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- नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कुछ शर्तो के साथ कल से बसें, ऑटो रिक्शा, टैक्सी शुरू हो जाएंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि एक बस में ज्यादा से ज्यादा 20 यात्री सफर कर सकते हैं। बसों में चढऩे से पहले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऑटो रिक्शा में केवल एक यात्री ही बैठ सकता हैं जबकि टैक्सी और कैब में केवल दो पैसेंजर यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो पहिया वाहन में चालक के अलावा कोई नहीं बैठ सकता।इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कार्यालय खुल जाएंगे। श्री केजरीवाल ने बताया कि राजधानी में सभी स्टेडियम और स्पोट्र्स कॉन्प्लेक्स भी खोल दिए जाएंगे। वही मार्केट कॉन्प्लेक्स में सभी दुकानें एक साथ नहीं खुलेंगी बल्कि ऑड ईवन के आधार पर खुलेंगे। हालांकि लॉकडाउन -4 में मेट्रो, स्कूल-कॉलेज, होटल, शॉपिंग मॉल, स्विमिंग पूल, बार और सैलून बंद रहेंगे। इसके अलावा शाम सात बजे से सुबह सात बजे के बीच बिना किसी जरूरी काम के, लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।---
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। इस कार्यक्रम की यह 64वीं कडी होगी। प्रधानमंत्री ने इस कड़ी के लिए लोगों से विषय सुझाने को कहा है।लोग 1 8 0 0- 1 1- 7 8 0 0 नंबर पर इस कार्यक्रम के लिए अपने विचार रिकॉर्ड करा सकते हैं या नमो ऐप ओपन फोरम अथवा माई जीओवी पर भी लिखकर भेज सकते हैं।----
- -श्राइन बोर्ड वैष्णो देवी यात्रा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रहाजम्मू। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है जिसे जम्मू-कश्मीर की त्रिकूटा पहाडिय़ों पर स्थित वैष्णो देवी तीर्थ खोलने के बाद लागू किया जाएगा।हालांकि, यात्रा केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश आने के बाद ही शुरू हो सकेगी। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित इस तीर्थ स्थल को कोरोना वायरस की महामारी के चलते 18 मार्च को एहतियातन बंद कर दिया गया था। एसएमवीडीएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कुमार ने बताया श्राइन बोर्ड मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की प्रक्रिया में है ताकि लॉकडाउन खुलने के बाद यात्रा शुरू होने पर इसे लागू किया जा सके। तीर्थ यात्रा केंद्रीय गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही शुरू होगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण और वास्तविक समय में जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है ताकि सामाजिक दूरी के नियम को सुनिश्चित किया जा सके। कुमार ने कहा कि बोर्ड यात्रा के रास्ते में विभिन्न स्थानों पर प्रवेश द्वारों पर तापमान मापक लगाने पर विचार कर रहा है, साथ ही सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त डॉरमेट्री में बिस्तरों की संख्या अस्थायी रूप से कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल परिवार को ही भुगतान आधारित आश्रय की सुविधा दी जाएगी ताकि संक्रमण को फैलने की आशंका को कम किया जा सके। कुमार ने बताया, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भोजनालय में बैठने की क्षमता कम करने और लंगर में खाने के लिए समय अंकित कर कूपन देने जैसे सुझाव आए हैं जिनपर विचार किया जा रहा है।जम्मू रीजन चैप्टर ऑफ पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज ने हाल में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन और श्री वैष्णो देवी यात्रा के मुद्दे पर चर्चा की थी। इसमें विभिन्न पर्यटन विशेषज्ञों और हितधारकों ने हिस्सा लिया था। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी परवेज दीवान ने कुछ महीनों के लिए यात्रा के कोटे को घटाकर 33 प्रतिशत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस यात्रा के लिए तीन रास्ते हैं और यात्रियों को एक रास्ते से जाने और दूसरे रास्ते से लौटने की व्यवस्था कर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। होटल व्यवसायी राकेश वजीर ने रेखांकित किया कि इस यात्रा से न केवल जम्मू -कश्मीर की अर्थव्यव्स्था को बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी फायदा होता है।---
- नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात अम्पन फिलहाल ओडिसा के पारादीप से लगभग 790 किलोमीटर दक्षिण और पश्चिम बंगाल के दीघा से 940 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केन्द्रित है।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा है कि चक्रवात अम्पन को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इससे निपटने के लिए 37 टीमें तैनात की जा रही हैं।श्री प्रधान ने बताया कि ओडिशा के सात जिलों में 12 टीमें और पश्चिम बंगाल के छह जिलों में 10 टीमें तैनात की जा रही हैं। 15 टीमें स्टैण्ड बाई में रहेंगी। उन्होंने बताया कि कुछ टीमें पहुंच गई हैं और बाकी जल्द पहुंच जाएंगी।इस बीच, चक्रवात अम्पन गहरे समुद्री तूफान में बदल गया है। बंगलादेश की ओर मुडऩे से पहले इसके और अधिक तीव्र होने की आशंका है। यह तूफान मंगलवार की रात से लेकर बुधवार 20 मई की शाम तक खुलना और चिटगांव के बीच बांग्लादेश के तट को पार कर सकता है। फिलहाल यह तूफान पश्चिम- मध्य खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी में केन्द्रित है। बांग्लादेश के मौसम विभाग के अनुसार तूफान के कारण एक सौ 10 से एक सौ 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।--
- कोट्टायम। केरल के कई हिस्सों में चक्रवात अम्फान के प्रभाव के कारण कल रात से भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने यहां सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार की रात से तटीय शहर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के बाद कोट्टायम जिले के वायकोम तालुक में भारी नुकसान होने की खबर है। वायकोम शहर में भारी बारिश के कारण कई पेड़ उखड़ गये और बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। बिजली गुल हो गई है।अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा के कारण प्रसिद्ध वायकोम महादेव मंदिर परिसर के भीतर कुछ ढांचों के छत की टाइल गिर गई। उन्होंने बताया कि हवा और बारिश के कारण कुछ मकान क्षतिग्रस्त हो गये। मौसम विभाग ने चक्रवात के कारण सोमवार और मंगलवार को केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में तेज हवा चलने का अनुमान जताया है। विभाग के अधिकारियों ने मछुआरों को इन दिनों समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलपुझा और एर्नाकुलम जिलों में और लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप में एक या दो स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश के साथ-साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है।----
- नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि मनरेगा को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की अब तक की सर्वाधिक राशि आवंटित की गई है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रवासी श्रमिकों को राहत मिलेगी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आर्थिक पैकेज की पांचवीं किस्त की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से अपने राज्यों को लौटे श्रमिकों को रोजगार के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। यह बजट में आवंटित 61,500 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है।इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 40,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन की घोषणा के साथ मनरेगा को अब तक की सर्वाधिक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वापस लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए यह बड़ी राहत होगी। उन्होंने कहा कि यह समाज के वंचित लोगों और गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तोमर ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्यों में मनरेगा कार्यों के लिए 33,000 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं और 21,000 करोड़ रुपए उन्हें आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अलावा सरकार ने किसानों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों एवं अन्य लोगों के खातों में नकद राशि भेजी है।
- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कहा कि एक मई से उसने 1,300 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं और इसके जरिये 17 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।रेलवे ने रविवार को कहा कि पिछले तीन दिन के दौरान रोजाना करीब दो लाख से अधिक लोगों को पहुंचाया गया। आने वाले दिनों में यह बढ़ कर प्रतिदिन तीन लाख यात्री होने की उम्मीद है। अब तक, अधिकतर ट्रेनें उत्तर प्रदेश पहुंची हैं। प्रदेश ने अब तक 500 से अधिक ट्रेनों के परिचालन की मंजूरी दी। इसके बाद करीब 300 ट्रेनों की अनुमति देने के साथ बिहार दूसरे नंबर पर है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, हम श्रमिक विशेष ट्रेनों को बड़े पैमाने पर संचालित करने को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। अब तक 1300 से अधिक ट्रेनों के जरिए 17 लाख से ज्यादा प्रवासियों ने यात्रा की है। केंद्र ने यह भी कहा कि उसकी क्षमता प्रतिदिन श्रमिक विशेष 300 ट्रेनें संचालित करने की है और रेल मंत्री पीयूष गोयल पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों से और अधिक ट्रेनों को अनुमति दिए जाने की अपील कर रहे है। श्रमिक विशेष ट्रेन में अब करीब 1,700 लोग यात्रा कर रहे हैं जबकि पहले यह संख्या 1,200 थी।
- - रोजगार को बढ़ावा देने हेतु मनरेगा के लिए आवंटन में 40 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि- भारत को भावी महामारियों हेतु तैयार करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य सुधार- कोविड के बाद समानता के साथ प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा- आईबीसी से संबंधित उपायों के जरिए कारोबार में सुगमता बढ़ाई जाएगी- कंपनी अधिनियम से संबंधित डिफॉल्ट को अपराध की श्रेणी से हटाया गया-कंपनियों के लिए कारोबार करने में सुगमता-एक नए, आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीतिनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मई 2020 को भारत की जीडीपी के 10 प्रतिशत के बराबर 20 लाख करोड़ रुपये के एक विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभों यथा अर्थव्यवस्था, अवसंरचना, प्रणाली, युवा आबादी या शक्ति और मांग को भी रेखांकित किया।केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कोविड-19 से लडऩे के लिए घोषित किए गए प्रोत्साहन या राहत पैकेज पर आज यहां आयोजित पांचवीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने आरंभिक संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 12 मई 2020 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में व्यक्त किए गए विजन का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री को उद्धृत करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हम अत्यंत अहम मोड़ पर हैं। कोविड-19 महामारी एक संदेश और एक अवसर लेकर आई है। हमें अब आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने की आवश्यकता है।श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज में भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों पर विशेष जोर दिया गया है। संकट और चुनौती एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने का अवसर है। वित्त मंत्री ने कहा कि सुधारों की श्रृंखला के तहत ही आज भी अहम घोषणाएं की गई हैं। लॉकडाउन के तुरंत बाद हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) की घोषणा कर दी। 1.70 लाख करोड़ रुपये के पीएमजीकेपी के एक हिस्से के रूप में सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न के वितरण, महिलाओं एवं गरीब वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को नकद भुगतान, इत्यादि की घोषणा की। पैकेज के त्वरित कार्यान्वयन पर निरंतर करीबी नजर रखी जा रही है। लगभग 41 करोड़ गरीबों को पीएमजीकेपी के तहत 52 हजार 608 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि पीएमजीकेपी के तहत लोगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने जो भी किया वह पिछले कुछ वर्षों के दौरान की गई अभिनव पहलों की बदौलत ही संभव हो पाया।इसके अलावा, राज्यों द्वारा 84 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाया गया है और साथ ही 3.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक दालें विभिन्न राज्यों में भेजी गई हैं। और ढुलाई संबंधी चुनौतियों के बावजूद बड़ी मात्रा में दालें और अनाज देने के लिए श्रीमती सीतारमण ने एफसीआई, नैफेड और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना की है।सरकारी सुधारों और समर्थन की दिशा में उठाए गए उपायों के 5वें और आखिरी हिस्से की घोषणा करते हुए श्रीमती सीतारमण ने रोजगार प्रदान करने, कारोबारों को सहायता देने, ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस (व्यापार करने में आसानी) और राज्य सरकारों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए सात उपायों के बारे में ब्यौरा दिया।मुख्य सुधारों में शामिल हैं-- स्वीकृत विदेशी बाजारों में भारतीय सार्वजनिक कंपनियों द्वारा प्रतिभूतियों का प्रत्यक्ष सूचीबद्ध होना।-निजी कंपनियां जो स्टॉक एक्सचेंजों पर एनसीडी को सूचीबद्ध करती हैं, उन्हें सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में नहीं माना जाएगा।- कंपनी अधिनियम, 1956 के भाग 9 ए (निर्माता कंपनियों) के प्रावधानों को कंपनी अधिनियम, 2013 में शामिल करना।-एनसीएलएटी के लिए अतिरिक्त / विशिष्ट बेंच गठित करने की शक्ति- छोटी कंपनियों, एक-व्यक्ति के स्वामित्व वाली कंपनियों, निर्माता कंपनियों और स्टार्ट अप के द्वारा की गयी गलतियों के लिए आर्थिक दंड में कमी।-. नए, आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीतिसरकार एक नई नीति की घोषणा करेगी जिसके द्वारा-सार्वजनिक हित में पीएसई की अपेक्षा रखने वाले रणनीतिक क्षेत्रों की सूची अधिसूचित की जाएगी। सामरिक क्षेत्रों में, कम से कम एक उद्यम सार्वजनिक क्षेत्र में रहेगा लेकिन निजी क्षेत्र को भी इजाजत दी जाएगी। अन्य क्षेत्रों में, पीएसई का निजीकरण किया जाएगा (समय का निर्धारण व्यवहार्यता पर आधारित होगा।)अनावश्यक प्रशासनिक खर्च को कम करने के लिए, सामरिक क्षेत्रों में उद्यमों की संख्या आमतौर पर केवल एक से चार होगी; अन्य का निजीकरण/विलय कर दिया जाएगा/ होल्डिंग कम्पनियों के अंतर्गत लाया जाएगा।राज्य सरकारों को सहायताकेन्द्र ने केवल वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों की उधार की सीमा 3त्न से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इससे राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे। इस उधार का हिस्सा कुछ विशिष्ट सुधारों से जोड़ा जाएगा (वित्त आयोग की सिफारिशों सहित)। सुधारों को चार क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा- एक देश एक राशन कार्ड का सार्वभौमिकरण, कारोबार में सुगमता, बिजली वितरण और शहरी स्थानीय निकाय। एक विशिष्ट योजना, व्यय विभाग द्वारा निम्नलिखित पैटर्न पर अधिसूचित की जाएगी।0.50 प्रतिशत की बिना शर्त वृद्धि0.25 प्रतिशत के 4 हिस्सों में 1 प्रतिशत, जिसमें प्रत्येक हिस्सा स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट, मापने योग्य और व्यवहार्य सुधार कार्यों से जुड़ा हुआ होआगे 0.50 प्रतिशत और, अगर चार में से कम से कम तीन सुधार क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर लीजाएं। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए अब तक प्रदान किए गए प्रोत्साहन उपायों का ब्यौरा प्रदान कर अपनी बात समाप्त की।---
- मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक के लिए बढ़ा दी है।एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि मुख्य सचिव अजॉय मेहता ने लॉकडाउन की अवधि के विस्तार का एक आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है, लॉकडाउन के आदेशों में चरणबद्ध तरीके से रियायतों को अधिसूचित किया जाएगा।कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार ने महज दो दिन पहले ही राज्य में हॉटस्पॉट इलाकों में लॉकडाउन बढ़ाया गया था लेकिन अब पूरे राज्य के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने सभी सरकारी महकमों को गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। पंजाब के बाद महाराष्ट्र दूसरा राज्य बन गया है, जहां लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। गौरतलब है कि मौजूदा लॉकडाउन 17 मई तक वैध था।
- नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि चक्रवाती तूफान अम्फान 20 मई को पश्चिम बंगाल के तट से टकराएगा और इसके भयंकर रूप लेने की आशंका है। फिलहाल यह दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है।उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान आम्फन बंगाल की खाड़ी में तेज हो गया है। यह बांग्लादेश, म्यांमा और भारत की तरफ बढ़ रहा है। तूफान के कारण बांग्लादेश, म्यांमा और भारत के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश, आंधी और बाढ़ की आशंका है। हालांकि तूफान की सही दिशा के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन बांग्लादेश के मौसम विभाग ने नाविकों और मछुवारों को समुद्र में नही जाने की चेतावनी दी है।बांग्लादेश के मौसम विभाग के आज सुबह छह बजे के विशेष बुलेटिन के अनुसार यह तूफान चटगांव बंदरगाह के दक्षिण-पश्चिम में एक हजार तीन सौ 45 किलोमीटर और कॉक्स बाजार बंदरगाह से दक्षिण-पश्चिम में एक हजार दो सौ 80 किलोमीटर पर केन्द्रित है। यह मोंगला बंदरगाह से दक्षिण-पश्चिम में एक हजार दो सौ 75 किलोमीटर और पायरा बंदरगाह से दक्षिण-पश्चिम में एक हजार दो सौ 55 किलोमीटर पर केन्द्रित है। तूफान के और तेज होने तथा उत्तर पश्चिमी देशों की ओर बढऩे का अनुमान है।
- डोडा/जम्मू। जम्मू कश्मीर में डोडा जिले के एक गांव में आज मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन का एक आतंकवादी मारा गया और सेना का एक जवान शहीद हो गया।अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद डोडा शहर से 26 किलोमीटर दूर गुंडाना इलाके के पोस्ता-पोत्रा गांव में एक संयुक्त अभियान चलाया। इसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिसमें सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया गया। सिंह ने बताया, अभियान अभी चल रहा है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। अधिकारियों ने बताया कि सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दलों ने एक मकान में दो संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शनिवार रात को अभियान चलाया।अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त दल जब ठिकाने की ओर बढ़ रहा था तब सुबह करीब साढ़े सात बजे उन पर भारी गोलीबारी की गई जिसका उन्होंने जवाब दिया। आतंकवादी संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद एक मकान में छिप गए।डोडा जिले में इस साल सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 15 जनवरी को हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर हारून अब्बास सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। इस महीने की शुरुआत में जिले में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था तथा उनके पास से कुछ हथियार एवं गोला बारुद भी बरामद किए गए थे। डोडा के साथ ही नजदीक के किश्तवाड़ जिले में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ी हैं। चेनाब घाटी के इन जिलों को एक दशक पहले आतंकवाद से मुक्त घोषित किया गया था।--
- लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओरैया, उत्तर प्रदेश में शनिवार को सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारजनों में से प्रत्येक के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मंजूर की है।प्रधानमंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को 50 हजार-50 हजार रुपये देने की मंजूरी भी दी है।गौरतलब है कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने मथुरा के एसएचओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है। शनिवार को उप्र के औरैया जिले में मिहोली गांव के पास एक ट्रक और डीसीएम वाहन में हुई टक्कर में 24 मजदूरों की मौत हो गई थी, वहीं 35 से अधिक मजदूर घायल हो गए हैंं। दोनों ही वाहनों में मजदूर सवार थे।

- नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने बिजली क्षेत्र की मदद के लिए घोषित 90 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज के बारे में सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को पत्र लिखा है ताकि उसका लाभ उठाया जा सके।केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामण ने वित्तीय संकट में फंसी विद्युत वितरण कंपनियों के लिए बुधवार को वित्तीय पैकेज घोषित किया है। मंत्रालय ने शुक्रवार रात को भेजे पत्र में यह भी सूचित किया है कि बिजली उत्पादक कंपनियों को से कहा गया है कि वे वितरण कंपनियों को स्थायी खर्चों के मद पर 20 से 25 प्रतिशत की रियायत दें। यह पत्र शनिवार को जारी किया गया। पत्र में बिजली मंत्री आर. के. सिंह ने कहा है कि इस पैकेज से विद्युत वितरण कंपनियों पर बिजली उत्पादन/ संप्रेषण करने वाली कंपनियों से मिलने वाली बिजली के वितरण को बनाए रखने के (वित्तीय) बोझ में काफी कमी आयेगी। वितरण कंपनियों को ऊर्जा वित्त निगम (पीएफसी) और ग्रामीण विद्युतीकरण लि. (आरईसी) से कर्ज मिलेगा।-
- नई दिल्ली। भाजपा ने शनिवार को कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा घोषित संरचनात्मक सुधार निवेश को आकर्षित करेंगे और इससे भारत को 5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने उद्देश्य को साकार करने में मदद मिलेगी।भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी अधिसूचित हथियारों / प्लेटफार्मों की खरीद पर जोर देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के विचार को साकार करने के लिए बधाई देता हूं। नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि आयातित पुर्जों को के स्वदेश में निर्माण से मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। श्री नड्डा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज से संबंधित घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, नीतियों में सुधार से जुड़ी ये घोषणाएं रक्षा, कोयला, खनन, बिजली, सामाजिक बुनियादी ढांचे, विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में भारी निवेश को आकर्षित करेंगी। साथ ही इससे भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के उद्देश्य को साकार करने में मदद मिलेगी। संरचनात्मक सुधारों से देश विकास की नयी ऊंचाइयों को छूएगा। श्री नड्डा ने कहा कि सीतारमण द्वारा की गई घोषणाएं प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रमुख आर्थिक सुधारों का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं का अर्थव्यवस्था के 10 प्रमुख क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और ये एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
- नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सूचित किया कि बंगाल की खाड़ी में जो दबाव बना है, उसके एक चक्रवाती तूफान में बदल जाने और 20 मई तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से गुजरने का अनुमान है। बेहद तेज गति की हवाओं और ज्वारीय लहरों के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।स्थिति को देखते हुए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक आज नई दिल्ली में हुई , जिसमें बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवाती तूफान की तैयारी की समीक्षा की गई।बैठक के दौरान, संबंधित राज्य सरकारों ने चक्रवाती तूफान से उत्पन्न किसी भी उभरती स्थिति से निपटने की उनकी तैयारियों की पुष्टि की। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की पर्याप्त चेतावनी दे दी है। तूफान आश्रय स्थलों को तैयार कर लिया गया है और जिन क्षेत्रों से लोगों की निकासी की जानी है, उनकी पहचान कर ली गई है।एनडीआरएफ, सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक को सावधान कर दिया गया है और वे राज्य सरकार के प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे है। उन्होंने खुद को समुचित रूप से मुस्तैद कर रखा है। गृह मंत्रालय भी राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय एजेन्सियों के साथ सतत संपर्क में है।कैबनेट सचिव ने वर्तमान स्थिति और बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया और निर्देश दिया कि जैसी भी आवश्यकता हो, तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय तथा आईएमडी, एनडीएमए एवं एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में भाग लिया।----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि रेलवे देश के किसी भी जिले से श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने के लिये तैयार है। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोविड-19 लॉकडाउन के चलते उनके जिलों में फंसे प्रवासी कामगारों की सूची तैयार करने के लिये कहा है।श्री गोयल ने कहा कि जिलाधिकारियों को राज्य के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे द्वारा निर्धारित नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल बनाना होगा। रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा, प्रवासी कामगारों को राहत मुहैया कराने के लिये भारतीय रेल देश के किसी भी जिले से श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने के लिये तैयार है। जिलाधिकारियों को फंसे हुए श्रमिकों और उनके गंतव्यों की सूची बनाकर राज्य के नोडल अधिकारी के जरिये आवेदन करना होगा।उन्होंने लिखा, इसके अलावा जिलाधिकारियों को रेलवे के राज्य नोडल अधिकारियों को श्रमिकों और गंतव्यों की सूची देनी होगी। श्री गोयल बीते कुछ दिनों से राज्य सरकारों से प्रवासियों को उनके घर ले जाने वाली ट्रेनों को मंजूरी देने की अपील कर रहे हैं। यह अपील विशेषकर झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से की गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शनिवार को मंत्री द्वारा बताये गये उस वर्तमान प्रोटोकॉल से कैसे भिन्न हैं, जिनके तहत ऐसे कामगारों की जिला स्तर पर भी सूची तैयार की जा रही है।शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मंत्रालय ने संकेत दिया कि इस प्रक्रिया से रेलवे को ट्रेनों की जोडिय़ों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इसमें कहा गया, अपने गृह राज्य जाने के इच्छुक प्रवासियों के बारे में प्रत्येक जिले से सूचनाएं उपलब्ध कराये जाने के बाद भारतीय रेल ट्रेनों के परिचालन के लिए आगे की कार्रवाई कर सकेगा। विज्ञप्ति में कहा गया, भारतीय रेल वर्तमान में अपनी क्षमता से आधी (ट्रेनों) का परिचालन कर रही है। वह बहुत अधिक प्रवासियों का शीघ्र और सुरक्षित ढंग से परिवहन कर सकती है। रेलवे ने कहा कि वह एक दिन में करीब 300 श्रमिक विशेष ट्रेन चला सकती है। इसमें कहा गया है कि रेलवे की पूरी क्षमता के साथ परिचालन करने से देश भर के प्रवासियों को खासी राहत मिलेगी, जो अपने गृह राज्यों में लौटना चाहते हैं। भारतीय रेल जिलों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने की जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।---
- नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में करीब 20 प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात करके उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और बाद में उन्हें घर भेजने का प्रबंध कराया।कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गांधी ने शाम के समय सुखेदव विहार इलाके में फ्लाईआवेर के निकट मजदूरों से मुलाकात कर करीब एक घंटे तक बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की श्रमिकों के साथ बातचीत के दौरान सामाजिक दूरी का खयाल रखा गया था। राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस की दिल्ली इकाई की तरफ से इन श्रमिकों को उनके घर भेजने के लिए वाहनों का इंतजाम किया गया। ये श्रमिक झांसी के निवासी हैं और अंबाला से लौट रहे थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने बताया कि इन लोगों को भेजने के लिए 8-10 वाहनों का प्रबंध किया गया।----
- - तटीय ओडिशा में 18 मई की शाम से भारी से मध्यम बारिश होने का अनुमान-पश्चिम बंगाल के गंगा के तटीय जिलों में भी बारिश के आसार-मछुवारों की किया गया अलर्टनई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी विभाग ने शनिवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व में बना कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी-पूर्व में केन्द्रित हो गया है। इसके और तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और उसके बाद 24 घंटों में दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि इसके प्रारंभ में, उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और उसके बाद मुड़कर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-उत्तर-पूर्वी दिशा में आगे बढऩे की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आज ज्यादातर जगहों पर हल्की और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। तटीय ओडिशा में 18 मई की शाम से अलग-अलग स्थानों पर भारी से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 19 मई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 20 मई को उत्तरी ओडिशा तट पर भारी वर्षा की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गंगा के तटीय जिलों में 19 मई को कुछ स्थानों पर भारी और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 20 मई को पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदान में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है।मछुआरों को 16 से 17 मई तक बंगाल की दक्षिण खाड़ी में, 17 से 18 मई तक बंगाल की केंद्रीय खाड़ी और 19 से 20 मई के दौरान बंगाल की उत्तरी खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है। मछुआरों को यह भी सलाह दी गयी है कि वे 18 से 20 मई तक उत्तर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तट से सटे बंगाल की उत्तरी खाड़ी में न जाएं।---
- नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से आग्रह किया है कि वह आर्थिक पैकेज पर पुनर्विचार करें और लोगों के खातों में सीधे पैसे डालें ।वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को इस वक्त उन्हें कर्ज की नहीं, बल्कि सीधे आर्थिक मदद की जरूरत है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को लॉकडाउन को समझदारी एवं सावधानी के साथ खोलने की जरूरत है और बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो पैकेज होना चाहिए था वो कर्ज का पैकेज नहीं होना चाहिए था। इसको लेकर मेरी निराशा है। आज किसानों, मजदूरों और गरीबों के खाते में सीधे पैसे डालने की जरूरत है।Óराहुल गांधी ने कहा- सरकार कर्ज दीजिए, लेकिन भारत माता को अपने बच्चों के साथ साहूकार का काम नहीं करना चाहिए, सीधे उनकी जेब में पैसे देना चाहिए। इस वक्त गरीबों, किसानों और मजदूरों को कर्ज की जरूरत नहीं, पैसे की जरूरत है। मैं विनती करता हूं कि नरेंद्र मोदी जी को पैकेज पर पुनर्विचार करना चाहिए। किसानों और मजदूरों को सीधे पैसे देने के बारे में सोचिए।उन्होंने कहा, मैंने सुना है कि पैसे नहीं देने का कारण रेटिंग है। कहा जा रहा है कि वित्तीय घाटा बढ़ जाएगा तो बाहर की एजेंसियां हमारे देश की रेटिंग कम कर देंगी। हमारी रेटिंग मजदूर, किसान, छोटे कारोबारी बनाते हैं। इसलिए रेटिंग के बारे में मत सोचिए, उन्हें पैसा दीजिए।

- नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त खोजी अभियान के तहत जिले के खानसैब थाना क्षेत्र में आने वाले इलाके से कल लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष उग्रवादी जहूर वानी को गिरफ्तार किया।इस उग्रवादी की निशानदेही पर इसके छुपने के स्थान से कई हथियार, गोलीबारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। बडगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आमोद अशोक नागपुरी ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद चार और उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया जो सभी खानसैब के निवासी हैं। यह लोग पिछले कुछ महीनों से इस इलाके में सक्रिय थे।---
- नई दिल्ली। वंदे भारत मिशन के अंतर्गत विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। यह चरण 22 मई तक चलेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस चरण में खाड़ी देशों से कम से कम 39 उड़ानों से भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जाना है। इनमें से 8 उड़ानें संयुक्त अरब अमारात से निर्धारित हैं।वंदे भारत मिशन भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे जटिल मिशन है। इस मिशन के पहले चरण में खाड़ी देशों से 29 विमानों से लगभग पांच हजार भारतीयों को वापस लाया गया था।वंदे भारत मिशन का दूसरा सप्ताह अधिक व्यापक होगा। इसमें उन भारतीय नागरिकों को विदेशों से लाया जाएगा़, जो संकट में हैं और अपनी नौकरियां खो चुके हैं। ऐसे लोगों में प्रवासी कामगार भी शामिल हैं। इसके अलावा अल्पावधि वीजा की समाप्ति के कारण फंसे लोगों, आपातकालीन चिकित्सा का सामना कर रहे भारतीयों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। यात्रा का खर्च यात्रियों को ही वहन करना होगा।इस महीने की 7 तारीख को वंदे भारत मिशन का पहला चरण शुरू हुआ। इसके तहत, 12 देशों से 15 हजार भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई थी, जो कि कोरोना वायरस फैलने के कारण फंसे हुए थे। वंदे भारत अभियान के दूसरे चरण में प्रवासियों को लेकर संयुक्त अरब अमारात से आज तीन उड़ान केरल पहुंच रही हैं। दुबई से एक और आबू धाबी से दो उड़ान आज केरल पहुंचेंगी। दुबई से पहली उड़ान लगभग 177 यात्रियों को लेकर आज शाम कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगी। अबू धाबी से लगभग 187 यात्रियों को लेकर दूसरी उड़ान आज रात 11 बजकर तीस मिनट पर कोझीकोड पहुंच जाएगी। अबू धाबी से तीसरी उड़ान आज रात दस बजकर चालीस मिनट पर तिरुवनंतपुरम पहुंचेगी। सभी तीनों हवाई अड्डों पर मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को संगरोध केंद्रों में भेजने की पूरी व्यवस्था की गई है।
- -इससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन में मदद मिलेगीनई दिल्ली। घरेलू रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस क्षेत्र में अत्याधुनिक परीक्षण अवसंरचना का निर्माण करने के लिए 400 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ डिफेंस टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम (डीटीआईएस) को शुरू करने की मंजूरी प्रदान की है।यह योजना पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी और इसमें निजी उद्योगोंकी साझेदारी के साथ छह से आठ नई परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन में मदद मिलेगी, जिसके फलस्वरूप सैन्य उपकरणों का आयात कम होगा और देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।इस योजना के अंतर्गत, परियोजनाओं को अनुदान-सहायता के रूप में 75 प्रतिशत तक धन सरकार के द्वाराउपलब्ध कराया जाएगा।परियोजना की लागत का शेष 25 प्रतिशत विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) द्वारा वहन किया जाएगा, जिसकी घटक भारतीय निजी संस्थाएं और राज्य सरकारें होंगी।इस योजना के अंतर्गत, एसपीवी को कंपनी अधिनियम 2013 के तहत पंजीकृत किया जाएगा और वह उपयोगकर्ता शुल्क एकत्रित करके इस योजना के अंतर्गत सभी परिसंपत्तियों का स्व-धारणीय तरीके से संचालन और रखरखाव भी करेगा।परीक्षण किए गए उपकरणों/प्रणालियों को उपयुक्त मान्यता के अनुसार प्रमाणित किया जाएगा।हालांकि, अधिकांश परीक्षण सुविधाओं को दो रक्षा औद्योगिक गलियारों (डीआईसी) में ही समाहित होने की उम्मीद है, लेकिन इस योजना को केवल डीआईसी में टेस्ट सुविधाएं स्थापित करने तक ही सीमित नहीं रखा गया है।----
- -कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए एक लाख 63 हजार करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा- किसानों के लिए एक लाख करोड़ रूपये का कृषि ढांचागत कोष बनाने की भी घोषणानई दिल्ली। केंद्र सरकार ने, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए एक लाख 63 हजार करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा की है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है।वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने किसानों के लिए एक लाख करोड़ रूपये का कृषि ढांचागत कोष बनाने की भी घोषणा की है। 20 लाख करोड रूपये के आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त के बारे में नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की।इसके अलावा माइक्रो खाद्य उपक्रम, मवेशी टीकाकरण, डेयरी क्षेत्र, हर्बल खेती, मधुमक्खी पालन और फल तथा सब्जियों के लिए भी योजनाओं की घोषणा की गई है।श्रीमती सीतारामन ने बताया कि सरकार, किसानों, कृषि उपज संगठनों, प्राथमिक सहकारी संगठनों, कृषि उद्यमियों और कृषि ढांचागत कोष के तहत स्टार्टअप के लिए एक लाख करोड़ रूपये देगी। यह कोष जल्द बनाया जाएगा। वित्तमंत्री ने माइक्रो खाद्य उपक्रमों के लिए 10 हजार करोड रूपये की योजना की घोषणा की। इस योजना से दो लाख माइक्रो खाद्य उपक्रमों को लाभ होगा।---
- नई दिल्ली। 2019-20 में देश में कुल खाद्यान्न की पैदावार 29 करोड़ छप्पन लाख सत्तर हजार टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष से एक करोड़ चार लाख साठ हजार टन अधिक है। कृषि मंत्रालय ने वर्ष 2019-20 की प्रमुख फसलों की पैदावार का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी करते हुए यह जानकारी दी।वर्ष 2019-20 के दौरान चावल की पैदावार लगभग ग्यारह करोड़ अस्सी लाख टन होने का अनुमान है। यह पिछले पांच साल की औसत पैदावार से अस्सी लाख टन अधिक है। इसके अलावा इस अवधि में गेहूं की पैदावार रिकार्ड दस करोड़ सत्तर लाख टन से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है। यह पिछले साल से 35 लाख अस्सी हजार टन अधिक है। वर्ष 2019-20 में दालों की कुल पैदावार दो करोड़ तीस लाख टन से ज्यादा होने की संभावना है। यह पिछले पांच वर्ष की औसत पैदावार से इक्कीस लाख नब्बे हजार टन अधिक है।मंत्रालय ने कहा है कि जून से सितम्बर 2019 की अवधि में मॉनसून में कुल वर्षा दीर्घकाल के औसत से दस प्रतिशत से ज्यादा रही है। वर्ष 2019-20 के दौरान ज्यादातर फसलों की पैदावार अनुमानित पैदावार से अधिक रही है।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू करेगी इसके लिए 20 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 11 हजार करोड़ रूपये समुद्री और अंतरदेशीय गतिविधियों के लिए और नौ हजार करोड रूपये फिशिंग हारबर, कोल्ड चेन और विपणन जैसे बुनियादी ढांचे के लिए दिया जाएगा। इससे 55 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।20 लाख करोड रूपये के आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त के बारे में नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की।श्रीमती सीतारामन ने बताया कि मवेशियों के टीकाकरण के लिए 13 हजार 343 करोड़ रूपये का कोष बनाया गया है। डेयरी प्रसंस्करण के लिए 15 हजार करोड़ रूपये के पशुपालन बुनियादी ढांचा कोष की घोषणा की गई है। हर्बल खेती को बढावा देने के लिए चार हजार करोड़ रूपये के कोष की घोषणा की गई है। अगले दो वर्ष में इसके तहत दस लाख हेक्टेयर भूमि पर हर्बल खेती की जाएगी।मधुमक्खी पालन के लिए पांच सौ करोड रूपये का आवंटन किया गया है। इससे दो लाख मधुमक्खी पालकों को लाभ होगा। सरकार ने सभी फलों और सब्जियों को आपरेशन ग्रीन के अंतर्गत लाने की घोषणा की है। पहले इसमें, टमाटर, प्याज और आलू शामिल थे। इसके लिए पांच सौ करोड रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।



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