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- 0- ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के तहत बालोद जिले में 2.50 लाख से अधिक पौधों का होगा वृहद वृक्षारोपणबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने संपूर्ण जिलेवासियों से गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने पौधरोपण के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि भावी पीढ़ियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जिला बालोद में पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए 2.50 लाख से अधिक पौधों का वृहद वृक्षारोपण किया जा रहा है। विश्वभर में गहराते जल संकट को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने जल संरक्षण को एक सामूहिक जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। पानी की हर एक बूंद का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग न केवल हमारी वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। जल संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और जलवायु परिवर्तन के कारण नदियों, तालाबों और भूजल के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अभियान में महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं, विकसित भारत जी राम जी के श्रमिक, ग्रामों के वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण कर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जन-जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान है। जल ही जीवन है, यह केवल एक पंक्ति नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व का मूल आधार है। जब तक हर नागरिक जल बचत को अपने दैनिक व्यवहार में शामिल नहीं करेगा, तब तक जल संकट का स्थाई समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण, गैर-सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की जा रही है कि वे अपने-अपने स्तर पर जल संरक्षण जागरूकता अभियानों और वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करें। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करें, ताकि ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से बालोद जिला पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में एक आदर्श उदाहरण बन सके।
- 0- सरपंचों की बैठक लेकर ग्राम पंचायत एवं जिले के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनने की अपील की0- गांव एवं ग्राम पंचायतों के विकास हेतु सदैव सहयोग करने का दिया आश्वासनबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि हमारे सरपंचगण अपने ग्राम पंचायत के प्रथम नागरिक एवं चुने हुए जनप्रतिनिधि होने के कारण सभी के लिए सम्मानीय है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन ग्राम एवं ग्राम पंचायत के विकास के लिए सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के सरपंचों की बैठक लेकर अपने गांव, ग्राम पंचायत एवं जिले के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने गांव एवं ग्राम पंचायत की विकास हेतु सदैव सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायतों के सरपंचगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि गांव के विकास से ही हमारे जिले तथा प्रदेश एवं देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे सरपंचगण गांव के विकास को अमलीजामा पहनाने वाले महत्वपूर्ण धुरी है। इसके लिए उनके कार्य एवं दायित्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने कहा कि गांव एवं ग्राम पंचायतों के विकास हेतु सरपंचों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी सरपंचों को पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ कार्य करते हुए अपने ग्राम पंचायत के विकास में नए प्रतिमान स्थापित करने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने विकास कार्यों में गुणवत्ता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी सरपंचों को प्रत्येक कार्यों में शत प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहयोग करने को कहा।कलेक्टर ने कहा कि मैं पूरे समय सरपंचों एवं जिलेवासियों को मदद हेतु उपलब्ध हूँ। उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास हेतु नियमानुसार विकास कार्यों की स्वीकृति देने का भी आश्वासन दिया। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य स्वीकृत करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास हेतु आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के डीएमफ प्रभावित कुल 186 गांवों में विकास कार्यों को पूरा करने हेतु ग्राम वासियों की सहमति से विलेज एक्शन प्लान बनाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विलेज एक्शन प्लान आप लोगों की सहमति से ही तैयार की गई है। इसके आधार पर संबंधित ग्रामों में विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्य कराए जाने की भी जानकारी दी।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी सरपंचों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कार्य के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान तथा जल संरक्षण के उपायों के अंतर्गत किसानों को रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल का उत्पादन प्रेरित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी सरपंचों को जिला प्रशासन गुरूवार 30 जुलाई को जिले में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने सभी सरपंचों को ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास हेतु आम नागरिकों को ’कर’ अदायगी के लिए भी प्रेरित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने सभी सरपंचों को पशुधन की सुरक्षा के उपाय एवं सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों की समस्या के निराकरण हेतु भी ठोस कार्य करने की अपील की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव मदद उलपब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इस मौके पर उन्होंने वीबी जीरामजी योजना के नये प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में उपस्थित सरपंचों ने भी अपना आवश्यक सुझाव दिया।
- 0- आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के दिए निर्देश0- बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का किया जाएगा सम्मानबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बालोद विकासखंड के स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की मैपिंग कर आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर लाभ मुहैया कराने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके सहित स्वास्थ्य के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद विकासखंड अंतर्गत संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, प्राथमिक, सामुदायिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संस्थागत प्रसव के अलावा टीकाकरण अभियान, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, और कुष्ठ रोग नियंत्रण के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। श्रीमती ने स्वास्थ्य केेन्द्रवार संस्थागत प्रसव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी सभी बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु शत-प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिसके अंतर्गत शिक्षक-पालक समिति की बैठकों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए पालकों को जागरूक करने को कहा गया।साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों एवं आम नागरिकों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग व जांच की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बिना किसी ठोस और वाजिब चिकित्सीय कारण के मरीजों को अन्य बड़े अस्पतालों के लिए बिल्कुल भी रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा से जुड़े कर्मचारी सीधे तौर पर आम जनजीवन से जुड़ा होने के कारण अत्यंत सम्मानीय एवं आदर्श है, इसलिए हर एक मरीज को बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक समीक्षा बैठक के अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने बालोद जिले को टीबी मुक्त बनाने हेतु टीबी की दृष्टि से प्रत्येक संदेहास्पद व्यक्तियों का नियमित रूप से सैम्पल जांच करने के अलावा अन्य जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
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रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित *"सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ"* अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर एवं नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल एवं जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा की उपस्थिति में एवं नगर पालिक निगम जोन 7 क्षेत्र के अंतर्गत जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा एवं जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्राही के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में एवं नगर पालिक निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर एवं जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन की उपस्थिति में नगर निगम रायपुर के सम्बंधित जोन 5,7,8 के जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमजनों के साथ मिलकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाते हुए विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख मार्गो में स्वच्छता जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया.
इस अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजनों के साथ उत्साहपूर्वक सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाते हुए स्वच्छता का सकारात्मक संदेश जन - जन को दिया.जनजागरूकता रैली के माध्यम से नागरिकों को कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम तथा वर्षा ऋतु में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक बनाया गया.जनजागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना , स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना तथा जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छ रायपुर के संकल्प को साकार स्वरूप देना रहा.जनजागरूकता अभियान के दौरान समस्त उपस्थितजनों द्वारा अपने घर, मोहल्ले एवं आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाये रखने तथा अन्य नागरिकों को इस हेतु प्रेरित करने का सामूहिक स्वच्छता संकल्प लिया गया. - 0- जिनके पास वर्तमान में रायपुर नगर निगम का जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है उसके लिए भविष्य की जलप्रदाय योजना तैयार करेंगेरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम को 150 एम एल डी जल शुद्धिकरण संयंत्र हेतु स्वीकृति प्राप्त है । शहर में भविष्य की जलप्रदाय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं जल आपूर्ति योजनाओं के प्रभावी नियोजन के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के ऐसे नागरिकों से नवीन जल कनेक्शन की संभावित मांग का विवरण आमंत्रित किया गया है, जिनके पास वर्तमान में रायपुर नगर पालिक निगम का जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।इच्छुक नागरिक निर्धारित आवेदन प्रपत्र में आवश्यक जानकारी भरकर इस सर्वे मे भाग ले सकते हैँ । इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल भविष्य की जलापूर्ति योजना तैयार करने, मांग का आकलन (डिमांड असेसमेंट ) करने तथा आवश्यक अधोसंरचना के नियोजन हेतु जानकारी एकत्रित करना है।
- रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड इंडिया ) के मध्य जलवायु अनुकूलन, सतत शहरी विकास एवं पर्यावरण प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू ) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य रायपुर शहर के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों का विकास करना तथा ऐसी प्रभावी पहलों को आगे बढ़ाना है, जो शहर की जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित करे।समझौते के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम एवं सीड इंडिया संयुक्त रूप से रायपुर हीट एक्शन प्लान के निर्माण, अर्बन हीट आइलैंड के आकलन एवं शमन, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी जैव विविधता संरक्षण, हरित अवसंरचना के विकास, जलवायु अनुकूलन एवं शमन, क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नीतिगत सहयोग, ज्ञान साझाकरण तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करेंगे। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण की उपस्थिति रही ।एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा एवं नगर निगम कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा जूनियर तथा सीड इंडिया की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रमापति कुमार एवं स्टेट डायरेक्टर श्री तुषार शर्मा की उपस्थिति रही।यह साझेदारी रायपुर को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति अधिक सक्षम,पर्यावरण-अनुकूल एवं भविष्य उन्मुख शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और संस्थागत सहयोग के आधार पर दीर्घकालिक एवं जन-केंद्रित समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे रायपुर में शहर के सतत एवं समावेशी विकास को नई गति मिलेगी।
- 0- नियमो के विरूद्ध हुए निर्माण पर बिना भेदभाव पूरी कार्रवाई हो, लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं महापौर0- अवैध निर्माण के विरूद्ध कार्रवाई अधूरी छोड़ने पर महापौर मीनल चौबे नाराज, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकाररायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर पालिक निगम जोन 8, 9, 10 के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठकों में विभिन्न वार्डों की जनसुविधाओं, विकास कार्यों, जल निकासी व्यवस्था, जलभराव, अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए इनकी बिंदुवार गहन समीक्षा करते हुए सम्बंधित जोन अधिकारियों को जनहित से जुड़े सभी मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं।नगर निगम जोन 8 की समीक्षा बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने विस्तृत जानकारी लेकर पार्षदो से चर्चा कर कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए कार्यों की कछुआ छाप गति पर गहन नाराजगी व्यक्त की एवं अधिकारियों को जनहित से संबंधित कार्यों को तत्काल गतिमान करने एवं जनसमस्याओं का वार्ड पार्षदो के साथ समन्वय रखकर कार्य करते हुए वार्डो में त्वरित निदान करवाकर वार्डवासियों को राहत दिलवाने के कडे निर्देश दिये है।नगर निगम जोन क्रमांक 9 की समीक्षा बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे को वार्ड पार्षदों द्वारा वार्ड क्रमांक 8 सहित विभिन्न क्षेत्रों में नालों पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के कारण प्रभावित हो रही जल निकासी व्यवस्था से सम्बंधित विषयों के सम्बन्ध में अवगत करवाया गया। वार्ड पार्षदों ने महापौर को बताया कि पाम रिजॉर्ट, एसेड रिजॉर्ट, रॉयल रिजॉर्ट सहित अन्य कॉलोनाइजरों द्वारा नियमों के विपरीत नालों पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण किए जाने से जल निकासी बाधित हो रही है, जिसके कारण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही है और नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे को समीक्षा बैठक में वार्ड पार्षदों ने अवगत कराया कि संबंधित जोन अधिकारियों एवं अभियंताओं द्वारा समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के चलते ऐसे अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिला है। इस पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नालों पर किए गए प्रत्येक अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।\ समीक्षा बैठक में रीबाउंस बिल्डिंग के समीप निर्माणाधीन टिन शेड का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। समीक्षा बैठक में वार्ड पार्षदों ने महापौर को बताया कि निर्माण लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण होने के बादरायपुर नगर पालिक निगम द्वारा ध्वस्तीकरण करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी, किंतु आंशिक ध्वस्तीकरण के पश्चात नगर निगम मुख्यालय स्तर से कार्रवाई रोक दी गई। इस पर महापौर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कोई निर्माण अवैध है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अधूरी नहीं छोड़ी जा सकती। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने संबंधित जोन अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार शेष कार्रवाई तत्काल पूर्ण करने तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक हस्तक्षेप किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किए जाने के निर्देश दिए।नगर निगम जोन 10 की समीक्षा बैठक में महापौर द्वारा जलभराव एवं पेयजल संबंधी समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई। वार्ड पार्षदों ने देवपुरी स्कूल परिसर एवं वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के समीप वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से अवगत कराया। इस पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इन स्थलों पर स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।महापौर ने समीक्षा बैठक में काठाडीह स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में जलभराव की गंभीर समस्या के समाधान के लिए पुलिया निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने पर तत्काल जियो टैगिंग एवं तकनीकी सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा समीक्षा बैठक में अधिकारियों को महावीर नगर, मेट्रो हाइट्स एवं काली नहर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु लगभग 18 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से प्रस्तावित नाला निर्माण कार्य को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।संतोषी नगर मुख्य मार्ग स्थित शुभम के मार्ट के पास नालों में की गई अवैध छेड़छाड़ के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही संतोषी पारा एवं विशाल नगर गार्डन क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जोन अधिकारियों ने जानकारी दी कि जोन क्रमांक-10 में वर्तमान में पेयजल संबंधी कोई गंभीर समस्या नहीं है तथा क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था संतोषजनक है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जहां-जहां नालों में अवैध छेड़छाड़ की गई है, वहां तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा जोन के सभी चिन्हित जलभराव स्थलों का अधिकतम दो सप्ताह के भीतर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।अवैध अतिक्रमण के संबंध में महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निर्देशित किया है कि संबंधित अतिक्रमणकारियों को नियमानुसार तीन नोटिस जारी करने के उपरांत तत्काल कार्रवाई की जाए। महापौर ने स्पष्ट कहा कि कार्रवाई की प्राथमिकता मुख्य मार्गों, उसके बाद अधिक पार्किंग दबाव वाले क्षेत्रों तथा तत्पश्चात अन्य स्थानों पर निर्धारित की जाए, जिससे यातायात व्यवस्था एवं आम नागरिकों की सुविधा प्रभावित न हो।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम शहर में अवैध निर्माण, नालों पर अतिक्रमण, जल निकासी व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। महापौर ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी अथवा अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों की सुविधा, सुरक्षित जल निकासी व्यवस्था तथा व्यवस्थित शहरी विकास नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा ली गयी समीक्षा बैठक में नगर निगम जोन 8 की समीक्षा बैठक में जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, एमआईसी सदस्य श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, पार्षद सर्वश्री अमन सिंह ठाकुर, अर्जुन यादव, महेन्द्र औसर, श्री भगत राम हरवंश, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित अन्य जोन अधिकारीगण, नगर निगम जोन 9 में जोन 9 अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य श्री खेम कुमार सेन, पार्षद श्री देवदत्त द्विवेदी, श्रीमती रेणु जयंत साहू, श्रीमती सावित्री धीवर, श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा, श्री मोहन कुमार साहू, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा सहित अन्य जोन अधिकारीगण, जोन 10 में एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्रीमती गायत्री नौरंगे, पार्षद श्री मनोज जांगड़े, श्री विनय प्रताप सिंह ध्रुव, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा सहित अन्य जोन अधिकारीगण की उपस्थिति रही.
- 0- रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 अध्यक्ष गज्जू साहू की पहल0- जोन 1 क्षेत्र के सब्जी बाजारों की व्यवस्था सुधारने निगम सहित जनप्रतिनिधियों, यातायात पुलिस, बाजार संघ पदाधिकारियों की जोन में हुई बैठकरायपुर. रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत के निर्देश पर आज नगर निगम जोन 1 क्षेत्र अंतर्गत सब्जी बाजारों की व्यवस्था सुधारने हेतु रायपुर नगर निगम जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू ने नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर सहित नगर निगम जोन 1, यातायात पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बाजार संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक जोन कार्यालय में ली । बैठक में शहर के विभिन्न सब्जी बाजारों में यातायात व्यवस्था, पार्किंग एवं व्यापारियों के सुव्यवस्थित संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वार्ड क्रमांक-16 शिवाजी वार्ड स्थित खमतराई स्कूल के समीप संचालित सब्जी बाजार तथा खमतराई क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे लगने वाले अस्थायी बाजार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए.बैठक में निर्णय लिया गया कि सब्जी विक्रेताओं के लिए नियत स्थान चिन्हित किए जाएंगे तथा बाजार में आने वाले ग्राहकों एवं विक्रेताओं के वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए खमतराई स्कूल परिसर तथा अन्य उपयुक्त स्थलों का निरीक्षण किया गया। वहीं, उद्यान (गार्डन) के सामने सड़क किनारे लगने वाले ठेलों एवं दुकानों को सुव्यवस्थित करने की कार्ययोजना तैयार की गई।बैठक में यह तय किया गया है कि गुमटी एवं अन्य अस्थायी व्यापारियों के लिए पृथक स्थान निर्धारित किया जाएगा।इस संबंध में आगामी दिनांक 31 जुलाई 2026 को संबंधित हितधारकों के साथ पुनः बैठक आयोजित कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इसके अतिरिक्त वार्ड क्रमांक-17 हनुमानगढ़ी से गोंदवारा अंडरब्रिज तक सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजार को व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित कर गार्डन के समीप खुले स्थान पर संचालित करने तथा वाहनों की पार्किंग के लिए गोंदवारा अंडरब्रिज के पास उपलब्ध खुले क्षेत्र का उपयोग करने पर भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैँ कि नागरिकों की सुविधा, सुगम यातायात तथा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाजारों को सुव्यवस्थित किया जाए।इस सम्बन्ध में रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैँ ।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के स्कूल में शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ समूचे स्टाफ का भी किया गया सम्मानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में प्राइमरी व प्री प्राइमरी के बच्चों ने और दूसरी पाली में मिडिल, हाई व हायर सेकंडरी क्लास के छात्र- छात्राओं ने शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ मिलकर गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए एक से एक प्रस्तुतियां दीं। प्राइमरी सेक्शन में कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका विनिता सुंदरानी ने किया। अंजलि महाजन ने शिक्षकों की ओर से संबोधित करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। मंच की साज- सज्जा सुदेवी विश्वास व अस्मिता कुसरे ने की। बच्चों को कार्यक्रम के लिए तैयार करना, गीत, संगीत और नृत्य की तैयारी म्यूजिक शिक्षक विवेक सिंह राजपूत ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अपर्णा आठले ने दिया।मिडिल, हाई और हायर सेकंडरी क्लास के बच्चों ने गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम तैयार किया। कार्यक्रम का संचालन 12वीं की छात्रा पूर्वी साहू और बर्षा परीदा ने किया। सभी कक्षाओं के छात्रों ने अपने- अपने क्लास के शिक्षकों- शिक्षिकाओं को श्रीफल देकर सम्मान किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य मनीष गोवर्धन व वाइस प्रिंसिपल राहुल वोडितेलवार ने द्वीप प्रज्जवलन कर की। प्राचार्य गोवर्धन ने बच्चों को अपनी प्रथम गुरु माता व पिता का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। उप प्राचार्य वोडितेलवार ने बच्चों को संबोधित करते हुए गुरु पूर्णिमा का महत्व समझाया।मिडिल, भाई व हायर सेकंडरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के कार्यक्रम का शुभारंभ समृद्धि मिश्रा के भाषण से हुआ। सातवीं के बच्चों ने एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। संपूर्ण कार्यक्रम आराधना लाल व रोशन सिंह राजपूत ने तैयार किया गया। तृप्ति अग्निहोत्री और सुनिधि रोकड़े ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन आराधना लाल के भाषण और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। उल्लेखनीय यह भी है कि इस कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ विद्यालय के नॉन टीचिंग स्टाफ को भी श्रीफल देकर सम्मानति किया गया, इनमें भी आया, मदर, पियून स्टाफ और स्कूल के गार्ड शामिल रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, प्रस्तावित कार्यस्थलों, तालाबों एवं सफाई व्यवस्था सहित आईटीआई में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से बेहतर सफाई सुनिश्चित करने कहा।निगम आयुक्त ने कॉलोनी विकास शुल्क मद से अनुष्ठा रेसिडेंसी में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि कॉलोनीवासियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। इसके पश्चात आयुक्त ने अयप्पा नगर में प्रस्तावित कार्य स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित कार्य की आवश्यकताओं एवं स्थल की स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके।आयुक्त ने कोहका स्थित आमा तालाब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब एवं उसके आसपास की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेते हुए नियमित साफ-सफाई कराने और स्थल को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 24 फौजी नगर क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को विशेष ध्यान देने तथा कचरा फेंकने एवं डम्प करने वालों के ऊपर बड़ी पेनाल्टी लगाने कहा है। आयुक्त ने आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कार्य को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सह जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया, अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, संजय वर्मा अरविन्द शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना उपस्थित रहे।
- 0- उचित मूल्य दुकानों के संचालकों एवं विक्रेताओं पर हुई वैधानिक कार्रवाईदुर्ग. जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और हितग्राही-उन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सतत निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खाद्य विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान निर्धारित मानकों और अनुबंध शर्तों के विचलन का मामला सामने आने पर त्वरित प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। खाद्य नियंत्रक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक श्री टेकेश्वर प्रसाद साहू द्वारा थाना मोहन नगर में तीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।भौतिक सत्यापन के दौरान शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001017, 431001025 तथा 431001006 में चावल व केरोसिन के भंडारण में अंतर पाया गया, जिस पर नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत आम नागरिकों एवं पात्र लाभान्वितों के हितों की रक्षा हेतु जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। मामले में संबंधित संस्था जय शक्ति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती संध्या चंदेल सहित विक्रेताओं नवीन राजपूत, अविनाश निर्मलकर एवं लल्लन किशोर यादव के विरुद्ध नियमानुसार विवेचना जारी है, तथा भविष्य में भी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु ऐसे सुधारात्मक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे।
- -विधायक अनुज शर्मा ने हितग्राहियों को भू स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित कियारायपुर, । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत बुधवार को को तहसील धरसींवा में अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विधायक श्री अनुज शर्मा के कर कमलों से ग्राम धरसींवा के कुल 10 हितग्राहियों सहित कुल 76 ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार पत्र का वितरण किया गया।स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित संपत्तियों का नक्शा तैयार कर हितग्राहियों को अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी आवासीय संपत्ति पर कानूनी अधिकार प्राप्त होगा और वे बैंक से ऋण, खरीद-बिक्री जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पटवारी, राजस्व अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। हितग्राहियों ने अधिकार पत्र मिलने पर शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- - एक बाघिन के संघर्ष से प्रकृति संरक्षण का संदेशरायपुर। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष एवं स्वदेश के पत्रकार दिनेश यदु द्वारा लिखित पुस्तक ‘जंगल की निःशब्द रानी’ का विमोचन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के करकमलों से किया गया। समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, वरिष्ठ वीडियो पत्रकार इकराम कुरैशी सहित अनेक पत्रकार, साहित्यकार एवं वन्यजीव प्रेमी उपस्थित रहे।यह पुस्तक किसी कल्पना की कहानी नहीं, बल्कि एक घायल बाघिन के जीवन संघर्ष, उसके उपचार, संरक्षण और पुनर्जीवन की सच्ची गाथा है। कभी गंभीर रूप से घायल होकर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही यह बाघिन आज अचानकमार टाइगर रिजर्व की पहचान बन चुकी है। लेखक ने उसके संघर्ष को केवल एक वन्यजीव की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संवेदनशील रिश्ते के रूप में प्रस्तुत किया है।विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘जंगल की निःशब्द रानी’ जैसी पुस्तकें लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं तथा विशेष रूप से युवाओं में संरक्षण की भावना विकसित करने का कार्य करती हैं।लेखक दिनेश यदु ने बताया कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य केवल एक बाघिन की कहानी कहना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि यदि समय पर संरक्षण और उपचार मिले तो वन्यजीवों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल जंगलों की शान नहीं, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के आधार हैं। इनके संरक्षण से ही वन और जैव विविधता सुरक्षित रह सकती है। विश्व बाघ दिवस पर पुस्तक का यह विमोचन साहित्य, पत्रकारिता और वन्यजीव संरक्षण के संगम का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। उपस्थित लोगों ने इसे प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने वाली एक सार्थक पहल बताया।
- -ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजितरायपुर / जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को रेडक्रॉस सभा कक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर ने टॉप प्रायोरिटी ग्राम पंचायतों में अक्टूबर 2026 तक निर्धारित 15 प्रतिशत लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। जब गांव की पूरी टीम यह संकल्प ले ले कि गांव को स्वच्छ रखना है, तो उसे स्वच्छ बनाए रखना संभव हो जाता है। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से अपने गांवों में बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर बेहतर कार्ययोजना तैयार करने और उपलब्ध सरकारी संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने का आह्वान किया।कलेक्टर ने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहित किया जाए। साथ ही स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए तथा चार प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण किया जाए। स्वच्छाग्राही समूहों द्वारा डोर-टू-डोर कलेक्शन, स्वच्छता शुल्क के नियमित संग्रहण एवं भुगतान की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 31 अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सभी निर्धारित कार्यों को पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग 90 ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुरूप विकसित किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।बैठक में जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बीडब्ल्यूजी (BWG) के चयन एवं पंजीयन, उनकी जिम्मेदारियों, 16वें वित्त आयोग की राशि के अभिसरण, बालिका शौचालय निर्माण तथा जल संरक्षण से संबंधित विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक में जिले के चारों विकासखंडों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के अधिकारी तथा लगभग 90 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।
- -मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश- हर घर जल प्रमाणन, स्रोत सुदृढ़ीकरण और नियमित पेयजल आपूर्ति पर दिया जोरबिलासपुर, जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार मार्च 2027 तक गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी एवं अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।कलेक्टर श्री अग्रवाल बुधवार को कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित जल जीवन मिशन की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सचिव एवं कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री रूपेश धनंजय ने विभागीय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में विभागीय अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं तथा विभिन्न निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने हर घर जल प्रमाणित 219 योजनाओं के हस्तांतरण, मूल्यांकन एवं शेष आवश्यक कार्यों का शीघ्र निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित भुगतान के प्रकरणों का त्वरित परीक्षण कर पात्र योजनाओं का भुगतान सुनिश्चित करने तथा शेष योजनाओं में हर घर जल प्रमाणन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने कहा कि सीआईआरपी (CIRP) के अनुसार अक्टूबर 2026 एवं मार्च 2027 की समय-सीमा वाली सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल किए जा सकें। उन्होंने विद्युत कनेक्शन एवं अन्य विभागों से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण कर निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए।उन्होंने जल संकट संभावित ग्रामों में फ्रैक्चर जोन आधारित स्रोत सुदृढ़ीकरण, रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण तथा जल स्रोतों की स्थायित्व संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ एवं प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त योजनाओं की रिफिलिंग एवं पुनर्स्थापना के कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का नियमानुसार ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण कर उनके संचालन एवं संधारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (एलपीसीडी) के मानक के अनुरूप नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य है। सभी कार्य एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें और जिले को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी बनाएं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनाबांदा (उप्र)। छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष और जगदलपुर से विधायक किरण सिंहदेव अपनी एसयूवी कार बुधवार को ललितपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एक ट्रक से टकराने के कारण घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशीष मिश्रा ने बताया कि बुधवार को सिंहदेव (58) की इनोवा कार तालबेहट थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 में आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। घटना में उनके हाथ और पैर में चोट आई हैं। उन्होंने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सिंहदेव को इलाज के लिए पहले तालबेहट की सरकारी अस्पताल ले जाया गया, बाद में मेडिकल कॉलेज झांसी भेज दिया गया है। मिश्रा ने कहा कि फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनामुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना पर दुःख व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की एवं संबधित प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर इलाज के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए है । उन्होंने माँ दंतेश्वरी से प्रार्थना की कि वे उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने का आशीर्वाद प्रदान करें।
- -बूढ़ा महादेव, राजा नवागांव, भोरमदेव, डोंगरिया और खुड़िया में कांवड़ियों के विश्राम सुविधा के लिए दिए निर्देश-कांवड़ यात्रा मार्ग, विश्राम स्थलों एवं मंदिर परिसरों का लिया जायजा-पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और ठहरने की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के दिए निर्देश-सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभागों को समन्वय से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर। पवित्र सावन मास में मध्यप्रदेश के नर्मदा नगरी अमरकंटक से जल लेकर भगवान बूढ़ा महादेव एवं भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने आने वाले हजारों कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुधवार को बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से लेकर भोरमदेव, राजानवागांव, डोंगरिया और मुंगेली जिला के ग्राम खुड़िया तक विभिन्न विश्राम स्थलों, कांवड़ यात्रा मार्ग एवं मंदिर परिसरों का साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात और ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सावन माह में हजारों कांवड़िए और श्रद्धालु इस मार्ग से यात्रा करते हैं। उनकी सुविधा के लिए विभिन्न पड़ावों पर विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अमरकंटक में कावड़ियों के लिए विश्राम और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 20–20 लाख रुपए की लागत से खुड़िया और लमनी में प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया हैं। उन्होंने आज इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भोरमदेव में कांवड़ियों के लिए तैयार किए जा रहे विश्राम स्थल एवं स्वदेश दर्शन योजना के तहत निर्माणाधीन हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि हॉल के एक हिस्से की तत्काल साफ-सफाई कर उसे कांवड़ियों के ठहरने योग्य बनाया जाए, ताकि सावन माह में श्रद्धालु इसका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों। निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक नियमित निगरानी रखें तथा कहीं भी तकनीकी कमी या गड़बड़ी दिखाई देने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करें, ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा स्थित पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में निर्माण हुए डोम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य को बेहतर फिनिशिंग के साथ पूरा करने, डोम में एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाने, पर्याप्त पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ियों के ठहरने और आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्राम राजानवागांव में निर्मित डोम का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरम्मत एवं रखरखाव, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पंखे तथा शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में आकर्षक उद्यान विकसित करने को कहा, ताकि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सके।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर का विकास किया जा रहा है। मेन रोड से यहां तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण किया जाएगा तथा खाली जगह में शेड का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने सावन माह के लिए विश्राम स्थल का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और किसी प्रकार की कमी न रहे।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से खुड़िया में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में आधुनिक प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रतीक्षालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भवन के सामने समतलीकरण कराने तथा पूरे परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सावन माह के दौरान कांवड़ियों की सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरे श्रावण मास तक एक एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भोरमदेव परिसर में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर पूरे सावन माह के दौरान कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी सोमवार से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, इसलिए सभी विभाग समन्वय बनाकर पूर्व तैयारी पूरी करें। उन्होंने मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय, विश्राम भवन, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव मार्ग में सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई, जहां सड़क खराब है वहां तत्काल मिट्टी डालकर मार्ग समतल करने तथा श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा से जुड़ी समितियों के अध्यक्षों की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने तथा श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- -हर-हर नर्मदे, बोल बम के जयकारों के साथ रवाना हुई भक्ति और सेवा की गाड़ीरायपुर। सावन मास के पावन अवसर पर अमरकंटक से कवर्धा तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर मृत्युंजय आश्रम, अमरकंटक में प्रतिदिन निःशुल्क भंडारा संचालित किया जाएगा। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुधवार को विधायक कार्यालय से भंडारे के लिए आवश्यक भोजन सामग्री से भरे वाहन अन्नकूट रथ को रवाना किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के श्री भगत पटेल, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी सहित जनप्रतिनिधिगणों की उपस्थिति में हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयकारों के साथ भोजन सामग्री वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात अमरकंटक के लिए रवाना किया गया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की इस पहल के अंतर्गत मृत्युंजय आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को निःशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा दी जाएगी। भोजन में दाल, भात, सब्जी, खीर, पूड़ी, हलवा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन प्रतिदिन श्रद्धालुओं को परोसे जाएंगे वह भी पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ। मृत्युंजय आश्रम में संचालित इस भंडारे की लोकप्रियता और व्यापक सेवा भाव का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष लगभग हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाया था। इस वर्ष भी उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, की सहभागिता से यह सेवा और भी विस्तार के साथ संचालित की जा रही है।उल्लेखनीय है कि सावन मास में लाखों श्रद्धालु अमरकंटक से जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ामहादेव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पदयात्रा करते हैं। ऐसे में मृत्युंजय आश्रम में संचालित यह भंडारा भक्ति के साथ-साथ सेवा का प्रतीक बन गया है।
- नई दिल्ली/बिलासपुर। बिलासपुर शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर के लिए प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड परियोजना की स्वीकृति एवं निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।मुलाकात में तोखन साहू ने बताया कि बिलासपुर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए लगभग ₹827.20 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड शहर की प्रमुख आवश्यकता बन गई है। यह परियोजना NH-130, NH-130A और NH-49 को आपस में जोड़ेगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों का शहर के भीतर प्रवेश कम होगा और आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।उन्होंने बताया कि रिंग रोड के निर्माण से औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा बिलासपुर के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी।तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि परियोजना पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR), ट्रैफिक सर्वे तथा ड्राफ्ट एलाइनमेंट तैयार करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। इस परियोजना के साकार होने पर बिलासपुर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं आधारभूत विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
- -जनदर्शन में सुनी जन-समस्याएं-दफ्तरों से निकलें और धरातल पर काम करें - विधायक अनुज शर्मारायपुर । विधानसभा क्षेत्र धरसीवा में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से विधायक श्री अनुज शर्मा ने बुधवार को जनपद पंचायत सभा कक्ष में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में विधायक का सख्त और संवेदनशील अंदाज देखने को मिला। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की असली सफलता है।विधायक श्री शर्मा ने लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनपद पंचायत, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित अन्य विभागों से चल रही परियोजनाओं और कार्यालयों में लंबित आवेदनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी।उन्होंने निर्देश दिए कि फाइलों को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। टेबल पर पड़ी हर फाइल के पीछे एक गरीब की उम्मीद और समस्या जुड़ी होती है। मुझे हर विभाग से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' चाहिए। जो काम महीनों से रुके हैं, उनकी बाधा बताएं। अधिकारी दफ्तरों से निकलकर धरातल पर काम करें।विधायक ने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है। कागजों पर विकास दिखने से ज्यादा जरूरी है कि वह धरातल पर नजर आए।समीक्षा बैठक के पश्चात विधायक श्री शर्मा सेवा सदन पहुंचे, जहां आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें रखीं। विधायक ने सभी की बातें संवेदनशीलता से सुनीं और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान विधायक ने शासन की योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को मकान के पट्टे भी वितरित किए। पट्टा पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद परिवार को सिर छिपाने के लिए अपनी छत मिले, यह हमारी प्राथमिकता है। पट्टा मिलने से उन्हें कानूनी अधिकार के साथ सुरक्षित और सम्मानित जीवन मिलेगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला ढीलेंद्र सेन, सीईओ जनपद श्री आशीष केशरवानी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय, रायपुर की छात्रा एवं 8 सीजी गर्ल्स बटालियन (एनसीसी) की कैडेट सुश्री सानंदा शोविता का चयन वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री सर्वश्रेष्ठ सीनियर विंग (SW) कैडेट पुरस्कार हेतु किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान एनसीसी में उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासन, प्रशिक्षण, सामाजिक सेवा तथा उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेटों एवं एनसीसी अधिकारियों को मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं एनसीसी दिवस नगद पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। 8 सीजी गर्ल्स बटालियन, एनसीसी, रायपुर द्वारा जारी चयन सूची में कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की कैडेट सुश्री सानंदा शोविता का चयन मुख्यमंत्री सर्वश्रेष्ठ एसडी/सडब्ल्यू कैडेट पुरस्कार के लिए किया गया है। इस पुरस्कार के अंतर्गत उन्हें रू. 25,000 की नगद राशि एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा। कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने सुश्री सानंदा को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
- -वैज्ञानिक खेती अपनाकर महिला कृषक ने घटाई लागत, बढ़ाई उम्मीदें; आधुनिक कृषि तकनीक से बनीं क्षेत्र की प्रेरणादायक मिसालएमसीबी/ कभी बढ़ती उर्वरक लागत और अनिश्चित उत्पादन से चिंतित रहने वाली मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम कछौड़ की महिला कृषक श्रीमती शकुन्तला आज आधुनिक खेती की एक सफल पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि किसान समय के साथ नई तकनीकों को अपनाएं और वैज्ञानिक सलाह पर भरोसा करें, तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।खेती उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार रही है, लेकिन हर वर्ष बढ़ती लागत और उत्पादन को लेकर बनी रहने वाली चिंता उन्हें परेशान करती थी। इसी दौरान कृषि विभाग एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़, शाखा मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से उन्हें इफको नैनो डीएपी की जानकारी मिली। कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें इसके वैज्ञानिक उपयोग, कम मात्रा में अधिक प्रभाव तथा संतुलित पोषण के बारे में विस्तार से समझाया।नई तकनीक पर विश्वास करते हुए श्रीमती शकुन्तला ने अपनी फसल में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। कुछ ही समय बाद खेतों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे। पौधों की बढ़वार पहले की तुलना में अधिक तेज हुई, फसल का रंग गहरा हरा और पौधे अधिक मजबूत नजर आने लगे। इससे उन्हें बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी और खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी आई। कम खर्च में बेहतर पोषण मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनने लगी। यही अनुभव उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। अब वे पूरे विश्वास के साथ कहती हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।श्रीमती शकुन्तला बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें इस तकनीक को लेकर संदेह था, लेकिन परिणाम देखने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। अब वे अपने गांव और आसपास की महिला किसानों को भी वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि किसान सही समय पर सही तकनीक अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करना संभव है।उनकी सफलता केवल एक किसान की उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों तक पहुंचाई जा रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन का प्रभावी उपयोग खेती की दिशा बदल सकता है। आज श्रीमती शकुन्तला अपने क्षेत्र में आत्मनिर्भर, जागरूक और प्रगतिशील महिला कृषक के रूप में नई पहचान बना चुकी हैं। उनकी प्रेरक यात्रा यह विश्वास जगाती है कि आधुनिक तकनीक, सही जानकारी और दृढ़ संकल्प के साथ खेती को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। इस बार रक्षाबंधन पर बहनों के स्नेह का प्रतीक राखी सिर्फ रिश्तों को ही नहीं जोड़ेगी, बल्कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान दिलाएगी। जिले की प्रसिद्ध विष्णु भोग धान और उसके चावल से तैयार की जा रही अनोखी राखियां बाजार में आकर्षण का केंद्र बनने जा रही हैं। बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पारंपरिक कला और स्थानीय संसाधनों का अनूठा मेल पेश कर रही हैं।रंग-बिरंगे धागों और विष्णु भोग चावल को कलात्मक रूप देकर तैयार की जा रही ये राखियां स्थानीय विरासत की झलक भी अपने साथ लेकर चलेंगी। इस पहल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने समूह की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया, जिसके बाद वे पूरी तरह आत्मनिर्भर होकर राखियों का निर्माण कर रही हैं। तैयार राखियों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट और विभिन्न ग्राम संगठन परिसरों में स्टॉल लगाए जा रहे हैं, ताकि राखियां सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकें और महिलाओं को बेहतर आय मिल सके।महिला समूहों का कहना है कि यह पहल उनके लिए केवल अतिरिक्त आय का जरिया नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और पहचान का माध्यम भी बनी है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की इस कोशिश से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि यदि स्थानीय उत्पादों को इसी तरह प्रोत्साहन मिलता रहा तो न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जीपीएम की विशेष पहचान भी प्रदेश और देशभर तक पहुंचेगी। इस रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल से बनी राखियां भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ ‘‘वोकल फॉर लोकल‘‘ का भी संदेश देंगी।
- -विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी टीम के समर्पित उपचार से मरीज में उल्लेखनीय सुधार, परिवार ने जताया आभाररायपुर । जिला चिकित्सालय मुंगेली में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है कि एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद लगभग चलने-फिरने की उम्मीद खो चुके 24 वर्षीय ईशान गुप्ता अब जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग के विशेषज्ञ उपचार से आत्मविश्वास के साथ दोबारा खड़े होने और चलने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दाउपारा, मुंगेली निवासी ईशान गुप्ता एक भीषण सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। निजी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद भी लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के कारण उनकी मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं और शरीर का संतुलन भी प्रभावित हो गया था। ऐसे कठिन समय में जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग में उनका पुनर्वास उपचार प्रारंभ किया गया। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. उत्कर्ष पाठक ने ईशान की स्थिति का विस्तृत परीक्षण कर चरणबद्ध उपचार योजना तैयार की। नियमित चिकित्सकीय व्यायाम, मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले विशेष अभ्यास, संतुलन प्रशिक्षण, गेट ट्रेनिंग (चलने का प्रशिक्षण) तथा सतत निगरानी के माध्यम से कुछ ही सप्ताह में उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दिखाई देने लगा। आज ईशान पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ सहारे से खड़े होकर चलने का अभ्यास कर रहे हैं। ईशान गुप्ता और उनके परिजनों ने जिला अस्पताल की पूरी फिजियोथेरेपी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें दोबारा सामान्य जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट की विशेषज्ञता, धैर्य और समर्पण ने उनके जीवन में नई रोशनी भर दी है।सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि गंभीर दुर्घटनाओं के बाद यदि समय पर फिजियोथेरेपी और वैज्ञानिक पुनर्वास उपचार शुरू किया जाए, तो मरीजों की शारीरिक क्षमता तेजी से बेहतर होती है और वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेवाएं मरीजों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
















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