भावी पीढ़ियों और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक: सीईओ श्री चंद्रवंशी
0- ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के तहत बालोद जिले में 2.50 लाख से अधिक पौधों का होगा वृहद वृक्षारोपण
बालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने संपूर्ण जिलेवासियों से गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने पौधरोपण के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि भावी पीढ़ियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जिला बालोद में पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए 2.50 लाख से अधिक पौधों का वृहद वृक्षारोपण किया जा रहा है। विश्वभर में गहराते जल संकट को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने जल संरक्षण को एक सामूहिक जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। पानी की हर एक बूंद का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग न केवल हमारी वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। जल संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और जलवायु परिवर्तन के कारण नदियों, तालाबों और भूजल के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अभियान में महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं, विकसित भारत जी राम जी के श्रमिक, ग्रामों के वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण कर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जन-जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान है। जल ही जीवन है, यह केवल एक पंक्ति नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व का मूल आधार है। जब तक हर नागरिक जल बचत को अपने दैनिक व्यवहार में शामिल नहीं करेगा, तब तक जल संकट का स्थाई समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण, गैर-सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की जा रही है कि वे अपने-अपने स्तर पर जल संरक्षण जागरूकता अभियानों और वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करें। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करें, ताकि ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से बालोद जिला पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में एक आदर्श उदाहरण बन सके।


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