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- - मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वर्चुअल बैठकनई दिल्ली। लॉकडाउन से संबंधित तमाम अफवाहों को दूर करते हुए लॉकडाउन समाप्ति के देश में दूसरे राष्ट्रव्यापी चरण की योजना बनाने की आवश्यकता है। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत के संघर्ष को और सुदृढ़ करने की रूपरेखा तैयार करने के लिए आयोजित राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात कही।उन्होंने कहा कि राष्ट्र को लॉकडाउन समाप्ति के दूसरे चरण और लोगों को नुकसान पहुंचने की आशंकाओं को कम से कम करने के बारे में सोचने की जरूरत है। उन्होंने फिर कहा कि सरकार द्वारा समय पर लिए गये निर्णयों से देश में कोविड-19 महामारी के प्रकोप को कम करने में काफी हद तक मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने देश में निजी सुरक्षा उपकरणों, मास्क, बीमारी का पता लगाने वाली किट, वेंटिलेटर आदि के स्वदेश में निर्माण की क्षमता बढ़ाई है। महामारी की परीक्षण की सुविधाओं का विकास किया गया है। अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए बिस्?तर बढ़ाए गये हैं और क्वारंटीन केन्द्र स्थापित किए गये हैं। परीक्षण के जरिए कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी भी तैयार किए गये हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महामारी के दौर में बुनियादी ढांचे, सूचना प्रणाली, भावनात्मक सहायता और जनता की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि समय रहते तैयारियां सुनिश्चित कर लिए जाने से देश में रोगियों के स्वस्थ होने की दर काफी ऊंची है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों के अनुशासन के उच्च स्तर का जिक्र करते हुए कहा कि इसी की वजह से महामारी की बेहतर ढंग से रोकथाम संभव हो पाई है। श्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोरोना संक्रमण को कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। महामारी की रोकथाम में परीक्षण और रोगी के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे और अधिक संख्या में परीक्षण केन्द्र बनाने के प्रयास करें। श्री मोदी ने देश में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल एप के कारगर इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने मॉनसून के साथ होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सावधान रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कोरोना वायरस से संघर्ष में भावनात्मक पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संक्रमित होने के भय और महामारी से जुड़े कलंक को लेकर लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमारी से पीडि़त ज्यादातर लोग ठीक हुए हैं।प्रधानमंत्री ने राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों का आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेली मेडिसिन सुविधा के बुनियादी ढांचे का विकास करें। उन्होंने भारत को कोरोना वायरस के बाद सामान्य स्थिति में लाने के लिए एनजीओ और निजी क्षेत्र समेत सभी संगठनों से एकजुट होकर और अधिक प्रयास करने का भी आग्रह किया। आज की बातचीत राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ दो दिन के विचार-विमर्श के दूसरे चरण के अंतर्गत की गई इसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और ओडिसा मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को कोविड-19 से निपटने में उनके नेतृत्व के धन्यवाद दिया और अपने-अपने राज्यों में जमीनी हालात और महामारी से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने चुनौती से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और इसे सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी प्रधानमंत्री को बताया। महामारी से निपटने में लगे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, कंटेनमेंट क्षेत्रों की निगरानी, मास्क पहनने के लिए अभियान चलाने, परीक्षण सुविधाओं के विकास और घरों को वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के बारे में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया।श्री मोदी ने इन जानकारियों के लिए मुख्यमंत्रियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने के सामूहिक संकल्प से ही यह लड़ाई जीत ली जा सकती है। उन्होंने तमाम सावधानियां बरतते हुए आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़पों में शहीद हुए भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। विश्व व्यापी कोरोना महामारी से राष्ट्र के संघर्ष को और सशक्त बनाने की रूपरेखा तय करने के लिए राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ दूसरी वर्चुअल बैठक से पहले यह टिप्पणी की।उन्होंने कहा- भारत माता के वीर सपूतों ने गलवान वैली में हमारी मातृभूमि की रक्षा करते हुये सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं देश की सेवा में उनके इस महान बलिदान के लिए उन्हें नमन करता हूं, उन्हें कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। दु:ख की इस कठिन घड़ी में हमारे इन शहीदों के परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हंू। आज पूरा देश आपके साथ है, देश की भावनाएं आपके साथ हैं। हमारे इन शहीदों का ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। चाहे स्थिति कुछ भी हो, परिस्थिति कुछ भी हो, भारत पूरी दृढ़ता से देश की एक एक इंच जमीन की, देश के स्वाभिमान की रक्षा करेगा।श्री मोदी ने आगे कहा- भारत सांस्कृतिक रूप से एक शांति प्रिय देश है। हमारा इतिहास शांति का रहा है। भारत का वैचारिक मंत्र ही रहा है- लोका: समस्ता: सुखिनों भवन्तु। हमने हर युग में पूरे संसार में शांति की, पूरी मानवता के कल्याण की कामना की है। हमने हमेशा से ही अपने पड़ोसियों के साथ एक cooperative और friendly तरीके से मिलकर काम किया है। हमेशा उनके विकास और कल्याण की कामना की है। जहां कहीं हमारे मतभेद भी रहे हैं, हमने हमेशा ही ये प्रयास किया है कि मतभेद विवाद न बनें, differences disputes में न बदलें। हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं, लेकिन हम अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते हैं। जब भी समय आया है, हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है।त्याग और तितिक्षा हमारे राष्ट्रीय चरित्र का हिस्सा हैं, लेकिन साथ ही विक्रम और वीरता भी उतना ही हमारे देश के चरित्र का हिस्सा हैं। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूँ, हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएंगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है, और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी नहीं रोक सकता। इस बारे में किसी को भी जरा भी भ्रम या संदेह नहीं होना चाहिए। भारत शांति चाहता है। लेकिन भारत को उकसाने पर हर हाल में निर्णायक जवाब भी दिया जाएगा।श्री मोदी और वर्चुअल बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने गलवान घाटी के शहीदों के सम्मान में खडे होकर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- नई दिल्ली। सामाजिक अभियान के तहत देशभर में 6300 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्रों में सैनिटरी नैपकीन एक रूपए की न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। ये सैनेटरी नैपकीन जन औषधि सुविधा सैनटरी नैपकीन के नाम से बेचे जा रहे हैं। बाजार में ऐसे नैपकीन की कीमत 3 से 8 रूपए प्रति पैड है।विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर 4 जून 2018 को भारत सरकार ने महिलाओं के लिए जन औषधि सुविधा ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी नैपकिन लॉन्च करने की घोषणा की थी। तब से लेकर 10 जून 2020 तक जनऔषधि केन्द्रों के माध्यम से 4.61 करोड़ से अधिक सैनिटरी नैपकिन बेचे जा चुके हैं। इनकी कीमतों में 27 अगस्त 2019 को संशोधन किया गया और दाम घटाए गए। इसके बाद से 10 जून, 2020 तक इन केन्द्रों के जरिए 3.43 करोड़ से अधिक पैड बेचे जा चुके हैं।मासिक धर्म और इससे जुड़ी प्रथाओं को अभी भी कई तरह के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक उपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है जो मासिक धर्म के दौरान साफ सफाई और स्वास्थ्य देखभाल के रास्ते में बड़ी अड़चनें पैदा करते हैं। देश के कई हिस्सों में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं की सैनिटरी उत्पादों तक पहुंच नहीं है या वे इनका विकल्प नहीं चुन पातीं क्योंकि बाजार में उपलब्ध ज्यादातर ऐसे नैपकीन महंगे हैं।वर्तमान परिदृश्य में जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती और पर्यावरण अनुकूल सैनिटरी नैपकीन उपलब्ध करा कर भारत में वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभी के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की सोच को मूर्त रूप देने के लिए केंद्रीय औषधि विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है।सैनिटरी नैपकिन पर्यावरण के अनुकूल हैं, क्योंकि ये जैविक रूप से नष्ट हो जाने वाली ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बनाए जाते हैं। इनका परीक्षण एएसटीएम डी-6954 मानकों पर किया जाता है। प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र कोविड-19 के प्रकोप के इस चुनौतीपूर्ण समय में भी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और लोगों को सस्ती दरों पर जरुरी दवाओं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा रहे हैं। जनऔषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन सभी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। देश भर में मार्च, अप्रैल और मई, 2020 के महीने में 1.42 करोड़ से अधिक ऐसे पैड बेचे गए हैं।---
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज साउथ ब्लॉक में बैठक कर लद्दाख सीमा पर स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ और सैन्य मामलों के सचिव जनरल बिपिन रावत,थल सेनाध्यक्ष जनरल एम. एम. नरवणे,नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया ने भाग लिया।बैठक के बाद एक ट्वीट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा संघर्ष में जवानों की शहादत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि गलवान घाटी में हमारे जवानों की शहादत काफी परेशान करने वाला और दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने सीमा पर तैनाती के दौरान अपने कर्तव्य पालन में अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं को कायम रखते हुए देश की सीमा की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मैं अपने शहीद जवानों के परिवारों के साथ हूं। राष्ट्र इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि हमें भारत के रणबांकुरों की वीरता और साहस पर गर्व है।
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) जुलाई - 2020 को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए)ने बेहद जरूरी नोटिस जारी किया है। एनटीए ने इसके जरिए उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों को परीक्षा के बारे में एक नए फर्जीवाड़े के संबंध में आगाह किया है।एनटीए ने कहा है कि उसके संज्ञान में आया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट -यूजी ) जुलाई 2020 स्थगित शीर्षक से 15 जून को जारी किया गया एक फर्जी सार्वजनिक नोटिस विभिन्न स्रोतों के माध्यम से और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।एनटीए ने कहा है कि उसने इसे गंभीरता से लिया है और उम्मीदवारों, अभिभावकों तथा आम जनता को गुमराह करने के इरादे से जारी किये गए इस फर्जी नोटिस के स्रोत की जांच कर रहा है। ऐसे जनविरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।एनटीए ने कहा है कि सभी उम्मीदवारों, अभिभावकों और जनता को सूचित किया जाता है कि एनटीए या संबंधित अधिकारियों द्वारा आज तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए सार्वजनिक रूप जारी ऐसी भ्रामक खबरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। एनटीए ने परीक्षा के बारे में केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट www.nta.ac.in और ntaneet.nic.in पर उपलब्ध सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।इस संबंध में एनटीए द्वारा 11 मई 2020 को जारी नवीनतम जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट https://data.nta.ac.in/Download/Notice/Notice 20200511063520.pdf पर उपलब्ध है।एनटीए नेएक बार फिर से उम्मीदवारों, उनके अभिभावकों और आम जनता को www.nta.ac.inand ntaneet.nic.in उपलब्ध ताजा जानकारी और सूचनाओं को देखने की सलाह दी है।
- नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है।विभिन्न राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस वर्चुअल बैठक में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री सचिवालय ने ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी है।
पूर्वी लद्दाख की गलवान वैली में हाल में हुई हिंसक झड़पों के मद्देनजर यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। - नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि आधुनिक शैली के जीवन में अलगाव की भावना और उदासीनता के कारण अवसाद जन्म लेता है। उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में एक दूसरे से अपनी बात कहने और परवाह करने का चलन था जो अब नहीं रहा।पुराने दिनों को याद कर अपने अनुभव साझा करते हुए मंगलवार को श्री नायडू ने कहा कि उस समय जीवन मजबूत सामाजिक रिश्तों से बंधा था और इसलिए अकेलेपन का कोई कारण नहीं था। उन्होंने कहा कि पुराने दिनों में सुख दुख साझा करने का चलन था। श्री नायडू ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति और परिवार एक दूसरे के लिए ताकत और सहारे का स्रोत हुआ करता था। पुराने समय के जीवन और आज की जीवनशैली की तुलना करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा, आधुनिक जीवन में पृथकता, अकेलापन और अलगाव भरा हुआ है जिसके परिणाम स्वरूप अवसाद जन्म लेता है। आज के समय में पुराने दौर की बात नहीं रह गई है।
- नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों की शहादत पर दुख जताते हुए मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हम सब साथ खड़े हैं।उन्होंने एक बयान में कहा, लद्दाख की गलवान घाटी में हमारी सेना के अधिकारी और जवानों की शहादत पर बहुत दुख और गहरी पीड़ा हुई है। उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन है। उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। सोनिया गांधी ने कहा, देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में हम सब साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। सेना ने यह जानकारी दी।
- नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश में घरेलू इस्पात का उपयोग बढ़ाने और तेल एवं गैस क्षेत्र की इस्पात जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता को कम करने पर जोर दिया है।उन्होंने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत: तेल एवं गैस क्षेत्र में घरेलू इस्पात के उपयोग को प्रोत्साहन विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि इस्पात और तेल एवं गैस क्षेत्र में घनिष्ठ संबंध हैं और इसे अब एक नए मुकाम पर ले जाने का समय आ गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने केआह्वान के बारे में चर्चा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत एक मजबूत विनिर्माण क्षेत्र के साथ एक मजबूत भारत है जो वैश्विक रूप से एकीकृत अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भर है। उन्होंने कहा कि निर्माण,तेल एवं गैस, ऑटोमोबाइल, मशीनरी जैसे अन्य क्षेत्रों के साथ मजबूत जुड़ाव होने की वजह से भारतीय इस्पात क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत बनने के देश के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका मिली है। उन्होंने कहा कि भारतीय इस्पात क्षेत्र वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी बनने के लिए प्रयास तभी कर सकता है जब वह पहले सभी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करे। उन्होंने कहा कि घरेलू खिलाडिय़ों को इस अवसर पर आगे बढऩा चाहिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला के स्थानीयकरण को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों में लागत न बढ़े।धर्मेंद्र प्रधान ने तेल एवं गैस क्षेत्र पर कहा कि पिछले छह वर्षों में निवेश के अनुकूल नीतियों के कारण इस क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव आया है। इस क्षेत्र में जबरदस्त विकास हो रहा है चाहे वो तेल-शोधक हों, पाइपलाइन हों,गैस टर्मिनल हों,भंडारण क्षमता हों,गैस सिलेंडर हों या फिर खुदरा दुकानऔर इन सभी में बड़ी मात्रा में इस्पात की आवश्यकता होती है। तेल एवं गैस क्षेत्र इस्पात के पाइप और ट्यूब के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में से एक हैजिसमें पाइपलाइन पेट्रोलियम,तेल और स्नेहक (लुब्रीकेंट) उत्पादों के परिवहन का प्रमुख साधन है। हमारी 70 प्रतिशत आबादी को गैस की जरूरतें पूरी करने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार, तेल शोधन क्षमता में बढ़ोतरी,10 हजार सीएनजी केंद्र स्थापित करने की योजना, ई एंड पी गतिविधियां- जैसे कुछ ऐसे काम हैं जो तेल एवं गैस क्षेत्र में इस्पात की मांग को बढ़ाएंगे।तेल एवं गैस क्षेत्र के सभी संगठनों से इस्पात का आयात करने की बजाय घरेलू इस्पात की खरीद करने का आग्रह करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि घरेलू इस्पात निर्माताओं के पास इस क्षेत्र के लिए इस्पात की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने की पूरी क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा किइस्पात की मांग को घरेलू स्तर पर पूरा करने और आयात पर निर्भरता को कम करने से तेल एवं गैस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होगी और इससेइस्पात क्षेत्र में एमएसएमई के विकास को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें अधिक मूल्य वर्धित उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।इस अवसर पर इस्पात राज्य मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने कहा कि इस्पात और तेल एवं गैस दोनों क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और दोनों को अब महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है क्योंकि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उद्योग से जबर्दस्त तरीके से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। इस वेबिनार का आयोजन इस्पात मंत्रालय ने फिक्की की साझेदारी में किया।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाले निजी प्रदाताओं के साथ सक्रिय सहयोग से बिस्तरों और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधायों की अधिक उपलब्धता तथा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं की उचित तथा पारदर्शी दरें तय करने को कहा है।इस दिशा में तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने पहल कर ली है। इन राज्यों ने निजी क्षेत्र के साथ बातचीत करके वाजिब दरों और कोविड-19 के दाखिल मरीजों को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने के प्रबंध कर लिये हैं। राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाप्रदाताओं के साथ सक्रिय रूप से मिल कर सरकारी और निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का पूल बना कर उपयोग करवायें जिससे कोविड-19 के रोगियों को त्वरित, अच्छी और समुचित, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में मदद मिल सकेगीदेश में संक्रमित लोगों में नोवेल कोरोना वायरस का पता लगाने के लिये लगातार जांच क्षमता बढ़ाई जा रही है। अब देश में प्रति दिन जांच क्षमता तीन लाख हो गई है। अब तक कुल 59 लाख 21 हजार 69 नमूनों की जांच की गई है और पिछले 24 घंटों में 1 लाख 54 हजार 935 नमूनों की जांच की गई।देश में अब कुल 907 प्रयोगशालायें काम कर रही है। इनमे 659 सरकारी और 248 निजी प्रयोगशालायें हैं। इनका विवरण निम्नलिखित है—1. रीयल टाइम आरटी- पीसाआर आधारित प्रयोगशालाएं 534—सरकारी 347 और निजी 1872. ट्रू एनएटी आधारित प्रयोगशालाएं—302—सरकारी 287 और निजी 153. सीबीएनएएटी आधारित प्रयोगशालाएं—71—सरकारी 25 और निजी 46दिल्ली में जांच क्षमता बढ़ाने के लिये सभी 11 जिलों के लिये अलग से प्रयोगशालायें होंगी जहां संबंधित जिलों के नमूनों की जांच की जायेगी। प्रत्येक जिले के नमूने उसी जियले की प्रयोगसालाओं में भेजे जा रहे हैं ताकि समय पर जांड हो और बिना किसी देरी के परिणाम मिल सकें। वर्तमान में दिल्ली में42 प्रयोगशाला हैं जिनकी दैनिक जांच क्षमता लगभग 17 हजार है।आरटी-पीसीआर कोविड-19 के निदान के लिये गोल्ड स्टैंडर्ड फ्रंटलाइन जांच है और इसकी देश भर में 907 प्रयोगशालाएं हैं । इनका उपयोग जांच क्षमता बढ़ाने के लिये किया जा सकता है। हालांकि इस जांच के लिये विशेष प्रयोगशाला सुविधाओं की जरूरत होती है और इन विशेष प्रयोगशालाओं में नमूने लाने का तथा अन्य वक्त मिला कर 2-5 घंटे का समय लगता है। ट्रू एनएटी और सीबी एएएटी प्रयोगशाला पोर्टेबल हैं यानि इन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है और इनका दूर दराज के इलाकों में उपयोग हो रहा है।---
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नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी को देखते हुए इस वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस डिजिटल माध्यमों पर मनाया जायेगा और किसी प्रकार से लोगों को एकत्र कर कोई कार्यक्रम नहीं होगा। इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय है- घर पर योग और परिवार के साथ योग। आयुष मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि 21 जून को छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सवेरे सात बजे से अपने घरों से दुनिया के साथ योगाभ्यास में भाग ले। मंत्रालय ने बताया कि लोगों को योग के सामान्य नियमों के अनुरूप योगासनों की तैयारी करने चाहिए।
गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय और प्रसार भारती मिलकर डीडी भारतीय पर प्रतिदिन योग की सामान्य क्रियाओं का प्रतिदिन प्रसारण आयोजित कर रहे हैं। यह सत्र सवेरे साठ बजे से साढ़े आठ बजे तक प्रसारित होता है। आधे घंटे के सत्र में योगासनों के प्रमुख बिन्दुओं की जानकारी दी जाती है। - जम्मू। जम्मू कश्मीर में आज तड़के 5 दशमवल 8 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। सुबह सात बजे आये इस भूकंप का केंद्र तजाकिस्तान में था।श्रीनगर, किश्तवाड़ और डोडा जिलों सहित कश्मीर घाटी के अधिकतर इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। जम्मू में भी झटके महसूस किए गए। पिछले तीन दिनों में केंद्र शासित प्रदेश में यह तीसरा भूकंप है।
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छपरा। बिहार में सारण जिले के पहलेजा पुलिस आउट पोस्ट क्षेत्र में मंगलवार की सुबह ट्रक से कुचलकर दो सगे भाई की मौत हो गई। ग्रामीणों ने आरोपी ट्रक चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोनपुर थाना क्षेत्र के चौसियां गांव निवासी भूषण कुशवाहा के 22 वर्षीय पुत्र सतीश और 20 वर्षीय अंकित मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। गोविंदचक रेलवे क्रासिंग के निकट त्रिभुवन चौक पर बालू लदे अनियंत्रित ट्रक से उन्हें कुचल दिया। इस दुर्घटना में मौके पर अंकित की मौत हो गई, वहीं अस्पताल ले जाते समय सतीश ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीण जमा हो गए और आरोपी ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। - पणजी। गोवा के पूर्व मंत्री अच्युत काशीनाथ उसगांवकर का मंगलवार सुबह यहां एक अस्पताल में निधन हो गया । वह 92 वर्ष के थे।पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वह वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। वह गोवा के सबसे पुराने राजनीतिक दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के नेता थे।गोवा, दमन एंड दीव की तत्कालीन शशिकला काकोडकर सरकार में वह 13 अगस्त 1977 से 27 अप्रैल 1979 तक मंत्रिमंडल के सदस्य थे। उनके दामाद दिनार तारकर ने कहा, पणजी के पास गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उसगांवकर का सुबह करीब साढ़े सात बजे निधन हो गया। अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर सहित उनकी तीन बेटियां हैं।
- कोलकाता। रामकृष्ण मठ और मिशन का मुख्यालय बेलूर मठ 82 दिनों के बाद सोमवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया और पहले दिन करीब 250 श्रद्धालु यहां आए।बेलूर मठ के एक प्रवक्ता ने बताया कि परिसर में स्थित चारों मंदिरों को दिन में दो चरणों में खोला गया। सुबह नौ बजे से 11 बजे तक और उसके बाद शाम में चार से छह बजे तक मंदिर खुले रहे। उन्होंने बताया कि सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी और बिना मास्क वाले श्रद्धालुओं को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गयी। सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने पर खास ध्यान दिया गया।हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित बेलूर मठ की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की थी। सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कई धार्मिक स्थल इस महीने श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। लेकिन तारापीठ मंदिर और कालीघाट मंदिर अब भी श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मंदिर 13 जून को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था। तारापीठ ने पहले घोषणा की थी कि यह मंदिर 15 जून से खुल जाएगा। हालांकि, मंदिर समिति के सचिव तारामॉय मुखर्जी ने कहा, हमने पहले के फैसले को स्थगित करने का निर्णय लिया है। मौजूदा स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। श्री मुखर्जी ने कहा कि मंदिर प्रशासन मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में होने वाले फैसले की राह देख रहा है। इस बीच, बीरभूम में स्थित प्रसिद्ध बक्रेश्वर मंदिर भी सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।---
- नई दिल्ली। सरकारी कीटनाशक निर्माता कंपनी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड ने ईरान को टिड्डियों को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए ईरान को लगभग 25 टन मैलाथियान 95 प्रतिशत यूएलवी की आपूर्ति की है।उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि यह खेप, जो सरकार से सरकार के आधार पर आपूर्ति की गई है, 16 जून तक ईरान पहुंचने की उम्मीद है। इसमें कहा, भारत ने हाल ही में क्षेत्र में रेगिस्तान टिड्डियों के खतरे का मुकाबला करने के लिए समन्वित प्रतिक्रिया करने के लिए ईरान और पाकिस्तान से संपर्क किया था। ईरान ने प्रस्ताव पर सहयोग करने की अपनी इच्छा जताई है।इसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने ईरान को 25 प्रतिशत मैलाथियान 95 प्रतिशत यूएलवी के निर्माण और आपूर्ति करने के लिए एचआईएल को आर्डर दिया था। मैलाथियोन एक रसायन है जिसका उपयोग मुख्य रूप से खाद्य पदार्थ पैदा करने वाले पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए किया जाता है। खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की रिपोर्टों के अनुसार, टिड्डी के हॉपर चरण की आबादी ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान क्षेत्र में बन रही है, जो आने वाले महीनों में भारत में आगे की फसल तबाही का कारण बनेगी। बयान में कहा गया है कि भारत ने अपने प्रजनन स्थल पर टिड्डी को नियंत्रित करने के लिए एक पहल की है और समन्वित प्रयासों के लिए ईरान से संपर्क किया है।
- अहमदाबाद। दक्षिण-पश्चिम मानसून सोमवार को गुजरात और इससे सटे केंद्र शासित दीव तक आगे बढ़ गया, जिसके चलते कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बयान में कहा कि मानसून दक्षिण गुजरात के सभी जिलों, सौराष्ट्र क्षेत्र, दीव और उत्तरी गुजरात के अहमदाबाद, खेड़ा, आणंद, पंचमहल, दाहोद और कच्छ जिले के कुछ हिस्सों समेत कांदला तक पहुंच गया। मानसून की प्रगति के कारण सोमवार सुबह से सौराष्ट्र क्षेत्र में काफी बारिश हुई।इस बीच, गिर सोमनाथ जिले में बिजली गिरने से सोमवार को दो मछुआरों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिन के दौरान सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के अलावा राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में 18-19 जून को भारी से बहुत भारी बारिश होगी।----
- नई दिल्ली। केंद्रीय अनवेषण ब्यूरो- सीबीआई ने ऑनलाइन अग्रिम भुगतान घोटालों और नकली सैनिटाइजर बनाने में मेथनॉल के उपयोग के बारे में इंटरपोल से मिली सूचना के आधार पर सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की पुलिस को अलर्ट जारी किया है।सीबीआई ने कहा कि इस तरह के घोटालों में पीपीई किट के विक्रेताओं और कोविड -19 से संबंधित अन्य सुरक्षा उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के विक्रेताओं से संपर्क करने तथा ग्राहकों के साथ ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन के उदाहरण शामिल हैं। सीबीआई ने कहा है कि बैंक हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने के बाद, धोखाधड़ी करने वाले विक्रेता इन वस्तुओं का वितरण नहीं करते हैं।सीबीआई ने अन्य देशों में नुकसानदायक हैंड सैनिटाइजर तैयार करने में मेथनॉल के उपयोग के लिए इंटरपोल से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक अलर्ट जारी किया है। अन्य देशों में भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां कोविड-19 महामारी के दौरान हैंड सैनिटाइजर की भारी मांग के कारण नकली हैंड सैनिटाइजर बनाने के लिए मेथनॉल के उपयोग का पता चला। मेथनॉल मानव शरीर के लिए अत्यधिक विषाक्त और खतरनाक हो सकता है।----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड- सी बी आई सी ने आज देशभर के पांच सौ से अधिक सी जी एस टी और सीमा शुल्क कार्यालयों में ई-ऑफिस ऐप शुरू किया। बोर्ड के अध्यक्ष अजीत कुमार ने सी बी आई सी के आठ सौ से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में रिमोट से ई-ऑफिस ऐप का उद्घाटन किया।वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पचास हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी आंतरिक कार्यालय प्रक्रियाओं में इस ऐप का उपयोग कर सकेंगे। कार्यालयी प्रक्रियाओं में ई-ऑफिस ऐप का इस्तेमाल करने वाला सी बी आई सी सबसे बड़े सरकारी विभागों में से एक हो जायेगा।इस ऐप के शुरू होने से आंतरिक कार्यालयी प्रक्रियाओं में बुनियादी बदलाव आयेगा जो अभी तक व्यापक रूप से मानव संचालित फाइलों और कागजी कार्रवाई पर आधारित है। इस ऐप से कई अन्य सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों को बल मिलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार और उद्योग के लिए कारोबार करना आसान बनाना है।यह ऐप अप्रत्यक्ष कर प्रशासन को कागज रहित और इलैक्ट्रॉनिक रूप देने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की सी बी आई सी की एक और पहल है। इस ऐप को एन आई सी ने विकसित किया है। प्रशासनिक सुधार और जनशिकायत विभाग ने इसके लिए सहायता उपलब्ध कराई है। ई-ऑफिस भारतीय राष्ट्रीय ई- शासन के तहत मिशन मोड की परियोजना है।----
- - 17 जून को 15 राज्यों के सीएम के साथ होगी चर्चानई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल और परसों दोपहर तीन बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद करेंगे।प्रधानमंत्री कल 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों - पंजाब, असम, केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, गोआ, मणिपुर, नगालैंड, लद्दाख, पुदुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा नगर हवेली और दमन दीव, सिक्किम और लक्षद्वीप के मुख्यमंत्रियों से जबकि 17 जून को 15 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों - महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, तेलंगाना और ओडिसा के मुख्यमंत्रियों से संवाद करेंगे।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी । आज नई दिल्ली में राजधानी के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक में श्अमित शाह ने कहा कि हम सभी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साथ मिलकर इस महामारी से लडऩा है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना से निपटने के लिए कल हुई बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर निचले स्तर तक इन फैसलों को बेहतर तरीके से पूरा करने में योगदान देना होगा। श्री शाह ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली की जनता के लिए किये गए निर्णयों का नीचे तक कार्यान्वयन हो। अमित शाह ने कहा कि इस समय सभी राजनीतिक द्वेष को भुलाकार सभी पार्टियां दिल्ली की जनता के हितों के लिए साथ मिलकर काम करें। उन्होने कहा कि सभी दलों की एकजुटता से जनता में विश्वास बढेगा व इस लड़ाई को अधिक बल भी मिलेगा और दिल्ली की स्थिति जल्द ही सामान्य होगी। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि हमको नए उपायों से दिल्ली में कोरोना की टेस्टिंग को बढ़ाना है। श्री शाह ने ज़ोर देकर कहा कि एकजुट होकर हम कोरोना महामारी से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी ।बैठक में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इन नेताओं ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कुछ सुझाव दिये और केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगमों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में दिल्ली की जनता की सुरक्षा व कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। इनमें दिल्ली में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए दिल्ली को तुरंत 8 हजार बेड वाले 500 रेलवे कोच देने, कन्टेनमेंट जोन में मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान (कांटेक्ट मैपिंग) के लिए घर-घर जाकर हर एक व्यक्ति का व्यापक स्वास्थ्य सर्वे तथा दो दिन में कोरोना की टेस्टिंग को बढ़ाकर दो गुना किया जायेगा और 6 दिन बाद तीन गुना करना शामिल है। साथ ही दिल्ली के निजी अस्पताओं में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए निर्धारित कोरोना बेड में से 60 प्रतिशत बेड कम रेट में उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार और कोरोना की टेस्टिंग के रेट तय करने के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने और दिल्ली के छोटे अस्पतालों तक कोरोना के लिए सही जानकारी तथा दिशा-निर्देश देने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में फोन पर मार्गदर्शन प्रदान करने का भी फैसला किया गया था।
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लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले के मेदनीचौकी थाना क्षेत्र में सोमवार को कार और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर में चाचा-भतीजे की मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार पटना क्षेत्र के मारांची थाना क्षेत्र निवासी 35 वर्षीय धर्मेंद्र तांती अपने भतीजे राहुल कुमार (15) के साथ अपने ससुराल से लौट रहे थे। तभी मेदनी चौके के पास कार और बाइक में टक्कर हो गई। इसमें बाइक सवार धर्मेंद्र तांती और उनके भतीजे राहुल की मौत हो गई। कार सवार तीन लोग घायल हो गए। -
पटना। बिहार में सोमवार सुबह दो सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में 19 लोग घायल हो गए। यह घटना गया जिले के आमस की जीटी रोड बिशनपुर के समीप की है, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने दो ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। ऑटो में सवार 7 लोगों की कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई और 18 लोग घायल हो गए, घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
गया के आमस सड़क दुर्घटना में सात लोग के मरने की पुष्टि एस एसपी राजीव मिश्रा ने की। सड़क हादसे की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और घायलों का इलाज जारी है। मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि सड़क हादसे में अबतक कुल 7 लोगों की मौत की जानकारी अबतक मिली है। मृतकों का शव पीएचसी में लाया गया है, जबकि दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी 18 लोग पहुंचे हैं। ज्यादातर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जयप्रकाश नारायण अस्पताल, गया रेफर किया गया है। रेफर मरीजों में कईयों की हालत चिंताजनक व नाजुक बताई गई है।
इनकी हुई मौत
कैलाश भूईंयां-30वर्ष, चमारी भूईंयां- 18वर्ष, रामध्यान भूईंयां- 30 वर्ष, विकास- 15-वर्ष, विपिन-08 वर्ष, विक्रम-10वर्ष, चंदारिक भूईंयां-50 वर्ष - मुंबई। मुंबई में आज पश्चिम और मध्य रेलवे की कुछ उप-नगरीय रेल सेवाएं चालू हो गई हैं। ये सेवाएं राज्य सरकार के सिर्फ उन कर्मचारियों के लिए है जो आवश्यक सेवाओं से जुड़़े हैं। पश्चिम रेलवे ने अपने ट्वीट में कहा है कि इन गाडिय़ों के रूकने के स्टेशनों पर टिकट घर खुले रहेंगे।ये सेवाएं आम नागरिकों के लिए उपलब्ध नहीं हैं। एक अनुमान के अनुसार राज्य सरकार के लगभग सवा लाख कर्मचारी इन सेवाओं का लाभ उठाएंगे। पश्चिम रेलवे, चर्च गेट से दहानू रोड और वीरार के लिए 73 जोड़ी गाडियां चलाएगी। मध्य रेलवे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से कसरा, करजट और पनवेल के लिए 200 जोड़ी गाडिय़ां चलाएगी।----
- नई दिल्ली। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराने के लक्ष्य से भारतीय रेल ने चार राज्यों में 204 ट्रेन डिब्बे भेजे हैं जो पृथक-वास के काम आएंगे।अधिकारियों ने बताया कि ऐसे ही 54 डिब्बे दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन मेंटिनेंस डिपो में हैं। उनका कहना है कि भविष्य में दिल्ली को कुल मिलाकर ऐसे 500 डिब्बे मुहैया कराए जाएंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार दिन में कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों की किल्लत दूर करने के लिए केन्द्र दिल्ली को ट्रेन के 500 डिब्बे उपलब्ध कराएगा। भारतीय रेल ने अपने 5 हजार से ज्यादा डिब्बों को करीब दो महीने पहले पृथक-वास के लिए तैयार किया था, फिलहाल उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दिल्ली ने इनकी मांग की है। उत्तर प्रदेश में ऐसे 70 डिब्बे तैनात किए गए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, भदोई, फैजाबाद, सहारनपुर, मिर्जापुर और झांसी में 10-10 डिब्बे तैनात किए गए हैं। दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन मेंटिनेंस डिपो में 54 डिब्बे खड़े किए गए हैं। तेलंगाना को 60 डिब्बे मिले हैं जबकि 20 अन्य डिब्बे आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में खड़े किए गए हैं।उत्तर प्रदेश ने ऐसे 24 जगहों पर 240 ऐसे डिब्बों की मांग की है वहीं तेलंगाना ने तीन जगहों के लिए 60 और दिल्ली ने ऐसे 10 डिब्बे मांगे थे। दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 31 मई को 160 बिस्तरों की क्षमता वाले 10 ऐसे डिब्बों की पहली खेप खड़ी की गई। अब बाकी के 44 डिब्बे भी तैनात कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति आयोग द्वारा बनायी गई समेकित कोविड योजना के तहत इन डिब्बों का उपयोग वहां किया जाएगा जहां राज्यों के पास कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति या संदिग्ध संक्रमण व्यक्तियों को रखने की जगह नहीं बची होगी। इन डिब्बों में चिकित्सा से जुड़े जरुरी उपकरण जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर, कंबल, अन्य मेडिकल सप्लाई और संक्रमण मुक्त किए गए बर्थ उपलब्ध हैं। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन डिब्बों में सिर्फ हल्के लक्षणों वाले लोगों को ही रखा जा सकता है।-




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