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बेलगावी . कर्नाटक के बेलागावी जिले से लगभग 90 किलोमीटर दूर दत्त जंबोटी रोड पर हुई दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को हुई दुर्घटना में पांच लोगों की घटनास्थल पर जबकि एक अन्य की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार एक कार ने खड़े हुए दोपहिया वाहन और फिर एक अन्य दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, खड़े हुए वाहन के पास मौजूद दो लोगों को गंभीर चोट आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनमें से हनमंत मलप्पा माल्यागोल नामक व्यक्ति की अस्पताल में मृत्यु हो गई। पुलिस ने कहा कि अन्य मृतकों की पहचान एकनाथ भीमप्पा पदतारी (22), मल्लिकार्जुन रामप्पा मराठे (16), आकाश रामप्पा मराठे (14), लक्ष्मी रामप्पा मराठे (19) और नागपा लक्ष्मण यादवन्नावर (48) के रूप में हुई है। मुर्गोड पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। बेलगावी जिले के पुलिस अधीक्षक भीमाशंकर गुलेद ने कहा कि पिछले तीन दिन में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 25 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और तेज गति से वाहन चलाने से बचने की अपील की।
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कोलकाता, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 26 फरवरी को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 28 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर ने शनिवार को कहा कि 28 स्टेशनों के पुनर्विकास पर 704 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी 26 फरवरी को 550 अमृत भारत स्टेशनों की आधारशिला रखेंगे। देउस्कर ने यहां पूर्व रेलवे मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में 28 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। उन्होंने कहा कि 28 स्टेशनों में से 17 पश्चिम बंगाल में, सात झारखंड में और चार बिहार में हैं।
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मुंबई. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मुंबई के घाटकोपर से पड़ोसी ठाणे जिले में कल्याण स्टेशन तक एक लोकल ट्रेन से यात्रा की। मंत्री ने मुंबई महानगर क्षेत्र की ‘जीवनरेखा' कही जाने वाली लोकल ट्रेन से की गई अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें भी ‘एक्स' पर पोस्ट कीं। सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, सीतारमण ने 30 किलोमीटर की यात्रा के दौरान यात्रियों के साथ बातचीत की। मुंबई क्षेत्र में प्रतिदिन 65 लाख से अधिक लोग उपनगरीय ट्रेन से यात्रा करते हैं।
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कासगंज (उप्र). कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह गंगा स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पटियाली-दरियावगंज मार्ग पर एक पोखर में पलट गयी जिससे बच्चों और महिलाओं समेत 24 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी घटना पर दुख जताया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शलभ माथुर ने शनिवार को फोन पर बताया कि वह मंडलायुक्त के साथ मौके पर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार श्रद्धालु एटा के जैथरा से कासगंज में गंगा स्नान करने जा रहे थे तभी पटियाली-दरियावगंज मार्ग पर अन्य वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। पहले उन्होंने बताया था कि इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली सात-आठ फुट गहरे दलदली तालाब में पलट गई जिससे सात बच्चे और आठ महिलाओं समेत 15 लोगों की मौत हो गयी। लगभग 15 से 20 घायल लोगों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। बाद में माथुर ने कहा कि कुल 24 लोगों की मौत हो गयी है। उन्होंने कहा कि जल्द पोस्टमार्टम कराकर शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
पुलिस द्वारा जारी मृतकों की सूची के अनुसार, शकुंतला (70), ऊष्मा (24), मीरा (65), सपना (22), पुष्पा (45), शिवम (30), देवांशी (छह), सुनयना (10), सिद्धू (डेढ़ वर्ष), कुलदीप (सात), कार्तिक (चार), पायल (दो माह), लड्डू (तीन), संध्या (पांच) दीक्षा (19), गायत्री (52), श्यामलता (40), गुड्डी (75), शिवानी (25), मीरा (55), अंजलि (24) और ज्योति (24) की मौत हो गयी। इसके अलावा दो अन्य की भी मौत हो गयी। माथुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। शुरुआती बचाव अभियान में शामिल स्थानीय निवासी प्रवीण कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने तालाब से 15 शव निकाले। उन्होंने कहा, "सड़क पर जो भी वाहन आ रहे थे, हमने उसके जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।" प्रधानमंत्री कार्यालय के 'एक्स' अकाउंट पर मोदी ने कहा,''हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश के कासगंज में ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में गिरने से हुआ हादसा दुख से भर देने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “इसके साथ ही मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की निगरानी में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।'' वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने शोक संदेश में कहा, ''जनपद कासगंज में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित निःशुल्क उपचार के निर्देश दिए गये हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।'' समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर कहा,''अत्यंत दुःखद! कासगंज में गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में पलटने से बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की ख़बर, बेहद दुखद है।“ उन्होंने कहा, “ (प्रशासन) राहत बचाव का कार्य तेज कर लोगों का जीवन बचाए। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दे सरकार।'' बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने 'एक्स' पर कहा कि कासगंज में ट्रैक्टर-ट्राली के तालाब में पलट जाने से श्रद्धालुओं की मौत होने तथा अन्य कई लोगों के घायल होने की खबर अति-दुःखद। उन्होंने कहा, “शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सरकार पीड़ित परिवारों की यथाशीघ्र हर संभव मदद ज़रूर करे।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में अगले पांच वर्षों में विश्व की सबसे बड़ी खाद्यान्न भंडारण योजना के अंतर्गत सात सौ लाख टन खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विशाल परिय़ोजना पर आने वाले वर्षों में एक लाख 25 हजार करोड़ से अधिक रुपये खर्च किये जायेंगे।
प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली में सहकारिता क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया और आधारशिला रखी। श्री मोदी ने सहकारी क्षेत्र में 11 राज्यों की 11 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों- पैक्स में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। उन्होंने इस पहल के अंतर्गत गोदामों और अन्य कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए देश भर में 500 अतिरिक्त पैक्स की आधारशिला भी रखी।प्रधानमंत्री ने देश भर में 18 हजार पैक्स में कम्प्यूटरीकरण की परियोजना का भी उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य सहकार से समृद्धि के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप सहकारी क्षेत्र का कायाकल्प करना और छोटे तथा सीमांत किसानों को सशक्त बनाना है।प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सहकारिता क्षेत्र के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, खाद्य तेलों और दालों के आयात को कम करने और इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए अनेक पहल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो लाख से अधिक सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में अमूल और लिज्जत पापड़ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की भागीदारी पर बल दिया गया है।इस अवसर पर सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने देश में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 18 हजार पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में पैक्स का दायरा बढ़ाए जाने से वर्ष 2027 तक खाद्यान्न के शत-प्रतिशत भंडारण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। -
इंदौर (मध्यप्रदेश) . इंदौर के कुटुंब न्यायालय ने वैवाहिक विवाद के मामले में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली एक महिला को आदेश दिया है कि वह उसके कथित तौर पर बेरोजगार पति को भरण-पोषण के लिए हर महीने 5,000 रुपये अदा करे। इस व्यक्ति के वकील मनीष झारोला ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
झारोला ने संवाददाताओं को बताया,‘‘हमारे एक अंतरिम आवेदन पर कुटुंब न्यायालय ने 20 फरवरी (मंगलवार) को आदेश दिया कि मेरे मुवक्किल की पत्नी उसे हर माह भरण-पोषण के लिए 5,000 रुपये अदा करे और मुकदमे का खर्च अलग से दे।'' उन्होंने कहा कि महिला ब्यूटी पार्लर चलाती है और उसका पति उसकी कथित शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण 12वीं के बाद पढ़ाई पूरी नहीं कर सका था। झारोला ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कुटुंब न्यायालय में दायर अर्जी में कहा कि वह फिलहाल बेरोजगार होने से खुद के भरण-पोषण में असमर्थ है।उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘एकतरफा प्रेम में पड़ी'' महिला और उसके परिवार वालों ने उनके मुवक्किल को "डरा-धमका कर" उसे आर्य समाज के मंदिर में वर्ष 2022 के दौरान विवाह के लिए मजबूर किया था, जबकि वह इस शादी के लिए कतई राजी नहीं था। झारोला के मुताबिक उनके मुवक्किल ने अपनी पत्नी और उसके परिजनों की कथित प्रताड़ना के बारे में इंदौर के पुलिस आयुक्त को शिकायत भी की थी। उन्होंने कहा,"इस शिकायत का बदला लेने के लिए महिला ने मेरे मुवक्किल से वैवाहिक संबंध बहाल करने के वास्ते कुटुंब न्यायालय में अर्जी दायर कर दी। इसके साथ ही अपने पति के खिलाफ कथित घरेलू हिंसा का एक अन्य मामला जिला अदालत में दर्ज करा दिया।
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गोपेश्वर . उत्तराखंड के हिमालय में स्थित सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन न्यास के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बृहस्पतिवार को बताया कि धाम के कपाट 25 मई को खुलेंगे और 10 अक्टूबर को बंद होंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से इसी के अनुसार अपनी योजना बनाने का अनुरोध किया। हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के सीमावर्ती चमोली जिले में बदरीनाथ धाम के नजदीक है। समुद्रतल से करीब 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित यह तीर्थस्थल सर्दियों में बंद रहता है। पुलना से हिमालय में स्थित गुरुद्वारे तक के कठिन 17 किलोमीटर रास्ते के बावजूद हर साल भारत और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने यहां पहुंचते हैं।
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भुवनेश्वर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 फरवरी से ओडिशा की चार दिवसीय यात्रा करेंगी। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मयूरभंज, क्योंझर, गंजम, खुर्दा और संबलपुर सहित कई जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को राष्ट्रपति मयूरभंज जाएंगी, जहां उनका रायरंगपुर में कई परियोजनाओं की आधारशिला रखने और अन्य का उद्घाटन करने का कार्यक्रम है। सूत्रों के मुताबिक 29 फरवरी को वह धरणीधर विश्वविद्यालय में आदिवासियों पर एक राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी का उद्घाटन करने के लिए क्योंझर जाने से पहले मयूरभंज स्थित किचकेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना करेंगी। उसी दिन शाम को वह भुवनेश्वर में उत्कल विश्वविद्यालय के 53वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और शहर के राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगी। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू एक मार्च को गंजम जिले के बेहरामपुर विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी। वह दो मार्च को दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले संबलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के दौरे की तैयारी के लिए मुख्य सचिव पीके जेना की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें पुलिस महानिदेशक अरुण कुमार सारंगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को चार वेब पोर्टल शुरू किए, जो समाचारपत्र प्रकाशकों और टीवी चैनलों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी माहौल को बढ़ावा देकर सरकारी संचार में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने तथा नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में सक्षम बनाएंगे। इन चार पोर्टल में समाचारपत्र पंजीकरण को सुव्यवस्थित करने के लिए 'प्रेस सेवा' पोर्टल और 'नेवीगेट भारत' पोर्टल शामिल हैं जो सरकार के विकास-संबंधी और नागरिक कल्याणोन्मुख उपायों की संपूर्ण श्रृंखला पर वीडियो होस्ट करता है। दो अन्य पोर्टल में स्थानीय केबल ऑपरेटरों (एलसीओ) के पंजीकरण और पारदर्शी, मीडिया योजना और ई-बिलिंग प्रणाली शामिल है। ठाकुर ने यहां एक कार्यक्रम में वर्ष 2022-23 के लिए 'प्रेस इन इंडिया' शीर्षक से एक वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवर्तनगामी शासन और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया, जिससे भारत में व्यापार करने में आसानी में काफी सुधार हुआ है। इससे मौजूदा व्यवसायों और नए उद्यमों, दोनों से निवेश में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से स्टार्टअप इको-सिस्टम फला-फूला है, जिसमें स्टार्टअप और यूनिकॉर्न की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ठाकुर ने चार पोर्टलों को शुरू करने का जिक्र करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में व्यवसाय शुरू करना आसान बना दिया है और हमारा कदम भी उसी दिशा में है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने गुरुवार को कहा कि दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों की तस्करी एक गंभीर खतरा है जिस पर रोक के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर सीबीआई और इंटरपोल की सह-मेजबानी में एक अंतरराष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन करने के बाद सूद ने यह टिप्पणी की। दुर्लभ प्रजातियों की तस्करी पर क्षेत्रीय जांच और विश्लेषणा से जुड़े मामले की बैठक सीबीआई मुख्यालय में बुलाई गई जिसमें भारत, बांग्लादेश, मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड के विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्राथमिक ध्यान अन्य प्रासंगिक विषयों के अलावा, क्षेत्र के भीतर जीवित दुर्लभ पशुओं और पक्षियों के तस्करी के रास्ते और इस अपराध को अंजाम देने के तरीके को समझने पर होगा। बैठक में भाग लेने वाले विशेषज्ञ न केवल सूचना संबंधी कमियों की पहचान करेंगे, बल्कि आपराधिक जानकारी साझा करने की संभावनाओं का भी पता लगाएंगे।
- नयी दिल्ली. भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के अध्यक्ष रंजीत कुमार अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) से लेखा कार्यों में मदद मिलेगी और इससे चार्टर्ड अकाउंटेंट को विश्लेषणात्मक काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए काफी समय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट की काफी मांग है। आईसीएआई का अनुमान है कि अगले 20 से 25 साल में करीब 30 लाख चार्टर्ड अकाउंटेंट की जरूरत होगी। पिछले साल करीब 22,000 छात्रों ने चार्टर्ड अकाउटेंट की परीक्षा पास की। हाल में आईसीएआई के अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कृत्रिम मेधा के उपयोग पर एक समिति अगले दो महीनों में एक रूपरेखा लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि एआई ऐसी प्रौद्योगिकी है, जिससे काफी समय की बचत हो रही है।अग्रवाल ने कहा, ‘‘इससे आपको (चार्टर्ड अकाउंटेंट को) विश्लेषण के लिए अधिक समय मिलेगा... मेरा मानना है कि एआई चार्टर्ड अकाउंटेंट के पेशे के लिए मददगार साबित होने जा रहा है। इससे वे अन्य विश्लेषणात्मक क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।'' अग्रवाल ने कहा, ‘‘एआई चार्टर्ड अकाउंटेंट को बड़े क्षेत्रों में काम करने की अधिक गुंजाइश दे रहा है...एआई मानव बुद्धि से आगे नहीं निकल सकता।'' कई चार्टर्ड अकाउटेंट के नियामकीय जांच के दायरे में आने के बारे में उन्होंने ने कहा कि संस्थान ने चीजें संतुलित रखने के लिए कई उपाय किये हैं। अनुपालन नहीं करने के मामले में आईसीएआई ने सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे मामले हैं जहां चार्टर्ड अकाउटेंट के खिलाफ गलत शिकायत की गयी है। यह चिंता की बात है और इससे निपटने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय चार्टर्ड अकाउंटेंट के हितों की रक्षा के लिए दिशानिर्देश लेकर आएगा।अग्रवाल ने कहा कि यह जांच एजेंसियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) होगी।अग्रवाल ने कहा कि सालाना आधार पर लगभग 400-500 शिकायतें आती हैं।बायजू मामले पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया के अधीन है। नियामक कुछ वित्त वर्षों के लिए शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी के वित्तीय खुलासों की जांच कर रहा है। इस बीच, उन्होंने कहा कि पिछले साल, लगभग 22,000 छात्रों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा पास की और उनमें से 9,000 ने ‘कैंपस प्लेसमेंट' का विकल्प चुना।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ 48,018 छोटे मामले वापस लेने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर मामले गृह, उत्पाद शुल्क और वन एवं पर्यावरण विभाग से संबंधित हैं।मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विस्तृत जांच के बाद 48,018 मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसमें बताया गया है कि इन मामलों में से 36,581 मामले उत्पाद शुल्क विभाग, 9,846 गृह विभाग और 1,591 मामले वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत आते हैं। सीएमओ ने कहा, ‘‘इन मामलों को वापस लेने से अदालतों और न्यायिक व्यवस्था पर भी दबाव कम होगा।''राज्य सरकार के फैसले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां राज्य में 23 प्रतिशत आबादी जनजातीयों की है।
- इंदौर . इंदौर के जिलाधिकारी कार्यालय ने दो अलग-अलग संस्कृतियों के जोड़े की शादी पर सरकारी मोहर लगा दी है। शहर के एक युवा पेशेवर ने थाईलैंड की एक महिला के साथ अपनी शादी को इस कार्यालय में पंजीकृत कराया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) रोशन राय ने बताया कि इंदौर के प्रतीक दीक्षित ने थाईलैंड की सुपात्रा से मंगलवार को विशेष विवाह अधिनियम के तहत अपनी शादी पंजीकृत कराई और इस जोड़े के नाम इसका प्रमाणपत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि वर या वधू में से कोई भी एक व्यक्ति भारतीय नागरिक हो, तो जोड़े की शादी को देश के विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जा सकता है। दूल्हे प्रतीक दीक्षित ने बताया,‘‘सुपात्रा पहले मेरे साथ एक बैंक में काम करती थीं। मैं अपनी पहली नौकरी के दौरान उनसे पुणे में मिला था।'' उन्होंने बताया कि सुपात्रा की मां, दीदी और बहनोई उनकी शादी में शामिल होने थाईलैंड से इंदौर आए।दुल्हन सुपात्रा ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा,‘‘मैं अपनी शादी से निश्चित तौर पर उत्साहित हूं, पर अभी मीडिया के कैमरों से मुझे थोड़ी घबराहट भी हो रही है।'' उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को भारतीय संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों के बारे में पहले से काफी जानकारी है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के तरीकों पर शोध की जरूरत है, क्योंकि इससे पर्यावरण संबंधी कई समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। गडकरी ने कहा कि शोध कार्यों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन बनाने की भी बहुत बड़ी संभावना है। गडकरी ने ऐजिस ग्राह्म बेल अवॉर्ड्स के 14वें संस्करण में संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें ऐसे अनुसंधान की जरूरत है जो हमारे आयात (ईंधन के) को कम करने के लिए है, जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद करने वाला है, और जहां हम पारिस्थितिकी और पर्यावरण की समस्याओं को कम करने के लिए कचरे का उपयोग कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए भारत एक दिन मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा। पांच साल में एक दिन आएगा जब देश जैव-विमानन ईंधन का निर्यातक होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बांस गेहूं के भूसे और चावल के भूसे से बायोमास का उपयोग करके एथनॉल बनाया जा सकता है और एथनॉल से जैव-विमानन ईंधन बनाया जा सकता है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर को बुधवार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक प्रेरणा से भरा रहा तथा उसका हर अध्याय अद्भुत ज्ञान, असीम करुणा और मानवता के उत्थान के लिए अटूट प्रतिबद्धता से सुशोभित रहा। जैन संत को श्रद्धांजलि के रूप में लिखे गए एक लेख में, मोदी ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का जाना उस अद्भुत मार्गदर्शक को खोने के समान है, जिन्होंने उनका और अनगिनत लोगों का मार्ग निरंतर प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कई अवसरों पर संत का आशीर्वाद हासिल करने का सम्मान प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य का गहरा विश्वास था कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण उसके नागरिकों के कर्तव्य भाव के साथ ही अपने परिवार, अपने समाज और देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की नींव पर होता है। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने लोगों को सदैव ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता जैसे गुणों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। ये गुण एक न्यायपूर्ण, करुणामयी और समृद्ध समाज के लिए आवश्यक हैं। आज जब हम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं तो कर्तव्यों की भावना और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जीवन में हम बहुत कम ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिनके निकट जाते ही मन-मस्तिष्क एक सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। ऐसे व्यक्तियों का स्नेह, उनका आशीर्वाद, हमारी बहुत बड़ी पूंजी होता है। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज मेरे लिए ऐसे ही थे।''मोदी ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जैसे संतों को देखकर ये अनुभव होता था कैसे भारत में आध्यात्म किसी अमर और अजस्र जलधारा के समान अविरल प्रवाहित होकर समाज का मंगल करता रहता है। उन्होंने पिछले साल नवंबर में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी जैन मंदिर में उनसे हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि तब उन्हें जरा भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने पितातुल्य भाव से मेरा ख्याल रखा और देश सेवा में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुझे आशीर्वाद भी दिया। देश के विकास और विश्व मंच पर भारत को मिल रहे सम्मान पर उन्होंने प्रसन्नता भी व्यक्त की थी।'' उन्होंने कहा, ‘‘उनका जाना उस अद्भुत मार्गदर्शक को खोने के समान है, जिन्होंने मेरा और अनगिनत लोगों का मार्ग निरंतर प्रशस्त किया है।'' उन्होंने कहा कि भारत की पावन धरती ने निरंतर ऐसी महान विभूतियों को जन्म दिया है, जिन्होंने लोगों को दिशा दिखाने के साथ-साथ समाज को भी बेहतर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसी महान परंपरा में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का प्रमुख स्थान है। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने वर्तमान के साथ ही भविष्य के लिए भी एक नई राह दिखाई है। उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक प्रेरणा से भरा रहा। उनके जीवन का हर अध्याय, अद्भुत ज्ञान, असीम करुणा और मानवता के उत्थान के लिए अटूट प्रतिबद्धता से सुशोभित है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा ही एक न्यायपूर्ण और प्रबुद्ध समाज का आधार है और उन्होंने लोगों को सशक्त बनाने और जीवन के लक्ष्यों को पाने के लिए ज्ञान को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा, ‘‘आचार्य विद्यासागर महाराज की इच्छा थी कि हमारे युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो हमारे सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित हो। वह अक्सर कहा करते थे कि चूंकि हम अपने अतीत के ज्ञान से दूर हो गए हैं, इसलिए वर्तमान में हम अनेक बड़ी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अतीत के ज्ञान में वो आज की अनेक चुनौतियों का समाधान देखते थे।'' स्वास्थ्य के क्षेत्र में आचार्य विद्यासागर के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य को आध्यात्मिक चेतना के साथ जोड़ने पर बल दिया ताकि लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। उन्होंने युवा पीढ़ी से आचार्य विद्यासागर की प्रतिबद्धता के बारे में व्यापक अध्ययन करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे मतदान के प्रबल समर्थकों में से एक थे और मानते थे कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति है।
मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने हमेशा स्वस्थ और स्वच्छ राजनीति की पैरवी की। उनका कहना था- ‘लोकनीति लोभसंग्रह नहीं, बल्कि लोकसंग्रह है'। इसलिए नीतियों का निर्माण निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कालखंड में जब दुनियाभर में पर्यावरण पर कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं, तब आचार्य विद्यासागर ने एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जो प्रकृति को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हो। मोदी ने कहा कि इसी तरह उन्होंने अर्थव्यवस्था में कृषि को सर्वोच्च महत्त्व दिया और इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि वह नमो ड्रोन दीदी अभियान की सफलता से बहुत खुश होते। उन्होंने कहा, ‘‘आचार्य विद्यासागर देशवासियों के हृदय और मन-मस्तिष्क में सदैव जीवंत रहेंगे। उनके संदेश उन्हें सदैव प्रेरित और आलोकित करते रहेंगे। उनकी अविस्मरणीय स्मृति का सम्मान करते हुए हम उनके मूल्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ना सिर्फ उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि होगी, बल्कि उनके बताए रास्ते पर चलकर राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
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नयी दिल्ली. मेडिकल के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) पांच मई को 14 विदेशी शहरों के परीक्षा केंद्रों पर भी आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को यह घोषणा की। यह कदम एनटीए को उम्मीदवारों से अनुरोध मिलने के बाद उठाया गया है, क्योंकि इस महीने की शुरुआत में परीक्षा के संबंध में जारी सूचना बुलेटिन में परीक्षा देने के लिए भारत के बाहर केंद्रों का कोई उल्लेख नहीं था। एनटीए की वरिष्ठ निदेशक (परीक्षा) साधना पाराशर ने कहा, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि परीक्षा 12 देशों के 14 विदेशी शहरों में भी आयोजित की जाएगी।'' जिन 14 विदेशी शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनमें दुबई, अबू धाबी, शारजाह (यूएई), कुवैत शहर (कुवैत), बैंकॉक (थाईलैंड), कोलंबो (श्रीलंका), दोहा (कतर), काठमांडू (नेपाल), कुआलालंपुर (मलेशिया), लागोस(नाइजीरिया), मनामा (बहरीन), मस्कट (ओमान), रियाद (सऊदी अरब) और सिंगापुर शामिल हैं। नीट-यूजी परीक्षा पूरे भारत में 554 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
पाराशर ने कहा, ‘‘जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही भारत में केंद्रों का चयन कर लिया है और विदेशी केंद्रों के विकल्प के बिना शुल्क का भुगतान कर दिया है, लेकिन वे भारत के बाहर के केंद्रों पर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें पंजीकरण खिड़की पर सेवा समाप्त होने के बाद केंद्र और देश की पसंद में बदलाव करने का अवसर मिलेगा।'' नीट-यूजी आयुर्विज्ञान तथा शल्य-चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस), दंत चिकित्सा स्नातक (बीडीएस), आयुर्वेद, औषधि एंव शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएएमएस), सिद्ध औषधि एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएसएमएस) और यूनानी औषधि एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीयूएमएस) समेत अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि नौ मार्च है जबकि परीक्षा का परिणाम 14 जून को घोषित किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. कानून विशेषज्ञ एवं दिग्गज अधिवक्ता फली एस नरीमन का बुधवार को 95 वर्ष की आयु में यहां निधन हो गया। वह हृदय संबंधित परेशानियों सहित कई बीमारियों से जूझ रहे थे।
नरीमन का जन्म 10 जनवरी 1929 को हुआ था। नवंबर 1950 में उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय से वकालत शुरु की और 1961 में उन्हें वरिष्ठ वकील का दर्जा हासिल हुआ। नरीमन का जन्म रंगून (अब यांगून) में एक संपन्न कारोबारी परिवार में हुआ था। वर्ष 1942 में जापान की ओर से आक्रमण किये जाने के बाद उनका परिवार भारत आ गया। उस समय नरीमन 12 साल के थे। उन्होंने 70 वर्षों से अधिक समय तक वकालत की। शुरुआत बंबई उच्च न्यायालय से हुई और फिर 1972 से उच्चतम न्यायालय में उन्होंने लंबा सफर तय किया। नरीमन को मई 1972 में भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 26 जून 1975 को आपातकाल लागू होने के एक दिन बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने लंबे और शानदार कानूनी करियर में नरीमन ने कई ऐतिहासिक मामलों में पैरवी की। इनमें भोपाल गैस त्रासदी, ‘टीएमए पाई फाउंडेशन' और जयललिता का आय से अधिक संपत्ति जैसे मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के चर्चित मामले से भी जुड़े रहे। इस आयोग को उच्चतम न्यायालय ने भंग कर दिया था। भारतीय न्यायपालिक के ‘भीष्म पितामह' कहे जाने वाले नरीमन ने ‘बिफोर द मेमोरी फेड्स', ‘द स्टेट ऑफ द नेशन', ‘इंडियाज लीगल सिस्टम: कैन इट बी सेव्ड?' और ‘गॉड सेव द ऑनर्बेल सुप्रीम कोर्ट' जैसी किताबें भी लिखीं। नरीमन को जनवरी 1991 में पद्म भूषण और 2007 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। नवंबर 1999 में उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी मनोनित किया गया था।
उनके निधन की खबर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘ फली नरीमन का निधन एक युग का अंत है। एक दिग्गज, जो कानून और सार्वजनिक जीवन में हमेशा लोगों के दिलों-दिमाग में जीवित रहेंगे। अपनी सभी उपलब्धियों के अलावा, वह अपने सिद्धांतों पर अटल रहे और बिना लाग लपेट हर बात कहते थे। यही गुण उनके प्रतिभाशाली बेटे रोहिंटन में भी है।'' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उनके निधन से ना सिर्फ कानून जगत ने बल्कि देश ने एक ऐसी विशाल शख्सियत को खो दिया है, जिसकी बुद्धिमत्ता का हर कोई लोहा मानता था। उन्होंने कहा, ‘‘देश ने धार्मिकता के एक प्रतीक को खो दिया। एक अग्रणी, आदर्श और एक दिग्गज हमें छोड़कर चले गये। उन्होंने न्यायशास्त्र को अपने अहम योगदान से समृद्ध किया है। मैंने अदालत में उनके खिलाफ जिरह करके भी कुछ नया सीखा।'' अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, ‘‘बेहद दुखद समाचार। प्रख्यात न्यायविद् फली एस नरीमन का निधन। उन्हें वकील समुदाय का ‘भीष्म पितामह' भी माना जाता था। वह एक महान अधिवक्ता और हमारे परिवार के करीबी दोस्त थे। उनका निधन हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।'' नरीमन के बेटे रोहिंटन नरीमन उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रहे। -
91 की उम्र में आया हार्ट अटैक
42 साल तक सुपरहिट शो गीतमाला को किया होस्ट
मुंबई . जाने माने रेडियो प्रस्तोता अमीन सयानी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके बेटे राजिल सयानी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सयानी को मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। राजिल ने बताया कल रात दिल का दौरा पड़ने से एच एन रिलायंस अस्पताल में उनका निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें कल शाम लगभग छह बजे अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें बचाने की कोशिश की गई लेकिन लगभग सात बजे उनका निधन हो गया।" राजिल ने कहा कि उनके पिता का अंतिम संस्कार कल किया जाएगा और परिवार जल्द ही एक बयान जारी करेगा।
रेडियो सुनने का शौक रखने वालों के कानों में आज भी सयानी की आवाज में 'नमस्कार बहनों और भाइयो, मैं आपका दोस्त अमीन सयानी बोल रहा हूं' गूंजता है। कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला' ने उन्हें काफी लोकप्रियता दिलाई। उनका जन्म 21 दिसंबर, 1932 को मुंबई में हुआ था। उन्हें बचपन से ही लिखने का शौक था और महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी मां की पाक्षिक पत्रिका 'रहबर' के लिए लिखना शुरू कर दिया था। यही वह उम्र थी जब वह अंग्रेजी भाषा में एक कुशल प्रस्तोता बन गए थे और उन्होंने आकाशवाणी मुंबई की अंग्रेजी सेवा में बच्चों के कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। हालांकि जब सयानी ने ‘हिंदुस्तानी' में प्रस्तुति देने के लिए ऑडिशन दिया तो उनकी आवाज़ में हल्का गुजराती लहजा होने के कारण उनका चयन नहीं किया गया। जब तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री बी वी केसकर ने आकाशवाणी से हिंदी गानों पर प्रतिबंध लगा दिया तो रेडियो सीलोन लोकप्रिय होने लगा। सयानी को दिसंबर 1952 में रेडियो सीलोन पर 'बिनाका गीतमाला' पेश करने का मौका मिला और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह शो 1952 से 1994 तक 42 वर्षों तक भारी लोकप्रियता हासिल करता रहा।
पीएम मोदी बोले- अमीन सयानी भारतीय ब्रॉडकास्टिंग में क्रांति लाए
पीएम मोदी ने अमीन सयानी के निधन पर शाेक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- अमीन सयानी जी की सुनहरी आवाज में वो खूबसूरती और गर्मजोशी थी, जिसने उन्हें कई पीढ़ियों के लोगों से जोड़े रखा। अपने काम के जरिए वे भारतीय ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में क्रांति लाए और अपने श्रोताओं के साथ खास बॉन्ड बनाया। उनके जाने से दुखी हूं। उनके परिवार, चाहने वालों और सभी रेडियो प्रेमियों को सांत्वनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले। -
नयी दिल्ली. ‘स्काईरूट एयरोस्पेस' ने मंगलवार को ‘कल्पना फेलोशिप' शुरू करने की घोषणा की। यह भारत का अपनी तरह का पहला फेलोशिप कार्यक्रम है जो विशेष रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र की महिला इंजीनियरों को समर्पित है। हैदराबाद की ‘स्टार्ट-अप' कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘कल्पना फेलोशिप' अंतरिक्ष उद्योग में नयी ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए महिला इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने, प्रोत्साहित करने और सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। बयान के अनुसार, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की विरासत से प्रेरित फेलोशिप एक सर्वव्यापी कार्यक्रम प्रदान करती है जिसमें मासिक राशि, प्रायोगिक ज्ञान, अनुभवी पेशेवरों से मार्गदर्शन, स्काईरूट एयरोस्पेस में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और नवीन प्रौद्योगिकियों तक पहुंच शामिल है। वर्ष 2024 के लिए फेलोशिप पंजीकरण वर्तमान में जारी है।
बयान में कहा गया कि एक साल की फेलोशिप पूरी करने वाली उत्कृष्ट अभ्यर्थियों को ‘स्काईरूट एयरोस्पेस' में पूर्णकालिक भूमिकाओं में स्थानांतरित होने का अवसर मिलेगा। - नयी दिल्ली। जाने-माने लेखक और राजनयिक से नेता बने शशि थरूर को मंगलवार को यहां एक समारोह में फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' से नवाजा गया। कई पुस्तकों के लेखक और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर को फ्रांसीसी सीनेट के स्पीकर जेरार्ड लार्चर ने फ्रांसीसी दूतावास में इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। फ्रांस सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर के लिए इस पुरस्कार की घोषणा अगस्त 2022 में की थी, लेकिन उन्हें यह पुरस्कार मंगलवार को दिया गया। फ्रांसीसी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘सर्वोच्च फ्रांसीसी नागरिक पुरस्कार, भारत-फ्रांस संबंधों को गहरा करने, अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता के लिए और फ्रांस के लंबे समय से मित्र के रूप में डॉ. थरूर के अथक प्रयासों के लिए दिया गया है।'' थरूर ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा कि वह ‘शेवेलियर डे ला लेगियन डी'होनूर' (नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर) स्वीकार करके बेहद सम्मानित महसूस'' कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फ्रांस, उसके लोगों, उनकी भाषा और उनकी संस्कृति, विशेष रूप से उनके साहित्य और सिनेमा की प्रशंसा करने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आपके देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने को लेकर आभारी हूं।''
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नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि सरकार इस वर्ष जुलाई तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- एआई के लिए विनियामक ढांचे का मसौदा जारी करेगी।
मुंबई में दो दिन की नैसकॉम लीडरशिप समिट के आरंभिक सत्र में श्री चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार इस मसौदे पर कार्य कर रही है जो जून या जुलाई तक जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताओं का उपयोग करना और जोखिम तथा हानि की आशंका को कम करना है। श्री चन्द्रशेखर ने कहा कि सरकार एआई कुशल व्यक्ति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ऐसी वैश्विक शासन रुप रेखा के महत्व पर बल दिया जो सुरक्षा और विश्वास के साथ एआई का उपयोग कर सके। -
नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ शंभू बॉर्डर पर बैठे प्रदर्शनकारी किसानों की निंदा की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति लपीता बनर्जी की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रदर्शनकारी सार्वजनिक जीवन को बाधित नहीं कर सकते।
न्यायालय ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार राजमार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीठ ने किसानों की बड़ी सभा की अनुमति देने के लिए पंजाब सरकार से भी सवाल किया।उच्च न्यायालय पंचकूला निवासी वकील उदय प्रताप सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ता ने बताया कि इससे लोगों को असुविधा हो रही है और 13 फरवरी से एम्बुलेंस, स्कूल बसों और पैदल यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड रहा है। इस बीच, पंजाब और हरियाणा सरकार ने सुनवाई के दौरान मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट पेश की। - नयी दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित ‘डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर' को हल्के लड़ाकू विमान तेजस में एकीकृत किया गया है जो एक "महत्वपूर्ण घटनाक्रम" है। स्वदेश निर्मित तेजस एकल इंजन वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है जो उच्च खतरे वाले हवाई क्षेत्र में काम करने में सक्षम है। इसे हवाई रक्षा, समुद्री टोही और हमले की भूमिका निभाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, "तेजस एमके1ए कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ‘डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर' (डीएफसीसी) को प्रोटोटाइप एलएसपी7 में एकीकृत किया गया और 19 फरवरी को सफलतापूर्वक उड़ान संचालन किया गया।" ‘तेजस-एमके1ए' संस्करण के लिए डीएफसीसी को वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई), बेंगलुरु द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उड़ान नियंत्रण के सभी महत्वपूर्ण मानक और प्रदर्शन संतोषजनक पाए गए। इसने कहा कि पहली उड़ान का संचालन राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र से संबद्ध विंग कमांडर सिद्धार्थ सिंह केएमजे (सेवानिवृत्त) ने किया। भारतीय वायुसेना पहले ही ‘तेजस एलसीए एमके1' का संचालन शुरू उकर चुकी है।विमान के उन्नत संस्करण ‘तेजस एमके1ए' में उन्नत मिशन कंप्यूटर और उच्च-प्रदर्शन डिजिटल उड़ान नियंत्रण कंप्यूटर (डीएफसीसी एमके1ए) सहित कई आधुनिक प्रणालियां हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस एमके1ए के लिए इस महत्वपूर्ण प्रणाली के विकास एवं सफल उड़ान परीक्षण में शामिल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), वायुसेना, एडीए और उद्यमों की की सराहना की। सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।तेजस विमान भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार बनने के लिए तैयार है जिसमें शुरुआती संस्करण के लगभग 40 तेजस पहले ही शामिल किए जा चुके हैं।
- जम्मू.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ उनका संबंध 40 साल से भी अधिक पुराना है और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद दूर-दराज के स्थानों से बड़ी संख्या में लोगों का उनकी रैली में आना उनके प्रति प्रेम का प्रमाण है। उन्होंने यहां मौलाना आज़ाद स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "लोगों का प्यार हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है।" मोदी ने कहा, "जम्मू और कश्मीर के साथ मेरा संबंध 40 साल से अधिक पुराना है क्योंकि मैंने एक कार्यकर्ता के रूप में यहां बहुत सारे कार्यक्रम और दौरे किए हैं। बारिश और ठंड की स्थिति के बावजूद भारी भीड़ एवं उत्साह तथा हर किसी का ध्यान से सुनना लोगों के प्यार को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि विकसित भारत को समर्पित कार्यक्रम का जम्मू-कश्मीर के 285 ब्लॉक और देश के विभिन्न स्थानों पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है, जहां लाखों लोग इसे देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "इतना बड़ा कार्यक्रम और वह भी जम्मू-कश्मीर में, जहां प्रकृति हमें हर पल चुनौती देती है। इतनी धूमधाम से यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए जम्मू-कश्मीर के लोग वास्तव में बधाई के पात्र हैं।" उन्होंने पद्दारी जनजाति, पहाड़ी जातीय समूह, गड्डा ब्राह्मण और कोली समुदायों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने, अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा में सीट आरक्षण, स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण के लिए बधाई दी। मोदी ने कहा, "मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी का पूरा होना है।" उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' विकसित जम्मू-कश्मीर की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि 'नया भारत' छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए अधिक खर्च कर रहा है और पिछले 10 वर्षों में शिक्षा एवं कौशल विकास उनकी सरकार का केंद्रबिंदु रहा है। मोदी ने कहा कि सरकार देश भर में महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने की योजना बना रही है ताकि वे कृषि गतिविधियों के लिए उनका उपयोग कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, रेल, सड़क, विमानन, पेट्रोलियम और निकाय बुनियादी ढांचा क्षेत्रों से संबंधित 32,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देश के हर कोने में लोगों तक पहुंचा है क्योंकि "हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए"। मोदी ने कहा, ''यह मोदी की गारंटी है और यह कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) का जादू है।''‘नमो ड्रोन दीदी' योजना के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की गारंटी है कि महिलाओं को ड्रोन पायलट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं कल एक बहन का इंटरव्यू देख रहा था, जो बता रही थीं कि उन्हें साइकिल का पैडल चलाना नहीं आता था, लेकिन ट्रेनिंग के बाद वह 'ड्रोन पायलट' बनकर घर लौट रही हैं। बड़ी संख्या में बहनों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। देश और हमने हजारों स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन प्रदान करने का निर्णय लिया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के अलावा कृषि गतिविधियों में फायदेमंद हो सकते हैं। मोदी ने कहा, ''पिछले 10 साल में भारत 11वें से पांचवें नंबर की आर्थिक शक्ति बन गया है।''तीसरे कार्यकाल के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में लोगों से समर्थन मांगते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा ने पार्टी के लिए 370 सीट का लक्ष्य रखा है।
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जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं जब कश्मीर रेल मार्ग से कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा। उन्होंने उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के नवनिर्मित 48.1 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। प्रधानमंत्री ने यहां एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न विकास कार्य एक साथ हो रहे हैं जबकि अतीत में शेष भारत में तो काम होते थे लेकिन इसका लाभ या तो जम्मू-कश्मीर के लोगों को नहीं मिलता था या बहुत देर से उपलब्ध कराया जाता था। मोदी ने कहा, ‘‘आज देशभर में नये हवाई अड्डे बनाये जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर भी पीछे नहीं है। आज जम्मू हवाई अड्डे के विस्तार का काम शुरू हो गया है। बारामूला और संगलदान के बीच (48.1 किलोमीटर) खंड के चालू होने के साथ ही कश्मीर को कन्याकुमारी से रेल मार्ग से जोड़ने का सपना भी आज आगे बढ़ गया है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘वह दिन दूर नहीं जब लोग कश्मीर से ट्रेन पकड़कर पूरे देश में यात्रा कर सकेंगे।'' प्रधानमंत्री मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 के बारे में एक आगामी फिल्म का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि शायद इस सप्ताह अनुच्छेद 370 पर एक फिल्म रिलीज होने वाली है। मुझे लगता है कि आपकी ‘जय जयकार' पूरे देश में सुनाई देगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि फिल्म किस बारे में है लेकिन कल मैंने टीवी पर सुना कि अनुच्छेद 370 पर एक फिल्म आ रही है। अच्छा है, यह लोगों को सही जानकारी देने में उपयोगी साबित होगी।'' फिल्म ‘‘आर्टिकल 370'' का निर्माण आदित्य धर द्वारा किया गया है। धर ‘‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'' के निर्देशन के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।









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