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- -सभी विद्यालयों से विद्यार्थियों के अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देशमहासमुंद / शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित SWAYAM पोर्टल के माध्यम से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों में ऑनलाइन पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा सत्रहवें चक्र के अंतर्गत 16 अप्रैल से 15 सितंबर 2026 तक 11 विषय क्षेत्रों में कुल 28 ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों की जानकारी एवं नामांकन हेतु विद्यार्थी और शिक्षक https://ciet.ncert.gov.in/initiative/moocs-on-swayam पर अवलोकन कर सकते हैं।जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडों के विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों का SWAYAM पाठ्यक्रमों में अधिक से अधिक नामांकन हेतु प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही संबंधित विषयों के शिक्षकों को भी इन पाठ्यक्रमों में सहभागिता के लिए प्रेरित करने कहा गया है। विद्यालय स्तर पर SWAYAM पाठ्यक्रमों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों से विद्यार्थियों के अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने तथा इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
- -विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों का विस्तृत डिजिटल सर्वे कार्य पूर्ण-जिले में कुल कमार परिवार 940 तथा कुल जनसंख्या 3350महासमुंद / प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार े परिवारों का विस्तृत डिजिटल सर्वे कार्य पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया गया। इस सर्वे के माध्यम से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर अब जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार (दिल्ली) इन परिवारों के उत्थान के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएगी। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया जा सके।सर्वेक्षण सेे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले के तीन प्रमुख विकासखंडों महासमुंद, बागबाहरा और पिथौरा में कमार जनजाति की कुल परिवार लगभग 940 है तथा कुल जनसंख्या 3350 है। सर्वे के दौरान जिले के समस्त कमार परिवारों से सीधे संवाद कर उनके महत्वपूर्ण दस्तावेजों और वर्तमान स्थिति की जानकारी ऐप के माध्यम से एकत्र की गई। इस दौरान कमार परिवारांे ने बेझिझक परिवार की जानकारी साझा की। जिसमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, शासकीय योजनाएं आयुष्मान आरोग्य कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, जॉब कार्ड एवं अन्य विवरण जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता और आजीविका के साधन शामिल है। सर्वे कार्य के लिए जिम्मेदारी ग्राम स्तरीय दलों को सौंपी गई थी, जिसमें पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, छात्रावास अधीक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और बीट गार्ड जैसे कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं तकनीकी प्रशिक्षण और सर्वेक्षण दलों की मदद की जिम्मेदारी विभाग के नीलेश खांडे द्वारा निभाई गई।
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-दो दिनों में 44 हजार 900 संग्राहक परिवारों से 13814 मानक बोरा का किया गया संग्रहण
महासमुंद / जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित महासमुंद में तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में 91300 मानक बोरा का संग्रहण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रबंध संचालक जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित ने बताया कि जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित महासमुंद में कार्यरत 75 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के कुल 69 लॉटो हेतु अग्रिम में क्रेता नियुक्त किया जा चुका है। संग्रहण काल के पूर्व शाखकर्तन प्रशिक्षण 23 से 27 फरवरी 2026 तक वन परिक्षेत्रों एवं जिला यूनियन स्तर पर शाखकर्तन कार्यशाला का आयोजन किया गया था। प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियो के कुल 786 फड़ो में शाखकर्तन 05 मार्च से 15 मार्च 2026 तक पूर्ण कराया गया है। शाखकर्तन कार्य हेतु प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के विगत 05 वर्षों के औसत संग्रहित 77341.527 मानक बोरा 70 रुपए प्रतिमानक बोरा के आधार पर कुल राशि 54 लाख 13 हजार 907 रुपए प्राप्त हुआ था। जिसे प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के चालू खाते में इस कार्यालय द्वारा हस्तांतरण किया जा चुका है।तेन्दूपत्ता सीजन 2026 हेतु एक लाख 18 हजार 646 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार ऑनलाईन पेमेन्ट साफ्टवेयर में दर्ज है। तेन्दूपत्ता के संग्रहण कार्य हेतु विभागीय मैदानी अमला, जोनल अधिकारियांे, पोषक अधिकारियों, फड़ अभिरक्षकों, फड़मुंशियों की नियुक्ति किया जा चुका है। 30 अप्रैल 2026 को जिला लघु वनोपज सहकारी संघ महासमुन्द के संचालक मण्डल, क्रेताओं एवं समस्त प्रबंधकों, पोषक अधिकारियों की कार्यशाला में लिए गए निर्णय अनुसार 03 मई 2026 से तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। 04 मई 2026 की स्थिति में वन परिक्षेत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार 13814.570 मानक बोरा का राशि 7 करोड़ 59 लाख 80 हजार 135 रुपए संग्रहण पारिश्रमिक भुगतान लगभग 44 हजार 900 संग्राहक परिवार को किया जाना है । -
महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में ग्राम मुढ़ेना महासमुंद निवासी श्री उमेश कुमार चौहान ने खसरा क्रमांक त्रुटि के संबंध में आवेदन किया। इसी तरह कमरौद बागबाहरा निवासी श्री छबेलाल पटेल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्रदाय करने हेतु, झलप निवासी श्री बल्दूराम सेन ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत दावा आपत्ति के संबंध में, ग्राम ठाकुरदिया पिथौरा निवासी दिव्यांग श्री रोहित ने विकलांग पेंशन प्रदाय किए जाने, ग्राम बोईरगांव बागबाहरा निवासी श्री विनोद कुमार महानंद ने भूमि सीमांकन के लिए तथा ग्राम तोरेसिंहा सरायपाली निवासी श्री सुरेश साहू ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया। इसके अलावा अवैध अतिक्रमण, लम्बित राशि भुगतान एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
-91,300 मानक बोरा लक्ष्य, गुणवत्ता पर सख्त निगरानी
-44,900 संग्राहक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभमहासमुंद / महासमुंद ज़िला यूनियन के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 का कार्य दिनांक 03 मई 2026 से सुचारु रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस वर्ष कुल संग्रहण लक्ष्य 91,300 मानक बोरा निर्धारित किया गया है। 04 मई तक 13,814.570 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है, जो प्रारंभिक चरण में संतोषजनक प्रगति को दर्शाता है।ज़िला यूनियन के प्रबंध संचालक श्री मयंक पांडेय के कुशल मार्गदर्शन एवं निरंतर मॉनिटरिंग के चलते तेंदूपत्ते का संग्रहण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। वनमंडल के समस्त उपवनमंडल अधिकारी एवं परिक्षेत्र अधिकारीगण द्वारा नियमित रूप से फड़ों का निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे तेंदूपत्ते की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न आए।इस वर्ष महासमुंद ज़िला यूनियन के अंतर्गत 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 786 तेंदूपत्ता फड़ों में लगभग 44,900 संग्राहक परिवार सक्रिय रूप से संग्रहण कार्य में संलग्न हैं। इस वर्ष तेंदूपत्ता का निर्धारित पारिश्रमिक 5,500 प्रति मानक बोरा है, जिससे संग्राहकों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।उपवनमंडल अधिकारी महासमुंद श्री गोविंद सिंह ने बताया कि इस वर्ष तेंदूपत्ते की गुणवत्ता अत्यंत उत्तम है तथा मौसम भी संग्रहण के लिए पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। यदि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति होती है, तो लगभग 44,900 संग्राहक परिवारों के मुखियाओं के निजी बैंक खातों में कुल 50.21 करोड़ (लगभग) की राशि सीधे अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। - - श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी ने किया पदभार ग्रहण- विधानसभा अध्यक्ष ने नए दायित्व के लिए दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थित में मंगलवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी ने हस्ताक्षर कर पदभार ग्रहण किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी को नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में स्वतंत्रता के पहले 565 से अधिक रियासतें थी। उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश के एकीकरण का कार्य किया। राजनांदगांव के तत्कालीन महंत राजा दिग्विजय दास ने विलय पत्र पर सबसे पहले हस्ताक्षर किए। उन्होंने रेलवे लाईन एवं औद्योगिक विकास के लिए जमीन दान में दी, जिससे राजनांदगांव में विकास की गति बढ़ी। यह उनकी व्यापक सोच का परिणाम है कि उन्होंने अपनी संपत्ति एवं महल शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया, जहां आज शासकीय दिग्विजय कालेज है। महंत राजा दिग्विजय दास एवं रानी सूर्यमुखी देवी को स्मरण किया। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष से कहा कि आगे भी वे जिले में अच्छे कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाएं तथा विकास में अपना योगदान दें।श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को कोटिश: धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वे कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रभावना के साथ कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने का प्रतिसाद मिला है। प्रेरणा, व्यक्तित्व निर्माण के साथ ही राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की विरासत को संभालने का अवसर मिला है। शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान रहा। श्रीमती पूर्णिमा साहू ने अपने जीवन के संषर्घों का स्मरण किया तथा उपलब्धि मिलने पर अपने माता-पिता को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव श्री सचिन बघेल, उपाध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री भरत वर्मा, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्री संतोष अग्रवाल, श्री पुरूषोत्तम गांधी, श्री रमेश पटेल, श्री भावेश बैद, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न समाज के पदाधिकारी तथा वरिष्ठजन, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री अमर लालवानी द्वारा किया गया।
- रायपुर । शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के युवाओं के साथ सहभोज कर आत्मीय संवाद किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ भोजन का आनंद लेते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा करना अद्भुत अनुभव रहा। सहभोज के दौरान शिक्षा, नवाचार, करियर संभावनाओं और राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। वित्त मंत्री ने युवाओं के विचारों और उनके नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग ऊर्जा, प्रतिभा और नई सोच से परिपूर्ण है, जो छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयाम तक ले जाने में सक्षम है। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और सरकार की पहल की सराहना की। इस तरह का संवाद युवाओं को प्रोत्साहित करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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राजनांदगांव । श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा न्यास राजनांदगांव की विभिन्न 18 ग्रामों में स्थित कृषि भूमि को 1 जून 2026 से 15 मई 2027 तक की अवधि के लिए लायसेंस पर कृषि कार्य के लिए देने 6 जून 2026 को मोहरबंद निविदा आमंत्रित की गई थी। जिसे अपरिहार्य कारणों से तिथि में वृद्धि करते हुए 15 मई 2026 को दोपहर 3 बजे तक कार्यालय तहसीलदार एवं व्यवस्थापक राजगामी सम्पदा राजनांदगांव में आमंत्रित की गई है। निविदा 15 मई 2026 को ही अपरान्ह 3.30 बजे खोली जाएगी। इस दौरान निविदादाता उपस्थित रह सकते है। नियम व शर्ते पूर्ववत रहेगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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-वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश
रायपुर /मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- पुल-पुलियों, मार्गों और आवश्यक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि वहां शासन की पहुंच और विकास की गति बढ़ सके।छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ प्रतिकात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) की नवमीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी भविष्य की योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।वन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित कर भारत सरकार (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) को अंतिम स्वीकृति हेतु भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कैम्पा मद का उपयोग निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जा रहा है। सिंचित व असिंचित वृक्षारोपण और बांस वनों की पुनर्स्थापना किया जा रहा है। वनों के घनत्व में वृद्धि हेतु सिल्वीकल्चरल का कार्य किया जा रहा है। वन्यप्राणियों के रहवास में सुधार और भू-जल संरक्षण के प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।मुख्य सचिव श्री विकासाशील ने आगामी मानसून को देखते हुए वन क्षेत्रों में चल रहे जरूरी कार्यों को बारिश शुरू होने से पहले शीघ्रता से पूर्ण करने की हिदायत दी है। कैम्पा वनीकरण, मृदा और जल संरक्षण के कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ श्री व्ही.श्रीनिवास राव, श्री अरूण पांडे, प्रमुख सचिव (कृषि) श्रीमती शहला निगार, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल सहित राजस्व, आवास एवं पर्यावरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर स्थित ग्राम तर्रेम में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है।राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की ओपीडी, सुरक्षित प्रसव सेवाएं तथा लैब जांच की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रभावी संचालन के साथ आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक NQAS प्रमाणन प्राप्त हुआ है।केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से वर्चुअल मूल्यांकन किया गया जिसमें 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19ः अंक प्राप्त हुए। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ सीएचओ, आरएचओ महिला एवं पुरुष से राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं पर विस्तार से जानकारी ली गई, जिसमें सभी कर्मी सफल रहे।इस उपलब्धि में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री वरुण साहू, नर्सिंग ऑफिसर मानसी ताटपल्ली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम, डाटा प्रबंधक निरंजन भोई सहित समस्त स्वास्थ्य स्टाफ, सीएचओ, आरएचओ, एएनएम एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।
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-जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन के लिए राहत का माध्यम, मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए भरोसे और राहत का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाते हुए समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सरखों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। शिविर में ग्राम बनारी निवासी श्री मोहनलाल अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने किसान किताब से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया, जो उनके कृषि कार्यों के लिए आवश्यक था। आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही उन्हें नई किसान किताब प्रदान कर दी। समस्या का तत्काल समाधान मिलने से श्री मोहनलाल के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से उनकी समस्या कुछ ही समय में हल हो गई। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर को जनहितकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। -
-राज्यपाल ने कोंडागांव में ली फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा बैठक
रायपुर ।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मंगलवार को कोंडागांव प्रवास के दौरान जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि माओवाद के प्रभाव में आई कमी के बाद बस्तर की परिस्थितियां अब बदल चुकी हैं। इस नए परिदृश्य में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। राज्यपाल डेका ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत सघन पौधरोपण और जल संचयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में वर्षा से पूर्व और पश्चात के जल स्तर का वैज्ञानिक आकलन किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केटिंग चेन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने और इसकी सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने की बात कही।महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्यपाल ने 08 मई को विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें मुख्य रूप से स्तन कैंसर (Breast Cancer) की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही टीबी उन्मूलन, नशा मुक्ति और रेडक्रॉस की सदस्यता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए एनसीसी (NCC) का विस्तार करने और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।राज्यपाल ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों को शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आए। बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं का निराकरण केवल नियमों से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना के साथ किया जाना चाहिए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -
-विकसित कृषि संकल्प अभियान के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज सुशासन तिहार के तहत दुर्ग जिले के पाटन में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान क्षेत्र के विकास को नई गति देने 9 करोड़ 96 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 5 करोड़ 8 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 4 करोड़ 87 लाख रुपए से अधिक के कार्यों के लोकार्पण शामिल हैं। सांसद श्री विजय बघेल भी सुशासन तिहार में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में विकसित कृषि संकल्प अभियान के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन 20 मई तक गांव-गांव में जाकर कृषि संबंधित नई तकनीकों एवं सरकार की योजनाओं की जानकारी देगा और किसानों के साथ सीधा संवाद करेगा। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को लोगों की शिकायतों एवं मांगों के तत्परतापूर्वक निराकरण के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में पाटन नगर पंचायत को विभिन्न योजनाओं में करीब 24 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे शहर के विकास को नई गति मिली है। सड़क, स्वच्छता, आवास और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार की अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 27 महीनों की राशि के भुगतान के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेज गति से योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान कर रही है।श्री साव ने स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में राज्य के सात निकायों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है जिसमें पाटन भी शामिल है। 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बिल्हा देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश स्वच्छ और सुंदर बने इसके लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नागरिकों से शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी गांवों और शहरों में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। दो सालों में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं। पाटन नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री योगेश निक्की भाले, उपाध्यक्ष श्रीमती निशा योगेश सोनी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री हेमंत कुमार वर्मा सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। -
- पौष्टिक उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की अतिथियों ने की प्रशंसा
- महुआ और अन्य लघु वनोपजों से बनाए जा रहे उत्पादों की सराहना की- समूह की महिलाओं के प्रयासों को कहा अनुकरणीय- अरूणाचल प्रदेश वन निगम लिमिटेड की ओर से महिलाओं को 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गईराजनांदगांव । जिले में संचालित वन धन विकास केंद्र कौरिनभाठा (महुआ प्रसंस्करण केंद्र) की कार्यप्रणाली और महिला सशक्तिकरण के मॉडल को देखने मंगलवार को अरूणाचल प्रदेश वन विभाग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंची। इस प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र में महुआ और अन्य लघु वनोपजों से बनाए जा रहे उत्पादों की सराहना की और समूह की महिलाओं के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। इस भ्रमण दल में मुख्य रूप से अध्यक्ष अरूणाचल प्रदेश वन निगम लिमिटेड श्री नालोंग मिजे, विधायक नामसाई श्री चौ जिंगनु नामचूम, उपाध्यक्ष अरूणाचल प्रदेश वन निगम लिमिटेड श्री टीजी बाकि एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरूणाचल प्रदेश श्री पी. सुब्रमण्यम उपस्थित रहे।वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें महुआ प्रसंस्करण केंद्र के विभिन्न विभागों का अवलोकन कराया। केंद्र की महिला समूह सदस्य श्रीमती भारती, श्रीमती शीतल, श्रीमती मीना एवं अन्य साथियों ने मेहमानों को विस्तार से महुआ से विभिन्न उत्पाद तैयार करने के संबंध में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र में तैयार महुआ लड्डू, महुआ एनर्जी बार, महुआ शरबत, महुआ जूस, कोदो कुकीज और रागी कुकीज का स्वाद लिया। इन पौष्टिक उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की अतिथियों ने प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल ने समूह की महिलाओं की मेहनत और लगन से प्रभावित होकर अरूणाचल प्रदेश वन निगम लिमिटेड की ओर से 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र के बाहर स्थित छत्तीसगढ़ हर्बल्स आउटलेट से 4120 रूपए के हर्बल उत्पादों की खरीदी भी की।केंद्र के प्रबंधक श्री देवेश जंघेल ने अतिथियों को वहां स्थापित अत्याधुनिक मशीनों की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन धन विकास योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक स्तर ऊंचा उठ रहा है। उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि उड़ीसा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद अब अरूणाचल प्रदेश के प्रतिनिधि भी यहां आकर समूह का मनोबल बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय लोगों को भी अपनी इस उपलब्धि के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। यह प्रवास छत्तीसगढ़ की लघु वनोपज प्रसंस्करण तकनीक और महिला समूहों की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी पहचान के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर में उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन राजनादगांव श्री योगेन्द्र गण्डेचा एवं वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। -
रायपुर । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ‘प्रधानमंत्री वय वंदन योजना’ सुरक्षा कवच साबित हो रही है।आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत छटेरा में ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर ने ग्राम छटेरा निवासी श्री रुप राम चक्रधारी के लिए राहत की नई किरण जगाई।श्री चक्रधारी ने शिविर में प्रधानमंत्री वय वंदन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया।हितग्राही श्री रुप राम चक्रधारी ने कहा कि अब बीमार होने पर मुझे इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। सरकार के इस आयुष्मान कार्ड से मेरा इलाज निःशुल्क हो सकेगा। यह योजना हम जैसे गरीबों के लिए वरदान है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देती हूँ।प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस एवं निःशुल्क इलाज। परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं। सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज। कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल।आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: PMJAY पोर्टल या 'Ayushman App' के माध्यम से। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अटल सेवा केंद्र या पैनलबद्ध सरकारी अस्पताल में जाकर। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर। यह कार्ड पूरी तरह से निःशुल्क बनाया जाता है।‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत लग रहे समाधान शिविरों के माध्यम से राज्य शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल रही है।
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- 15 हितग्राहियों को राशनकार्ड वितरण, 6 हितग्राहियों को पेंशन एवं राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का स्वीकृति आदेश, 5 हितग्राहियों किसान क्रेडिट कार्ड के तहत शून्य ब्याज पर दिया गया ऋण
- बच्चों के सुपोषण के लिए जनमानस को किया गया जागरूक
- स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में सिकल सेल, टीबी, शुगर, खून जांच ब्लड प्रेशर की नि:शुल्क जांच की गई, नि:शुल्क दवाईयों का किया गया वितरण
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 5 मई 2026 को डोंगरगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बुढ़ानछापर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जनसमस्या निवारण शिविर में बुढ़ानछापर, मोहनपुर, बागनदी, चारभांठा, टाटेकसा, कोठीटोला, कनेरी, कारूटोला, पीपरखार कला, भगवानटोला, बरनारकला, रामपुर, नारायणगढ़, बागरेकसा, सीतागोटा, बोरतलाव कुल 16 ग्राम पंचायत के ग्रामवासी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। शिविर में मांग से संबंधित 858 एवं शिकायत से संबंधित 8 कुल 866 आवेदन प्राप्त हुए। जिसके त्वरित निराकरण करने की कार्रवाई की जा रही है। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती माताओं की गोदभराई और नन्हें शिशुओं का अन्नप्राशन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में पोषण कलश एवं दाल व अनाज से बने गणेश आकर्षण का केन्द्र रहे। बच्चों के सुपोषण के लिए जनमानस को जागरूक किया गया।
शिविर में जनपद पंचायत डोंगरगढ़ द्वारा 15 हितग्राहियों को राशनकार्ड वितरण, 6 हितग्राहियों को पेंशन एवं राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का स्वीकृति आदेश, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक डोंगरगढ़ व लाल बहादुर नगर द्वारा 5 हितग्राहियों किसान क्रेडिट कार्ड के तहत शून्य ब्याज पर ऋण, मत्स्य पालन विभाग द्वारा आईस बाक्स व मछली जाल तथा कृषि विभाग द्वारा मूंग बीज का वितरण किया गया। शिविर में परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लायसेंस बनाया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में सिकल सेल, टीबी, शुगर, खून जांच ब्लड प्रेशर की नि:शुल्क जांच की गई और नि:शुल्क दवाईयों का वितरण किया गया। शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। शिविर में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विकास, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, विद्युत विभाग, सहकारिता विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग, मत्स्य विभाग, खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्रामीणों द्वारा मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन को प्राप्त किए गए।
शिविर में उपाध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री भरत वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्रीमती लता अजय सिन्हा, सभापति जिला पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता मंडावी, सभापति जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्रीमती सरिता ओमप्रकाश मंडावी, सभापति जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्री सुरेश वर्मा, सभापति जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्री थनवार मंडावी, एसडीएम श्री एम भार्गव, जनपद सीईओ श्रीमती भगवती साहू सहित ग्राम पंचायतों के सरपंच व पंच, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग द्वारा गस्त कर जिले के डुमरडीहकला, सहसपुर दल्ली, भरकाटोला में खनिजों के अवैध परिवहन पर कार्रवाई करते हुए 3 हाइवा जप्त कर थाना ठेलकाडीह को सुपुर्द किया गया।
खनि अधिकारी ने बताया कि ग्राम खैरा में ओंकार प्रसाद वर्मा के स्वामित्व के हाइवा 10 चक्का सीजी 08 एए 9133 से वाहन चालक शांतिलाल गेडे द्वारा रेत तथा ग्राम डुमरडीह कला में अक्षय दुग्गड़ के स्वामित्व के हाइवा 10 चक्का सीजी 07 बीडब्ल्यू 8633 से वाहन चालक धर्मेन्द्र पटेल एवं ग्राम डुमरडीह कला में श्री अक्षय दुग्गड़ के स्वामित्व के हाइवा 12 चक्का सीजी 07 सीएच 7040 से वाहन चालक तिहारू राम द्वारा चूना पत्थर व गिट्टी का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई की गई। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है। -
-टूटी-फूटी झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना खुद किया साकार
रायपुर। जनपद पंचायत बीजापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत संतोषपुर, जो कभी लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित रहा, आज बदलाव और विकास की नई पहचान बनता जा रहा है। ‘‘नियद नेल्लनार योजना‘‘ के शुरू होने के बाद गांव में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इस बदलाव की कहानी के केंद्र हैं संतोषपुर निवासी श्री रमेश पासपुल। कभी स्थायी रोजगार के अभाव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे रमेश का जीवन आज पूरी तरह बदल चुका है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का कोई निश्चित साधन न होने से उनका भविष्य अनिश्चित नजर आता था।परिस्थितियां तब बदलीं जब ‘‘नियद नेल्लनार योजना‘‘ के तहत उन्हें राजमिस्त्री (मेसन) का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की बारीकियों, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में दक्षता हासिल की। यह प्रशिक्षण उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।प्रशिक्षण के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में रमेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति मिली। पहली किश्त प्राप्त होते ही उन्होंने अपने घर का निर्माण स्वयं शुरू किया और निर्धारित समय-सीमा में इसे पूरा कर लिया। उनके कार्य की गुणवत्ता देखकर गांव के अन्य हितग्राहियों ने भी अपने-अपने आवास निर्माण के लिए उन्हें बुलाने लगे, जिससे उनके लिए नियमित आय का साधन तैयार हो गया।आज रमेश पासपुल एक कुशल राजमिस्त्री के रूप में गांव में पहचान बना चुके हैं। वे न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उनकी बढ़ती मांग ने उनके जीवन में स्थिरता और खुशहाली ला दी है।रमेश की यह प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में मिला प्रशिक्षण और अवसर किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने अपने परिश्रम और शासन की योजनाओं के सहयोग से इसे संभव कर दिखाया। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त मिसाल है। -
राजनांदगांव/ जिले की पुलिस ने पद्मश्री से सम्मानित समाज सेविका फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कथित कोशिश के आरोप में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यादव को कथित तौर पर तीनों आरोपियों ने राजनांदगांव जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सुकुलदैहान गांव में उनके घर से अगवा कर लिया था, लेकिन पुलिस ने राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग पर नियमित जांच के दौरान उन्हें रोक लिया। उन्होंने बताया कि शुरूआती जांच के अनुसार आज सुबह लगभग 10.30 बजे बेमेतरा निवासी एक महिला अपने दो साथियों के साथ सुकुलदैहान गांव स्थित फुलबासन के घर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि महिला ने घर के बाहर खड़ी एक कार में बैठी दिव्यांग महिला के साथ सेल्फी लेने के बहाने यादव को बाहर बुलाया और उन्हें गाड़ी में बिठा लिया। जैसे ही वह गाड़ी में बैठीं, दरवाजे बंद कर दिए गए और कार तेजी से आगे बढ़ गई। उन्होंने बताया कि कुछ दूरी तय करने के बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर उनके हाथ बांध दिए और कपड़े से उनका मुंह बंद कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इसी बीच, खैरागढ़ सड़क पर चिखली पुलिस चौकी के पास नियमित जांच कर रही ट्रैफिक पुलिस की एक टीम ने कार को रोक लिया। उन्होंने बताया कि हाथ और मुंह बंधे हुए महिला को देखकर पुलिसकर्मियों को शक हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर यह दावा करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की कि वह मिर्गी की मरीज है, लेकिन पुलिसकर्मियों में से एक ने यादव को पहचान लिया। बाद में पुरुष वाहन चालक सहित तीनों आरोपियों को पुलिस चौकी लाया गया और बाद में सुकुलदैहान पुलिस चौकी में पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया। राजनांदगांव के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ और मामले की जांच जारी है। शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि मुख्य आरोपी महिला एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है और पिछले चार से पांच महीनों से यादव के संपर्क में थी। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे संकेत भी मिले हैं कि बेमेतरा क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह समूहों को रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर लामबंद किया जा रहा था और उनसे अवैध वसूली की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अपहरण के कारणों के बारे में जानकारी जांच के बाद ही मिल सकेगी।
यादव को वर्ष 2012 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2001 में, उन्होंने छोटे-छोटे स्वयं सहायता समूह बनाना शुरू किया और महिलाओं को छोटी बचत करने की आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अब उनके संपर्क में लगभग दो लाख महिलाएं शामिल हैं, जो समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण की पहलों के साथ-साथ जल और पर्यावरण संरक्षण तथा जैविक खेती जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। - रायपुर। प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपघरा के सुखबासुपारा में नलकूप खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नलकूप खनन कराया, जिससे अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई है।नलकूप शुरू होने के साथ ही गांव में खुशी का माहौल है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस त्वरित पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताते हुए इसे भीषण गर्मी के बीच बड़ी सौगात बताया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के समग्र विकास के लिए तैयार रोडमैप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप और अधोसंरचना का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” का विस्तार कर इसे “नियद नेल्ला नार 2.0” के रूप में 10 जिलों में लागू किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को इनोवेशन हब बनाने के उद्देश्य से “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” लागू की गई है। इस नीति के तहत युवाओं को आइडिया से लेकर व्यवसाय विस्तार तक हर स्तर पर सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता जैसी सुविधाओं से स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विकसित छत्तीसगढ़ का मार्ग विकसित बस्तर से होकर जाता है। उन्होंने कहा कि बस्तर में आदिवासी कला, लघु वनोपज, जैविक कृषि, पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें तकनीक, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में पर्यटन के बढ़ने से होमस्टे, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प और वनोपज की मांग बढ़ेगी, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि बस्तर का युवा उद्यमिता के माध्यम से विकसित बस्तर, विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।कार्यक्रम में नवाचार करने वाले बेस्ट आइडिया और बेस्ट स्टार्टअप के विजयी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि, प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि उद्यमिता और स्वरोजगार को अपनाकर युवा आगे बढ़ें, ताकि अपने घर-परिवार को खुशहाल बना सकें।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि इस इनोवेशन महाकुंभ के माध्यम से युवाओं को एक मंच मिला है, जिससे वे अपने नवाचार को आगे बढ़ाने के साथ ही आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वयं का व्यवसाय या स्वरोजगार स्थापित कर नौकरी देने वाले बनें और अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनें।इस अवसर पर सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप एवं विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाचार के जरिये उद्यमिता एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागिता निभाने के लिए युवाओं से आह्वान किया।कार्यक्रम के आरंभ में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने इनोवेशन महाकुंभ आयोजन के उद्देश्य और विश्वविद्यालय की स्थापना सहित संस्थान के विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों एवं नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। राज्य शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत हो उठा है।बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक, नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत से सफलता का नया अध्याय लिखा है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है। वर्तमान में डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययनरत है और उसे कक्षा बारहवीं तक की पूरी शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इस उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल है। मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। डिंपल कश्यप के पिता नंदकिशोर कश्यप ने कहा कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। हम दिन-रात मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि बच्चों का भविष्य हमारे संघर्षपूर्ण जीवन से बेहतर हो सके। सरकार की योजना ने हमारे धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।ग्राम बिलौरी-2 की गलियों से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर उन सभी परिवारों के लिए मिसाल है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। कश्यप दंपत्ति आज न केवल गौरवान्वित हैं, बल्कि उन्हें विश्वास है कि उनकी बेटी सफलता के उस आसमान को छुएगी जिसकी उन्होंने कभी कल्पना की थी। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकारी योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।
- -बलरामपुर में सुशासन तिहार की बैठक में मुख्यमंत्री ने जताई थी गहरी नाराजगी-राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता को मरम्मत होने तक कुनकुरी में मुख्यालय स्थापित करने के दिए निर्देश-बारिश से पहले यातायात सुगम बनाने पर जोररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देश के बाद पत्थलगांव से कुनकुरी के बीच अपूर्ण सड़क भाग के मरम्मत कार्य में अब आई तेजी। विगत दिवस बलरामपुर में आयोजित सरगुजा संभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस सड़क की खराब स्थिति और मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि अपूर्ण सड़क के कारण आमजन को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए इस मार्ग का शीघ्र सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता में रखा गया है।शासन के प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी पत्र अनुसार पत्थलगांव–कुनकुरी मार्ग के अपूर्ण भाग के मरम्मत हेतु पूर्व में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मरम्मत कार्य को जोनल एजेंसी के माध्यम से शीघ्र शुरू किया जाएगा। यदि जोनल एजेंसी उपलब्ध नहीं होती है, तो संबंधित संभागों के प्रचलित अनुबंध के अंतर्गत भी कार्य संपादित किया जा सकेगा।इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता अंबिकापुर को निर्देशित किया गया है कि वे मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक अपना मुख्यालय कुनकुरी में स्थापित करें, ताकि कार्यों की सतत निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि सड़क मरम्मत में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस पहल से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि बरसात के दौरान संभावित बाधाओं से भी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तेज हुई यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और लंबे समय से लंबित इस सड़क सुधार कार्य को अब गति मिल रही है ।
- -कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब-314 में से 266 आवेदनों का 'ऑन द स्पॉट' फैसलारायपुर ।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'सुशासन तिहार' अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 01 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित 'समाधान शिविर' में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं।जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा (Time-limit) के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि 'साय सरकार' के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।
- रायपुर । कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो शारीरिक बाधाएं केवल एक पड़ाव मात्र रह जाती हैं, मंजिल नहीं। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम 'हरदी' के रहने वाले भीमा मारकंडे की कहानी आज संघर्ष कर रहे हजारों युवाओं के लिए एक मिशाल बन गई है।भीमा की जिंदगी तब बदल गई जब हैदराबाद में निर्माण कार्य (मजदूरी) के दौरान वे ऊंचाई से गिर गए। कमर में आई गंभीर चोट ने उनके चलने-फिरने की शक्ति छीन ली। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ 9 वर्ष और 4 वर्ष दो छोटी बेटियों की जिम्मेदारी उठाना पहाड़ तोड़ने जैसा था। बैसाखी ही उनका एकमात्र सहारा थी, लेकिन मंजिल अभी दूर थी।भीमा ने हार मानने के बजाय स्वावलंबन का रास्ता चुना। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 'बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल' के लिए आवेदन किया। राजनांदगांव के मोतीपुर में 4 मई 2026 को आयोजित सुशासन तिहार मे मिला यह आधुनिक उपकरण उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनकी आजादी साबित हुआ।विभाग द्वारा प्रदान की गई बैटरी चलित ट्राइसाइकिल और बैसाखी से भीमा के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव का रास्ता मजबूत होगा। भीमा अब रोजगार की तलाश में दूर-दराज के क्षेत्रों तक बिना किसी मदद के जा सकेंगे। दूसरों पर निर्भरता खत्म होने से भीमा अब समाज की मुख्यधारा में एक सक्रिय नागरिक की भूमिका निभा सकेगा। अपनी बेटियों के भविष्य को संवारने के लिए अब वे शारीरिक बाधाओं को पीछे छोड़ चुके हैं। भीमा शासन द्वारा दिए गए मदद की प्रशंसा करते हुए कहते है कि राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने आमजनों की समस्याओं का निराकरण सुशासन तिहार के माध्यम से कर रहे है। मैं मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद करता हूँ। समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक सुश्री वैशाली मरड़वार ने बताया कि जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की विशेष योजना के तहत नवाचार करते हुए 40 से 79% तक के दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी मोटराइज्ड साइकिल के पात्र होंगे। इसके लिए ऑलिम्को (ALIMCO) CSR मद से जिले के 109 पात्र दिव्यांगों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।भीमा मारकंडे के हस्ताक्षर आज उनके अटूट संकल्प की गवाही देते हैं। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मन का दृढ़ निश्चय मिलकर किसी भी अंधेरी राह को रोशन कर सकता है। भीमा अब रुकने वाले नहीं हैं, वे उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।

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