में हैं और फिलहाल आसन्न खतरों को नहीं देख पाने से इसकी ‘भारी कीमत' चुकानी पड़ सकती है। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने बुधवार को ट्वीट में कहा, ‘‘सरकार के हालिया आदेश के अनुसार डीडीएमए संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि वाले राज्यों से आ रहे यात्रियों की रैंडम कोविड-19 जांच करेगा।'' डीआईएएल ने कहा कि जांच के नमूने जमा करने के बाद यात्रियों को बाहर जाने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि, संक्रमित पाए गए यात्रियों को अनिवार्य तौर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार पृथक-वास में रहना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक और मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और देश में एक दिन में सामने आए 56,211 मामलों में से 78.56 फीसदी मामले इन्हीं राज्यों से हैं। दिल्ली हवाईअड्डे पर जांच के बारे में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा, ‘‘हम यह जानने के लिए लोगों की रैंडम जांच करते हैं कि कहीं लक्षणमुक्त व्यक्ति राज्य में वायरस तो नहीं ला रहे।'' उन्होंने कहा, ‘‘यद्यपि किसी के लिए भी रैंडम जांच से गुजरना बाध्यकारी नहीं है, लेकिन देश का कर्तव्यपरायण नागरिक होने के नाते ऐसा करना हर किसी का दायित्व है।
-File photo










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