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- -छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री-भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहनारायपुर / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।
- -छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूपरायपुर / राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रताराज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।वैध खदानों की संख्या में वृद्धिवर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खननप्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।अवैध खनन पर सख्त कार्यवाहीवर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं।विवादों पर त्वरित कार्यवाहीराजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलनछत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी। file photo
- - पालक चौपाल में शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक आहार, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वच्छता के संबंध में किया गया जागरूकराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाडिय़ों में पालक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र खुटेरी, नरेटीटोला सहित विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया गया। पालक चौपाल कार्यक्रम में शिशुवती माताओं को पौष्टिक आहार, बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव तथा स्वच्छता, पेयजल, डायरिया प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।पोट्ठ लईका पहल अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पालक चौपाल का आयोजन किया जाता है। पालक चौपाल में शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक भोजन और स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। शिशुवती माताओं को बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए तिरंगा भोजन के रूप में पौष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया। जिससे बच्चों को प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन मिल सके। पालक चौपाल में तिरंगा भोजन के संबंध में अभिभावकों को जानकारी दी गई। तिरंगा भोजन में केसरी रंग अंतर्गत दलहन, सोया, अंडा, सफेद रंग चावल, रोटी तथा हरा रंग में हरी सब्जी जैसे पालक, मेथी, मुनगा भाजी एवं अन्य हरी साग-सब्जी का होता है। अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन कम से कम 3 बार दिन में खिलाने और 2-3 बार स्वयं भी खाने की सलाह दी गई।
- - लखपति दीदी कुसुम साहू रेडिमेड कपड़ा दुकान एवं अगरबत्ती निर्माण व पैकेजिंग से बनी सफल उद्यमी- आर्थिक स्थिति बनी मजबूत, जीवन स्तर में आया परिवर्तनराजनांदगांव । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आर्थिक दृष्टिकोण से सक्षम एवं सशक्त बन रही हंै और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए है। संघर्ष एवं चुनौतियों के बावजूद महिलाओं के सपने को पंख देने एवं उनके घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर कार्य करने का हौसला मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से महिलाओं की तकदीर बदली है और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति उनमें जज्बा एवं जुनून है। इसकी एक बानगी राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम तिलई की लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू ने पेश की है। उन्होंने बताया कि वे एक घरेलू महिला है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पति वाहन चलाने का कार्य करते थे और घर के आय का यही एकमात्र साधन था। उन्होंने बताया कि वे माँ भवानी महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत 2 लाख रूपए का ऋण लिया और अगरबत्ती के निर्माण एवं पैकेजिंग का लघु उद्यम प्रारंभ किया। जिससे उन्हें प्रतिमाह 3 हजार रूपए की शुद्ध आय हुई। इसके बाद उन्होंने पुन: सीएलएफ राशि के तहत 2 लाख 50 हजार रूपए का ऋण लेकर श्री साहू साड़ी रेडिमेड वस्त्रालय प्रारंभ किया। जिससे उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रूपए तक की शुद्ध आय हो रही है। उन्होंने बताया कि उनकी वार्षिक आय लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए है तथा वह इस दुकान का विस्तार करना चाहती है।लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू ने बताया कि बिहान से जुडऩे के बाद उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। आर्थिक स्थिति तो अच्छी हुई और जीवन स्तर में भी परिवर्तन आया है। अपने बच्चों को वह अच्छी शिक्षा दे पा रही है। उनका बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है और उनकी बेटी नर्सिंग की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि अपना पक्का मकान बना लिया है। बिहान से जुडऩे के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वित्तीय दृष्टिकोण से साक्षर बन रही है। उल्लेखनीय है कि शासन की लखपति दीदी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है।
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दुर्ग/जिले की ग्राम पंचायत अण्डा में न केवल गाँव की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि एक ग्रामीण को आत्मनिर्भर भी बना दिया। यह कहानी है राजकुमार टंडन की जो पहले अवैध स्थान पर एक छोटे से ठेले में पान भंडार चलाते थे और आज एक पक्की दुकान में बिना किराया दिए दुकान चला रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अण्डा ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक शौचालय परिसर का निर्माण किया गया। लेकिन इस बार योजना केवल शौचालय बनाने की नहीं थी इसके साथ-साथ वहां एक आजीविका केन्द्र भी विकसित किया गया। शौचालय परिसर के पास ही मुख्य सड़क और बस स्टैंड होने की वजह से यहां आजीविका केन्द्र के रूप में बेहतर अवसर होने की संभावना पाई गई और फिर परिसर में एक कमरा दुकान के रूप में विकसित किया गया और इसे एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को निशुल्क दिया गया। वर्ष 2024 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5 लाख रुपये की लागत से शौचालय और दुकान का निर्माण पूरा हुआ। दुकान मिलने के बाद राजकुमार ने उसे अच्छी तरह से सजाया, और अब वह वहां पान, ठंडे पेय और अन्य रोजमर्रा के सामान बेचते हैं। पक्की दुकान होने की वजह से अब उन्होंने एक फ्रिज भी खरीद लिया है, जो पहले उनके लिए संभव नही था।
राजकुमार ने बताया कि पूर्व में वह एक छोटे ठेले में दुकान चलाते थे जो की अवैध जगह पर थी। पहले उनकी आमदनी सीमित थी, लेकिन अब वह हर महीने करीब 12 हजार रूपए की कमाई कर रहे हैं। शौचालय परिसर का संचालन और रखरखाव भी वह ही करते हैं। आज वह न केवल अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर पा रहे हैं, बल्कि गाँव के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन गए हैं। राजकुमार ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे, जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री रूपेश पांडे और ग्राम पंचायत अण्डा का धन्यवाद व्यक्त किया। इस पहल को एक सफल मॉडल के तौर पर देखा जा सकता है, जो न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बनता है। -
दुर्ग/ कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग द्वारा नर्सरी प्रबंधन पर 29 से 31 जुलाई 2025 तक 3 दिवसीय निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ट वैज्ञानिक एवं प्रमुख से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में 18 से 40 वर्ष के ग्रामीण युवाओं को व्यवसायिक नर्सरी प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाना है। इच्छुक युवा प्रशिक्षण में सम्मिलित होने के लिए मोबाइल नं. 9425213284 एवं 9669066314 पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग से पंजीयन हेतु सम्पर्क कर सकते है।
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दुर्ग,/ खरीफ वर्ष 2025 से कृषक उन्नति योजना में धान के साथ-साथ फसल विविधिकरण प्रोत्साहन के तहत् दलहन-तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्मनिर्भता के लक्ष्य के साथ योजनान्तर्गत विहित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे धान के अतिरिक्त दलहन-तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसलें (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल लेने वाले कृषकों को 10 हजार रू प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त विगत खरीफ में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हो, उन्हें धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत 11 हजार रू. प्रति एकड़ की दर से आदान सामग्री का भुगतान किया जाएगा। अतः कृषकों से अपील की गई है कि योजना का लाभ लेने हेतु 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल में अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराये।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे समस्त कृषक, जिनके द्वारा खरीफ मौसम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (लैम्पस सहित) अथवा छ.ग. कृषि बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि को धान बीज का विक्रय किया गया हो, विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया हो तथा वर्तमान में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल हेतु पंजीयन कराया हो, योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। संस्थागत समितियां जैसे- ट्रस्ट, मंडल, प्रायवेट लिमि, शाला विकास समिति तथा केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थानों को योजनान्तर्गत पात्रता नहीं होगी। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधान के अध्याधीन किया जायेगा।कृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, फसल के काश्त लागत में कमी लाकर कृषकों की आय में वृद्धि तथा उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार के साथ उन्नत बीज. उर्वरक कीटनाशक, मानव श्रम, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीक में निवेश तथा फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देते हुए कृषि लाभकारी व्यवसाय के रूप में पुनर्स्थापित करना है। इस योजना का कियान्वयन खरीफ 2025 से किया जायेगा। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। जिसके कारण कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे-उन्नत बीज उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य शासन द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत राहत देने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई है। -
दुर्ग,/ जिले में 1 जून 2025 से 15 जुलाई 2025 तक 311.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 413.3 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 252.0 मिमी. तहसील बोरी में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील धमधा में 271.8 मिमी, तहसील अहिवारा में 372.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 275.6 मिमी और तहसील दुर्ग में 282.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 15 जुलाई को तहसील दुर्ग में 0.0 मिमी, तहसील धमधा में 9.0 मिमी, तहसील पाटन में 0.0 मिमी, तहसील बोरी में 5.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 3.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 12.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- 0- दुकानदारों से सूखा, गीला कचरा, हानिकारक कूड़ा नीले, हरे, काले डस्टबिन में पृथक - पृथक रखकर सफाई मित्र को निष्पादन हेतु देने सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों की अपील0रायपुर - स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा चलाये जा रहे सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 कार्यालय से सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली जोन कार्यालय शहीद स्मारक स्कूल परिसर मौदहापारा के सामने से विभिन्न मुख्य मार्गो से होकर निकाली गयी.सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली का शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने जोन कार्यालय परिसर में जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य हरी झड़ी दिखाकर किया.रायपुर नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम के सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों ने मुख्य मार्गो में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत जोन 2 जोन कार्यालय से होकर फाफाडीह चौक, रेल्वे स्टेशन मार्ग, स्टेशन मार्ग गुरूद्वारा, संजय गाँधी चौक, नहरपारा मार्ग, झूलेलाल चौक, कैनाल लींकिंग रोड से होकर नगर निगम जोन 2 कार्यालय तक निकालकर रायपुर को स्वच्छ शहर बनाने स्वच्छ सर्वेक्षण में श्रेष्ठ स्वच्छता रैंकिंग दिलवाने सभी दुकानदारों और व्यापारियों से बाजार क्षेत्र में अपनी दुकान में हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा नीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा, काले रंग के डस्टबिन में हानिकारक कूड़ा पृथक - पृथक रखकर निगम सफाई मित्र को सफाई वाहन में पृथक - पृथक कचरा निष्पादन हेतु देकर सहभागिता दर्ज करवाने की अपील की. साथ ही स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने नागरिकों के मध्य स्वच्छता जनजागरूकता रैली में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ के गगनभेदी नारे लगाए.--
- 0- प्रभारी उपायुक्त प्रीति सिंह को स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य, डाॅग कंट्रोल, सेन्ट्रल गैंग, व्हीआईपी गैंग, महापौर गैंग, काउकेचर, एमएमयू, एनयूएलएम का कार्य दायित्वरायपुर - सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर पालिक निगम सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर रायपुर नगर पालिक निगम की प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नगर निगम मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्रीमती प्रीति सिंह को पूर्व में सौपे गये कार्यो से मुक्त करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य, डाॅग कंट्रोल, सेन्ट्रल गैंग, व्हीआईपी गैंग, महापौर गैंग, काउकेचर , एमएमयू, एनयूएलएम का प्रशासनिक कार्य दायित्व सौपा है।इसी प्रकार निगम मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्रीमती तुलसी राठौर को जोन 4, 5,6,7,8 के राजस्व विभाग के रिअसेसमेंट सर्वे कार्य का निरीक्षण करने कार्यवाही करने का कार्य दायित्व और जोन 4,5,6,7,8 का नगर निवेश विभाग का कार्य दायित्व सौपा गया है। मुख्यालय उपायुक्त डाॅ. अंजलि शर्मा को जोन 4,5,6,7,8 के उपायुक्त नगर निवेश विभाग के कार्य दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। मुख्यालय प्रभारी उपायुक्त श्री मोनेश्वर शर्मा को पूर्व में सौपे गये कार्य के साथ साथ प्रभारी उपायुक्त विधि विभाग का कार्य दायित्व सौपा गया है। आयुक्त ने उक्ताशय का प्रशासनिक आदेश तत्काल प्रभावशील कर दिया है।
- 0- स्वाभिमान दिवस पर नगर निगम संस्कृति विभाग द्वारा 19 जुलाई को प्रातः 11 बजे नवीन मार्केट स्थित मूर्ति के समक्ष पुष्पांजलि आयोजनरायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉक्टर खूबचंद बघेल की जयन्ती स्वाभिमान दिवस पर दिनांक 19 जुलाई 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में जी.ई. मार्ग में नवीन मार्केट स्थित मूर्ति के समक्ष नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर को मूर्ति स्थल की आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुड़ियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।
- बिलासपुर. शासकीय कार्यालय स्थलों पर ही अब आधार पंजीयन के कार्य होंगे। चिप्स के सीईओ कार्यालय, रायपुर से इस आशय के आदेश जारी किए गए हैं। लिहाजा, ई गवर्नेंस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा आधार पंजीयन केंद्र खोलने के लिए 21 जुलाई 2025 तक आवेदन प्रस्ताव मंगाए गए हैं।मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिप्स स्टेट डाटा सेण्टर सिविल लाइन्स रायपुर के 7 मई 2025 को जारी पत्र के अनुसार निम्न शासकीय स्थानों पर ही आधार पंजीयन केन्द्रों का संचालन किया जाना है, जिसमें अतः जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा जिला कलेक्ट्रेट,नगरनिगम, जिला पंचायत, तहसील,एसडीएम ऑफिस, जनपद पंचायत और नगरपालिका तथा नगर पंचायत कार्यालय में कुल किट संख्या 34 हेतु आधार कार्य करने के लिए आवेदन कार्यालय, बंद लिफ़ाफ़े में कलेक्टर जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर में कार्यालयीन समय में 21 जुलाई तक किया जा सकता है।चयन मापदंड पूर्ण होने उपरान्त चयनित आधार केंद्र संचालक को एक लाख पचास हज़ार रूपए की सुरक्षा निधि "कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर" के नाम से डीडी के रूप में जमा करना होगा एवं जिला ई-गवर्नेस सोसाइटी बिलासपुर के साथ हस्ताक्षरित अनुबंध करना होगा | आवेदन की प्रक्रिया एवं आवेदन फॉर्म बिलासपुर जिले की शासकीय वेबसाईट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई को सांय 5.30 बजे रखा गया है।
- बिलासपुर,जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बिलासपुर में रोजगार पंजीयन ऑनलाईन वेबसाईट https://erojgar.cg.gov.in/ अथवा प्ले स्टोर पर उपलब्ध छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से अथवा कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन दिवस में अपने समस्त दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर करवाया जा सकता है। वर्तमान में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बिलासपुर में रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक करवाना अनिवार्य है। वर्ष 2024 के पूर्व कार्यालय में पंजीकृत आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कार्यालयीन दिवस में कार्यालय में उपस्थित होकर अपने रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक करवा सकते है।
- 0- ग्राम परसदापार में राशन उप-वितरण प्रणाली खोलने की माँग, ग्रामीणों को हो रही भारी परेशानी0- जनदर्शन में 118 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग, जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी मौजूद थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 118 आवेदन प्राप्त हुए।ग्राम भानपुरी के ग्रामीणों ने आवासीय पट्टे की मांग की। ग्रामवासियों ने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर मकान बनाकर निवासरत हैं, लेकिन आज तक उनके पास मकान की वैध स्वामित्व से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इस कारण वे शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं और उन्हें अपने घरों को लेकर हमेशा एक अज्ञात भय बना रहता है। उन्होंने बताया कि उनके पास उनके पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि मौजूद हैं। इतने वर्षों पुराने निवास को वैधानिक मान्यता देते हुए आवासीय पट्टा प्रदान करने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।किसान बंधु संगठन धमधा द्वारा ग्राम अछोली में शराब दुकान खोलने में आपत्ति एवं निविदा निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम अछोली, तहसील धमधा में कंपोजिट मदिरा दुकान खोलने की तैयारी एवं निविदा प्रक्रिया शुरू हो जाने के कारण ग्राम पंचायत अछोली सहित आसपास के 15 से 20 गाँवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। गांव में शराब दुकान खुलने से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, घरेलू हिंसा में बढ़ोत्तरी होगी, अपराधों की आशंका बढ़ेगी और पूरे गांव का सामाजिक ढांचा प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने इस निर्णय को गाँव की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था के लिए घातक बताया है और निविदा निरस्त करने की माँग की है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम धमधा और आबकारी विभाग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत मड़ियापार के सरपंच ने ग्राम पंचायत मड़ियापार के आश्रित ग्राम परसदापार में राशन उप-वितरण प्रणाली खोलने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गांव के 243 राशनकार्डधारी नागरिकों को अपने मासिक राशन के लिए लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मडियापार की उचित मूल्य की दुकान तक जाना पड़ता है। गाँव के बुजुर्ग, महिलाएँ और असहाय परिवारों के लिए यह दूरी तय करना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे वे समय पर और नियमित रूप से राशन प्राप्त नहीं कर पाते हैं। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई, खाद्य विभाग, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- अपर आयुक्त ने जोन 8 जोन कमिश्नर सहित वार्ड 69,70 के क्षेत्र में उद्यान, तालाब, सफाई का निरीक्षण0- वार्ड 70 पार्षद कार्यालय के सामने सामुदायिक भवन में ठेका सफाई कामगारों की गिनती करवाई, कम संख्या में उपस्थिति मिलने पर सम्बंधित ठेकेदार को नोटिस देकर जुर्माना करने दिए निर्देश0रायपुर. सोमवार को नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, उप अभियंता श्री भूपेन्द्र कुमार दिली, जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक रितेश झा की उपस्थिति में जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत माधव राव सप्रे वार्ड अंतर्गत तृतीय लिंग समुदाय हेतु गरिमा गृह, वार्ड 69 अंतर्गत भईया तालाब, यादवपारा, अग्रोहा सोसायटी मुक्कड़ सहित नगर निगम जोन 8 अंतर्गत वार्ड 69 और 70 क्षेत्र के अंतर्गत तालाब, उद्यान, नालियों, मुक्कड़ों की सफाई व्यवस्था का विभिन्न स्थानों पर प्रत्यक्ष निरीक्षण कर स्थल समीक्षा कर जोन के सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.अपर आयुक्त ने जोन 8 जोन कमिश्नर को निर्देशित किया है कि कार्य में लापरवाही किये जाने पर सम्बंधितों को नोटिस दी जाये और व्यवस्था सुधारने आवश्यक कार्यवाही की जाये.अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय ने जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, उप अभियंता श्री भूपेन्द्र कुमार दिली की उपस्थिति में वार्ड 70 के वार्ड पार्षद कार्यालय के सामने सामुदायिक भवन में ठेका सफाई कामगारों की गिनती करवाई. निर्धारित से कम संख्या में उपस्थिति मिलने पर सम्बंधित सफाई ठेकेदार को नोटिस देकर जुर्माना करने की कार्यवाही करने के निर्देश अपर आयुक्त और जोन 8 जोन कमिश्नर द्वारा दिए गए.
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत जुनवानी रोड स्थित कोसानाला पुलिया के पास पाइप लाईन शिफ्टिंग का कार्य प्रगति पर है, जिसका निरीक्षण करने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय पहुंचे। पाइप लाईन शिफ्टिंग के कार्य अतिशीध्र पूर्ण कराने जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत एवं उपस्थित सहायक अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा को निर्देशित किए। विगत कुछ दिन पहले भारी बारिश के कारण कोसा नाला सप्लाई पाइप लाइन बैंड हो गया है, जिसका संधारण कार्य कराया जाना है जायजा लेते हुए आयुक्त ने तत्काल पाइप लाईन ठीक कराने निर्देशित किए हैं।आकाश गंगा सब्जी मंडी पार्किंग स्थल में पेवर ब्लाक लगाने का कार्य किया जा रहा है। जिसका अवलोकन करते हुए आयुक्त ने गुणवत्ता युक्त कार्य कराने जोन आयुक्त को निर्देशित किये l पार्किग निर्माण से आकाशगंगा शाॅपिंग काम्पलेक्स में आने-जाने वाले लोगो को सुविधा मिलेगी। प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम स्थित गुलमोहर उद्यान में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के अनुशंसा अनुसार विधायक निधि से कार्य होना प्रस्तावित है, जिसका निरीक्षण आयुक्त द्वारा किया गया। समिति से चर्चा अनुसार आवश्यक कार्यो को प्राक्कलन में शामिल करने का निर्देश कार्यपालन अभियंता अखिलेश चंद्राकर को दिए। टेनिस ग्राउण्ड एवं उद्यान में साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखते हुए ग्रास कटिंग हेतु उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को निर्देशित किए। निरीक्षण के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, उप अभियंता बसंत साहू उपस्थित रहे।
- 0- कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश0- प्रभारी मंत्री, सांसद सहित अन्य अतिथि होंगे कार्यक्रम में शामिलबालोद, जिले में 18 जुलाई को आयोजित होने वाली वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की तिथि को अपरिहार्य कारणों से संशोधित करते हुए रविवार 20 जुलाई को कर दी गई है। जिला प्रशासन द्वारा जिले में आयोजित इस वृहद कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर 20 जुलाई को आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री भोजराज नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों तथा अधिकारी-कर्मचारियों, आम नागरिकों के अलावा समाज के सभी वर्ग के लोग कार्यक्रम में उपस्थित होकर पौधरोपण करेंगे। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत 02 लाख पौधरोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में आज वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित विभिन्न विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से बारी-बारी से चर्चा कर उन्हें सौंपे गए दायित्व तथा उनके विभाग द्वारा की गई तैयारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम का आयोजन रविवार 20 जुलाई को सुबह 10 बजे से आयोजित किया जाएगा। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को कार्यक्रम का समुचित प्रचार-प्रसार, मंच निर्माण, पौधरोपण हेतु गड्ढों की खुदाई तथा समुचित मात्रा में पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत 20 जुलाई को जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम की भी समीक्षा की। कलेेक्टर ने ई-जिला प्रबंधक को इस दौरान जिले के सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों एवं अन्य स्थानों में आयोजित होने वाली कार्यक्रमों में वर्चुअल संपर्क स्थापित करने हेतु कार्यक्रम स्थल में एलईडी, इंटरनेट सहित सभी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
- 0- शिविर में लोगो को आयुष्मान कार्ड पंजीयन की दी जा रही है सुविधा0- 15 जुलाई को गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बड़भूम एवं डौण्डी विकासखण्ड के मंगलतराई में आयोजित होगा शिविरबालोद. केन्द्र सरकार के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों मंे सेवाओं और अन्य बुनियादी ढाँचों को परिपूर्णता प्रदान करने तथा उनके व्यक्तिगत अधिकारों से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न ग्रामों में धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सोमवार को जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कोचवाही एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भर्रीटोला 36 में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा। आज आयोजित शिविर में आदिवासी वर्ग के हितग्राहियों को नया आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, आय, जाति एवं किसान सम्मान निधि योजना आदि की सौगात मिलने के अलावा इन वर्गों के हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।उल्लेखनीय है कि गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कोचवाही में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में 10 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड, 17 हितग्राहियों का आय एवं जाति प्रमाण पत्र से लाभान्वित किया गया। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भर्रीटोला 36 में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में 38 हितग्राहियोें का आयुष्मान कार्ड योजना से लाभान्वित किया गया। आज आयोजित शिविर में पहुँचे लोगों का सिकलिन टेस्ट करने के अलावा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां भी वितरित की गई। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा गुरूर एवं डौण्डी विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में शिविर आयोजन हेतु जारी की गई तिथि के अनुसार 15 जुलाई को गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बड़भूम एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम मंगलतराई में शिविर का आयोजन किया गया है।
- 0- बालोद जिले में वनांचल के अनेक ग्रामों में कृषकों द्वारा की जा रही है कोदो की खेतीबालोद. कम दाम में अधिक लाभ प्राप्त होने तथा कोदो फसल की महत्ता एवं उपयोगिता के मद्देनजर बालोद जिले के कृषकांे में भी कोदो की खेती के प्रति रूझान बढ़ता जा रहा है। कम खर्च एवं मेहनत से समुचित लाभ मिलने के अलावा कोदो फसल की बढ़ती मांग के कारण जिले के गुरूर विकासखण्ड के वनग्राम बड़भूम, पेटेचुवा, दुग्गा बाहरा, कर्रेझर आदि गांवों के अनेक किसानों द्वारा कोदो की खेती की जा रही है। कोदो की खेती से हो रहे लाभ एवं इसकी उपयोगिता के कारण गुरूर विकासखण्ड के वनग्राम दुग्गा बाहरा के कृषक श्री धनीराम के द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (रफ्तार) के सहयोग से मिले 03 एकड़ भूमि में कोदो की खेती की जा रही है। कृषि विभाग के द्वारा भी किसानों को कोदो की खेती करने के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों को धान के बदले अन्य फसल के लिए पे्ररित करने हेतु प्रति एकड़ 11 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। किसान धनीराम के द्वारा पूर्व में खरीफ सीजन के दौरान केवल धान की खेती की जाती थी। किंतु कोदो की खेती से मिल रहे लाभ इसकी उपयोगिता एवं कृषि विभाग के द्वारा किए गए समुचित प्रचार-प्रसार के फलस्वरूप किसान धनीराम द्वारा वर्तमान में 03 एकड़ भूमि पर कोदो की खेती की जा रही है। उल्लेखनीय है कि धान फसल की अपेक्षा कोदो की खेती में दवाई एवं खाद की कम आवश्यकता होती है। इसके साथ ही कोदो की खेती के लिए किसान उच्चहन भूमि का उपयोग कर कम लागत में अधिक लाभ ले सकते है। इसके अलावा कोदो खाने के अनेक फायदे भी है। भोजन में कोदो का अनाज लेने से वजन कम करने, हृदय रोग एवं मधुमेह को भी नियंत्रित करने में अत्यंत कारगर साबित होता है। इसके अलावा कोदो एक पौष्टिक अनाज है जिसमें फाइबर, प्रोटीन और आवश्यक विटामिन व खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते है।
- बालोद, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सोमवार को अधिकारियों के साथ रविवार, 20 जुलाई को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित होने वाली वृहद वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम के तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पौधरोपण हेतु निर्धारित स्थल के अलावा वन महोत्सव कार्यक्रम के लिए मंच निर्माण हेतु निर्धारित स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को आयोजन के दौरान आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु दिशा-निर्देश भी दिए। इस मौके पर वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित विभिन्न विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तूरी अंतर्गत ग्राम मनवा के आंगनबाड़ी केंद्र मनवार 2 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद की पूर्ति हेतु आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच कर अनंतिम सूची जारी कर दी गई है, जिसे परियोजना कार्यालय एवं जनपद पंचायत मस्तूरी के सूचना पटल में चस्पा किया गया है। जारी सूची के संबंध में दावा-आपत्ति 21 जुलाई तक प्रस्तुत किये जा सकते है। निर्धारित समय के पश्चात कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 0- एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्तबिलासपुर, आगामी धान खरीदी खरीफ 2025-26 के लिए राज्य शासन ने एग्रीस्टेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी किसान पंजीयन को सभी किसानों के लिए अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत प्रदेश भर के सभी किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किया जाएगा, जिससे कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय पारदर्शिता के साथ आसानी से कर पायेंगे। जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल पर फार्मर आईडी किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है, तहसीलवार फार्मर आईडी पंजीयन बेलगहना 3939, बेलतरा 5852, बिलासपुर 4226, बिल्हा 6822, बोदरी 4326, कोटा 7396, मस्तुरी 8289, पचपेड़ी 11121, रतनपुर 4898, सकरी 10195, सीपत 6408, तखतपुर 13511 बिलासपुर जिले के कुल 86983 किसानों ने फॉर्मर आईडी बनवा लिए हैं।जबकी पूर्व वर्ष 2024-25 में धान विक्रय के लिए तहसीलवार बेलगहना 5987, बेलतरा 10175, बिलासपुर 8929, बिल्हा 11435, बोदरी 7014, कोटा 9550, मस्तुरी 18224, पचपेड़ी 13026, रतनपुर 6726, सकरी 16043, सीपत 10111, तखतपुर 20553 बिलासपुर जिले के कुल 137773 किसानों ने पंजीयन कराया था। फसल बीमा कराने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त का हस्तांतरण फार्मर आईडी (किसान कार्ड) के आधार पर किये जाने के निर्देश पीएम किसान सम्मान निधी योजना में हैं। जिले के 155366 किसानों का पंजीयन है, इसमें से अब तक केवल 67861 (43.68ः) किसानों ने एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी किसान पंजीयन कराया है। शेष 87505 किसान यदि एग्रीस्टेक पोर्टल में फार्मर आईडी नहीं बनवाते हैं तो पीएम किसान सम्मान निधी योजना के किस्त से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान स्वयं पंजीयन कर सकते हैं अथवा अपने क्षेत्र के सहकारी समिति अथवा निकटतम लोक सेवा केन्द्र (ब्ैब्) मंे जाकर पंजीयन करा सकते हैं। फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए किसान को अपने सभी कृषि भूमि का बी-1, ऋण पुस्तिका, अधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाईल नम्बर (जिसमें आधार सत्यापन ओटीपी प्राप्त होती हो) की आवश्यकता होगी।किसान को मिलेगा 11 अंकों की विषिष्ट पहचानपंजीयन पश्चात् किसानों कोे ’’आधार’’ के जैसे 11 अंकों की एक यूनिक फॉर्मर आईडी (विशिष्ट किसान आईडी) मिलेगी, जिससे किसान डिजिटल रूप से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकंेगे।एग्रीस्टेक, भारत सरकार द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। यह किसानों के लिए एक व्यापक डेटाबेस बनाने पर केंद्रित है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, वित्तीय जानकारी, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास शामिल है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों को प्राथमिक सहकारी समितियों तथा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करता है। एग्रीस्टेक पोर्टल, छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी।एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया गया फार्मर आईडी पंजीयन ई-केवाईसी युक्त होता है, जिससे दोहराव की संभावना समाप्त हो जाती है और किसानों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित होती है। राज्य शासन द्वारा यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि कृषकों को शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके। इसके लिए राज्य शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल विकसित किया गया है, सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को निर्देशित किया गया है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किसानों का नवीन पंजीयन एवं फसल रकबे का संशोधन कार्य प्राथमिकता के आधार पर संपादित करें। जिसमें पंजीयन की प्रक्रिया प्रतिवर्ष । 01जुलाई से 31अक्टूबर तक संचालित की जाती है। इस वर्ष भी खरीफ मौसम के लिए यह प्रक्रिया निर्धारित अवधि में पूर्ण की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस बार कृषक पंजीयन के लिए कृषि विभाग, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के बीच इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय को सुदृढ़ किया गया है। खाद्य विभाग ने धान खरीदी पोर्टल पर किसानों का डाटा एग्रीस्टेक की फार्मर रजिस्ट्री से एपीआई के माध्यम से लिया जाएगा, जो पूरी तरह से ई-केवाईसी आधारित होगा।इसी के साथ राजस्व विभाग ने संधारित भुइयाँ पोर्टल में दर्ज किसानों की भूमि जानकारी और गिरदावरी रिकॉर्ड को भी आधार सीडिंग के माध्यम से एकीकृत किया जा रहा है। वर्तमान में 85 प्रतिशत भूमि रिकॉर्ड का आधार सीडिंग हो चुका है। शेष कार्य को प्राथमिकता के साथ जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे कृषकों के पंजीयन और आधार सीडिंग के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए तय समय-सीमा में पूर्ण करें, जिससे जिले के सभी पात्र किसान समय पर पंजीकृत होकर समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर सकें। इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, दोहराव रहित पंजीयन संभव होगा और किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा।एग्रीस्टेक के मुख्य उद्देश्य - किसानों का डेटाबेस, किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, वित्तीय जानकारी, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास को एक ही स्थान पर एकत्रित करना।डिजिटल सेवाएंः- किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना।वित्तीय समावेशन- किसानों को किफायती ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करना। पूर्व चेतावनी प्रणाली- कीटों के हमले, सूखा, बाढ़ आदि जैसी आपदाओं के लिए स्थानीयकृत और अनुकूलित पूर्व चेतावनी प्रणालियाँ प्रदान करना। निजी भागीदारी- निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्षम करना, जिससे किसानों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के सभी किसानों से अपील है कि 30 अगस्त 2025 तक एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन कराकर डिजिटल फॉर्मर आईडी (किसान कार्ड) बनवाएं और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें।
- 0- प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी0- कृषि विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देशबिलासपुर, राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना का फायदा धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को भी मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए है।कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्वि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। इसके फलस्वरूप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य सरकार द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत मंे राहत देने के लिये कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई गई है। फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्म निर्भरता के लक्ष्य के साथ चिन्हित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्ही कृषकों को मिलेगा जिन्होने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया है। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होने धान फसल लगाये हों तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हों, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु किसान पोर्टल में पंजीकृत किसानों का पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि रूपये 11000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी। खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरान्त मान्य रकबे पर राशि 10000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी। योजना के दिशा-निर्देश अनुसार विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट, मण्डल, प्राईवेट लिमिटेड, समिति, केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्था, महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नहीं होगी।जो कृषक प्रमाणित धान बीज उत्पादन कार्यक्रम लेते हैं, और सामान्य धान भी सहकारी समितियों में विक्रय करते है, उनके द्वारा कुल विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा, उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नही होना चाहिये। इसे छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. एवं छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि. द्वारा आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानों के अध्याधीन किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से की जावेगी । खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि रू. 731 प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) पर राशि रू. 711 प्रति क्वि. की दर से अधिकतक राशि रू. 14931 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा।बीज उत्पादक कृषकों द्वारा छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को विक्रय किये गये धान बीज पर निर्धारित आदान सहायता राशि की कृषकवार मांग का विवरण बीज निगम द्वारा संचालक कृषि को प्रेषित किया जाएगा। संचालक कृषि द्वारा मांग अनुसार राशि छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी। उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि जिले में धान के अलावा अन्य फसलों में खेती लिए अरहर, कोदो, उड़द, आदि फसलों के बीजों का भंडारण समितियों में किया गया है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के विकास खण्डों में स्थित कार्यालयों से जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- बिलासपुर. समावेशी शिक्षा अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिन्हांकन, आवश्यक उपकरण एवं उपचार का आकंलन एवं प्रमाणीकरण के लिए 21 जुलाई से 29 जुलाई तक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। विकासखण्ड स्तरीय शिविर के तहत विकासखण्ड स्त्रोत केंद्र मस्तूरी में 21 जुलाई, कोटा में 22 जुलाई, तखतपुर में 23 जुलाई को शिविर का आयोजन किया जाएगा।इसी प्रकार बिल्हा ग्रामीण एवं शहरी के लिए 25 जुलाई को पंडित देवकीनंदन दीक्षित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में एवं समस्त विकासखण्ड हेतु 29 जुलाई को पंडित देवकीनंदन दीक्षित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में जिला स्तरीय मेगा शिविर का आयोजन किया जाएगा। उक्त शिविर निर्धारित तिथियों को सवेेरे 9 बजे से प्रारंभ होगी। शिविरों में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, नवीनीकरण एवं यूडीआईडी कार्ड जारी किये जायेंगे।
- भिलाई नगर। महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त राजीव पांडेय के नेतृत्व में नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा एक नई पहल की गई है, जो निगम क्षेत्रांतर्गत निवासरत लोगो के लिए स्वच्छता के क्षेत्र में अनूठा है। रिवॉल्विंग (घूमती हुई) ट्राफी के तहत भिलाई शहर के श्रेष्ठ वार्ड, श्रेष्ठ स्कूल, श्रेष्ठ महाविद्यालयों हेतु प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा। घूमती हुई (रिवालविंग) ट्राफी प्रतिमाह जो श्रेष्ठ रहेगा, उनको पूर्व विजेता से प्राप्त होगा। जिस प्रकार वार्डो में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण कचरा संग्रहण, मैनुअल/मेकेनिकल स्वीपिंग, नाला सफाई, बैकलेन सफाई, जी.व्ही.पी. पांईट, सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालय, पार्क स्वच्छता, निदान 1100, स्वास्थ्य जांच शिविर, सामुदायिक भागीदारी, सीवर निराकरण, पेयजल लाईन एवं मुख्य मार्ग पर पैच रिपेयर में प्रथम विजेता होगा, उस वार्ड के पार्षद को रिवॉल्विंग ट्राफी दिया जाएगा।इसी प्रकार अन्य वार्डो में अलग-अलग विजेता होने पर उस वार्ड के पार्षदो को पूर्व विजेता पार्षद से विजेता वार्ड पार्षद को ट्राफी प्रदान किया जाएगा। यह ट्राफी प्रतिमाह अलग-अलग विजेताओं के पास से होकर गुजरता रहेगा। इसके लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। स्वच्छता के क्षेत्र में अलग-अलग कार्यो के लिए अंक का निर्धारण किया गया है, गठित समिति द्वारा अंको की गणना कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार घोषित किया जाएगा। उसके आधार पर ही रिवॉल्विंग ट्राफी प्रदान किया जाएगा। साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले स्वच्छता प्रहरी के लिए मेडल भी प्रदान किया जाएगा। इस ट्रॉफी के लिए कोटक महिंद्रा बैंक का विशेष योगदान है । कोटक महिंद्रा बैंक की इस प्रयास से शहर वासियों को स्वच्छता का नया सौगात मिलेगा। नगर निगम में आयुक्त से चर्चा के दौरान प्रवीण उपाध्याय एवं कोटक महिंद्रा बैंक टीम के सदस्य शामिल रहे।


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