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- -चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार-छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ--चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -प्रशिक्षु अधिकारियों ने जल, मृदा संरक्षण और वन प्रबंधन का लिया प्रशिक्षणरायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों ने मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, वन प्रबंधन तथा लघु वनोपज के उत्पादन, प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के सहयोग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की वन प्रबंधन प्रणाली और जल संरक्षण कार्यों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से आए प्रशिक्षु अधिकारियों ने 8 से 15 मार्च 2026 तक धमतरी वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पम्पारनाला, कांसानाला और साजापानी नाला जैसे क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण तथा वाटरशेड प्रबंधन से जुड़े कार्यों का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों के सीमांकन, मार्किंग और कटाई की तकनीकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार इमारती लकड़ी तैयार कर ई-ऑक्शन के माध्यम से शासन को अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।मैदानी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन विकास केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने हर्रा, बहेड़ा और अश्वगंधा जैसे लघु वनोपजों से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया देखी। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह किस प्रकार जड़ी-बूटियों का सतत उपयोग कर आजीविका के अवसर बढ़ा रहे हैं और वनों के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।धमतरी वनमंडल के डीएफओ श्री जाधव श्रीकृष्ण ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यों तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त श्री मणिवासगन एस., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला सहित विभिन्न वनमंडलों के अधिकारियों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में संयुक्त वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, एनआरएम इंजीनियर्स तथा वन विभाग के फील्ड स्टाफ ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विभाग द्वारा सभी सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
- -खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव ने नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की-आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभागों को दिए आवश्यक निर्देश, समय से पहले कर लें सभी इंतजाम-छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों से भी रू-ब-रू होंगे देशभर के खिलाड़ी व अधिकारी-30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी होंगे शामिलरायपुर ।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त समय रहते सभी इंतजाम पुख्ता रूप से सुनिश्चित करने को कहा।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने बैठक में कहा कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स राष्ट्रीय महत्व और छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त, पुख्ता एवं चौक-चौबंद होने चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को कार्यों में तेजी लाते हुए पर्याप्त समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के लिए चिन्हांकित सभी खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने को कहा।विभागीय सचिव श्री कुमार ने खेल मैदानों, खिलाड़ियों के ठहरने की जगहों, विमानतल और रेल्वे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में स्टॉफ तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन में भाग लेने पहुंचने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ट्राइबल गेम्स में हिस्सेदारी के लिए विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रतिभागियों को यहां की संस्कृति, पुरातत्व एवं कला की जानकारी देने के साथ ही पर्यटन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। श्री कुमार ने आयोजन में विभिन्न भाषाओं वाले राज्यों की भागीदारी को देखते हुए उन भाषाओं के जानकार अधिकारियों-कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित रायपुर जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग, परिवहन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, जनसंपर्क, स्वास्थ्य विभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन के अधिकारी बैठक में मौजूद थे। अंबिकापुर और जगदलपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से बैठक में शामिल हुए।छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक नेशनल ट्राइबल गेम्स की 7 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें दो अन्य खेलों, कबड्डी और मलखंब को डेमो के रूप में शामिल किया गया है। हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी की स्पर्धाएं रायपुर में होंगी। वहीं जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। डेमो खेलों में कबड्डी का रायपुर में और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर में किया जाएगा। देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी शामिल होंगे।
- -सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभचिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
- सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्रीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभचिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -पुरोधा पत्रकार स्व. रमेश नैयरजी, स्व. सत्येन्द्र गुमास्ता जी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से होंगे इंडोर गेम्स-स्व. कुलदीप निगम के नाम से हुई थी इंटरप्रेस क्रिकेट स्पर्धा- प्रेस क्लब खेल मंडई-1रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मंडई - क्रिकेट स्पर्धा का आगाज जहां वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति से हुआ, वहीं अब इंडोर गेम्स भी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अपनी निडर, निष्पक्ष और अनुकरणीय पत्रकारिता से अमिट छाप छोडऩे वाले पुरोधा पत्रकारों को समर्पित किए जा रहे हैं। इस बार स्व. रमेश नैयरजी , स्व. सत्येन्द्र गुमास्ताजी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से इंडोर गेम्स की स्पर्धाएं होंगी।खेल मंडई 2- के अंतर्गत कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं एकल एवं युगल वर्ग में कराई जाएंगी।आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर रविवार को रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी और खेल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, नियमों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि खेल मंडई 2 को लेकर भी प्रेस क्लब के सदस्यों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए सौ से अधिक प्रतिभागी आवेदन कर चुके हैं, जिससे इस बार प्रतियोगिता के और भी रोचक होने की उम्मीद है।मोहन तिवारी ने बताया कि इस बार1. कैरम स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. रमेश नैयर की स्मृति में होगी।2. टेबल टेनिस स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. सत्येंद्र गुमास्ता की स्मृति में आयोजित की जाएगी।3. बैडमिंटन स्पर्धा (एकल एवं युगल) - स्व. देवेंद्र कर की स्मृति में आयोजित होगी।4. शतरंज स्पर्धा स्व. योगेश यदु को समर्पित रहेगी।आज की बैठक में प्रतियोगिता के नियमों पर भी चर्चा की गई। तय किया गया कि सभी स्पर्धाओं में केवल रायपुर प्रेस क्लब के सदस्य ही भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पर्धाएं निर्धारित समय पर ही प्रारंभ की जाएंगी। निर्धारित समय के 10 मिनट तक प्रतिभागी के उपस्थित नहीं होने पर विरोधी खिलाड़ी को वॉकओवर दिया जाएगा। सभी मुकाबले निर्धारित खेल नियमों के अनुसार होंगे तथा किसी भी विवाद की स्थिति में निर्णायक एवं प्रेस क्लब कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर सहित खेल समिति के सदस्य कमलेश गोगिया, दिनेश कुमार, राजेंद्र निगम, संतोष साहू, पी. रामाराव नायडू, लविंदर पाल सिंह, तिलक साहू, स्टार जैन, लक्ष्मण लेखवानी और हेमंत डोंगरे उपस्थित रहे।
- महिला दिवस और होली मिलन समारोह आयोजित-टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी महिला समिति के तत्वावधान में रविवार को क्लब हाउस में विश्व महिला दिवस और होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा हाउजी का भरपूर लुत्फ लिया। सबसे खास आकर्षण लघु नाटिका थी, जिसमें महिलाओं ने मातृ शक्ति के विविध रूपों को भाव-भंगिमाओं के जरिये खूबसूरती से अभिनीत किया। इसकी सूत्रधार मनोरमा सिंह थी तथा आशा जानी ने नेपथ्य से आवाज देकर इसे जीवंत बनाया। वहीं होली गाने की धुन पर महिलाओं ने नृत्य के माध्यम से जमकर धमाल मचाया।मातृ शक्ति के विविध रूप प्रदर्शितलघु नाटिका में माला यादव ने नन्हें शिशुओं की भाग्य विधात्री माता, सरला श्रीवास्तव ने माता लक्ष्मी, रेखा मालवीय ने देवी पार्वती, सुशीला सूर्यवंशी ने देवी सरस्वती, कृतिका साव ने माता अनुसूया, भावना राव ने माता शबरी, ममता शुक्ला ने मां गंगा तथा सरोज तिवारी ने आधुनिकता, कैरियर और परिवार के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाने वाली आज की नारी की भूमिका निभाई। नाटिका के अंत में सभी देवियों ने मिलकर आधुनिक माता को आशीर्वाद दिया। इनके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाली महिलाओं में नीतू साहू, अनीता सिंह, ममता वर्मा, विजया राव तथा लीना जांगड़े भी शामिल हैं।राष्ट्र निर्माण में नारी की अहम भूमिकाइससे पहले समिति की आध्यक्ष एवं अधिवक्ता रेखा सिंह और पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की विधिवत शुरुआत की। रेखा सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि नारी शब्द मात्र नहीं है, वह शक्ति, सम्मान, त्याग और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। यदि आप अपने बच्चों का लालन-पालन, तालीम-तीमारदारी बेहतरीन ढंग से कर रही हैं, तो इसका अर्थ है आप राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस समिति का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी प्रतिभा, विचार और संस्कार व्यक्त कर सकें। इस मौके पर अध्यक्ष रेखा सिंह, उपाध्यक्ष महिमा धोबले, कोषाध्यक्ष धनेश्वरी शर्मा एवं कार्यकारिणी सदस्य श्यामली मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
- -जन्मजात विकृति से जूझ रहे बच्चे को मिला नया जीवनबिलासपु /छह महीने पहले जन्मे एक नन्हे बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना उसके माता-पिता के लिए किसी सपने से कम नहीं था। जन्म से ही कटा-फटा होंठ और तालू (क्लैफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या के कारण वह अपनी माँ का दूध भी ठीक से नहीं पी पा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह चिंता और बेबसी का समय था। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की चिरायु टीम उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आई और आज उसी बच्चे के चेहरे पर सामान्य मुस्कान लौट आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है।लगभग छह माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत में जन्मे इस बच्चे को जन्मजात विकृति के कारण स्तनपान करने में कठिनाई हो रही थी। आरबीएसके टीम ने बच्चे और उसके माता-पिता से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें इस बीमारी के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करीब छह महीनों तक टीम द्वारा बच्चे का नियमित फॉलो-अप लिया गया। इस दौरान उसके वजन, ऊँचाई और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती रही तथा आवश्यक दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं। टीम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे का उपचार संभव है। बाद में आरबीएसके टीम के सहयोग से स्माइल ट्रेन संस्था के माध्यम से बिलासपुर के लाडिगर अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन कराया गया, जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चा स्वस्थ है और परिवार अपने बच्चे को सामान्य रूप से देखकर बेहद खुश है।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मदरसों और छात्रावासों में जाकर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाया जाता है, जिसमें उसकी पूरी स्वास्थ्य जानकारी दर्ज रहती है। कार्यक्रम के अंतर्गत सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि जटिल बीमारियों वाले बच्चों को उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर उपचार कराया जाता है। इसके लिए चिरायु वाहन की सुविधा भी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से संचालित यह कार्यक्रम “चिरायु” नाम से भी जाना जाता है। यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर परिवार ने राहत की सांस ली है। माता-पिता का कहना है कि यदि समय पर चिरायु टीम का सहयोग नहीं मिलता तो उनके लिए इलाज कराना संभव नहीं था। आज उनके बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
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-महाराष्ट्र मंडल में महिला दिवस पर हुई स्पर्धा, डा. वंदना उप विजेता और श्रुति तीसरे स्थान पर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित तात्कालिक भाषण स्पर्धा में तात्यापारा केंद्र की डॉ. रक्षा वैद्य विजेता घोषित की गईं। डॉ. रक्षा ने कहा एक उद्यमी खुद को नहीं, बल्कि अन्य को आगे बढ़ाता है। उसका आत्मविश्वास कार्य के प्रति जीवटता उस पर आश्रित अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उद्यमी महिलाएं आर्थिक के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होती हैं।उप विजेता रोहिणीपुरम केंद्र की डॉ. वंदना काले और तीसरे स्थान पर बूढ़ापारा केंद्र की श्रुति करकशे रहीं। डा. वंदना ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो आत्मविश्वास से भरा हो। किसी भी कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। कई बार लोगों को हमारे इस कान्फिडेंस में ओवर कान्फिडेंस नजर आता है। खुद कोई काम आत्मविश्वास के साथ करें और लोगों में आत्मविश्वास जगाएं भी। स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास विषय पर श्रुति करकशे ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो वह परिवार और समाज का विकास करती है। स्व. सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव मदद कर सकती है। इन समूहों के माध्यम से आगे बढ़ सकती है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा आनंद जोशी ने तीनों विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया और उनके प्रखर संभाषण की प्रशंसा की। तात्कालिक भाषा स्पर्धा में 10 केंद्रों की महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
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-कलेक्टर के निर्देश पर कांदूल में शासकीय भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा
रायपुर ।कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार एवं एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे के मार्गदर्शन में आज तहसील रायपुर अंतर्गत ग्राम कांदूल में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कांदूल के खसरा नंबर 141/1 की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। उक्त भूमि पर ग्राम कांदूल से मुरा तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है। प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन की टीम द्वारा बुलडोजर की सहायता से हटाया गया।प्रशासन ने बताया कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने तथा प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार रायपुर राकेश कुमार देवांगन, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), हल्का पटवारी उमा प्रधान तथा ग्राम कोटवार सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। - -कांदूल, भाठागांव, डोमा और दतरेंगा में अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन का प्रहाररायपुर । कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं एसडीएम रायपुर के मार्गदर्शन में आज तहसील रायपुर अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा बिना वैध अनुमति के की जा रही प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया।ग्राम कांदूल में लगभग 2-2 एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए निर्मित प्लिंथ को तोड़ा गया तथा बनाए गए अवैध रोड-रास्तों को काटा गया। इस दौरान अतिरिक्त तहसीलदार श्री राकेश कुमार देवांगन सहित अन्यहल्का पटवारी, कोटवार एवं नगर निगम की टीम मौजूद रही।इसी क्रम में ग्राम भाठागांव स्थित खसरा नंबर 940/1, 940/4 एवं 944/1 की लगभग 5 एकड़ भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार प्रवीण परमार, हल्का पटवारी, कोटवार एवं नगर निगम की टीम मौजूद रही।इसके अलावा ग्राम डोमा में एक एकड़ तथा ग्राम दतरेंगा में 3 एकड़ से अधिक भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार राममूर्ति दीवान, हल्का पटवारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) रायपुर द्वारा सहायक मानचित्रकार (सिविल) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा का आयोजन आज जिले के 11 परीक्षा केंद्रों में किया गया। परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक आयोजित हुई।परीक्षा के लिए आवश्यक गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण सुबह 09:00 बजे जिला कोषालय, कलेक्ट्रेट रायपुर से किया गया। परीक्षा में कुल 3728 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1773 परीक्षार्थी उपस्थित हुए।परीक्षा समाप्ति के पश्चात सभी केंद्रों से गोपनीय परीक्षा सामग्री को समन्वयक केंद्र शासकीय नागार्जुन पी.जी. विज्ञान महाविद्यालय, जी.ई. रोड रायपुर में जमा कराया गया। इसके बाद समन्वयक केंद्र से संबंधित सामग्री को दोपहर 03:30 बजे जिला कोषालय, कलेक्ट्रेट रायपुर में सुरक्षित रूप से जमा किया गया। प्रशासनिक व्यवस्था एवं निगरानी के बीच परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं नियमों के अनुसार संपन्न हुआ।
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- मुख्यमंत्री श्री साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है।इस अवसर पर स्कूल के संचालक श्री सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल श्री आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं। - -पुरोधा पत्रकार स्व. रमेश नैयरजी, स्व. सत्येन्द्र गुमास्ता जी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से होंगे इंडोर गेम्सरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मंडई - क्रिकेट स्पर्धा का आगाज जहां वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति से हुआ, वहीं अब इंडोर गेम्स भी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अपनी निडर, निष्पक्ष और अनुकरणीय पत्रकारिता से अमिट छाप छोडऩे वाले पुरोधा पत्रकारों को समर्पित किए जा रहे हैं। इस बार स्व. रमेश नैयरजी , स्व. सत्येन्द्र गुमास्ताजी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से इंडोर गेम्स की स्पर्धाएं होंगी।खेल मंडई 2- के अंतर्गत कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं एकल एवं युगल वर्ग में कराई जाएंगी।आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर रविवार को रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी और खेल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, नियमों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि खेल मंडई 2 को लेकर भी प्रेस क्लब के सदस्यों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए सौ से अधिक प्रतिभागी आवेदन कर चुके हैं, जिससे इस बार प्रतियोगिता के और भी रोचक होने की उम्मीद है।मोहन तिवारी ने बताया कि इस बार1. कैरम स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. रमेश नैयर की स्मृति में होगी।2. टेबल टेनिस स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. सत्येंद्र गुमास्ता की स्मृति में आयोजित की जाएगी।3. बैडमिंटन स्पर्धा (एकल एवं युगल) - स्व. देवेंद्र कर की स्मृति में आयोजित होगी।4. शतरंज स्पर्धा स्व. योगेश यदु को समर्पित रहेगी।आज की बैठक में प्रतियोगिता के नियमों पर भी चर्चा की गई। तय किया गया कि सभी स्पर्धाओं में केवल रायपुर प्रेस क्लब के सदस्य ही भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पर्धाएं निर्धारित समय पर ही प्रारंभ की जाएंगी। निर्धारित समय के 10 मिनट तक प्रतिभागी के उपस्थित नहीं होने पर विरोधी खिलाड़ी को वॉकओवर दिया जाएगा। सभी मुकाबले निर्धारित खेल नियमों के अनुसार होंगे तथा किसी भी विवाद की स्थिति में निर्णायक एवं प्रेस क्लब कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर सहित खेल समिति के सदस्य कमलेश गोगिया, दिनेश कुमार, राजेंद्र निगम, संतोष साहू, पी. रामाराव नायडू, लविंदर पाल सिंह, तिलक साहू, स्टार जैन, लक्ष्मण लेखवानी और हेमंत डोंगरे उपस्थित रहे।
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-विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी*
-मोर बिजली मोबाइल एप केवल Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें*रायपुर / मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी श्री भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। - -राजस्व मंत्री वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूजनरायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना आवश्यक है। पुल केवल दो छोरों को नहीं जोड़ते, बल्कि जीवन, अवसर और विकास की संभावनाओं को जोड़ते हैं। गाँवों को बाज़ार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोज़गार से जोड़ने के लिए यह संरचनाएं रीढ़ की हड्डी जैसी होती हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश-एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं-अवैध संग्रहण पर सख्त कार्रवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देशरायगढ़ ।राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ऑयल कंपनियों के पास इन पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी नियमित आपूर्ति जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग या पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक संग्रहण जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि ऑयल कंपनियों और जिलों में उपलब्ध एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की दैनिक जानकारी खाद्य विभाग के मॉड्यूल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आधार पर प्रतिदिन जिले में प्राप्त स्टॉक, विक्रय मात्रा तथा शेष उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।कलेक्टर ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के अवैध संग्रहण तथा दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध स्थलों की पहचान कर नियमित जांच एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी की कार्रवाई करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आम उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 के अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0771-2511975 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलों में भी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम गठित कर उनके नंबर आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण संबंधित खाद्य नियंत्रक, खाद्य अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के जिला समन्वयक द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी विभागीय डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी एलपीजी बुकिंग, वितरण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को सभी एलपीजी वितरकों, उचित मूल्य दुकानों तथा अन्य आवश्यक स्थानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा इसकी जानकारी शीघ्र विभाग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आवश्यकतानुसार ही पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग करें, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
- रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया है कि राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआईटी) परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'आदि परब' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। साय ने कहा, ''हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।'' उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 'आदि परब' का विषय 'परंपरा से पहचान तक' रखा गया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा 'आदि परब' चित्रकला और परिधान को मिले 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएं दी। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटों की क्षमता वाले छात्रावास का लोकार्पण भी किया।
- कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय का प्रथम एल्यूमिनी मीट प्रारंभछात्र संघ के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गईरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट ”एग्री टेक मिलन 2026“ में महाविद्यालय के सैकड़ों पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस एल्युमिनाई मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी कई पूर्व छात्रों ने शिरकत की। कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार आयोजित इस एल्युमिनाई मीट में विगत 28 वर्षों में महाविद्यालय से उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया गया जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किसानोपयोगी नवीन प्रौद्यौगिकियां प्रदर्शित की गई। एग्री टेक मिलन 2026 का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। समारोह की अध्यक्षता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र संघ 2026 के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनियता की शपथ भी दिलाई गई।एल्युमिनाई मीट का शुभारंभ करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि आज यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब स्वामी विवेकानंद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार भूतपूर्व छात्र-छात्राओं का मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि इस मिलन समारोह में विविध क्षेत्रों में सफल हो चुके पूर्व विद्यार्थियों को देख कर प्रसन्न्ता हो रही है विशेषकर उन छात्रों से जिन्होंने उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि अभियांत्रिकी कृषि की रीढ़ है। उन्नत एवं नवाचारी कृषि में कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी विकसित भारत /2047 विजन डाक्यूमेंट में विकसित भारत के निर्माण हेतु कृषि अभियांत्रिकी को तीसरा सबसे महत्वपूर्ण साधन बताया गया है। डॉ. चंदेल ने आव्हान किया कि कृषि में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने महाविद्यालय में वर्तमान में अध्यनरत छात्रों से कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में सफल पूर्व छात्रों से मिलकर उनके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ प्राप्त करें।समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में पहली बार एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विगत 28 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके भूतपूर्व विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इन पूर्व विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। इसके अलावा कुछ भूतपूर्व छात्र प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में निदेशक अथवा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार प्रदान किया है। इसके अलावा लगभग 100 भूतपूर्व विद्यार्थी विभिन्न विश्वविद्यालयो में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक के रूप में योगदान दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी जिसके अंतर्गत एम. टेक पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये थे। वर्ष 2008 में शोध पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्नातक पाठय्क्रम प्रारंभ किये गए। डॉ. वर्मा ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकी विकसित की गई है तथा 32 डिजाईन पेटेंट प्राप्त किये गए हैं।एग्री टेक मिलन 2026 समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में सफल भूतपूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए जिनमें श्री अतुल पाठक, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग उत्तराखण्ड, श्री प्रितेश राजपूत डिप्टी कलेक्टर जिला सक्ति छत्तीसगढ़, श्रीमति वंदना चुरेन्द्र, निदेशक कोयतुर फिश फार्मिंग, श्री प्रशांत सुब्रमण्यम, निदेशक कैप्स आईसक्रीम रायपुर तथा सुश्री श्रेया जैन एशोसिएट मैनेजर बालको कोरबा प्रमुख हैं। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए. के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी. के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टूटेजा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी विभाग श्री जी. के. पीढ़िया, प्रगतिशील कृषक श्री बिसेश्वर साहू एवं डॉ. एम. पी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापक डॉ. आर. के. नायक ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।

















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