- Home
- देश
-
नई दिल्ली।‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। हर बार की तरह पीएम मोदी ने अद्भुत और प्रेरणास्पद किस्से सुनाए। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में काटेझरी गांव की कहानी देशवासियों के साथ साझा की। यह भारत का एक ऐसा गांव है जहां पर आजादी के 77 साल बाद कोई सरकारी बस पहुंची। उन्होंने ये भी बताया कि इतने बरसों बाद बस पहुंचने की वजह क्या रही?
जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत कियापीएम मोदी ने कहा, ” मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी। क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था।”माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैउन्होंने आगे कहा, ” यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। काटेझरी में आए इस परिवर्तन को आसपास के पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।”केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई हैबता दें कि केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में माओवाद को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस गांव में 20 मई को बस सेवा शुरू हुई, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ ), छत्तीसगढ़ पुलिस, और अन्य विशेष बलों ने संयुक्त अभियान चलाए हैं।( - गुवाहाटी. असम सरकार ने शनिवार को पहलगाम आतंकवादी हमले के चार पीड़ितों के परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान की तथा राज्य के मंत्री देशभर के विभिन्न शहरों में उनके आवासों पर गये। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स' पर कई पोस्ट में कहा कि उनके तीन कैबिनेट सहयोगी पीड़ितों के घरों पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मेरे सहयोगी रानोज पेगु ने जयपुर में दिवंगत नीरज उधवानी के परिवार को सहायता राशि प्रदान की है। हमें उम्मीद है कि इससे उन्हें तत्काल कठिनाइयों से निपटने में मदद मिलेगी।'' पेगु ने कहा कि उन्होंने उनकी पत्नी और उधवानी की मां को तीन-तीन लाख रुपये सौंपे।मंत्री रंजीत कुमार दास उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुभम द्विवेदी के आवास पर गये। उन्होंने कहा, ‘‘असम इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जायेगा।'' मंत्री कृष्णेंदु पॉल कोलकाता में बिटन अधिकारी के आवास पर गये। पॉल ने कोलकाता में एक अन्य पीड़ित समीर गुहा के परिवार से भी मुलाकात की और सहायता राशि सौंपी। असम सरकार जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दे रही है।
- नयी दिल्ली. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सुब्रह्मण्यम ने नीति आयोग शासी परिषद की 10वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कुल मिलाकर वैश्विक और आर्थिक माहौल भारत के अनुकूल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। आज हम 4,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था जापान से बड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से बड़े हैं और अगर हम अपनी योजना और सोच पर कायम रहते हैं, तो ढाई-तीन साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे।'' आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के बयान पर एक सवाल का जवाब देते हुए, सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘शुल्क दरें क्या होंगी, यह अनिश्चित है। लेकिन जिस तरह चीजें बदल रहीं हैं, हम विनिर्माण के लिए सस्ती जगह होंगे।'' ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले एप्पल आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में ही होगा, न कि भारत में या कहीं और। नीति आयोग के सीईओ ने यह भी कहा कि संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने का दूसरा चरण तैयार किया जा रहा है और इसकी घोषणा अगस्त में की जाएगी।
- मुंबई. महाराष्ट्र सरकार जल्द ही अहिल्यानगर जिले में 18वीं सदी की इंदौर शासक अहिल्याबाई होल्कर की जन्मस्थली चोंडी के लिए 681 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी देगी। महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मई को चोंडी में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह में भाग लेंगी। शिंदे ने अहिल्यानगर में संवाददाताओं को बताया कि विकास योजना को मंजूरी देने वाला सरकारी प्रस्ताव (जीआर) सोमवार या मंगलवार को जारी होने की संभावना है। शिंदे ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी और उन्हें 31 मई के कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। परिषद के अध्यक्ष ने कहा, "राज्य सरकार ने तीर्थयात्रा विकास परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें से चोंडी को 681 करोड़ रुपये मिलेंगे।
-
गुव्वलचेरुवु. आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में शनिवार सुबह एक ट्रक के कार से टकरा जाने की घटना में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत अपने परिवार के साथ चिंतापुट्टायपल्ली गांव जा रहे थे, इस दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे गुव्वलचेरुवु घाट रोड पर यह हादसा हुआ। पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, “वे कार से कडप्पा की ओर जा रहे थे। उनके पीछे फर्नीचर से लदा हुआ ट्रक चल रहा था। ट्रक ने एक मोड़ पर कार को टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार कुल छह लोगों में से चार की मौत हो गई।” मृतकों में श्रीकांत, उनकी पत्नी, बेटी और एक भतीजा शामिल हैं। हादसे में घायल दो वयस्कों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। -
जमशेदपुर. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कृष्ण कुमार (40), उनकी पत्नी डोली देवी (35) और उनकी नाबालिग बेटियों के शव शुक्रवार रात आदित्यपुर थाना क्षेत्र के गम्हरिया के चित्रगुप्त नगर स्थित उनके घर में फंदे से लटके मिले। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई है।
अधिकारियों ने बताया कि गम्हरिया स्थित एक इस्पात संयंत्र में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में काम करने वाले कृष्ण कुमार को हाल ही में कैंसर से पीड़ित होने का पता चला था, जिसके बाद से वे मानसिक रूप से काफी तनाव में थे। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। -
जैसलमेर. कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले ने पूरे देश के साथ साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सैनिकों को भी आक्रोशित कर दिया था और पड़ोसी देश के साथ संघर्ष छिड़ने पर उन्होंने सीमावर्ती चौकियों पर कमान संभाली। सीमा सुरक्षा बल की सैनिक जसबीर ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले पर उन्हें बहुत गुस्सा आया।
उन्होंने कहा, "हम भी शादीशुदा हैं और पहलगाम हमला हुआ तो हमें भी बहुत गुस्सा आया। हमने उन महिलाओं का दर्द महसूस किया जिन्होंने अपने पति खो दिए।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मन को जवाब मिल गया है।
जसबीर ने कहा, “उनकी हरकत का जवाब उन्हें मिल गया है। अगर आइंदा ऐसी हरकत करेंगे तो उसका जवाब भी मिलेगा।” राजस्थान के चार जिलों - श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर की 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है। जसबीर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी की भी प्रशंसा की और कहा कि महिला अधिकारियों को वहां देखना गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, "बहुत गर्व की बात थी। हमें बहुत अच्छा लगा कि उन्होंने इतना अच्छा काम किया और हमारे देश का नाम रोशन किया।” उन्होंने कहा, “पाकिस्तान वालों को भी पता चला कि भारत से पंगा लेना कोई आसान बात नहीं है। एक अन्य सैनिक सरिता ने कहा कि पहलगाम हमले के तुरंत बाद उन्हें पुरुषों के साथ तैनात किया गया था।
उन्होंने कहा,"ड्रोन उड़े, संदिग्ध हरकतें देखी गईं, लेकिन हमारे बलों ने हर कोशिश को विफल कर दिया। दिन हो या रात, हालात चाहे जो भी रहे हों हम ड्यूटी पर तैनात थे।” सैनिक सोनल ने हमले के बाद की भावनात्मक स्थिति को याद करते हुए कहा, "पहलगाम के आतंकी हमले में कई महिलाओं के पतियों को निशाना बनाया गया। यह हमारे सिंदूर पर सीधा प्रहार था। पाकिस्तान का तो ऐसी हरकतों का इतिहास रहा है लेकिन अब हम हमेशा तैयार और सतर्क रहते हैं।" सैनिक ने कहा, “पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया है। आगे भी करेंगे।'
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। बदले में, पाकिस्तान ने जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों समेत कई स्थानों पर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की विफल कोशिश की। इस बीच सीमा पर भीषण गर्मी को देखते हुए बीएसएफ ने अपने जवानों के लिए कई कदम उठाए हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि जवानों के शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने के लिए ड्यूटी पॉइंट पर वाटर कूलर, नींबू पानी, छाछ की व्यवस्था की गई है। अधिकारी ने कहा, "रेगिस्तान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन बीएसएफ के जवान और अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हैं और ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।" - - इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमाननयी दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया जो 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे जल्दी आगमन है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मानसून 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था।दक्षिण-पश्चिमी मानसून सामान्यतः एक जून तक केरल में प्रवेश करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है। 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत से इसकी वापसी शुरू हो जाती है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, मानसून दक्षिणी राज्य में पिछले साल 30 मई को, 2023 में आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को, और 2018 में 29 मई को आया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब यह नहीं है कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी उसी तरह पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़े पैमाने पर परिवर्तनशीलता और वैश्विक, क्षेत्रीय एवं स्थानीय कारकों से तय होता है। आईएमडी ने अप्रैल में इस साल मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान जताया था जिससे अल नीनो की स्थिति की संभावना खारिज हो गई। अल नीनो प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम वर्षा से जुड़ी है
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर राज्य का विकास जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सभी राज्य प्रगति नहीं करेंगे, तब तक भारत भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो सकता। यह बैठक ‘विकसित भारत : 2047 के लिए विकसित राज्य’ विषय पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
अपने उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और इसलिए हमें ऐसे शहरों का निर्माण करना चाहिए जो भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा, “विकास, नवाचार और स्थिरता हमारे शहरों के विकास का आधार होना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हमें विकास की रफ्तार तेज करनी होगी। अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।”उन्होंने राज्यों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्य को कम से कम एक पर्यटन स्थल को वैश्विक स्तर पर विकसित करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “हर राज्य को ‘एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य’ मॉडल अपनाना चाहिए। इससे आसपास के शहरों और क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिक अब केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। यह 140 करोड़ लोगों की आकांक्षा है और इसे तभी पूरा किया जा सकता है जब हर राज्य मिलकर विकास करे।” महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को महिलाओं को वर्कफोर्स में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे महिलाएं सम्मान के साथ कार्यबल में शामिल हो सकें।”यह बैठक केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक विचार-विमर्श का मंच है। इसमें उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और देशभर में स्थायी रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह 11 बजे आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 122वीं कड़ी होगी। आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क, आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट और न्यूज ऑन मोबाइल ऐप पर यह कार्यक्रम सीधे प्रसारित होगा। आकाशवाणी समाचार, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी से हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद मन की बात कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित होगा।
-
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत कभी भी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और परमाणु धमकियों के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने यह बात बीते शुक्रवार को जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान कही। जयशंकर ने साफ किया कि भारत, पाकिस्तान से किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना, केवल द्विपक्षीय रूप से ही निपटेगा और इस पर किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। जयशंकर ने कहा, “मैं ऐसे समय में बर्लिन आया हूं जब भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी तरह कायम है। हम कभी परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेंगे और पाकिस्तान से किसी भी मसले पर केवल सीधी बातचीत ही होगी।”
इस मौके पर जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुआ आतंकवादी हमला बेहद क्रूर था और जर्मनी इसकी कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, “हम भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार देते हैं। यह सराहनीय है कि मौजूदा समय में संघर्षविराम लागू है और हमें उम्मीद है कि यह स्थिति स्थिर रहेगी ताकि भारत-पाकिस्तान बातचीत से समाधान निकाल सकें।” दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा की। साथ ही, भविष्य में आपसी सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई, जिनमें टेक्नोलॉजी, रक्षा, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन प्रमुख हैं।बातचीत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बर्लिन में भारत-जर्मनी रणनीतिक संबंधों पर उपयोगी बातचीत हुई। पड़ोस से लेकर वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। मैं भारत में जर्मन विदेश मंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।” गौरतलब है कि जर्मनी, विदेश मंत्री जयशंकर की तीन देशों की यात्रा का आखिरी चरण है। इस दौरे की शुरुआत 19 मई को नीदरलैंड्स से हुई थी, इसके बाद उन्होंने डेनमार्क की यात्रा की थी। दोनों देशों में उन्होंने शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विस्तार से चर्चा की।- -
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में मामूली बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने हालात की समीक्षा करते हुए बताया कि अभी तक दिल्ली में 23 सक्रिय कोविड-19 केस सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि निजी लैब्स से हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच की जा रही है कि ये संक्रमित लोग दिल्ली के निवासी हैं या बाहर से आए हैं। हालांकि उन्होंने राजधानी के नागरिकों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार और सभी सरकारी अस्पताल कोविड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अस्पतालों के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट्स और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक चल रही है ताकि हालात पर करीबी नजर रखी जा सके।
इसके साथ ही मंत्री पंकज सिंह ने यह भी घोषणा की कि आने वाले 100 दिनों में दिल्लीवासियों को 39 नए आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात दी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 से जुड़ी सतर्कता को लेकर सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके पास पर्याप्त संख्या में कोविड बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयां, वैक्सीन, वेंटिलेटर, बाय-पैप मशीन और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हों।कोविड ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) के मामलों की रिपोर्टिंग रोजाना आईएचआईपी पोर्टल पर करनी होगी। दिल्ली स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर भी सभी कोविड संबंधी आंकड़े प्रतिदिन साझा किए जाएंगे। आईसीएमआर की गाइडलाइंस के अनुसार कोविड जांच की जाएगी, जिसमें आईएलआई के 5% और एसएआरआई के 100% मामलों की अनिवार्य जांच शामिल है।इसके अलावा, कोविड पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोकनायक अस्पताल भेजे जाएंगे ताकि किसी भी नए वेरिएंट की पहचान समय पर हो सके। अस्पताल परिसरों में मास्क पहनना और अन्य श्वसन शिष्टाचारों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, कोविड नियमों का पालन करें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच करवाएं। -
नई दिल्ली। भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के संज्ञान में आया है कि फील्ड असिस्टेंट (जीडी) के 1736 पदों की भर्ती के संबंध में एक फर्जी विज्ञापन ऑनलाइन प्रसारित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्टों से पता चलता है कि इस फर्जी भर्ती से जुड़ी कथित लिखित परीक्षा के लिए फर्जी एडमिट कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं।कैबिनेट सचिवालय ऐसे किसी भी भर्ती विज्ञापन से स्पष्ट रूप से इनकार करता है और स्पष्ट करता है कि फील्ड असिस्टेंट (जीडी) की भर्ती के लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
जनता को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें तथा भर्ती से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल कैबिनेट सचिवालय या भारत सरकार के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही करें। -
नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि उसने दशकों से सीमा पार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों का सामना किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर एक खुली बहस में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बार-बार नागरिकों को ढाल बनाया है। श्री हरीश ने कहा कि दुनिया ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए कुख्यात आतंकियों के अंतिम संस्कार में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को शामिल होते हुए देखा है। श्री हरीश ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने इस महीने की शुरुआत में जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया था।
- -प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाया जाएगानई दिल्ली। मतदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाने और मतदान के दिन व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से की गई विभिन्न पहलों के अनुरूप, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा प्रदान करने और प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाने के लिए दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनाव संचालन नियम, 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुरूप हैं।शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते कवरेज और उपयोग से न केवल आम मतदाताओं बल्कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा मतदान के दिन मोबाइल फोन के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा देने का फैसला किया है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर केवल मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी और वह भी फोन बंद करने के बाद। मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के पास बहुत ही साधारण लकड़ी के ख़ाने यानि बॉक्स या जूट के बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। मतदाता को मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रतिकूल स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है। मतदान केंद्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने वाले चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49एम, का सख्ती से पालन किया जाना लागू रहेगा।इसके अलावा, चुनाव के दिन सुविधा में सुधार के उद्देश्य से, आयोग ने चुनावी कानूनों के अनुरूप प्रचार के लिए स्वीकार्य मानदंडों को मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की दूरी तक तर्कसंगत बनाया है। हालांकि, मतदान के दिन मतदान केंद्र के आसपास 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। इसलिए, अगर मतदाता आयोग द्वारा जारी अपनी आधिकारिक मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) नहीं ले जा रहे हैं, तो मतदाताओं को अनौपचारिक पहचान पर्ची जारी करने के लिए मतदान के दिन उम्मीदवारों द्वारा स्थापित बूथ अब किसी भी मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जा सकते हैं।चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग कानूनी ढांचे के अनुसार तय नियमों के आधार पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही मतदाताओं के लिए सुविधाओं में विस्तार के लिए निरंतर नवाचार भी कर रहा है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का विषय ‘विकसित राज्य से विकसित भारत @2047’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है। यह बैठक केंद्र और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को ‘टीम इंडिया’ की भावना से एक साथ लाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री का मानना है कि जब तक राज्यों में जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं होगा, तब तक 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं पूरी नहीं की जा सकतीं। इसलिए सभी राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप, लेकिन स्थानीय जरूरतों पर आधारित दीर्घकालिक और समावेशी विजन दस्तावेज तैयार करें, जिनमें मानव विकास, आर्थिक प्रगति, सतत विकास, तकनीकी नवाचार और शासन सुधार शामिल हों।
इसके अलावा राज्यों को सलाह दी गई है कि वे अपने भूगोल और जनसंख्या संबंधी विशेषताओं का उपयोग करें, और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करें। इस प्रक्रिया में डेटा-आधारित कार्यप्रणालियों, आईसीटी सक्षम इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स और मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन सेल्स की मदद से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। बैठक का एक अहम एजेंडा यह भी होगा कि राज्यों को विकसित भारत की नींव के रूप में कैसे तैयार किया जाए। इसके तहत उद्यमिता को बढ़ावा, स्किलिंग में सुधार, और स्थायी रोज़गार के अवसरों पर विचार किया जाएगा।यह बैठक 13-15 दिसंबर 2024 को हुई मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई चर्चा को भी आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है कि उस सम्मेलन का विषय-‘उद्यमिता, रोज़गार और कौशल को बढ़ावा देना-सांख्यिकीय लाभांश का उपयोग’ था। इसमें छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सिफारिशें दी गई थीं : टियर 2 और 3 शहरों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अनुकूल माहौल बनाना, टियर 2 और 3 शहरों में सर्विस सेक्टर के लिए अनुकूल माहौल, ग्रामीण क्षेत्रों में एमएसएमई और अनौपचारिक रोजगार, शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई और अनौपचारिक रोजगार, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर: नवीकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर: सर्कुलर इकॉनमी। इस अहम बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्रीगण, और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और सीईओ शामिल होंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग जगत से पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश करने के लिए पहले कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, पिछले 11 वर्षों में यह क्षेत्र पिछड़े सीमांत क्षेत्र से ग्रोथ फ्रंट रनर यानि विकास में अग्रणी क्षेत्र में तब्दील हो गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीति ने पूर्वोत्तर को विकास में प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र अब भारत की विकास कहानी के केंद्र में आ गया है।उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस नीति के तहत केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों का 700 से अधिक बार दौरा किया है और उन्होंने अपने दौरे के दौरान उनके लिए एक रात रुकना भी अनिवार्य कर दिया है।उन्होंने बताया कि इससे केंद्र को विकास की रणनीति तैयार करने में जमीनी हकीकत और लोगों की आकांक्षाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने में मदद मिली।पूर्वोत्तर का विकास एक “भावनात्मक जुड़ाव”उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर का विकास न केवल क्षेत्र के बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास में परिलक्षित एक ईंट और मोर्टार की कहानी है, बल्कि एक “भावनात्मक जुड़ाव” भी है, जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है।पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की क्रांतिपीएम मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की क्रांति ने अब लंबे समय से पिछड़े क्षेत्र को अवसरों की भूमि में बदल दिया है। पीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 11,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्ग, सैकड़ों किलोमीटर रेलवे लाइन और जलमार्गों का विकास इस बुनियादी ढांचे के विकास का हिस्सा है, जिसने क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। इसके अलावा, राज्य में 4 जी और 5 जी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले बड़ी संख्या में मोबाइल टावर और 1600 किलोमीटर पाइपलाइन गैस ग्रिड का निर्माण किया गया है।यह बुनियादी ढांचा अब विकास को आगे बढ़ाने के लिएयह बुनियादी ढांचा वह रीढ़ है जिसका उपयोग उद्योग अब विकास को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, क्योंकि अब क्षेत्र में पर्याप्त बिजली, राजमार्ग और रसद है।उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में शांति लौट आई है क्योंकि 10,000 से अधिक युवाओं ने मुख्यधारा में वापस आने के लिए बंदूकें छोड़ दी हैं, क्योंकि सरकार ने आतंकवाद और हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है।उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्धप्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि केंद्र ने क्षेत्र में स्कूलों, मेडिकल कॉलेजों, आईआईटी और तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्रणाली में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। परिणामस्वरूप, अब उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्ध है।पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक गतिशील और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए किया डिज़ाइन23-24 मई को होने वाला दो दिवसीय शिखर सम्मेलन, पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) को एक गतिशील और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की अप्रयुक्त आर्थिक क्षमता को प्रस्तुत करके और प्रमुख हितधारकों, निवेशकों, उद्योग के नेताओं और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर वैश्विक और घरेलू दोनों निवेशकों को आकर्षित करना है।यह शिखर सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ किए गए रणनीतिक शिखर सम्मेलन-पूर्व जुड़ावों की श्रृंखला का समापन है। इनमें उच्च-स्तरीय रोड शो, राज्य गोलमेज सम्मेलन, राजदूतों की बैठक और वाणिज्य के द्विपक्षीय चैंबरों के साथ सत्र शामिल थे।शिखर सम्मेलन से पहले मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी और नई दिल्ली सहित प्रमुख भारतीय शहरों में रोड शो सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, ताकि इस क्षेत्र में गति और निवेशकों की रुचि पैदा की जा सके। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को पूरी तरह से दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है और यह साबित कर दिया है कि भारत में आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित है।
शाह ने ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम उठाने का श्रेय पीएम मोदी को दिया22वें सीमा सुरक्षा बल (BSF) इन्वेस्टिचर समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के दौरान बोलते हुए, शाह ने भारतीय सशस्त्र बलों की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में आमूल-चूल परिवर्तन और ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम उठाने का श्रेय दिया।हमने न तो किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और न ही किसी एयरबेस पर हमला कियाउन्होंने भारत की संयमित और सटीक रणनीति को रेखांकित करते हुए कहा, “हमने न तो किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और न ही किसी एयरबेस पर हमला किया। हमने केवल और केवल उन आतंकी अड्डों को नष्ट किया जिन्होंने हमारे देश में अपराध किए थे।” शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय नेतृत्व, खुफिया जानकारी और सैन्य क्षमता को दिया।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से देश दुनिया में एक्सपोज हो गया है“ऑपरेशन सिंदूर प्रधानमंत्री की दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति, हमारी एजेंसियों की सटीक खुफिया सूचनाओं और सेना की जबरदस्त मारक क्षमता का परिणाम है। जब ये तीनों एक साथ आते हैं, तो ऑपरेशन सिंदूर जैसा अभियान होता है।” गृहमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से देश दुनिया में एक्सपोज हो गया है।भारत में हो रही आतंकी घटनाएं पाकिस्तान द्वारा प्रायोजितशाह ने BSF के एक कार्यक्रम में कहा “ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की घटनाओं के कारण पाकिस्तान अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। भारत में जो आतंकवाद है, वह पाकिस्तान प्रायोजित है। जब पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला हुआ, तो पाकिस्तानी सेना ने ही जवाब दिया। दुनिया ने देखा कि जब मारे गए आतंकवादी नेताओं का अंतिम संस्कार हुआ, तो पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारी न केवल मौजूद थे, बल्कि उनके जनाजे को कंधा देते और नमाज में हिस्सा लेते नजर आए,”पाहलगाम आतंकी हमले के बाद, हमने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया2014 के बाद भारत की बदलती सुरक्षा नीति पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा, “दशकों से देश आतंकवाद का सामना कर रहा है। पाकिस्तान ने कई बार हमला किया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जब उरी में बड़ा हमला हुआ, तो हमने सर्जिकल स्ट्राइक की। पुलवामा हमले के बाद हमारी सेना ने एयर स्ट्राइक से जवाब दिया। और अब, एक बार फिर हमने आतंकी अड्डों को खत्म कर दिया।”भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर संयमित और सटीक प्रहार करते हुए अपनी दृढ़ नीति का परिचय दियापाहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों की तेज और रणनीतिक प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए गृहमंत्री ने कहा:”दुनिया भर में कई देशों ने आतंकी हमलों का जवाब दिया है, लेकिन भारत की प्रतिक्रिया अलग रही है। जब पाहलगाम में हमला हुआ, हमने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस अभियान के चंद मिनटों में हमने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिनमें से 2 उनके मुख्यालय थे।” बीएसएफ के योगदान को स्वीकार करते हुए गृहमंत्री ने कहा “जब यह तय किया गया कि एक सीमा पर एक बल सुरक्षा देगा, तब बीएसएफ को दो सबसे चुनौतीपूर्ण सीमाओं बांग्लादेश और पाकिस्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। आप अपनी क्षमताओं के चलते ही दोनों सीमाओं की सुरक्षा बखूबी कर रहे हैं।” - नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 12,000 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी मामले में धन शोधन जांच के तहत शुक्रवार को जेपी इंफ्राटेक, जेपी एसोसिएट्स और कुछ अन्य के खिलाफ कई स्थानों पर तलाशी ली। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) और मुंबई में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है।उन्होंने बताया कि छापेमारी जेपी इंफ्राटेक, जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड और अन्य से संबंधित मामले में की जा रही है। इसमें घर खरीदारों और निवेशकों के साथ करीब 12, हजार करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और धन के हेरफेर से जुड़े मामले शामिल हैं।सूत्रों ने बताया कि गौरसंस, गुलशन, महागुन और सुरक्षा रियलिटी जैसे समूह की संबद्ध संस्थाओं पर भी छापेमारी की जा रही है। संबंधित कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- सिरमौर : हिमाचल प्रदेश की बेटी कृतिका शर्मा ने माउंट एवरेस्ट पर विजय पताका फहराकर न केवल प्रदेश बल्कि देश भर को गौरवान्वित किया है. होनहार बेटी की इस बड़ी उपलब्धि पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई लोगों ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी है.दरअसल कृतिका एनसीसी की कैडेट हैं और जिला सिरमौर के पांवटा साहिब कॉलेज की बीए सेकेंड ईयर की छात्रा है. 19 साल की कृतिका ने माउंट एवरेस्ट शिखर की सफल चढ़ाई पर फर्स्ट एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन ने भी खुशी जाहिर की है. 1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी, सोलन की ओर से बताया गया कि कृतिका ने 18 मई 2025 को माउंट एवरेस्ट के शिखर को सफलतापूर्वक फतह किया है. उनका यह असाधारण साहसिक कार्य न केवल उनके महाविद्यालय और बटालियन, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश एनसीसी समूह के लिए गौरव का विषय है.1 एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी के अनुसार हमारे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि कैडेट कृतिका ने माउंट एवरेस्ट के शिखर को सफलतापूर्वक फतह किया है. उनका ये असाधारण साहसिक कार्य न केवल उनके कॉलेज और बटालियन, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश एनसीसी समूह के लिए गौरव का विषय है.सीएम सुक्खू ने दी बधाईदूसरी तरफ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी सिरमौर ज़िला के गत्ताधार गांव की निवासी एनसीसी कैडेट कृतिका शर्मा को बधाई दी है, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर अपनी विजय पताका को फहराते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृतिका की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. उन्होंने कृतिका को उनकी इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी.मुख्यमंत्री के अलावा हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत कई नेताओं ने कृतिका की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह करने पर सोशल मीडिया के जरिये शुभकामनाएं दी हैं.कमांडिंग ऑफिसर ने किया प्रोत्साहितएनसीसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कैडेट कृतिका की इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 4 अगस्त 2024 को हुई, जब उन्हें तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल ने माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए चयनित किया. उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें कठोर और विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें कई ट्रायल कैंप, एक बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स और एक एडवांस माउंटेनियरिंग अभियान शामिल थे. इस प्रशिक्षण ने कृतिका को इस चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार किया.इस पूरे अभियान के दौरान कर्नल संजय शांडिल कृतिका के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन के स्तंभ बने रहे. उन्होंने हर चरण पर कृतिका को प्रोत्साहित किया और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया. उनका मार्गदर्शन और विश्वास कैडेट कृतिका के मनोबल को ऊंचा बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा. इसी के चलते अपने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और साहसिक भावना के बल पर कैडेट कृतिका ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया और आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गईं.एवरेस्ट फतेह करने वाली बटालियन की दूसरी कैडेटकृतिका बटालियन की दूसरी कैडेट बनीं हैं, जिन्होंने एवरेस्ट शिखर को फतह किया है. इससे पहले कैडेट बलजीत कौर ने यह गौरव प्राप्त किया था. उधर कैडेट कृतिका की यह उपलब्धि आज के युवाओं को नशे और सोशल मीडिया की लत से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को पर्वतारोहण एवं खेलों जैसी चुनौतीपूर्ण और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित करती है.वहीं कर्नल संजय शांडिल ने कैडेट कृतिका और उनकी एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट पूजा भट्टी को इस अद्वितीय सफलता के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, जिन्होंने एक बार फिर फर्स्ट एचपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन का परचम वैश्विक मंच पर गर्व से लहराया है. कर्नल शांडिल ने आज के युवाओं से भी आह्वान किया कि 'वो कैडेट कृतिका के मार्ग का अनुसरण करें और खेल, साहसिक गतिविधियों सहित राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लें, जिससे वे स्वयं और देश दोनों को गौरवान्वित कर सकें.'
-
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) ने देशभर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सभी स्कूलों और कॉलेजों को तंबाकू और नशा मुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाएं। यह कदम DoSEL के सचिव संजय कुमार ने 15 मई 2025 को गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 8वीं बैठक के बाद उठाया गया है। बैठक में चर्चा की गई कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षा और कानून व्यवस्था विभागों को मिलकर काम करना होगा।
गौरतलब है कि भारत एक युवा देश है, जहां बड़ी संख्या में लोग 29 साल से कम उम्र के हैं। यह युवा वर्ग देश का भविष्य है और इन्हें तंबाकू व नशे के दुष्प्रभावों से बचाना बहुत जरूरी है। 2019 में हुए ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS-2) के अनुसार, भारत में 13 से 15 साल के 8.5% छात्र किसी न किसी रूप में तंबाकू का उपयोग कर रहे हैं। और भी चौंकाने वाली बात यह है कि हर दिन भारत में 5,500 बच्चे तंबाकू का सेवन शुरू करते हैं। तंबाकू का सेवन अकसर अन्य नशीले पदार्थों की ओर पहला कदम बन जाता है। बच्चे यह उत्पाद स्कूलों के पास की दुकानों से आसानी से खरीद लेते हैं, जबकि ऐसा करना कानून के खिलाफ है।इसी खतरे को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने ‘तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (ToFEI)’ नाम से दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का एक कार्यान्वयन मैनुअल 31 मई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य स्कूलों और कॉलेजों को पूरी तरह तंबाकू मुक्त बनाना है। इसमें कुल 9 जरूरी कदम बताए गए हैं, जैसे कि संस्थान के गेट और परिसर में ‘तंबाकू मुक्त क्षेत्र’ का बोर्ड लगाना, परिसर में तंबाकू के इस्तेमाल का कोई प्रमाण न होना, तंबाकू से होने वाले नुकसान की जानकारी वाली सामग्री लगाना, हर 6 महीने में कम से कम एक जागरूकता गतिविधि करना, तंबाकू निगरानी अधिकारी (Tobacco Monitor) नियुक्त करना, स्कूल के नियमों में तंबाकू निषेध नीति शामिल करना, संस्थान के चारों ओर 100 गज की दूरी पर पीली रेखा खींचना और उस क्षेत्र में तंबाकू की बिक्री पर रोक लगाना। इनमें आखिरी दो कार्यों के लिए स्थानीय प्रशासन की मदद सबसे जरूरी मानी गई है।इस अभियान को असरदार बनाने के लिए मंत्रालय ने 31 मई 2025 (विश्व तंबाकू निषेध दिवस) से 26 जून 2025 (अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं और तस्करी विरोधी दिवस) तक एक महीने का विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने का आह्वान किया है। इस दौरान राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे COTPA अधिनियम 2003 की धारा 6(b) को सख्ती से लागू करें। यह कानून शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री और नाबालिगों को तंबाकू बेचने या उनके द्वारा बेचने पर रोक लगाता है। साथ ही, राज्यों को यह सलाह दी गई है कि वे स्कूल-कॉलेज स्टाफ के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया (SOP) बनाएं ताकि वे कानून का उल्लंघन होने पर बिना डर के सीधे स्थानीय पुलिस को सूचना दे सकें।मंत्रालय ने स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षकों और अभिभावकों से भी इस मुहिम में सहयोग मांगा है। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही स्कूलों और कॉलेजों को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में बदला जा सकता है। इस प्रयास को और मजेदार बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने 22 मई 2025 से 21 जुलाई 2025 तक ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस जागरूकता क्विज-2025’ भी शुरू किया है, जिसे लोग MyGov पोर्टल (https://quiz.mygov.in/quiz/world-no-tobacco-day-awareness-quiz/) पर जाकर खेल सकते हैं। यह क्विज छात्रों और आम जनता को तंबाकू के नुकसान के बारे में सरल और रोचक तरीके से जानकारी देने का प्रयास है।शिक्षा मंत्रालय ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान का समर्थन करें और मिलकर देश के स्कूलों और कॉलेजों को तंबाकू और नशा मुक्त बनाने में सहयोग करें।-( - मुम्बई,। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने मंगलवार को इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में ‘विश्व मधुमक्खी दिवस-2025’ के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस वर्ष का आयोजन थीम – "प्रकृति से प्रेरित मधुमक्खी, सबके जीवन की पोषक" (Bee inspired by nature to nourish us all) पर आधारित था, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण "श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति" के अभियान को सशक्त करता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए मधुमक्खी पालक लाभार्थी, प्रशिक्षु, वैज्ञानिकों, सफल मधुमक्खी पालकों, छात्रों, और विशेषज्ञों की उपस्थिति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में केवीआईसी की उपलब्धियों को साझा किया गया। यह आयोजन न केवल एक तकनीकी मंच रहा, बल्कि ग्रामीण भारत के नवाचार, प्रेरणा और स्वावलंबन की सजीव मिसाल बना। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुश्री रूप राशि की उपस्थिति में किया।मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा, "मधुमक्खियां हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं। ये न केवल शहद देती हैं, बल्कि परागण के जरिए हमारी खेती को समृद्ध करती हैं और पर्यावरण का संरक्षण करती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘हनी मिशन’ आज गांवों की आजीविका का बड़ा आधार बन चुका है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने जब ‘स्वीट क्रांति’ का आह्वान किया, तब उन्होंने एक नया रास्ता दिखाया; जिसमें शहद उत्पादन न केवल आर्थिक समृद्धि का, बल्कि स्वास्थ्य समृद्धि का भी स्रोत बना। उनके नेतृत्व में केवीआईसी ने इस दिशा में जो कार्य किया है, वह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।"अध्यक्ष केवीआईसी ने विशेष रूप से केवीआईसी के ‘हनी मिशन’ की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि केवीआईसी द्वारा अब तक देशभर में 2,29,409 मधुमक्खी बक्से और मधु कॉलोनियां वितरित की गई हैं, जिससे लगभग 20,000 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हुआ है। इससे मधुमक्खी पालकों को लगभग 325 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में हनी मिशन से जुड़े मधुमक्खी पालकों ने करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य का शहद विदेश में निर्यात किया है।इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुश्री रूप राशि ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "हनी मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह एक समग्र आजीविका मॉडल है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों युवाओं, महिलाओं और किसानों को इस मिशन से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि केवीआईसी द्वारा संचालित हनी प्रोसेसिंग प्लांट्स, प्रशिक्षण केंद्र और मार्केटिंग नेटवर्क ने मधुमक्खी पालन को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है।"कार्यक्रम में केंद्रीय मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CBRTI), पुणे की ऐतिहासिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वर्ष 1962 में स्थापित इस संस्थान ने आज तक 50,000 से अधिक मधुमक्खी पालकों को आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी है। CBRTI का उद्देश्य न केवल शहद उत्पादन को बढ़ावा देना है, बल्कि किसानों को परागण के माध्यम से कृषि और बागवानी उत्पादकता बढ़ाने की जानकारी देना, मधुमक्खी पालन से संबंधित अनुसंधानों को बढ़ावा देना और उद्यमिता विकास को सशक्त करना भी है।कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने बताया कि मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग 75 प्रतिशत खाद्य फसलों का परागण मधुमक्खियों के माध्यम से होता है। यदि मधुमक्खियां न रहें, तो 30 प्रतिशत खाद्य फसलें और 90 प्रतिशत जंगली पौधों की प्रजातियां संकट में आ सकती हैं। कार्यक्रम में देश के सभी हिस्सों से लाभार्थियों ने डिजिटल रूप से अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इसके साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक, कविता, और निबंध ने कार्यक्रम में जीवंतता भर दी। कार्यक्रम में केवीआईसी के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
-
नई दिल्ली। ‘ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और पाकिस्तान में जड़ जमा चुके आतंकवाद की सच्चाई से दुनिया के दूसरे देशों को अवगत कराने के लिए निकला कनिमोझी का प्रतिनिधिमंडल मास्को पहुंच चुका है। वहीं, क्योटो पहुंचे संजय झा ने भारत की सोच से जापानी राजनयिकों को अवगत कराया।
कनिमोझी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल 23 मई की सुबह मास्को पहुंचाकनिमोझी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल 23 मई की सुबह मास्को पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद राजीव राय, भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश, प्रेमचंद गुप्ता, आप के राज्यसभा सांसद डॉ. राजीव मित्तल, नेशनल कांफ्रेंस के मिया अल्ताफ अहमद, नेपाल, यूरोपीय संघ, बेल्जियम, लक्जमबर्ग में भारत के राजदूत रहे मंजीव पूरी और पूर्व विदेश सेवा अधिकारी और रूस में भारत के राजदूत रहे विनय कुमार शामिल हैं। रूस स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से प्रतिनिधिमंडल के मास्को पहुंचने की तस्वीरें शेयर की हैं।आज भारत आतंकवाद से जूझ रहा है, कल आपका नंबर हो सकता है इसलिए तटस्थ मत रहिए22 मई को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर जापान के क्योटो पहुंचा। दौरे के दूसरे दिन भारत का पक्ष रखते हुए संजय झा ने कहा, “हम दुनिया को यह बताने के लिए आए हैं कि आज भारत आतंकवाद से जूझ रहा है, कल आपका नंबर हो सकता है इसलिए तटस्थ मत रहिए। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सभी के लिए है। पाकिस्तान आतंकवादियों को फंड देता है, उन्हें प्रशिक्षित करता है और फिर भारत में भेजता है इसलिए आतंक के खिलाफ लड़ाई सबको लड़नी होगी।” संजय झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में राजदूत मोहन कुमार, भाजपा सांसद डॉ. हेमांग जोशी, सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी, भाजपा सांसद बृज लाल और भाजपा सांसद प्रदान बरुआ और कांग्रेस के सलमान खुर्शीद शामिल हैं।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने गोलीबारी करते हुए 26 लोगों की हत्या कर दी थीजम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने गोलीबारी करते हुए 26 लोगों की हत्या कर दी थी। 7 मई को भारतीय सेना ने इस हमले का बदला लेते हुए जवाबी कार्रवाई की थी और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान की जनता और सैन्य क्षमता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन पाकिस्तानी सेना ने सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से हमले शुरू कर दिए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन विफल कर दिए। भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया।ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने और पाकिस्तान के भ्रामक प्रचार का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत सरकार ने सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को विदेश यात्रा पर भेजा हैपाकिस्तान इस नुकसान और अपने यहां आतंकवाद के अस्तित्व को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है और भारत से संबंधित गलत और भ्रामक खबरें दुनियाभर में फैला रहा है। भारत का हमला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत हुआ था। इसकी सफलता से दुनिया को अवगत कराने के लिए और पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करने के लिए भारत सरकार ने सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है और ग्रुप में अलग-अलग देशों में भेज रही है। कनिमोझी और संजय झा का प्रतिनिधिमंडल इसी के तहत मास्को और क्योटो में हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण की बातचीत चल रही है। इस बातचीत में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देश एक पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर पहुंचने के लिए काम कर रहे हैं।
भारत ने अमेरिका के सामने एक अहम भागीदार के रूप में खुद की छवि पेश कीभारत ने विकास और जनसांख्यिकी के दृष्टिकोण को देखते हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के सामने अपने महत्व को उजागर करते हुए एक अहम भागीदार के रूप में खुद की छवि पेश की है।अमेरिकी वाणिज्य सचिव के साथ सकारात्मक और उपयोगी रही बैठककेंद्रीय मंत्री गोयल ने गुरुवार (अमेरिकी समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए सचिव हॉवर्ड लुटनिक के साथ एक सकारात्मक और उपयोगी बैठक हुई।”दोनों देश अपने व्यवसायों और लोगों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धकेंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दोनों देश “अपने व्यवसायों और लोगों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” भारत और अमेरिका 2025 की शरद ऋतु की सहमत समयसीमा से पहले टैरिफ को कम करने के लिए बीटीए के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने के लिए काम कर रहे हैं, क्योंकि समझौते के लिए संदर्भ की शर्तें पहले ही अंतिम रूप दे दी गई हैं।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कही ये बातइससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने संवाददाताओं से कहा, “भारत की विकास दर को देखते हुए, अगले 25-30 वर्षों में एक बड़ी, महत्वाकांक्षी, युवा आबादी वस्तुओं और सेवाओं की मांग में इजाफा करेगी। हमारा मानना है कि अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता करने के लिए भारत एक आकर्षक अवसर पेश करता है।”2030 तक 500 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का रखा है महत्वाकांक्षी लक्ष्यअगर दोनों देश टैरिफ कम करने पर एक समझौते करते हैं, तो इससे अमेरिका और भारत के बीच व्यापार में वृद्धि होगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री की हाल ही में वाशिंगटन डीसी की यात्रा के दौरान एक संयुक्त बयान में 2030 तक 500 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी टैरिफ हटाने की पेशकश कीअमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में दावा किया था कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी टैरिफ हटाने की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि सफलता के बावजूद वे व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर जल्दी में नहीं हैं। -
नयी दिल्ली.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कर्मियों को अदम्य साहस और असाधारण वीरता दिखाने के लिए बृहस्पतिवार को छह कीर्ति चक्र प्रदान किए, जिनमें से चार को मरणोपरांत दिए गए हैं। कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
सरकार की ओर से साझा की गई पुरस्कार विजेताओं की सूची के अनुसार, ‘सिख लाइट इन्फैंट्री' के कर्नल मनप्रीत सिंह, राष्ट्रीय राइफल्स के दो अन्य सैन्य कर्मियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को 33 शौर्य चक्र भी प्रदान किए, जिनमें से सात को मरणोपरांत दिए गए हैं। मराठा लाइट इन्फैंट्री, 56 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू और पंजाब रेजिमेंट, 22 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर मंजीत को कीर्ति चक्र दिया गया। बयान में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, 63 राष्ट्रीय राइफल्स के राइफलमैन रवि कुमार; सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कर्नल मनप्रीत सिंह; आर्टिलरी रेजिमेंट, 28 राष्ट्रीय राइफल्स के नायक दिलवर खान; और जम्मू- कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हिमायूं मुजम्मिल भट को मरणोपरांत भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन ने बाद में अपने आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल पर एक पोस्ट में समारोह की तस्वीरें भी साझा कीं। पोस्ट में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्क्वॉड्रन लीडर फ्लाइंग (पायलट) दीपक कुमार को शौर्य चक्र प्रदान किया। उन्होंने अंधेरी रात में विमान उतारने का साहसिक निर्णय लेकर जानमाल की संभावित हानि को रोका।












.jpg)
.jpg)





.jpg)








.jpg)