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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शहर के गौठान एवं उद्यान का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। नगर पालिक निगम के आयुक्त द्वारा आज कोसा नगर स्थित गोठान का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने गोठान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां मौजूद गौ-वंश के रख-रखाव एवं चारे-पानी की उपलब्धता की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने गोठान की साफ-सफाई, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए गौ-वंश के लिए पर्याप्त पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के बीच एक आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला जब आयुक्त ने स्वयं गोवंश के समीप जाकर उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया। इस दौरान उन्होंने वहां पकड़े गए मवेशियों के रहने, खाने, पीने एवं चिकित्सा व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौठान में मवेशियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।इसके पश्चात आयुक्त ने सेक्टर 07 स्थित उद्यान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उद्यान की साफ-सफाई व्यवस्था एवं सिंचाई प्रणाली को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम में पौधों की नियमित सिंचाई सुनिश्चित की जाए, जिससे हरियाली बनी रहे और पौधों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय की उपस्थिति में जनगणना 2027 की तैयारी के अंतर्गत तकनीकी सहायकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी सहायकों को जनगणना 2027 के लिए आवश्यक सभी तकनीकी प्रक्रियाओं, डिजिटल मॉड्यूल, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन पद्धति तथा फील्ड में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।अपर कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश की योजना निर्माण प्रक्रिया की आधारशिला है, इसलिए सभी तकनीकी सहायकों को यह कार्य अत्यंत गंभीरता और तत्परता से करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को समयबद्ध और सटीक रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। जनगणना के प्रथम चरण के रूप में 1 मई से मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ कर ली गई हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना दल को सही जानकारी प्रदान करें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग दें। प्रशिक्षण का संचालन जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री दीपक ठाकुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
- 0- किसान श्री किसन को 3 पीढ़ी से लंबित बटवारा के निराकरण से लघु एवं सीमांत किसान का मिलेगा लाभराजनांदगांव। अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने डोंगरगढ़ विकासखंड के लाल बहादुर नगर तहसील के ग्राम मोतीपुर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर का निरीक्षण किया। राजस्व पखवाड़ा शिविर में ग्राम मोतीपुर एवं गोविंदपुर के किसान, सरपंच, पंच और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शिविर में पटवारी द्वारा बी-1 पढ़कर सुनाया गया तथा ग्रामवासियों से ग्राम में फौत हुए लोगों की जानकारी ली गई। वर्ष 2025 में तिलोकीराम चंद्रवंशी, बोधी चंद्रवंशी, हीरामण गोंड, मुकेश चंद्रवंशी, संतानु सतनामी, सुखदास सतनामी, लगनी बाई, टीकम चंद्रवंशी, रमोतिन बाई, रोमन चंद्रवंशी, मदन चंद्रवंशी, पुरुषोत्तम कंवर एवं देवंतीन बाई के निधन की पुष्टि हुई। शिविर के किसानों के राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। शिविर में प्रहलाद गोंड एवं दिनेश द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर अविवादित नामांतरण दर्ज करने हेतु पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया। शेष मृतकों के संबंध में सरपंच एवं पटवारी द्वारा बताया गया कि उनके वारिसानों के नाम पहले ही फौती नामांतरण की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।राजस्व पखवाड़ा शिविर में लंबे समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्राम मोतीपुर के 70 वर्षीय किसान श्री किसन लाल कंवर ने बताया कि 3 पीढ़ी से बटवारा नहीं हुआ था। किसान श्री किसन ने बताया कि उनके चार भाइयों में से दो भाइयों का निधन हो चुका था तथा दो जीवित हैं, लेकिन अब तक खाता विभाजन नहीं होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज सहित विभिन्न कृषक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें लघु कृषक के रूप में नहीं मिल पा रहा था। राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविर में तीन पीढ़ी से लंबित बटवारा प्रकरण का मौके पर निराकरण किया गया तथा उन्हें ऋण पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती पुलेश्वरी, तहसीलदार श्री अमीय श्रीवास्तव, सहायक अधीक्षक श्री ध्रुव, श्रीमती कुलेश्वरी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
- 0- शहर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने, अतिक्रमण हटाने तथा गुमटियों को निर्धारित स्थल पर शिफ्ट करने के दिए निर्देश0- दुध गंगा में साफ-सफाई के अभाव पाए जाने पर तत्काल सील करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरुवार को नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला मुख्यालय बालोद का भ्रमण कर शहर के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सर्किट हाउस बालोद से घड़ी चैक, पुराना बस स्टैंड, सदर रोड, बुधवारी बाजार, मधु चैक, जय स्तम्भ चैक, कला केंद्र, संजारी क्लब, दूध गंगा, गंगासागर तालाब, नया बस स्टैंड आदि स्थानों का पैदल भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई, सड़कों की स्थिति, ड्रेनेज आदि विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन पड़ताल किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को बालोद शहर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था कराने तथा अतिक्रमण हटाने शहर के विभिन्न स्थानों में लगाए गए गुमटियों को उचित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शहर में चल रहे सड़क चैड़ीकरण एवं डिवाइडर निर्माण कार्य को 31 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूरा कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्य में गति लाने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शहरी के कचहरी चैक में स्थित दूध गंगा का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का पड़ताल किया। कलेक्टर ने दूध गंगा में समुचित साफ-सफाई नही पाए जाने पर मौके पर उपस्थित एसडीएम श्री नूतन कंवर को तत्काल दूध गंगा को सील करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दूध गंगा के उत्पादों का समुचित जांच कराने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने घड़ी चैक का अवलोकन कर इसका सौंदर्यीकरण एवं व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पुराना बस स्टैण्ड, सदर रोड, बुधवारी बाजार में पहुँचकर वहाँ की साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस मौके पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नही पाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को शहर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी दुकानदारों को अपने दुकान के बाहर डस्टबिन रखवाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने अपने दुकान के बाहर डस्टबिन नही रखने एवं साफ-सफाई की व्यवस्था नही करने वाले दुकानदारों से अर्थदण्ड की भी वसूली करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मौके पर उपस्थित राजस्व एवं नगर पालिका के अधिकारियों को शहर को सुव्यवस्थित बनाने हेतु राजस्व अभिलेखों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा। इस मौके पर कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ मधु चैके एवं अन्य स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क चैड़ीकरण कार्य के अंतर्गत किए जा रहे नाली निर्माण के कार्य का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन कार्य को 31 अप्रैल तक गुणवत्तायुक्त ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए।इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शहर के बुधवारी बाजार में पहुँचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को बुधवारी बाजार में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने तथा मछली, मटन, चिकन मार्केट को हटाकर उचित स्थान पर शिफ्ट करने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गंगा सगार तालाब का भी अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को तालाब के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जय स्तंभ चैक में स्थित कला केन्द्र, संजारी क्लब आदि का भी निरीक्षण किया। उन्होने अधिकारियों को संजारी क्लब में बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण हेतु प्राक्कलन प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने दुध गंगा का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का पड़ताल किया। कलेक्टर ने दूध गंगा में साफ-सफाई एवं वहाँ निर्मित खाद्य पदार्थों की रखरखाव की उचित व्यवस्था नही होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। श्रीमती मिश्रा ने एसडीएम श्री नूतन कंवर को तलब कर दूध गंगा को तत्काल सील करने तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था होने तक इसके संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ नया बस स्टैण्ड में पहुँचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का पड़ताल किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को नया बस स्टैण्ड को व्यवस्थित एवं सुंदर बनाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने नगर पालिका के अधिकारियों को नया बस स्टैण्ड के रिक्शा स्टैण्ड में बाहर निकले पाईप को भी तत्काल ठीक करने को कहा। इस दौरान उन्होंने नया बस स्टैण्ड से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के अंतर्गत नाली निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी को नाली निर्माण के कार्य को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए।
- बालोद. केन्द्र एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केन्द्रो का निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान पी.ओ.एस. मशीन, भौतिक स्कंध एवं कृषकों को वितरित उर्वरक मात्रा का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिले के टेसू कृषि केन्द्र गुरूर, सुरेश ट्रेडर्स गुरूर, सोनकर कृषि केन्द्र डौंडीलोहारा, सोनवानी कृषि केन्द्र जेवरतला, सेवा सहकारी समिति नवागांव (अहि.) में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में अनियमितता पाई गई। संबंधितो को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है एवं बाफना कृषि केन्द्र, अछोली को विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने बताया कि कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार चलता रहेगा एवं उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाए जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी की उपस्थिति में जीवनदीप समिति कार्यकारणी सभा की बैठक जिला चिकित्सालय में आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल डॉ. आर. के. श्रीमाली के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला चिकित्सालय के प्रगति विवरण के सबंध में जानकारी दी गई। बैठक में जिला चिकित्सालय में महत्वपूर्ण विषयो पर चर्चा करने के साथ ही चिकित्सालय में पानी की समस्या के निदान हेतु कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी बालोद को संयुक्त रूप निरीक्षण कर समाधान करने हेतु जानकारी मांगी गई है। बैठक में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके, कार्यपालन अभियंता पीडब्लूडी, कार्यपालन अभियंता पीएचई, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, ईई सीएसईबी एवं डॉ. कमलकांत हत्गिया, डॉ. एन.के. साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डॉ. कल्याण सिंह एवं अन्य चिकित्सक तथा स्टाफ उपस्थिति थे।
- राजनांदगांव । राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत जिले में टीबी उन्मूलन हेतु आवश्यक प्रयास किए जा रहे है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टीबी प्रकरणों की संख्या लगातार कम हो रही है। जिले में वर्ष 2015 में 2082 टीबी मरीज पाये गये थे। जिसकी तुलना में वर्ष 2025 में टीबी मरीजों की संख्या 1091 है। जिले में टीबी मरीजों की संख्या लगभग आधी हो गई है। जिले में टीबी जांच की संख्या में लगातार बढ़ोतरी रही है।वर्तमान में अत्याधुनिक मशीनों (ट्रूनॉट व सीबीनॉट) एवं हैण्डहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से शहरी वार्डों व गांव-गांव जाकर टीबी संभावित एवं उच्च जोखिम समूह के व्यक्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही जिला अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञ पदस्थ है। टीबी मरीजों को समस्त प्रकार की जांच एवं उपचार की सुविधा शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मरीजों को टीबी जांच एवं उपचार के लिए किसी भी तरह का व्यय नहीं करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत वर्ष 2023 में 60, वर्ष 2024 में 170 एवं वर्ष 2025 में 238 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। वर्ष 2026 में शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।
- रायपुर । बलौदाबाजार जिले में बिना अनुमति अवैध रूप से बोर खनन करने पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए दो बोरवेल मशीनें जब्त की गई हैं। जब्त मशीनों को संबंधित पुलिस थानों में सुपुर्द किया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील सिमगा अंतर्गत ग्राम दामाखेड़ा में अवैध बोर खनन की सूचना पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व अमले की टीम मौके पर पहुंची। यहां किसान गेन्दलाल द्वारा अपने खेत में बिना अनुमति बोर खनन कराया जा रहा था। आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर बोर मशीन को जब्त कर पुलिस थाना को सुपुर्द किया गया।इसी प्रकार तहसील कसडोल में तहसीलदार विवेक पटेल के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा ग्राम भदरा में रात्रि 9 बजे औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महामाया बोरवेल्स द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के बोर खनन किया जाना पाया गया। मौके पर मशीन बंद कराते हुए वाहन को जब्त कर थाना कसडोल में सुपुर्द किया गया। गौरतलब है कि कलेक्टर द्वारा जिले को जलाभावग्रस्त घोषित करते हुए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बिना अनुमति नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- रायपुर। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड का ग्राम बीजाभाठा आज जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से बदलाव की मिसाल बन गया है। गर्मी के दिनों में हैंडपंप और कुएं सूख जाने से ग्रामीणों को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब हर घर नल से स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति होने लगी है।जल जीवन मिशन के तहत ग्राम में सुनियोजित ढंग से पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक का निर्माण तथा प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया। इस कार्य में ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, तकनीकी दल तथा ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता परीक्षण और समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्य की प्रगति सुनिश्चित की गई।इस योजना से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। महिलाओं को अब पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे उनके समय की बचत हो रही है और वे इसे अन्य उपयोगी कार्यों में लगा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है तथा स्वच्छता स्तर में भी सुधार हुआ है। साथ ही, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल के समुचित उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
- -बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि-पुनर्वास केंद्र के 116 आत्मसमर्पित युवाओं का बना मतदाता कार्डरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।सरकार की नीति से बदली जिंदगीजिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है।कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदमपुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।
- रायपुर । राज्य नोडल एजेंसी, छत्तीसगढ़ द्वारा आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध Hospital Empanelment Module (HEM 2.0) पंजीयन हेतु निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य के 59 अस्पतालों पर कार्यवाही की गई है ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) नई दिल्ली के दिशा-निर्देश अनुसार आयुष्मान योजना अंतर्गत पंजीकृत सभी अस्पतालों को HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी जानकारी अद्यतन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य था, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी, किन्तु अनेक स्मरण पत्र जारी किए जाने के उपरांत भी कई अस्पतालों द्वारा न तो जानकारी अद्यतन की गई और न ही पोर्टल पर प्राप्त प्रश्नों का उत्तर दिया गया।जिला स्तर से प्राप्त अनुशंसाओं एवं समीक्षा के आधार पर निम्नानुसार कार्यवाही की गई है— 21 अस्पतालों, जिन्होंने ‘एक बार भी आवेदन प्रस्तुत नहीं किया’, आगामी आदेश तक निलंबित किए जाने की कार्यवाही की गई है । 12 अस्पतालों को आवश्यक जानकारी अद्यतन न करने एवं क्वेरी का उत्तर न देने के कारण आवश्यक क्वेरी पूर्ण किए जाने तक निलंबित किए जाने की कार्यवाही की गई है । इसके अतिरिक्त 26 अस्पतालों, जिनके आवेदन अपूर्ण पाए गए तथा पुनः प्रस्तुत नहीं किए गए, के विरुद्ध भुगतान एवं प्री-ऑथ रोकने की कार्यवाही की जा रही है।यह कार्यवाही आयुष्मान योजना के प्रावधानों के तहत तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है, ताकि योजना के अंतर्गत पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सके । राज्य नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ द्वारा सभी पंजीकृत अस्पतालों को अपील की गई है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत नए पोर्टल HEM 2.0 में पंजीयन हेतु निर्धारित मानकों को पूर्ण करते हुए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा समयबद्ध रूप से आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें, जिससे अस्पतालों को आयुष्मान योजना में पंजीकृत कर निर्बाध सेवा सेवा प्रदाय किया जा सके |21 अस्पताल –निलंबित (जिन्होंने आवेदन ही नहीं किया)New Ayushman Hospital, BemetaraA P Surgical Center, DurgIMI Hospital, DurgAum Hospital, DurgSai Kripa Multispeciality Hospital, DurgGangotri Hospital,DurgSomeshwar Hospital, GariyabandSewa Bhawan Hospital, MahasamundJowhary Hospital, RaipurMahadev Hospital, RaipurNew Raipura Hospital, RaipurShivam Hospital, RaipurSaubhagya Hospital, RaipurJain Hospital, RaipurLaxmi Hospital & Maternity Home, RaipurSiddhi Vinayak Hospital, RaipurVardaan Hospital, RaipurVasudev Multispeciality Hospital, RaipurShri Rama Multispeciality Hospital, RaipurMaa Sharda Nursing Home, RaipurOm Netra Kendra & Laser Vision, Raipur12 अस्पताल –निलंबित (जानकारी अपडेट नहीं करने एवं क्वेरी का जवाब नहीं देने पर)Pinaki Sobha Hospital & Maternity Care, GPMMD Modi Memorial Hospital, Janjgir-ChampaNetam Hospital & Infertility Centre, KondagaonShri Uttam Sai Care Hospital, MahasamundShree Dani Care Multispeciality Hospital, RaipurShree Krishna Multispeciality Hospital, RaipurShri Mahaveer Hospital, RaipurShri Sai Ram Hospital, RaipurKalda Nursing Home, RaipurKanha Multispeciality Hospital, RaipurPragya Hospital, RaipurLife Care Hospital, Raipur26 अस्पताल – भुगतान एवं प्री-ऑथ रोका गया (अपूर्ण दस्तावेज एवं पुनः आवेदन न करने पर)Shakuntala Hospital, BalodSuvidha Hospital, DurgRoop Jeevan Hospital, KabirdhamShree Radhe Krishna Care Hospital, MahasamundPandey Nursing Home, RaipurDrishti Netralay, RaipurVaidehi Hospital, RaipurAnant Hospital, RaipurShree Sai Care Hospital, RaipurAnushka Hospital, RaipurMamta Hospital, RaipurLalmati Multispeciality Hospital, RaipurKarma Hospital, RaipurShree Ram Multispeciality Hospital, RaipurRaipur Hospital & Research Center, RaipurSrimaa Sarada Arogyadham Hospital, RaipurRoopjeevan Hospital, RaipurShri Dani Care Hospital, RaipurJeevan Anmol Hospital,Raipur Sadbhavna Hospital, RaipurEkta Institute of Child Health, RaipurChandrani Sardarilal Eye & ENT Hospital, RaipurRawatpura Sarkar Hospital, RaipurAastha Multispeciality Hospital, RaipurChhattisgarh Eye Hospital, RaipurShashwat Hospital, Raipur
- रायपुर । प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन स्तर को सुधारने हेतु पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो और बेहतर जीवनयापन कर सके। महासमुंद जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति के चिन्हांकित 678 कच्चे मकान में निवासरत परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास योजना से स्वीकृति उपरांत लगभग सभी परिवारों को पक्का छत मिल गया है।इसी क्रम में जिले के ग्राम झालखम्हरिया की कमार जनजाति की श्रीमती मधु कमार के जीवन में एक नया उजाला तब आया, जब उन्हें पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत अपना पक्का घर मिला। वर्षों से घास-फूस और मिट्टी के कच्चे मकान में रहकर कठिनाइयों का सामना कर रही मधु कमार और उनके पिता श्री हीरालाल कमार के लिए यह आवास किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है।श्रीमती मधु कमार बताती हैं कि पहले उनका परिवार बारिश, गर्मी और ठंड के मौसम में काफी परेशानियों से गुजरता था। कच्चे मकान की वजह से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती थीं। लेकिन अब पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान का भाव आया है। श्रीमती मधु कमार के पिता श्री हीरालाल ने भावुक होकर बताया कि अब उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रहने का अवसर मिला है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब उनका परिवार निश्चिंत होकर खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहा है।
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-ग्राम औरेठी में 12 एकड़ में लहलहा रहा सूरजमुखी
रायपुर । ग्रीष्मकालीन धान (गर्मी के धान) के बदले सूरजमुखी की खेती एक अत्यधिक लाभदायक, कम पानी वाली और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वाला बेहतर विकल्प है। धान की तुलना में सूरजमुखी में पानी की आवश्यकता बहुत कम होती है, जो जल संरक्षण के लिए अच्छा है। यह फसल किसानों को 2-3 गुना तक मुनाफा दे सकती है। किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसल सुरजमुखी की खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। इससे कई किसान सूरजमुखी क़ी खेती की ओर अग्रसर हो रहे है।कृषि विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत बलौदाबाजार- भाठापारा जिले के विकासखण्ड सिमगा अंतर्गत ग्राम औरेंठी के कृषक आकाशदीप वर्मा एवं संजय वर्मा द्वारा 12 एकड़ रकबे में कृषि विभाग एवं स्वयं से सूरजमुखी की खेती किया जा रहा है। विभाग के द्वारा उन्हें योजनान्तर्गत संकर बीज एवं आदान सामग्री प्रदाय किया गया है। कृषक के द्वारा विगत वर्ष ग्रीष्मकालीन धान की खेती की गई थी, परन्तु गिरते भूजल स्तर के कारण धान की खेती में नुकसान उठाना पड़ा। इस वर्ष कृषक के द्वारा सूरजमुखी की खेती की गई है जिसमें कम पानी, कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं। वर्तमान में सूरजमुखी के बीजों की मांग अच्छी है और बाजार में किसान अपनी फसल को अच्छी दरों पर बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।आकाशदीप वर्मा ने कहा कि सूरजमुखी की खेती को पशु एवं बंदरो से नुकसान नहीं होता है तथा देखरेख की आवश्यकता कम पड़ती है। वर्तमान में सूरजमुखी की फसल संतोषजनक है, प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। कृषक को 45 से 50 हजार रूपये प्रति एकड़ शुद्ध आय प्राप्त होने की संभावना है। कृषक आकाशदीप वर्मा के द्वारा पशुपालन भी किया जा रहा है, जिसके गोबर एवं गौमूत्र का उपयोग कर जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत आदि उत्पादों के द्वारा प्राकृतिक खेती किया जा रहा है। आकाश वर्मा के नवाचार से जिले के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं तथा ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती की ओर अग्रसर हैं। सूरजमुखी की फसल कम पानी में भी सफलतापूर्वक तैयार हो जाती है तथा 90 से 100 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में अधिक लाभ प्राप्त होता है। सूरजमुखी तेल की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं भी अधिक हैं। इसके अलावा, तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने हेतु शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसान भाई उठा सकते हैं।उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है जैसे उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण, खेत स्तर पर प्रदर्शन, फसल संरक्षण एवं पोषण संबंधी सलाह, शासकीय योजनाओं के तहत् अनुदान का लाभ शामिल है। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर सूरजमुखी जैसी कम पानी वाली एवं लाभकारी फसलों को अपनाने से फसल चक्र में विविधता आती है, मिट्टी की गुणवत्ता में वृद्धि, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है। - -खाद्य विभाग से सभी कलेक्टर को जारी किया पत्ररायपुर । राज्य शासन ने प्रवासी मजदूरों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (गैस) सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।जारी आदेश के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सिलेंडर संबंधित एलपीजी वितरकों के वितरण केंद्रों से प्रदान किया जाएगा। सिलेंडर प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड (सहमति के साथ) तथा श्रम विभाग द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों को नया कनेक्शन एवं रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एलपीजी वितरक 5 किलो सिलेंडरों के दैनिक स्टॉक, बिक्री एवं शेष स्टॉक का नियमित रिकॉर्ड संधारित करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा इन अभिलेखों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।इसके साथ ही, सिलेंडरों के दुरुपयोग एवं अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन को सख्त निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शासन ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र प्रवासी मजदूर इसका लाभ उठा सकें।
- -अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्यरायपुर /छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च का आरोप पूर्णतः निराधार और भ्रामक है।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 8,000 लोग शामिल हुए थे।श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था, ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित एजेंसी को नियमों के तहत किया गया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- -मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वन की समीक्षा कीरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने गुरुवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागांे के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की । मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध की जाएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। श्री भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने हेतु प्रस्तावित करें।बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव श्री रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्री श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की चाची स्वर्गीय श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामजी वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत श्रीमती अग्रवाल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- - बाल आपातकालीन चिकित्सा में राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचानरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर (एम्स रायपुर) की पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन (बाल आपातकालीन चिकित्सा) टीम ने 28–29 मार्च 2026 को हैदराबाद में आयोजित 17वें नेशनल असेंबली ऑफ पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन 2026 (National Assembly of Paediatric Emergency Medicine–NAPEM 2026) एवं चौथे इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स –पीईएम (Paediatric Emergency Medicine) राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है। यह सम्मेलन KIMS कडल्स अस्पताल, गाचीबोवली द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी रही।सम्मेलन से पूर्व 27 मार्च 2026 को एम्स रायपुर की टीम ने मल्ला रेड्डी महिला मेडिकल कॉलेज (Malla Reddy Medical College for Women) हैदराबाद में पीडियाट्रिक ट्रायेज एवं पीईएआरएलएस (PEARLS–Pediatric Emergency Advanced Resuscitation Learning System) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का नेतृत्व विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक्स एवं प्रभारी पीईएम डॉ. अनिल के. गोयल ने राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में किया, जबकि समन्वय डॉ. जोविन क्रिस एंटनी ने संभाला। कार्यशाला में देशभर से आए 35 प्रतिभागियों को बाल आपातकालीन देखभाल, उन्नत वायुमार्ग प्रबंधन, वैस्कुलर एक्सेस, प्वाइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (Point of Care Ultrasound–POCUS) तथा ट्रॉमा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्रों की उपयोगिता एवं सहभागिता को व्यापक सराहना मिली।मुख्य सम्मेलन में एम्स रायपुर की टीम की प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज रही, जिसमें संकाय सदस्यों के साथ-साथ वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में डॉ. अनिल के. गोयल को भारत में पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन के प्रथम डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (Doctorate of Medicine–DM) कार्यक्रम की स्थापना तथा IAP-PEM Chapter के संस्थापक महासचिव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष (2025–26) के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. जोविन क्रिस एंटनी को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषकर डिप्लोमा इन Paediatrics (Diploma in Paediatrics–DIAP) वेबिनार श्रृंखला के सफल संचालन हेतु सम्मान प्रदान किया गया।शैक्षणिक उपलब्धियों के अंतर्गत डॉ. बिपिन बिहारी राउत ने मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय पीईएम क्विज़ में डॉ. जोविन क्रिस एंटनी एवं डॉ. आशा ज्योति पेनुगोंडा की टीम उपविजेता रही, जबकि डॉ. हिम्मत राम सियाग एवं डॉ. मोहित देवेंद्र जायसवाल की टीम द्वितीय उपविजेता रही।एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान बाल आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाएगा।
- भिलाई।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग द्वारा ग्राम पंचायत घुघसीडीह में पूर्ण किए गए विभिन्न विकास कार्यों का औपचारिक हस्तांतरण 7 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कला मंच निर्माण, बोरवेल की खुदाई तथा हैंडपंप स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ग्राम पंचायत को सौंपा गया।समारोह के दौरान ग्राम पंचायत घुघसीडीह की सरपंच श्रीमती ललिता बारले को हस्तांतरण विलेख के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री मनोज कुमार दूबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उप प्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री के. के. वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी श्री बुधेलाल, ग्राम पंचायत के पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार दूबे ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग और परिधीय ग्रामों के बीच सुदृढ़ होते संबंधों पर बल देते हुए कहा कि समग्र ग्रामीण विकास के लिए विभाग निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्राम घुघसीडीह में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकासात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।विशिष्ट अतिथि श्री के. के. वर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन ग्राम के पूर्व सरपंच श्री गोवर्धन द्वारा किया गया, जिन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- “आधुनिक सिग्नलिंग से बढ़ी क्षमता, एक साथ कई ट्रेनों का सुगम एवं संरक्षित परिचालन संचालन संभव”रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने हेतु निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर मंडल के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा एवं उरकुरा–मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है।इस परियोजना के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा (लगभग 3 किलोमीटर, डबल लाइन) तथा उरकुरा–मांढर (लगभग 9 किलोमीटर, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जो डबल लाइन समतुल्य लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026–27 में इस परियोजना के तहत अब तक कुल 21 किलोमीटर डबल लाइन समतुल्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।इस आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल एवं 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुल 80 डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC, Sigma मेक) लगाए गए हैं, जिनमें ड्यूल डिटेक्शन एवं मीडिया डाइवर्सिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ट्रेन की सटीक एवं रीयल-टाइम स्थिति का पता लगाया जा सकता है।रायपुर–उरकुरा खंड में अप एवं डाउन लाइनों पर 3-3 ऑटो सेक्शन तथा उरकुरा–मांढर खंड में अप, डाउन एवं मिड लाइन (द्विदिशीय) पर 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटर-स्टेशन ब्लॉक इंटरफेस ट्रांसमिशन के लिए यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस (UFSBI) प्रणाली तथा उरकुरा–मांढर खंड में मिड लाइन के लिए डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी प्रदान की गई है।संरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समपार फाटक संख्या 417 पर एक नया ऑटो हाट भी स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और बेहतर हुई है।ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब एक ही ब्लॉक सेक्शन में एक ही दिशा में एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे ट्रेनों की गति में वृद्धि, समय की बचत तथा लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे परिचालन अधिक सुचारु एवं कुशल हो गया है।रेलवे में सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा परिचालन की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल ट्रेनों की गति और संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को संरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित हो रहा है।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़। सरिया पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 62 किलो 245 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजा की कीमत करीब 5.90 लाख रुपये तथा वाहन सहित कुल जुमला संपत्ति लगभग 10.90 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।मुखबिर की सूचना पर ग्राम बोरिदा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका गया। हालांकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान कार से 59 पैकेट में गांजा बरामद हुआ। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने टीम की इस कार्रवाई की सराहना की है।










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