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- -विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा फायदा-प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कुलपति डॉ. चंदेल को सौंपे पंजीयन प्रमाण पत्ररायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक बार फिर सफलता की नई इबारत लिखी है.इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर को पौधा किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा संजीवनी धान, छत्तीसगढ़ धान 1919, छत्तीसगढ़ संकर धान 2, बौना लुच्चई, ट्राम्बे छत्तीसगढ़ सोना गाठी, छत्तीसगढ़ भव्या धान प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन के अधिकार प्राप्त हुए है। विगत दिवस नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पौधा किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन महापात्रा द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को इन किस्मों के पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पौधा किस्म संरक्षण के रजिस्ट्रार जनरल डॉ. दिनेश अग्रवाल एवं रजिस्ट्रार श्री दीपक राय चौधरी एवं नोडल ऑफिसर डॉ. दीपक शर्मा, भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पौधा किस्म संरक्षण और कृषक अधिकार प्राधिकरण (PPV&FRA) में किसी किस्म को पंजीकृत कराने से प्रजनक (breeders) और किसान दोनों को बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) मिलते हैं, जिससे उन्हें अपनी नई किस्मों के उत्पादन, बिक्री और मार्केटिंग पर 15-18 साल के लिए विशेष अधिकार मिलते हैं, किसानों को उनके पारंपरिक ज्ञान और किस्मों के संरक्षण के लिए मान्यता मिलती है, और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा मिलता है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा कई वर्षों की मेहनत और अनुसंधान के माध्यम से धान की उपरोक्त नवीन किस्मों का विकास किया गया है। इन किस्मों का विकास भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के सहयोग से किया गया है जिसमें म्यूटेशन एवं रेडियेशन पद्धतियों का उपयोग किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित संजीवनी धान शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाकर विभिन्न रोगों से लड़ने में सहायक पाई गई है तथा इसमें कैंसर रोधी गुण भी पाए गए हैं। इसके अलावा अन्य धान की किस्में भी कम अवधि में पकने वाली, अधिक उपज देने वाली तथा विभिन्न रोगों की प्रतिरोधक है।किसानों और प्रजनकों के लिए लाभः इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को उपरोक्त किस्मों के पंजीयन प्रमाण मिलने से विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ के किसानों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे-विशेष अधिकार (Exclusive Rights)- अपनी किस्म के व्यावसायिक उत्पादन और बिक्री पर कानूनी अधिकार, जिससे उन्हें अपनी मेहनत का वित्तीय लाभ मिलता है।किसानों के अधिकार (Farmers Rights)-किसान अपनी संरक्षित किस्मों के बीज को बचा सकते हैं, बो सकते हैं, साझा कर सकते हैं और बेच सकते हैं (जब तक ब्रांडेड न हो)नवाचार को प्रोत्साहन (Incentive for Innovation)-यह नई और बेहतर फसल किस्मों के विकास के लिए अनुसंधान और निवेश को बढ़ावा देता है।मान्यता और पुरस्कार (Recognition & Rewards)-पारंपरिक किस्मों और आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किसानों और समुदायों को पुरस्कार मिलते हैं।सुरक्षा (Protection)-यह आपकी किस्म को अनधिकृत उपयोग और धोखाधड़ी से बचाता है।उच्च गुणवत्ता वाले बीज (High&Quality Seeds)-यह बीज उद्योग के विकास में मदद करता है, जिससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिलते हैं।यह कैसे काम करता हैः-एक किस्म को पंजीकृत करने के लिए, उसे अद्वितीय (distinct), समान (uniform) और स्थिर (stable) होना चाहिए (DUS Test) पंजीकरण के बाद, प्रजनक को अपनी किस्म पर 15-18 साल तक के लिए विशेष अधिकार मिलते हैं। संक्षेप में, यह प्रणाली किसानों और प्रजनकों के योगदान को मान्यता देती है और उन्हें उनकी मेहनत का फल सुनिश्चित करती है, जिससे देश में कृषि और बीज उद्योग दोनों का विकास होता है।
- भिलाईनगर। 18 दिसम्बर संत सीरोमणि गुरु घांसीदास जयंती के अवसर पर नगर पालिक निगम भिलाई छेत्र से वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या धाम में श्री रामलला दर्शन के लिए रवाना किया गया। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के आदेशानुसार योजना के नोडल अधिकारी सह अपर आयुक़्त राजेन्द्र कुमार दोहरे के नेतृत्व में निगम भिलाई से 7 दर्शनार्थी चोवाराम साहू, देवेन्द्र यादव, गुहरी राम साहू, चोवाबाई साहू, विश्राम साहू, कुमार साहू एवं शकुन बाई को तिलक लगाकर मुख्य कार्यालय से दुर्ग स्टेशन छोड़ा गया। इन दौरान समाज कल्याण विभाग से त्रिलोक ताम्रकार, सुखराम यादव, अंजू साहू ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दिये।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स का शुभारंभ- दौड़, स्लो साइकिल, म्यूजिकल चेयर, क्रिकेट, वाॅलीबाल की हुईं स्पर्धाएंरायपुर। जीवन में खेलों का बड़ा महत्व है। शालेय जीवन में तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। खेलों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, धैर्य, समन्वय, प्रेरणा और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। व्यक्तित्व निर्माण में भी खेलों का बहुत महत्व है। कुछ लोगों के लिए, यह केवल शारीरिक गतिविधि या खेल की रणनीति नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स के शुभारंभ पर स्कूल के सह प्रभारी नवीन देशमुख ने व्यक्त किए।शुभारंभ अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि स्कूलों में खेलकूद बेहद ज़रूरी हैं। ये शारीरिक फिटनेस, टीम वर्क और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं और स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के मूल्यों का संचार करते हैं। खेलों को केवल पाठ्येतर गतिविधियों के रूप में देखने के बजाय, पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग माना जाना चाहिए।बच्चों को संबोधित करते हुए स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि खेल खेलने वाले बच्चे न केवल अपनी उम्र के बच्चों के साथ, बल्कि टीम के बड़े और छोटे खिलाड़ियों, कोच, खेल अधिकारियों आदि के साथ भी बातचीत करना सीखते हैं। उनमें अपनेपन की भावना भी विकसित होती है और उन्हें नए दोस्त बनाने का मौका मिलता है। ये संवाद और सामाजिक कौशल उनके भविष्य के रिश्तों और कैरियर में मददगार साबित होते हैं। खेल का पहला तत्व जिस पर हम ध्यान केंद्रित करेंगे, वह है संतुलन। संतुलन खेल के मैदान के कई क्षेत्रों में होता है और पढ़ने-लिखने के कौशल के विकास के लिए आवश्यक है।स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने कहा कि दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद स्पर्धा में सभी क्लास के बच्चे भाग ले रहे है। बच्चों के लिए स्लो साइकिल रेस, म्यूजिकल चेयर, निडल और थ्रेड, टंग आफ वार, लेमन एंड स्पून रेस, क्रिकेट और वाॅलीवाल जैसे खेल का आयोजन किया जा रहा है। स्पर्धा के शुभारंभ के साथ पहले दिन लगभग सभी वर्गों की क्रीड़ा स्पर्धाएं आयोजित की गई।
- रायपुर । आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में देशी मदिरा और दो वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. संगीता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।यह कार्रवाई बीते 17 दिसंबर 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम देवदा, थाना आरंग, जिला रायपुर में कार्रवाई की। इस दौरान रामेश्वर बारले के घर से 62 पाव देशी मदिरा मसाला (कुल 11.16 बल्क लीटर) और एक एच.एफ. डिलक्स वाहन जब्त किया गया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।इसी तरह लखौली–रीवा मार्ग पर सुमित देवदास को अवैध रूप से शराब बेचते हुए पकड़ा गया। मौके से 22 पाव शोले मसाला मदिरा और शराब बिक्री में इस्तेमाल की जा रही स्प्लेंडर प्लस बाइक को जब्त किया गया। आरोपी पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत कार्रवाई की गई।दोनों मामलों की जांच आबकारी उपनिरीक्षक सुश्री प्रीति कुशवाहा द्वारा की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक राकेश दुबे और वाहन चालक अविनाश थूल का विशेष योगदान रहा है।
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-तिल्दा–खरोरा में आबकारी विभाग के छापे, 2 आरोपी गिरफ्तार, 22.32 लीटर देशी मदिरा जब्त
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर घोषित ड्राई डे के दौरान तिल्दा–खरोरा क्षेत्र में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।आबकारी टीम ने ग्राम सरारीडीह, थाना तिल्दा में छापा मारकर एक महिला आरोपी के घर से 76 पाव देशी शराब बरामद की। वहीं ग्राम देवगांव, थाना खरोरा में एक अन्य आरोपी के घर से 48 पाव देशी शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में कुल 22.32 बल्क लीटर देशी मदिरा पकड़ी गई। साथ ही दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।ड्राई डे के दौरान शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए आबकारी टीम तिल्दा, खरोरा और आसपास के अन्य गांवों में लगातार गश्त में रही। पूरी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक सुश्री मेधा मिश्रा एवं सुश्री सिल्विया सुमन के द्वारा की गई, जिसमें आबकारी मुख्य आरक्षक श्री दिगंबर भूरा का भी विशेष सहयोग रहा। - रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (छात्रा इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 17 दिसंबर 2025 को वी केयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ।शिविर का उद्देश्य विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्नातक एवं पी.एच.डी. विद्यार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराना था।इस अवसर पर वी केयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. हर्षित मिश्रा, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांडेय एवं डॉ. विपुल प्रशांत, यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. तुषार दानी तथा जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनिस सिद्दीकी शामिल रहे।शिविर के दौरान BMI, रक्तचाप (BP), शुगर जांच, बोन डेंसिटी परीक्षण, सामान्य चिकित्सा परामर्श, यूरिन जांच तथा न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरोसर्जन द्वारा परामर्श प्रदान किया गया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर से 140 से अधिक स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थीलाभान्वित हुए।कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने शिविर में उपस्थित होकर स्वयं की स्वास्थ्य जाँच कराई तथा इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- रायपुर । राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रभावी संचालन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने राष्ट्रीय लोक अदालत में बेहतर कार्य करने वाले जिलों एवं परिवार न्यायालयों को सम्मानित किया।यह सम्मेलन 18 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना तथा इसके माध्यम से हुए प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करना था। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया।मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें संविधान के अनुच्छेद 39-क के तहत आम नागरिकों को सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि विगत नौ वर्षों में राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से 2 करोड़ 27 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल रहा है।इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं पैरा लीगल वालंटियर्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
- रायपुर । चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 में 15 दिसंबर 2025 को सूचना मिली कि ट्रेन क्रमांक 12102 ज्ञानेश्वरी सुपरफास्ट की जनरल बोगी में नाबालिक बच्चों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन ने तुरंत आरपीएफ और जीआरपी को जानकारी दी और संयुक्त कार्रवाई की गई।चाइल्ड हेल्प लाइन, आरपीएफ, जीआरपी और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने ट्रेन में कार्रवाई कर दो नाबालिक बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान राशिद मल्ला (उम्र 34 वर्ष), निवासी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल को बच्चों को शालीमार रेलवे स्टेशन से बाटनेरा (महाराष्ट्र) की कपड़ा फैक्ट्री में काम कराने के लिए ले जाते हुए पकड़ा गया।रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन बूथ लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग बात की गई। मामले की जानकारी जीआरपी थाना में दर्ज कराई गई। आरोपी के खिलाफ कानून के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को शासकीय बाल गृह (बालक), माना कैंप में सुरक्षित रखा गया है।उल्लेखनीय है कि जिले में चाइल्ड हेल्प लाइन अगस्त 2025 से शुरू हुई है। अब तक चाइल्ड हेल्प लाइन ने 60 से 70 ऐसे बच्चों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें सुरक्षा और देखभाल की जरूरत थी। इनमें बाल मजदूरी, बाल तस्करी, भिक्षावृत्ति, घुमंतू और भटके हुए बच्चे शामिल हैं। बाल कल्याण समिति के आदेश पर करीब 50 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके घर भेजा जा चुका है।
- रायपुर । रजत जयंती के अवसर पर समाज कल्याण विभाग रायपुर द्वारा आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में मेगा हेल्थ कैंप-2025 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों को सशक्त करते हुए दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु महत्वपूर्ण पहल की किया गया।कार्यक्रम में विधायक रायपुर नगर पश्चिम श्री राजेश मूणत द्वारा दिव्यांग महिला श्रीमती हसीना को उनके आवागमन की सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। ट्राइसाइकिल प्राप्त कर श्रीमती हसीना ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।मेगा हेल्थ कैंप के प्रथम दिवस दिव्यांगजनों को 11 श्रवण यंत्र एवं 01 ट्राइसाइकिल का वितरण किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री मूणत ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हैं।कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग का अमला, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मेगा हेल्थ कैंप के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- दुर्ग। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव गुरु घासीदास जयंती पर दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में शामिल हुए। गुरु गद्दी को प्रणाम कर समस्त जन मानस के सुख समृद्धि की कामना की।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की समाज में सद्भावना, समानता और मानवता का संदेश देने वाले सतनाम पंथ के संस्थापक परम पूज्य गुरु घासीदास जी के उपदेशों की महत्ता को साझा किया। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा और नैतिक मूल्य प्रदान करने में प्रेरणास्रोत हैं।जैतखाम पर जोड़ा नारियल अर्पित कर समस्त जनमानस के सुख समृद्धि की कामना किये और उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए कहा की गुरु घासीदास जी के मनखे–मनखे एक समान प्रेरणादायी संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आव्हान किया। उनके विचार समानता और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
- रायपुर, / राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से लागू कर दी हैं। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया है।इसी क्रम में रायपुर जिले में वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार गाइडलाइन दरों का व्यापक, तार्किक और युक्तियुक्त पुनरीक्षण किया गया है। लंबे समय से पुनरीक्षण नहीं होने के कारण नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों के बीच असंतुलन की स्थिति बन गई थी, जिसे अब संतुलित किया गया है।वर्ष 2019 और 2024 में रायपुर नगर निगम के वार्डों का परिसीमन हो चुका था, लेकिन इसके अनुरूप गाइडलाइन दरों का अद्यतन नहीं हो पाया था। इसी अवधि में रायपुर नगर निगम और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनेक नए प्रमुख मार्ग, कॉलोनियां, व्यवसायिक परिसर, औद्योगिक क्षेत्र और नई बसाहटें विकसित हो गई थीं, जिनका गाइडलाइन में समावेशन नहीं था। इसके कारण एक ही मार्ग पर आमने-सामने की दरों में अंतर, समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों में अलग-अलग दरें तथा एक ही वार्ड में स्थित स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों के नाम के आधार पर भिन्न-भिन्न दरें निर्धारित थीं।नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए रोड आधारित दर प्रणाली अपनाई गई है। उदाहरण के तौर पर रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 के अंतर्गत रिंग रोड नंबर 2 में पूर्व में एक ही मार्ग पर दो अलग-अलग दरें प्रचलित थीं। एक दर के अनुसार मुख्य मार्ग का मूल्य 19,000 रुपये प्रति वर्गमीटर और अंदर का मूल्य 9,800 रुपये प्रति वर्गमीटर था, जबकि दूसरी दर में मुख्य मार्ग का मूल्य 20,000 रुपये और अंदर का मूल्य 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर था। इन दोनों को युक्तियुक्त करते हुए मुख्य मार्ग के लिए 20,000 और अंदर के लिए 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर को आधार माना गया तथा यथोचित वृद्धि कर अब मुख्य मार्ग का मूल्य 30,000 और अंदर का मूल्य 20,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।इसी तरह रायपुर–बिलासपुर रोड पर वार्ड नंबर 4 में समान परिस्थिति वाले क्षेत्र में मुख्य मार्ग की दर 53,000 और 45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर अलग-अलग निर्धारित थी। इनका युक्तियुक्त औसत 50,000 रुपये मानते हुए इसमें वृद्धि कर नई दर 60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। रायपुर–बलौदाबाजार रोड पर वार्ड नंबर 7 में मुख्य मार्ग की दर 28,000 और 38,000 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसे युक्तियुक्त करते हुए 45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है।जी.ई. रोड पर वार्ड नंबर 21, 22 और 23 में मुख्य मार्ग के लिए 32,000 और 55,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दो अलग-अलग दरें थीं। इन्हें समायोजित कर 50,000 रुपये आधार मानते हुए 60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार जी.ई. रोड वार्ड नंबर 27 में मुख्य मार्ग की दर 1,55,000 और 1,60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसे युक्तियुक्त कर अब 1,95,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। जयस्तंभ चौक से फाफाडीह चौक तक इसी वार्ड में 1,00,000 और 1,20,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दरों को समायोजित कर नई दर 1,45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है।एक ही वार्ड के समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों में भी दरों की समानता लाई गई है। वार्ड नंबर 12 में कॉलोनियों के लिए 35,000, 22,000 और 16,000 रुपये प्रति वर्गमीटर जैसी अलग-अलग दरें थीं, जिन्हें युक्तियुक्त कर 30,000 रुपये आधार मानते हुए 40,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। वार्ड नंबर 15 में अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 7,600, 9,000 और 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दरों को समायोजित कर 12,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है।स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों में भी नाम के आधार पर अलग-अलग दरें समाप्त की गई हैं। वार्ड नंबर 1 में बालाजी हाईट्स, अविनाश प्राइड, पार्थिव नगर और एमडी कॉलोनी के लिए 13,000 रुपये प्रति वर्गमीटर, जबकि अन्य कॉलोनियों के लिए 12,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर थी। इन्हें समायोजित कर 12,000 रुपये आधार मानते हुए नई दर 15,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। इसी तरह वार्ड नंबर 7 और वार्ड नंबर 9 में भी विभिन्न स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों की अलग-अलग दरों को समाप्त कर एक समान दर निर्धारित की गई है।गाइडलाइन को सरल बनाने के लिए कंडिकाओं की संख्या में भी बड़ी कमी की गई है। उदाहरण के लिए वार्ड नंबर 1 में पूर्व में 20 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 5 कर दिया गया है। पूरे रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 70 वार्डों में कुल 861 कंडिकाएं थीं, जिन्हें युक्तियुक्त समायोजन के बाद 454 कर दिया गया है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। रायपुर–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम धरसींवा, तिवरईया और चरीदा में पूर्व में मुख्य मार्ग के लिए 68 और 81 लाख रुपये तथा अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 53, 52.5 और 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दरें थीं। इन्हें समायोजित कर अब मुख्य मार्ग के लिए 150 लाख और अंदरूनी क्षेत्र के लिए 120 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार सिलतरा, धनेली, सांकरा, पंढरभट्टा, भैसमुड़ा, मुर्रा तथा रिंग रोड नंबर 4 पर स्थित तेदवा, बोरझरा और कन्हेरा जैसे ग्रामों की दरों को भी समान परिस्थिति के आधार पर एकरूप किया गया है।इस तरह रायपुर जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों से जुड़ी वर्षों पुरानी विसंगतियों और विषमताओं को दूर करते हुए तार्किक और राज्यपरक आधार पर नई गाइडलाइन तैयार की गई है, जिससे आम जनता को संपत्ति मूल्यांकन में पारदर्शिता, सरलता और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप लाभ मिलेगा। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर को हिंसा से मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई ने माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में हिंसा के दिन अब समाप्ति की ओर हैं और बस्तर तेज़ी से विकास तथा मुख्यधारा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ नेतृत्व एवं स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के अटूट सहयोग से बस्तर में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। माओवाद की संरचना लगातार कमजोर हो रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब प्रभावहीन होती जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है—जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से खड़ी है। वहीं, जो अब भी हथियार और भय के रास्ते को नहीं छोड़ेंगे, उनके प्रति सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विकास और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
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रायपुर ।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिसके तहत दुर्ग जिले में भौतिक सत्यापन के दौरान गंभीर खामियां पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित खिलोराकला में अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण और पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से 282 बोरों द्वारा कुल 112.80 क्विंटल धान अधिक पाया गया। जिसमें 72.40 क्विंटल मोटा धान और 40.40 क्विंटल सरना धान शामिल है।
इसी प्रकार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित कन्हारपुरी के भौतिक सत्यापन में भी भारी विसंगति मिली, जहाँ कुल 181 बोरा अतिरिक्त धान पाया गया और स्टॉक में मोटा धान (+437 बोरा) तथा सरना धान (-258 बोरा) के आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया। इन दोनों ही केंद्रों पर धान की स्टेकिंग अव्यवस्थित पाई गई, जो शासन की धान खरीदी नीति का स्पष्ट उल्लंघन है।इस घोर लापरवाही और छत्तीसगढ़ सेवा नियम 2018 के नियम 16.4 के अंतर्गत ’दुराचरण’ की श्रेणी में आने वाले आचरण के परिप्रेक्ष्य में, सक्षम प्राधिकारियों ने खिलोराकला के समिति प्रभारी श्री देवदत्त पटेल और कन्हारपुरी के समिति प्रभारी श्री सेवाराम पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा। - -राज्य शासन की ओर से तीर्थ यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं निःशुल्करायपुर,। छत्तीसगढ़ सरकार की रामलला दर्शन योजना के तहत आज राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से भारत गौरव स्पेशल ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन से 850 श्रद्धालु श्री रामलला के दर्शन के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें रामलला के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा। राज्य शासन ने यात्रियों के लिए आने-जाने, रहने-खाने, रुकने और चिकित्सा जैसी सभी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की हैं।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त, राजनांदगांव महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण रवींद्र एवं श्री खूबचन्द पारख ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। अतिथियों ने श्रद्धालुओं का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और तीर्थयात्रा को बधाई व शुभकामनाएं दीं।रामलला दर्शन के लिए 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से अयोध्या रवानाट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचने पर तीर्थयात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारा, जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।यात्रा में शामिल एक बुजुर्ग श्रद्धालु श्री रामू साहू ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। निःशुल्क सुविधाओं के साथ रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिलना हमारे लिए जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद है।रामलला दर्शन के लिए 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से अयोध्या रवानायुवा तीर्थयात्री सुश्री राधा वर्मा ने भावुक होकर कहा कि रामलला दर्शन योजना से हम जैसे सामान्य परिवारों को यह सौभाग्य मिला। स्टेशन पर मिला स्वागत और सभी व्यवस्थाएं देखकर मन प्रसन्न हो गया। यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है, जो श्रद्धालुओं को सुगम और सुलभ तीर्थयात्रा का अवसर प्रदान कर रही है।
- रायपुर । केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के विभिन्न जिलों की नवीन गाइडलाइन दरों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह गाइडलाइन व्यापक सर्वेक्षण, क्षेत्रीय अध्ययन तथा वैज्ञानिक, निष्पक्ष और तर्कसंगत आधार पर तैयार की गई है। नई दरें 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में प्रभावशील हैं। शासन का उद्देश्य भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करना, वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को समाप्त करना तथा भूमि क्रय-विक्रय और पंजीयन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाना है।इसी कड़ी में रायगढ़ जिले की नई गाइडलाइन दरों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। कार्यालय जिला पंजीयक रायगढ़ के अनुसार यह गाइडलाइन दरें विभाग द्वारा किए गए व्यापक सर्वेक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन एवं निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई हैं। नई दरें पारदर्शी, सरल एवं व्यवहारिक हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दरों का नए सिरे से युक्तियुक्तकरण किया गया है। इससे जिले में भूमि क्रय-विक्रय, पंजीयन एवं राजस्व प्रक्रिया अधिक सुगम होगी तथा किसानों, आम नागरिकों और व्यापारियों की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप संतुलन स्थापित किया गया है।उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से गाइडलाइन दरों में कोई व्यापक परिवर्तन नहीं हुआ था। इस अवधि में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के चलते नई सड़कें, गलियां और आवासीय क्षेत्र विकसित हुए, वहीं पुराने गाइडलाइन ढांचे में लगातार नई कंडिकाएं जुड़ती चली गईं। परिणामस्वरूप एक ही वार्ड या एक ही सड़क पर अलग-अलग दरें प्रचलित हो गई थीं। इससे जहां शासकीय गाइडलाइन दर और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर उत्पन्न हो गया था, वहीं भूमि स्वामियों को आर्थिक हानि के साथ-साथ बैंक ऋण एवं भू-अर्जन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इन सभी विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में वैज्ञानिक एवं पारदर्शी पद्धति से नई कलेक्टर दर गाइडलाइन तैयार की गई है।जिले के सभी उपपंजीयक कार्यालय रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा एवं धरमजयगढ़ में पूर्व में 141 वार्डों में कुल 515 कंडिकाएं थीं, जिन्हें समायोजित कर अब 178 कंडिकाएं निर्धारित की गई हैं। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन दरें पूर्व की असमानताओं को समाप्त करते हुए पुनर्गठित की गई हैं। रायगढ़ नगर पालिक निगम क्षेत्र में पहले 48 वार्डों में 295 कंडिकाएं थीं, जिन्हें विलोपित कर अब 48 वार्डों में केवल 71 कंडिकाएं रखी गई हैं। इसका उद्देश्य दरों में एकरूपता लाना और एक ही क्षेत्र के लिए अलग-अलग दरों की विसंगति को समाप्त करना है।उदाहरणस्वरूप नगर निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 1 में कोतरा रोड जैसे एक ही मार्ग पर पहले अलग-अलग कंडिकाओं के कारण भिन्न दरें प्रचलित थीं। कहीं मुख्य मार्ग की दर 10,790 रुपये थी तो कहीं 10,000 रुपये, जबकि अंदरूनी क्षेत्रों की दरें भी अलग-अलग थीं। नई गाइडलाइन में इन सभी कंडिकाओं को समेकित कर एक ही मार्ग पर आमने-सामने समान दरें निर्धारित की गई हैं तथा वार्ड सीमाओं के भीतर अंदरूनी क्षेत्रों की दरों को भी एकसमान किया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 12 में एक ही सड़क पर विभिन्न कंडिकाओं के कारण 40,000 रुपये से लेकर 13,300 रुपये तक की अलग-अलग मुख्य मार्ग दरें थीं, जिन्हें अब युक्तियुक्तकरण कर एक समान कर दिया गया है।एक ही मुख्य मार्ग से लगे अलग-अलग वार्डों में भी पूर्व में दरों में भारी अंतर पाया गया था। उदाहरण के तौर पर रेलवे अंडरब्रिज से जुटमिल मार्ग या मुस्लिम कब्रिस्तान से खराखाट रपटा पुल जैसे मार्गों पर अलग-अलग वार्डों में अलग-अलग दरें थीं, जबकि बाजार मूल्य लगभग समान था। नई गाइडलाइन में ऐसे सभी मामलों में पूरे मार्ग पर समान दरें लागू की गई हैं। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 17 के मुख्य मार्ग की युक्तियुक्त दर को वार्ड क्रमांक 01, 14, 15, 16, 39 एवं 40 तक समान रूप से लागू किया गया है।नगर निगम क्षेत्र की कॉलोनियों में भी व्यापक सुधार किया गया है। वर्तमान में नगर निगम सीमा के भीतर 267 कॉलोनियां और सीमा के बाहर 11 कॉलोनियां हैं। पूर्व में इन कॉलोनियों की दरों में काफी भिन्नता थी, जिसे समाप्त कर समान प्रकृति और समान सुविधाओं वाली कॉलोनियों के लिए एकसमान दरें निर्धारित की गई हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में गाइडलाइन का निर्धारण नक्शों और जियो-लोकेशन आधारित सर्वे के माध्यम से किया गया है। सर्वे में यह पाया गया कि मुख्य मार्ग और अन्य मार्ग पर स्थित समान प्रकार की भूमि का बाजार मूल्य लगभग समान है। इसी आधार पर मुख्य मार्ग तथा अन्य मार्ग के आमने-सामने स्थित भूमि की दरों में समानता रखी गई है। ग्रामों से होकर गुजरने वाली सड़कों के दोनों ओर स्थित गांवों की दरों को भी एकसमान किया गया है। आसपास स्थित और समान महत्व वाले ग्रामों को वर्गीकृत कर प्रत्येक वर्ग के लिए एक समान दर निर्धारित की गई है।उदाहरण के रूप में रायगढ़–खरसिया मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम जोरापाली, धनागर और रामपुर छोटे; रायगढ़–घरघोड़ा मार्ग पर लाखा, गेरवानी और शिवपुरी; तथा रायगढ़ से जिंदल स्टील प्लांट होते हुए खरसिया मार्ग पर खैरपुर और बिराईपानी में समान परिस्थितियों के आधार पर दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। वहीं रायगढ़ से ओडिशा नेशनल हाईवे के बीच स्थित ग्राम झलमला, भाठनपाली, दूमरमुडा और मिडमिका में मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्रों के बीच वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को भी समायोजित किया गया है।इसके साथ ही शासन द्वारा जनसुविधा की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण राहतें भी दी गई हैं। हकत्याग, दानपत्र एवं बंटवारा नामा जैसे दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर दर को समाप्त कर भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। परिवर्तित भूमि में सिंचित भूमि की दो गुना गणना समाप्त की गई है तथा वृक्षों पर लगने वाले प्रभार भी समाप्त कर दिए गए हैं।नई गाइडलाइन दरों के निर्धारण में शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों, जनसामान्य के हित, पारदर्शिता और वैज्ञानिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिले के सभी वार्डों और कॉलोनियों में वर्षों से चली आ रही असमानताओं को दूर करते हुए दरों को तर्कसंगत, संतुलित और न्यायसंगत बनाया गया है। नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी, वहीं भूमि क्रय-विक्रय और पंजीयन की प्रक्रिया अधिक सरल, स्पष्ट और पारदर्शी होगी।
- -कचरा निपटान एवं प्रोसेसिंग का किया अवलोकन, 31 मार्च तक काम पूरा करने एजेंसी को सख्त निर्देश-तेजी से काम पूरा करने मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाने कहा, लाइव फीड के माध्यम से खुद भी करेंगे मॉनीटरिंग-डंप-साइट का वैज्ञानिक और चरणबद्ध रिमिडिएशन किया जा रहा, हरित क्षेत्र के रूप में किया जाएगा विकसितरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज सवेरे रायपुर में सरोना डंप-साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने डंप-साइट में कचरा निपटान एवं प्रोसेसिंग के कार्यों को देखा। श्री साव ने बायो-रिमिडिएशन कार्य की गति पर असंतोष जाहिर करते हुए एजेंसी को 31 मार्च 2026 तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाने को कहा। उन्होंने एजेंसी को फटकार लगाते हुए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही और ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। श्री साव के निरीक्षण के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय भी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सरोना डंप-साइट में बायो-रिमिडिएशन कार्य की निगरानी के लिए साप्ताहिक कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रगति की रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री कार्यालय, महापौर, राज्य शासन एवं सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के सीईओ (सूडा) को नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने लाइव फीड के जरिए खुद भी कार्यों की मॉनीटरिंग की बात कही। श्री साव ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों को प्रतिदिन साइट पर भौतिक प्रगति की समीक्षा करने तथा शासन स्तर पर लाइव फीड और ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।सरोना डंप-साइट के वैज्ञानिक और चरणबद्ध रिमिडिएशन के बाद इसे रायपुरवासियों के लिए हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। श्री साव ने साइट के निरीक्षण के बाद कहा कि इसे कचरे के ढेर से पूरी तरह मुक्त कर एक मॉडल रेमिडिएटेड साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सौंदर्यीकरण कर शहर के लिए एक आदर्श उदाहरण बनाया जाएगा। स्वच्छता अभियान को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ यह राजधानी रायपुर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।सरोना डंप-साइट का बायो-रिमिडिएशन स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश भर में लेगेसी वेस्ट डंप-साइट्स (Legacy Waste Dump Sites) के रिमिडिएशन और उन्हें स्वच्छ, रहने योग्य शहरी स्थानों में बदलने के लिए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी प्रयास का हिस्सा है। रायपुर नगर निगम के इस कार्य से शहर स्वच्छ और सुंदर बनने के साथ ही यह प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों तथा अन्य नगरीय निकायों को भी प्रोत्साहित करेगा। अन्य निकाय भी इससे प्रेरित होकर अपशिष्ट के व्यवस्थित तथा वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाएंगे।28 एकड़ में फैला सरोना डंप-साइट लंबे समय से पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का कारण रहा है। पिछले 20 वर्षों से शहर का कचरा यहां जमा होता रहा है। वर्षों तक अपशिष्ट का ढेर जमा होने से भूजल प्रदूषण, दुर्गंध, मच्छरों का प्रजनन और आसपास के निवासियों के लिए अस्वस्थ वातावरण जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने आ रही थी। इससे बचने डंप-साइट पर जमा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रसंस्करण करना अत्यंत आवश्यक था।रायपुर नगर निगम ने सरोना डंप-साइट पर जमे साढ़े चार लाख टन अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए कार्ययोजना तैयार की है। यहां से अब तक चार लाख 30 हजार लाख टन अपशिष्ट का बायो-रिमेडिएशन कर जमीन को फिर से उपयोग के लायक बनाया गया है। जल्दी ही यहां से संपूर्ण अपशिष्ट का रिमेडिएशन कर लिया जाएगा। बायो-रिमेडिएशन से न केवल भूमि को पुनः उपयोग के योग्य बनाया जा सकता है, बल्कि आरडीएफ (Refused Derived Fuel), इनर्ट (Inert) और बायो-सॉयल (Bio-Soil) जैसे उपयोगी उत्पाद प्राप्त कर पर्यावरण संरक्षण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर लोकभवन में गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि गुरु घासीदास जी ने मानव समाज को प्रेम और सद्भावना का संदेश दिया और समाज में व्याप्त भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समतामूलक समाज स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हैं। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संत बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- -लालपुर में महाविद्यालय की घोषणा सहित विकास कार्यों की सौगात-सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूर्णतः संकल्पित-मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना-लालपुर धाम में गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेले में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। बाबा गुरु घासीदास द्वारा बताए गए सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर ही छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महापुरुषों के आदर्शों और सपनों के अनुरूप समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर लालपुर में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, मेला एवं कार्यक्रम आयोजन हेतु दी जाने वाली राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने, कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 25 लाख रुपये तथा मुंगेली सतनाम भवन के जीर्णोद्धार हेतु 25 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा गुरु घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूर्णतः संकल्पित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो वर्षों में धान के रकबे और किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। पीएसी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग का बेटा-बेटी उद्यमी बन सके। उन्होंने सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान किया। इस अवसर पर सतनाम आचार संहिता एवं जागरूकता कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण को सशक्त करते हुए इसके बजट को 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया है। कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सर्व समाज का समावेशी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित समाज के पांच प्रतिभावान बेटा-बेटियों को पायलट प्रशिक्षण हेतु 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है।कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री डोमन लाल कोरसेवाड़ा, पूर्व विधायक श्री सनम जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, जनपद अध्यक्ष लोरमी श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी उपस्थित थे।
- रायपुर ।गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा श्रीमती भावना बोहरा उपस्थित थीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्यालय कक्ष में मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिभागियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा 5 से 9 नवम्बर तक चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया।इस प्रतियोगिता में प्रदेश के भिलाई, बिलासपुर, महासमुंद और बस्तर से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में जीत हासिल की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और लगन से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री ईश्वर साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश साहू, श्री गिरजा साहू, श्री नारद साहू, श्री नन्द लाल साहू श्री चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए श्री साय के प्रति गहरा आभार जताया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।
- ग्राम देवरी बंगला निवासी फुटकर व्यापारी पितांबर साहू के गोदाम से लगभग 108 कट्टा धान जब्ती की कार्रवाई की गईबालोद/समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी बिक्री करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई निरंतर जारी है। इसी कड़ी में आज कृषि उपज मंडी बालोद के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम देवरी बंगला के फुटकर व्यापारी श्री पितांबर साहू के गोदाम की जाँच कर लगभग 108 कट्टा धान जब्त करने की कार्रवाई की गई है। कृषि उपज मंडी के उप निरीक्षक श्री श्यामलाल सिदार द्वारा उक्त धान को जप्ती की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण कर जब्त की गई धान को व्यापारी को सुपुर्द कर दिया गया है।
- दो दिवसीय आयोजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सृजनात्मकता को मिला नया आयामअतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रतिभागी छात्र-छात्राओं सहित सभी लोगों ने बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना कीप्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान अर्जित करने वाले माॅडलों को किया गया सम्मानितबालोद/ बालोद जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय आमापारा बालोद में 16 से 17 दिसंबर तक आयोजित 02 दिवसीय बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 आज भव्य समापन किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में आयोजित बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 का यह आयोजन बालोद जिले में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सृजनात्मकता को नया आयाम स्थापित करने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश यादव सहित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, यूनिसेफ के प्रभारी अधिकारी श्रीमती छाया कुंवर, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आरएल ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी सहित यूनिसेफ, सीएसआईटी, सीएसवीटीयू, आईआईटी, पीआईजैम फांउडेशन, आरंभ एजुटेक टेक्निकल के अधिकारियों तथा शिक्षकों के अलावा बड़ी संख्या में प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकागण उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों तथा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार तथा तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने हेतु आयोजित इस दो दिवसीय बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान अर्जित करने वाले माॅडलों को निर्माण करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। उल्लेखनीय है कि इस आयोजन के दौरान कक्षा 6वीं से 8वीं एवं कक्षा 09वीं से 10वीं तथा 11वीं से 12वीं कक्षा के लिए विद्यार्थियों के माॅडलों का वर्गीकृत किया गया था। इस अवसर पर कलेक्टर एवं अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रदर्शित किए गए रोबोटिक माॅडलों का अवलोकन कर उसका मुक्तकंठ से सराहना की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्री राकेश यादव ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों द्वारा वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने वाले बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग के पूरी टीम एवं छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। श्री यादव ने बेहतरीन एवं दूरगामी सोच वाले माॅडलों के निर्माण सुनिश्चित करने हेतु अपने विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन व सहयोग करने वाले शिक्षकों की भी सराहना की। आज के इस बेहतरीन आयोजन की सराहना करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा बालोद जिले में सफलतापूर्वक आयोजित बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के माध्यम से जिले में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सृजनात्कता को नया आयाम मिलेगा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के लिए जिले से कुल 1589 आइडियाज प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए इतनी बड़ी संख्या में आइडियाज प्राप्त होना ग्रामीण परिवेश वाले बालोद जिले के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर उन्होंने बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 में बेहतरीन माॅडलों को प्रदर्शित करने वाले तथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान अर्जित करने वाले विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम मालीघोरी में 09 से 13 जनवरी तक प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 में प्रदर्शित किए गए 50 बेहतरीन माॅडलों को राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में प्रदर्शित करने की जानकारी भी दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद टेक्नोफेस्ट के बेहतरीन आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों सहित छात्र-छात्राओं को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के आयोजन को अविस्मरणीय बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर उन्होंने मानव सभ्यता के विकास एवं मानव जीवन को सरल, सुगम बनाने तथा सुरक्षित रखने में विज्ञान की महत्ता एवं योगदानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सुखमय बनाने तथा समय एवं श्रम की बचत करने में विज्ञान का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने बालोद टेक्नोफेस्ट के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान, मानव सभ्यता के शुरूआती दौर में पहिए की खोज से लेकर आज अत्याधुनिक दौर में विज्ञान के चर्मोत्कर्ष पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस आयोजन के माध्यम से इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने इस दो दिवसीय आयोजन को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना एवं दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आरएल ठाकुर ने इस बेहतरीन आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा कक्षा 6वीं से 8वीं के अंतर्गत प्रथम स्थान पर रहे शासकीय कन्या माध्यमिक शाला गुरूर, द्वितीय स्थान पर रहे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सुरेगांव, तृतीय स्थान पर रहे पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कन्नेवाड़ा के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसी तरह कक्षा 9वीं से 10वीं के अंतर्गत प्रथम स्थान पर रहे शासकीय आदर्श कन्या हायर सेकण्डरी स्कूल बालोद, द्वितीय स्थान पर रहे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय मोहंदीपाट तथा तृतीय स्थान पर रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस हायर सेकण्डरी स्कूल अर्जुंदा को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 11वीं एवं 12वीं कक्षा के अंतर्गत प्रथम स्थान पर रहे स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल बालोद, द्वितीय स्थान पर रहे शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल कोटगांव एवं तृतीय स्थान पर रहे शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल धनेली के विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बालोद टेक्नोफेस्ट के आयोजन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी सम्मान किया गया।
- कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके कार्यों एवं व्यवहार की सराहना कीबालोद/जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू के उप संचालक के पद पर पदोन्नत होने के उपरांत संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग इंद्रावती भवन नया रायपुर में स्थानांतरण होने पर जिला प्रशासन की ओर से विदाई दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री नूतन कंवर, श्री अजय किशोर लकरा सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रीमती मीनाक्षी साहू के कार्यों एवं व्यवहारों की भूरी-भूरी सराहना की। अधिकारियों ने खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू के उप संचालक के पद पर पदोन्नति के उपरांत संचालनालय में पदस्थापना होने पर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने श्रीमती मीनाक्षी साहू के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीमती साहू के पदस्थापना के दौरान जिले में शत प्रतिशत राजस्व वसूली के अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने श्रीमती मीनाक्षी साहू को एक योग्य, कर्मठ एवं अपने कार्य के प्रति समर्पित अधिकारी बताते हुए उनके नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने भी श्रीमती मीनाक्षी साहू को एक योग्य, मेहनती एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी अधिकारी बताते हुए उनके कार्यों एवं व्यवहारों की सराहना की। विदाई समारोह के अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल, एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर, एसडीएम गुण्डरदेही श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।











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