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- -मुख्य सचिव अभिताभ जैन ने किया सभी स्टालों का निरिक्षण : प्रोजेक्ट छाँव का किया सरहाना-जिला प्रशासन अपने कर्मचारियों के लिए छांव की तरह काम कर रहा है :- कलेक्टर डॉ गौरव सिंहरायपुर / बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम का नज़ारा आज अद्भुत था | स्टेडियम के मध्य में पंजीयन करने वालो की कतार लगी हुए थी उसके पश्चात चिकित्सिक परामर्श हुआ बीपी शुगर सहित अन्य परिक्षण हुए | स्टेडियम के चारो किनारो में विभिन अस्पतालों के विशेषज्ञ बैठे हुए थे वह भी ऐसे परीक्षण जो आम जनता के महंगे माने जाते है और दुर्लभ भी है | यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन रायपुर द्वारा शुरू किये गए "प्रोजेक्ट छाँव" के तहत जिला पंचायत के अधिकारी कर्मचारी ने अपने परिवार सहित चिकित्सा का लाभ लिया | इसमें पशु सखी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, जनपत सीईओ, जिला पंचायत सीईओ हुए | यह परीक्षण सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुआ जिसमे 1279 अधिकारी कर्मचारी एवं परिजन स्वास्थ्य जांच करवाई | जब वे घर वापिस लौटे तब उनके हाथो में फाइल और चहेरे में ख़ुशी साफ़ झलक रही थी उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया | इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन शामिल हुए एवं इस "प्रोजेक्ट छाँव" की सरहाना की |मुख्य सचिव श्री जैन ने अपने संबोधन में कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासकीय अधिकारी कर्मचारियों के लिए प्रोजेक्ट छाँव के तहत स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है | यह ऐसा अवसर है जहा सब मिलकर इस समस्या का निराकरण करते है उनका और उनके परिजनों का देखरेख किया जा रहा है | श्री जैन ने अपील की सभी अधिकारी कर्मचारियों अपना परीक्षण करवाए और अपने परिवार का ख्याल रखे |कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा की यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कर्मचारियों के लिए छाँव की तरह काम कर रहा है | उन्होंने कहा की हमारे अधिकारी कर्मचारी शासन के योजनाओ के क्रियान्वन के लिए कार्य करते है वे कार्य के कारण अपना और अपने परिजनों का ध्यान नहीं रख पाते है | मुख्यमंत्री की मंशा है शासकीय अधिकारी कर्मचारी और उनके परिजनों का ख्याल रखा जाए |इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी हेल्थ काउंटरों, बालको मेडिकल सेंटर की मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन का भ्रमण कर जानकारी ली ।शिविर में जांच कराने आई पंचायत सचिव श्रीमती पुष्पा गोस्वामी ने बतया की मैं अपने साथी कर्मचारियों के साथ यहाँ "प्रोजेक्ट छाँव" के अंतर्गत अपना शुगर, बीपी, ब्लड जांच करवाई हूं | इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करती हूँ |जनपद पंचायत आरंग के भृत्य श्री रामजी निर्मलकर ने बताया मैंने इस परिक्षण में ECG, सोनोग्राफी, शुगर, बीपी और ब्लड का जांच करवाया हूं | और प्रोजेक्ट छांव बहुत अच्छी पहल है और मैं इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हम सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना चलाई है जिसका लाभ आज मैं ले रहा हूं |इस शिविर में विशेष रूप से मैमोग्राफी, सोनोग्राफी, टीबी जांच, बोन डेंसिटी चेक, ईसीजी, इको, ब्लड टेस्ट किया गया | महिलाओं के लिए मैमोग्राफी जांच :- मैमोग्राफी (Mammography) एक विशेष प्रकार की एक्स-रे जांच है जो महिलाओं की स्तनों (ब्रेस्ट्स) की जांच के लिए की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना होता है, जब लक्षण अभी दिखाई नहीं देते हैं। सोनोग्राफी (Sonography) एक गैर-विकिरण आधारित जांच है जिसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग कर शरीर के अंदरूनी अंगों की छवि बनाई जाती है। जिससे बीमारी का पता लगाया जा सके। इको हार्ट की सोनोग्राफी है :- इसमें हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड वेव्स का उपयोग कर दिल की धड़कन, वाल्व्स, चेम्बर्स और ब्लड फ्लो को देखा जाता है। ECG मशीन आपके शरीर पर लगाए गए इलेक्ट्रोड्स के माध्यम से दिल की धड़कनों को रिकॉर्ड करती है। इससे पता चलता है कि आपका दिल कितनी नियमितता से और कितनी तेज़ी से धड़क रहा है, और क्या उसमें कोई रुकावट या गड़बड़ी है।आज शिविर में ECG, सोनोग्राफी, ECO, ब्लड सैंपल, साथ ही RFT, LFT, Vitamin D3, B12, HbA1, Sugar Random सहित अन्य जांच किया गया |ओपीडी में शिशु रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, कैंसर रोग, मेडिसिन, किडनी रोग, न्यूरोलॉजी, मेंटल हेल्थ, गैस्ट्रोलॉजी, स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, जनरल एंड लेमोस्कोपी सर्जरी परामर्श, BMD टेस्ट, अस्थि रोग, सहित अन्य विभाग के परामर्श किया गया |इस अवसर पर पंचायत विभाग के सचिव डॉ भीम सिंह, डीआरएम रेलवे श्री दयानंद, मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, SRLM एवं SBM की एमडी श्रीमती जयश्री जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी और बालको हॉस्पिटल कि डॉ. भावना सिरोही सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -आयुष्मान कार्ड, वय वंदन, एएनसी एवं सिकल सेल जांच पर दिया जोरबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज बिल्हा ब्लॉक में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा प्रार्थना सभा भवन में की। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, वय वंदन योजना, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच एवं सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग और उपचार संबंधी गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचाया जाए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम श्री बजरंग वर्मा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल, डीपीएम पीयूली मजूमदार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और मैदानी अमले के लोग मौजूद थे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत बचे हुए हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड जल्द बनाने के निर्देश दिए। बिल्हा में 3 लाख 57 हजार 31 आयुष्मान कार्ड बनना है जिसमें से 2 लाख 64 हजार 544 आयुष्मान कार्ड बन चुके है। 92 हजार 487 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनना शेष है। कलेक्टर ने इसमें प्रगति लाने कहा। उन्होंने कार्ययोजना बनाकर एक माह के भीतर बचे हुए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सामूहिक रूप से लोगों को जोड़ने से ही यह कार्य संभव होगा। उन्होंने वार्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय प्रचार-प्रसार और लाभार्थी जागरूकता अभियान चलाने कहा। हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचना चाहिए, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वय वंदन योजना की भी समीक्षा की गई। उन्होंने इसमें भी प्रगति लाने के निर्देश दिए।गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच अनिवार्य -कलेक्टर ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं के लिए एएनसी जांच, टीकाकरण एवं पोषण सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला जांच से वंचित न रहे।बैठक में कलेक्टर ने सिकल सेल जांच एवं उपचार की भी सीएचसी एवं पीएचसी वार समीक्षा की। उन्होंने सिकल सेल जांच में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों के प्रति भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित तौर पर निरीक्षण करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचना चाहिए।
- -पीएचई अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के समापन सत्र में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-ग्रामीण जलापूर्ति के संस्थागत एवं सामुदायिक पहलुओं तथा तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का दिया गया प्रशिक्षणबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज विभागीय अधिकारियों तथा मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के समापन सत्र में शामिल हुए। जल जीवन मिशन के तहत निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विभागीय सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री टी.डी. सांडिल्य भी समापन सत्र में शामिल हुए।एसपीएम-निवास और यूनिसेफ द्वारा दो बैचों में आयोजित प्रशिक्षण में 21 जुलाई से 23 जुलाई तक पहले बैच के प्रशिक्षुओं को ग्रामीण जलापूर्ति के संस्थागत एवं सामुदायिक पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 24 जुलाई से 26 जुलाई तक दूसरे बैच में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का प्रशिक्षण दिया गया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण जल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की रणनीतियों को सुदृढ़ बनाने तथा क्षेत्रीय अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स को जल संरचना की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में दक्ष बनाने के लिए इस सघन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रशिक्षण के समापन सत्र में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन पर जोर देते हुए अपने संबोधन में कहा कि हर घर तक जल पहुँचाने के लक्ष्य के साथ हमें जल बचाने की जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता देना होगा। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए जल और जलस्रोतों को प्रभावी ढंग से संरक्षित करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षण में मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री साव ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से गांवों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नल जल योजनाओं के सुचारू व निर्बाध संचालन में स्थानीय युवाओं और संस्थाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी.डी. सांडिल्य ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें तकनीकी दक्षता, समुदाय आधारित सहभागिता एवं स्थिर जल प्रबंधन प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारियों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया। यूनिसेफ की बाल संरक्षण एवं लिंग विशेषज्ञ सुश्री चेतना देसाई ने जल संरक्षण और प्रबंधन में लिंग संवेदनशीलता और बाल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षुओं को इन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
- रायपुर, । नीट यूजी 2025 (MBBS/BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 से आरंभ की जा रही है। यह प्रक्रिया चार चरणों में पूर्णतः ऑनलाइन आयोजित होगी।राष्ट्रीय चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा नीट यूजी 2025 की अंतिम प्रवेश तिथि 3 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। राज्य में छत्तीसगढ़ चिकित्सा , दंत चिकित्सा और भौतिक चिकित्सा ( फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम 2025 के अनुसार किया जाएगा।राज्य में यू जी काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा (CME), छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है ।छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल https://cgdme.admissions.nic.in पर उपलब्ध जानकारी को ही प्रमाणिक मानें और उसी के अनुसार आवेदन करें। किसी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर 0771-2972977 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।राज्य में समस्त शासकीय और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों की सीटें उनकी योग्यता और निर्धारित नियमों के अनुरूप राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति , कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा आवंटित की जाएंगी। किसी एजेंट या संस्था के माध्यम से प्रवेश देने के दावे पूर्णतः अस्वीकार्य होंगे।प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी, समय-सारणी, सीट मैट्रिक्स और नियमों का प्रकाशन विभागीय वेबसाइट www.cgdme.in पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
- -एनआईटी रायपुर और विकास तरंगिणी द्वारा किया गया नि:शुल्क महिला स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का आयोजनरायपुर । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर एवं विकास तरंगिणी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का एनआईटी परिसर में आयोजन किया गया। यह जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम विशेषतः सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शिविर में शामिल हुए और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की जांच की गई और नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां प्रदान किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस पहल में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता से लाभ प्राप्त किया।इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे शिविर महिलाओं को समय पर बीमारियों की जांच के लिए प्रेरित करते हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक बीमारियाँ हमारी बदलती जीवनशैली, रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों से दूर होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा योग जैसे भारतीय आचार-विचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के सिद्धांत को अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल रोगों की समय पर पहचान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में भी एक अच्छा कदम है। यह स्वस्थ नारी और सशक्त समाज की ओर बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि यह शिविर शिक्षा और स्वास्थ्य के मध्य एक सेतु का कार्य करेगा।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कल तहसील कार्यालय दुर्ग में आयोजित बैठक में राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों को भुइयां रिकॉर्ड शुद्ध रखने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में लंबित प्रकरणों जैसे खसरा संकलन, विलोपन, शून्य रकबा, नक्शा बटांकन, स्वतः नामांतरण, डीएससी सत्यापन, कृषक पंजीयन आदि विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने बड़े पैमाने में लंबित नक्शे के बटांकन करने विशेष अभियान चलाने राजस्व निरीक्षक, पटवारियों को लक्ष्य दिए। उन्होंने यह भी कहा कि डायवर्सन के बाद जिन भूमिस्वामियों ने अब तक निर्धारित राशि जमा नहीं की है, उनसे वसूली हेतु भी सघन अभियान चलाया जाए। करोड़ों रुपये की डायवर्सन राशि अब भी लंबित है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि बड़े बकायादारों को चिन्हित कर उनसे वसूली में तेजी लाई जाए।बैठक में अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग श्री हरवंश मिरी, भू-अभिलेख शाखा प्रभारी श्रीमती लता उर्वशा, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री अजित चौबे, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता, श्रीमती क्षमा यदु, श्री हुलेश्वर खूंटे, श्री ढाल सिंह बिसेन, श्री वासु मित्र दीवान, सहित सभी राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं भुइयां ऑपरेटर श्रीमती शिप्रा सिंह उपस्थित रहे।
- दुर्ग / महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री आर. के. जाम्बुलकर एवं श्री अजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत आदिम जाति कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केंद्र (विज्ञान विकास केंद्र) में साईबर सुरक्षा, जागरूकता एवं व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, ऑनलाईन फ्रॉड और सोशल मीडिया की सावधानी के विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस विभाग से डॉ. संकल्प राय (SI) नोडल अधिकारी साइबर सेल, दुर्ग द्वारा छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा स्ट्रांग पासवर्ड बनाने, द्वि-खाते की उपयोगिता, बायोमैट्रिक पासवर्ड, मोबाईल सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करने के फायदे, साईबर बुलिंग, साईबर फिशिंग, हनी ट्रैप, डिजिटल अरेस्ट, मैट्रीमोनियल वेबसाइट, डेटिंग एप्स जिसमें युवा पीढ़ी को से प्रेम प्रसंग के माध्यम से आर्थिक क्षति पहुंचायी जाती है, के बारे में विस्तार से बताया। माफिंग स्कैम जिसमें आसानी से किसी व्यक्ति के चेहरे को दूसरे व्यक्ति शरीर में फिट किया जा सकता है एवं म्यूल एकाउंट जैसे साईबर क्राइम से छात्राओं को सतर्क किया। साईबर क्राईम से संबंधित विभिन्न वेबसाइट stopncii.org.cybercrime.gov.in, सायबर हेल्प लाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छात्राओं को विभागीय जानकारी दी गई। इस कार्यकम में साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट श्री आरिफ एच. खान , विज्ञान विकास केंद्र की प्रमुख श्रीमती उर्मिला ओझा, महिला सशक्तिकरण केंद्र से श्रीमती विनिता गुप्ता जिला मिशन समन्वयक, श्री लक्ष्मीकांत यादव जेंडर विशेषज्ञ, श्रीमति शिल्पी उपाध्याय वित्तीय साक्षरता समन्वयक, श्री नारायण सोनी डीईओ, श्री चंद्र प्रकाश पटेल जिला समन्वयक चाईल्ड लाईन, सखी से श्रीमती असंति साहू केंद्र प्रशासक, श्रीमति कविता डोरले काउंसलर, आईसीपीएस से श्रीमति सीता कन्नौजे, श्रद्धा एवं पैरामेडिकल स्टाफ, पेरालिगल कार्मिक उपस्थित रहें।
- दुर्ग / भारत सरकार द्वारा गठित संयुक्त केन्द्रीय निरीक्षण दल के सदस्य श्री पी.जी. मिथानडोई, अवर सचिव, उर्वरक एवं रसायन, मंत्रालय, नई दिल्ली कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मंत्रालय, नई दिल्ली एवं श्री अजय कुमार, उप संचालक, केन्द्रीय उर्वरक गुण नियंत्रण एवं प्रशिक्षण संस्थान, फरीदाबाद द्वारा उप संचालक कृषि श्री संदीप कुमार भोई, संचालनालय कृषि के प्रतिनिधि डॉ. सुमित सोरी तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सह उर्वरक निरीक्षक, दुर्ग की उपस्थिति में जिले के 03 विक्रय प्रतिष्ठानों का विगत 24 जुलाई 2025 को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोई भी गंभीर अनियमितताएं नहीं पायी गई।निरीक्षण करते हुये विक्रय प्रतिष्ठान क्रमशः ग्रीन फील्ड, गंजपारा, दुर्ग से जिंक सल्फेट के 01 नमूना, अग्रवाल कमर्शियल दुर्ग से सिंगल सुपर फॉस्फेट के 02 नमूने तथा सुन्दरम एग्रोटेक, नया गंज मण्डी धमधा रोड, दुर्ग से बोरान 20ः के 01 नमूना लिया जाकर तत्काल केन्द्रीय प्रयोगशाला, फरीदाबाद भेजा गया। वहीं उक्त प्रतिष्ठानों को उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधान का पालन करते हुये उर्वरक व्यवसाय किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही उर्वरकों के थोक स्कंध का फुटकर स्कंध में पीओएस मशीन के माध्यम से त्वरित एक्नालेजमेंट कर पीओएस मशीन से ही भारत सरकार की डीबीटी इन फर्टीलाइजर के निर्देश का पालन करते हुये शत्-प्रतिशत वितरण कराने के निर्देश दिये गये।
- - ‘‘व्यापार में सफलता के लिए वैदिक ऊर्जा का मार्ग’’ पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजितरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने कहा कि ब्रह्माण्ड में ऊर्जा ही ऊर्जा है। उसी से सबको ऊर्जा मिलती है। हम जो विचार करते हैं वह ऊर्जा का ही रूप है। हम सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हुए नकारात्मक ऊर्जा को हटाते जाते हैं और इस सकारात्मक ऊर्जा को लक्ष्य की दिशा में फोकस करते हैं तो सफलता सुनिश्चित हो जाती है। चाहे जीवन का कोई भी कार्य हो अपनी शत-प्रतिशत ऊर्जा लगाकर करेंगे तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकेगा।छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज व्दारा ‘‘व्यापार में सफलता के लिए वैदिक ऊर्जा का मार्ग’’ पर कार्यशाला का आयोजन सिविक सेंटर भिलाई स्थित कला मंदिर में किया गया था।जिसमें मुख्य अतिथि श्री कंवर ने कहा कि दुनिया अणु परमाणु से ही बनी है। यह बात हजारों साल पहले वैदिक महर्षि कणाद ने कही थी। उन्होंने ब्रम्हांड को ऊर्जा स्वरूप बताया था। श्री कंवर ने कहा कि भगवान शंकर ने माता पार्वती को स्वरों का ज्ञान दिया था, ऋषि मुनियों ने और खोजकर इसे जनता के समक्ष लाया।उन्होंने बताया कि हमारे देश में ऋशि मुनियों ने बहुत सारी खोज की है। श्री कंवर ने कहा कि मैं यहां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, जो प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। अन्य रुप में यदि व्याख्या करें तो आपने मन में कुछ सोचा, उसे मुंह से बोला और वह ऊर्जा ब्रम्हांड में चली गई। आपने उसको क्रियान्वित किया। उन्होंने कहा कि ब्रम्हांड में ऊर्जा ही ऊर्जा है। ऊर्जा ना बनती है और ना ही खत्म होती है, ऊर्जा का बस रुपांतरण होता है। जैसे आजकल हम सूर्य की ऊर्जा का उपयोग कर बिजली घर पर उत्पन्न कर घरों को रोशन कर सकते है। ठीक उसी तरह आप अपनी ऊर्जा को अपने तप से सकारात्मक दिशा दें तो आपकी सफलता सुनिश्चित है।कार्यक्रम में वक्ता बिजनेस एवं एनर्जी गुरु श्री जयंत पांडेय ने कहा कि कैसे वैदिक ज्ञान, जिसमें ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और ध्यान जैसी प्रथाएं शामिल हैं, व्यापार में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का अधिकतम लाभ लेने में मदद कर सकता है। कार्यशाला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य सत्र भी आयोजित किए गए। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रुप में शिक्षाविद् श्री आई.पी. मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यशाला में पॉवर कंपनी के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल सहित उद्योगपति एवं व्यापारीगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
- -टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मानरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।
- बलौदाबाजार /बरसात के शुरुआत से ही मौसमी बीमारियों जैसे उल्टी -दस्त, मलेरिया, टाइफाइड पीलिया, हैजा, डेंगू के साथ-साथ सर्पदंश एवं कुत्ता काटने की घटनाएं बढ़ जाती है जिससे बचाव हेतु ईलाज के साथ लोगों क़ो जागरूक करना जरूरी है । इसी कड़ी में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर संपर्क केंद्र के माध्यम से कसडोल विकासखंड के सभी पंचायतों को वर्चुअल माध्यम से जोड़कर उपस्थित सरपंच, पंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं आम जनों को जानकारी प्रदान करते हुए उनसे संवाद स्थापित किया गया ।संपर्क केंद्र के माध्यम से डॉ के. के. टेम्भूरने ने बताया कि इस बरसात के मौसम में मुख्य रूप से उल्टी दस्त की शिकायत ज्यादा दिखाई पड़ती है जो प्रायः दूषित जल के सेवन से होती है जिसमें लगातार पतला दस्त होता है यदि उपचार न मिले तो जान भी जा सकती है । उन्होंने पंचायतों से उपस्थित प्रतिनिधियों से उनके ग्राम की उक्त रोगों के किसी प्रकरण की जानकारी भी ली जिसमें सभी ने बताया कि आज की तिथि तक ऐसे कोई प्रकरण नहीं हैं । इसके अलावा इस मौसम में सर्पदंश की भी शिकायत मिलती है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक कर के समय नहीं व्यर्थ करना चाहिए इससे विष शरीर में तेज़ी से फैलता है और ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में कुत्ते काटने के केस भी दिखते हैं। सर्प और कुत्ते दोनों के काटने की स्थिति में तत्काल अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई।डॉ. टेम्भूरने ने सभी को अपने आस- पास सफाई रखने,साफ जल और ताज़ा भोजन करने की सलाह दी । उल्टी दस्त सहित अन्य किसी प्रकरण में स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क करने को कहा गया ।
- -जेम पोर्टल पर ऑनलाइन खरीदी- बिक्री प्रक्रिया की बताई गई बारिकियां-ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार विस्तार पर कार्यशाला आयोजनबलौदा बाजार / सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) एवं पारंपरिक कारीगरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उनके उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार क़ो जिला पंचायत सभाकक्ष बलौदाबाजार में 'ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार पहुँच विकास' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार की रैम्प योजना के अंतर्गत आयोजित हुआ जिसमें जेम पोर्टल पर खरीदी -बिक्री प्रकिया की विस्तृत जानकारी दी गई।कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि प्रशासन का कार्य डिजिटल होते जा रहा है। विभागों द्वारा सामग्री ऑनलाइन पोर्टल जेम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि सामग्री खरीदी में भण्डार क्रय नियम का शतप्रतिशत अनुपालन एवं पारदर्शिता जरुरी है। खरीदी में उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा और दर का विशेष ध्यान रखा जाए।शासन द्वारा 5 जुलाई 2025 क़ो जारी अधिसूचना का पालन अवश्यक करें। इस के साथ ही सामानों के खरीदी के लिए अन्य पोर्टल से भी तुलना करें। उन्होंने जेम से ऑनलाईन खरीदी के समय जरूरी एतिहात बरतने तथा कार्यालयीन दिवस एवं कार्यालयीन समय में कार्यालय से ही टेन्डर की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।कार्यशाला में सीएसआईडीसी प्रशिक्षक राकेश कुमार तिवारी ने सरकारी खरीदी पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी, उत्पाद कैटलॉग विकास एवं एमएसएमई इकाईयों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से जानकारी साझा की।महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र गुणेश्वरी साहू ने रैम्प योजना के अंतर्गत राज्यभर में संचालित गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, निर्यात प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय पहुंच और अन्य कई पहल चल रही हैं जो सूक्ष्म उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित कर रही हैं। कार्यशाला में विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय वेन्डर एवं एमएसएमई प्रतिनिधि शामिल हुए।
- बलौदाबाजार /बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत 'मेरा रक्षासूत्र देश के जवानों के नाम' थीम पर जिले के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, महिला स्व सहायता समूह एवं किशोरी बालिकाओं के द्वारा रक्षासूत्र तैयार किया जा रहा है। इस रक्षासूत्र क़ो सीमाओं पर तैनात देश के वीर जवानों तक पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर दीपक सोनी क़ो सौंपा। कलेक्टर श्री सोनी ने कार्यकर्त्ताओं क़ो बधाई देते हुए कहा कि यह पहल रक्षाबंधन क़ो एक नया आयाम देने के साथ ही देश के प्रति नागरिक जिम्मेदारी व भावनात्मक एकजुटता का भी परिचायक है।अपनी जान की परवाह किए बगैर हमारे देश के जवान सीमाओं पर निगहबान हैं और देश की रक्षा कर रहे हैं। कई जवान ऐसे हैं जो देश की सेवा की खातिर रक्षाबंधन पर अपने घर नहीं पहुंच पाएंगे। जवानों तक रक्षासूत्र पहुंचने पर उन्हें बहन की दूरी नहीं खलेगी और राखी का प्यार भी मिलेगा। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार,परियोजना अधिकारी सरस्वती चंद्रवंशी, समन्वयक प्रीति नवरत्न,पर्यंवेक्षक एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय सिमगा में सहायक प्राध्यापको के रिक्त पदों के विरूद्ध अध्यापन व्यवस्था हेतु विषय वनस्पति शास्त्र (एक पद) प्राणी शास्त्र (एक पद)राजनीति विज्ञान (एक पद) हेतु योग्य एवं अहर्ताधारी आवेदको से अतिथि व्याख्याता, अतिथि शिक्षक सहायक हेतु आवेदन 5 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किये गए हैं। इच्छुक आवेदक कार्यालयीन समय सायं 05:00 बजे तक केवल पंजीकृत डाक अथवा वाहक के हस्ते आवेदन कर सकते हैं।
- एमसीबी/ जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राँपा के निवासियों के लिए अब पीने का पानी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और स्वच्छ हो गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम में स्थापित हैंडपंप के जल स्रोत में क्लोरीनेशन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से जल में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं और कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से नष्ट किया गया, जिससे अब ग्रामीणों को संक्रमण मुक्त एवं गुणवत्ता युक्त पेयजल मिल रहा है। क्लोरीनेशन की यह पहल ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बड़ा और कारगर कदम है, जिससे ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से बचाव में सीधा लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी रहती थी, विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में जब जल स्रोतों में प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय रहते इस पहल को अमल में लाना अत्यंत सराहनीय है। विभाग द्वारा नियमित निगरानी, पानी के सैंपल परीक्षण और आवश्यकतानुसार क्लोरीन का उपयोग कर जल स्रोतों को शुद्ध बनाया गया है, जिससे न केवल पेयजल की गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रसन्नता जताई है। उनका कहना है कि पहले हैंडपंप के पानी में हल्की दुर्गंध और अस्वच्छता की शिकायत रहती थी, जिससे उन्हें पीने के लिए पानी उबालना पड़ता था। अब क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है और बीमारियों की आशंका भी कम हो गई है। इस पहल ने ग्रामवासियों के जीवन में नई उम्मीदें और स्वास्थ्य के प्रति विश्वास जगाया है। स्वच्छ जल दृ स्वस्थ जीवन के मंत्र को साकार करती यह योजना सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य-सुरक्षा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- -कलेक्टर, सीईओ, विभिन्न जनप्रतिनिधियों सहित जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर लिया भागसक्ती। सक्ती जिले में सामूहिक पौधरोपण महाअभियान का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वाशु जैन, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने सामूहिक पौधरोपण महाअभियान में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत आज कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ द्वारा विभिन्न जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में नवापाराकला में पहुंचकर पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा विकासखंड सक्ती अंतर्गत आमनदुला के मंडी प्रांगड़ में वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा पौधरोपण किया गया।सामूहिक पौधरोपण महाअभियान के तहत जिले में आज सक्ती, डभरा, मालखरौदा, जैजैपुर सभी विकासखण्ड में वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसके साथ ही लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण भी किया गया। सामूहिक पौधरोपण महाअभियान अंतर्गत आज मार्कफेड विभाग अंतर्गत जिले के सभी संग्रहण केंद्रों में, जिले के डोलोमाइट व लाइमस्टोन माइनिंग एरिया में, जिले के विभिन्न विद्यालयों में, जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर, आयुर्वेद विभाग के माध्यम से जिले के सभी 23 आयुर्वेद डिस्पेंसरीज द्वारा विभिन्न प्रजातियों का पौधरोपण किया गया।
- दुर्ग/ जिले में 1 जून 2025 से 26 जुलाई 2025 तक 477.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 593.4 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 383.9 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील बोरी में 429.6 मिमी, तहसील अहिवारा में 580.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 411.4 मिमी और तहसील दुर्ग में 465.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 26 जुलाई 2025 को तहसील दुर्ग में 68.8 मिमी, तहसील धमधा में 55.1 मिमी, तहसील पाटन में 61.1 मिमी, तहसील बोरी में 60.6 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 84.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 95.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- दुर्ग/ पीएमश्री योजना अंतर्गत स्पेशल एजुकेटर के पदांकन के लिए आवेदन 30 जुलाई 2025 तक आमंत्रित है। शासकीय पीएमश्री प्राथमिक शाला बानबरद के लिए एक पद और शासकीय पीएमश्री प्राथमिक शाला रूआबांधा के लिए 3 पद की पदांकन की जाएगी। स्पेशल एजुकेटर हेतु निश्चित मानदेय 20 हजार रूपए प्रतिमाह प्रदाय किया जाएगा। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार इच्छुक आवेदक अपना आवेदन स्वयं अथवा पंजीकृत डाक से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा दुर्ग की ओर 30 जुलाई 2025 तक कार्यालय समय में उपलब्ध करा सकते हैं। विस्तृत जानकारी हेतु जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा दुर्ग के सूचना पटल पर कार्यालयीन समय में अवलोकन कर सकते हैं।
- दुर्ग/ पंडित जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना वर्ष 2025-26 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु परीक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय मालवीय नगर चौक दुर्ग में आयोजित किया गया था, जिसका परीक्षा परिणाम जारी किया जा चुका है। परीक्षा परिणाम कार्यालयीन समय में अवलोकन किया जा सकता है। परीक्षा परिणाम में यदि कोई दावा आपत्ति हो तो साक्ष्य अभिलेख 26 जुलाई तक प्रस्तुत किया जा सकता है।
- बिलासपुर /बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 632.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 459.4 मि.मी. से 172.9 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 772.1 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 458.2 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिल्हा तहसील में 625.9 मि.मी., मस्तूरी में 646 मि.मी.,तखतपुर में 666.6 मि.मी., सीपत में 622 मि.मी., बोदरी में 576.1 मि.मी., बेलगहना में 764.3 मि.मी., बेलतरा में 520 मि.मी., रतनपुर में 639.1 मि.मी., सकरी में 672.7 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 624.2 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रं. 03 अंतर्गत नाली के उपर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की गई। वार्ड क्रं. 30 प्रगति नगर एवं 31 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र के स्थानीय निवासियों एवं व्यापारियों द्वारा नाली के उपर ढ़लाई कर अतिक्रमण कर लिया गया था। जिसके कारण नालियों की सफाई करने में परेशानी हो रही है और कचरा फंस जाने के कारण पानी का बहाव अवरूद्व हो रहा था। समस्या को देखते हुए अवैध अतिक्रमण को जे.सी.बी. से तोड़ा गया और नाली के उपर से कब्जा मुक्त कराया गया।कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, जोन स्वच्छता निरीक्षक चुड़ामणी यादव, तोड़फोड़ दस्ता प्रभारी हरिओम गुप्ता अपने टीम के साथ उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का मुख्य उद्देश्य शहरों का योजनाबद्ध विकास करना है। जिसके मंशानुरूप शहर विकास योजना (सिटी डेवलपमेंट प्लान) नगर पालिक निगम भिलाई शहर हेतु तैयार की जा रही है । शहर विकास योजना किसी शहर के भावी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप है। यह योजना शहर के वर्तमान स्वरूप का विश्लेषण करती है, भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाती है, और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीतियों और नीतियों की रूपरेखा तैयार करती है। यह योजना शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।नगर निगम भिलाई के निगम सभागार में शहर विकास योजना के संबंध में *आयुक्त राजीव कुमार पांडेय* द्वारा 30 जून को बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में *अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी* द्वारा सिटी डेवलपमेंट का विस्तृत प्लान प्रस्तुत किया गया था। माननीय महापौर, सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि, नेता प्रतिपक्ष, सम्मानित पार्षदगण, समाजसेवी एवं शहर के आम नागरिकों से मार्गदर्शन एवं सुझाव प्राप्त किया गया था। साथ ही जोन कार्यालय में कार्य के औचित्य सहित सुझाव आमंत्रित किया गया था। सिटी डेवलपमेंट प्लान के संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव एवं संचालक महोदय द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक ली गई है।*मुख्य अभियंता एवं प्रभारी आयुक्त भागीरथी वर्मा* के अध्यक्षता में दिनांक 23.7.25 को समीक्षा बैठक बुलाई गई l जिसमें शासन से दिए गए निर्देशों के अनुरूप अभिलंब सीडीपी निर्माण कर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। सिटी डेवलपमेंट प्लान के संबंध में दिए गए निर्देशों के परिपालन में संबंधित जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता को निर्देशित किया गया है । सोमवार तक अनिवार्य रूप से जोन वाइज फाइनल शहर विकास कार्य का रोड मैप तैयार किया जाएगा । दिनांक 28/07/25 समय दोपहर 12 बजे तक परियोजना शाखा में जमा करने पश्चात 3:00 बजे मुख्य अभियंता कक्ष में उपस्थित होंगे, जिससे सीडीपी को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।शहर विकास कार्य में मुख्य रूप से मार्गों के चौड़ीकरण, रोड विस्तारीकरण, साइंस सिटी का निर्माण, रिंग रोड का निर्माण, स्विमिंग पूल का निर्माण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, छोटे एवं बड़े नालों का निर्माण, सौंदर्यीकरण के कार्य, बेहतर सफाई व्यवस्था, वाटर हार्वेस्टिंग सहित तड़ित चालक एवं अन्य विकास कार्य शामिल हैं।किसी भी शहर के लिए यह अनिवार्य है कि वह उसके भावी विकास के लिए सिलसिलेवार सोचे और यह निर्धारित करे कि उसका भावी स्वरूप कैसा होना चाहिए।
- ग्राम सिवनी स्थित रिजर्व फाॅरेस्ट क्रमांक 248 में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए मीडिया प्रतिनिधिगणबालोद/ जिला प्रशासन द्वारा जिले में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान के तहत आज जिला पंचायत के समीप सिवनी रोड स्थित रिजर्व फाॅरेस्ट क्रमांक 248 में आज जिले के मीडिया प्रतिनिधियों ने पौधरोपण कर वृहद वृक्षारोपण अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर पर जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री संतोष साहू, जिला प्रेस क्लब के महासचिव श्री राहुल भूतड़ा, श्री फिलिप चाको, श्री रवि भूतड़ा, श्री विजय जैन मित्तल, श्री अजय अग्रवाल, श्री किशोर साहू, श्री लक्ष्मीकांत बंसोड़, श्री सौरभ जैन, श्री संजय सोनी, श्री हरिवंश देशमुख, श्री शैलेश सिंह, श्री साजू चाको, श्री अनीश राजपूत, श्री तिलक राम देशमुख, श्री रूपचंद जैन, श्री देवेन्द्र साहू, श्री राकेश द्विवेदी, श्री नरेश श्रीवास्तव, श्री अमजद चैहान, श्री जागेश्वर सिन्हा, श्री खिलावन प्रसाद चन्द्राकर, मीनू साहू, श्री परस साहू सहित कार्यक्रम में उपस्थित अन्य सभी पत्रकारों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अमूल्य भागीदारी सुनिश्चित की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनसंपर्क अधिकारी श्री चन्द्रेश ठाकुर ने भी पौधरोपण कर सघन वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में उप वनमण्डलाधिकारी सुश्री डिम्पी बैस सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- --जिले में परीक्षा के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां पूर्ण--अपर कलेक्टर एवं एडीशनल एसपी ने परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर व्यापम के निर्देशों की दी जानकारीबालोद/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा पूरे राज्य की भाँति रविवार 27 जुलाई को बालोद जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में व्यापम द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक परीक्षा के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के सभी परीक्षा केन्द्रों में बिना किसी अवरोध के शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक परीक्षा के आयोजन के लिए नोडल आब्र्जवर, समन्वयक आब्र्जवर, केन्द्र अधीक्षक आदि अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा सभी परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षा अधिकारियों की ड्यूटी के अलावा परीक्षा केन्द्रों तक प्रश्न पत्र आदि को सुरक्षित पहुँचाने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। कलेक्टर के निर्देशानुसार आज अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा एवं पुलिस नोडल अधिकारी एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। इन दोनों अधिकारियों ने परीक्षा कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का शत प्रतिशत पालन करते हुए परीक्षा के सफल आयोजन में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में नोडल आब्र्जवर, समन्वयक आब्र्जवर एवं केन्द्र अधीक्षकों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने कहा कि रविवार 27 जुलाई को जिले के 22 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित आबकारी परीक्षा में कुल 6500 अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं।बैठक में श्री लकरा ने बताया कि आबकारी आरक्षक परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 01.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि नकल आदि के प्रकरण पर पूर्णतः रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु परीक्षार्थियों के गहन जाँच हेतु सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में दो घण्टा पूर्व पहुँचना अनिवार्य है। इस तरह से विद्यार्थियों को 09 बजे परीक्षा केन्द्रों में अनिवार्य रूप से पहुँचना होगा। इसी तरह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के अंतर्गत साड़ी आदि विशेष पोशाक पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में निर्धारित समय से 03 घण्टा पूर्व पहुँचना अनिवार्य है। जिससे उनकी सुरक्षा आदि की जाँच की प्रक्रिया सही तरीके से सुनिश्चित की जा सके। श्री लकरा ने बताया कि परीक्षा प्रारंभ होेने के आधा घण्टा पूर्व मुख्य द्वार को बंद कर दिया जाएगा। बैठक में श्री लकरा ने परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारियों को आबकारी आरक्षक परीक्षा हेतु व्यापम द्वारा जारी किए दिशा-निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर ही परीक्षा की सभी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस नोडल अधिकारी एवं एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर परीक्षा के दौरान नकल एवं अवांछित गतिविधियों पर पूर्णतः रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह उद्देश्य होना चाहिए कि परीक्षा का आयोजन निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित की जाए। जिससे कि योग्य एवं मेहनतकश अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो सके।
- बालोद/ जिले मे संचालित शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी तथा आदिवासी वनांचल क्षेत्र डौण्डी के प्राथमिक शाला मे जहां दर्ज संख्या अधिक है, तथा शिक्षकों की संख्या कम है। ऐसी शालाओं का चिन्हांकन कर उक्त शाला में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संपादित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन बालोद द्वारा 'संगवारी गुरूजी" के रूप में व्यवस्था कर बेहतर शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी सी मरकले ने बताया कि इसके तहत संगवारी गुरूजी हेतु 01 अगस्त 2025 सायं 04:00 बजे तक आवेदकगण आवश्यकता वाली संबंधित विद्यालय संस्था प्रमुख के पास आवेदन जमा कर सकते है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी जिले के वेबसाईट http://www.balod.gov.in में तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद / जिले के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सूचना पटल में देखा जा सकता है।














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