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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रशासन ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों द्वारा मरीजों और उनके परिचारकों का शोषण करने की रिपोर्ट पर अस्पताल परिसर में वाणिज्यिक यात्री वाहनों के प्रवेश को विनियमित करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की है। एम्स मीडिया प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा सुविधा के लिए आने वाले मरीजों को पारदर्शी परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करना है। डॉ. दादा ने कहा कि मरीजों के साथ नियमित बातचीत के दौरान, यह पता चला कि कुछ ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक एम्स परिसर के भीतर छोटी-छोटी यात्राओं के लिए भी मरीजों से अधिक शुल्क ले रहे हैं। इस मुद्दे से निपटने और वाणिज्यिक यात्री वाहनों (सीपीवी) के प्रवेश को सुव्यवस्थित करने के लिए, कई उपाय किये जाएंगे। इसके तहत एम्स के सभी प्रवेश द्वारों के अंदर और बाहर प्रमुख द्विभाषी साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, जो इलेक्ट्रिक शटल की उपलब्धता, मार्गों और फेरों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इससे मरीजों को परिवहन विकल्पों के बारे में जानकारी रहेगी और उन्हें उचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सीपीवी के प्रवेश को विनियमित करने के लिए, एक अत्याधुनिक नंबर प्लेट रीडर कैमरा-आधारित टिकटिंग प्रणाली शुरू की जाएगी। नई टिकटिंग प्रणाली 31 दिसंबर तक चालू होने वाली है।
डॉ. दादा ने कहा, ‘‘एम्स रोगी को ध्यान में रखकर विभिन्न उपाय करने को लेकर प्रतिबद्ध है, और ये उपाय उस प्रतिबद्धता के अनुरूप हैं, जिसका लक्ष्य संस्थान में चिकित्सा देखभाल चाहने वालों के लिए समग्र अनुभव को बढ़ाना है।'' -
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल डल झील में शनिवार तड़के लगी भीषण आग से जलकर खाक हुई हाउसबोट से तीन शव बरामद किए गए है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डल झील के घाट संख्या नौ के पास जले हुए शव बरामद किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, मरने वालों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जबकि तीसरे की लैंगिक पहचान की अभी पुष्टि नहीं की जा सकी है। उन्होंने बताया कि मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डल झील में लगी भीषण आग में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई, जिसमें पांच हाउसबोट और उनसे जुड़ी इतनी ही झोपड़ियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। -
नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने शनिवार को भीड़भाड़ वाले बाजारों में फ्लैग मार्च किया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘वर्तमान त्योहारों के मद्देनजर दक्षिणी दिल्ली में एक फ्लैग मार्च किया गया, जो आंबेडकर नगर के विराट चौक से शुरू हुआ। साथ ही जनपथ मार्केट, कनॉट प्लेस, सरोजनी मार्केट, खान मार्केट, चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे अन्य बाजारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।'' पुलिस ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर विभिन्न इलाकों के थानेदारों को पहले ही उनके इलाकों में कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया जा चुका है। अधिकारियों ने कहा, ‘‘हमने यातायात पुलिस से पार्किंग के लिए उचित सुविधाओं की व्यवस्था करने और यात्रियों की सुविधा के लिए यातायात जाम के संबंध में अलर्ट जारी करने को कहा है।
- - अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा 51 शक्ति पीठों में से एक गोमती जिले के उदयपुर स्थित त्रिपुरेश्वरी मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय दिवाली उत्सव का उद्घाटन करेंगे। प्रकाश के पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए 700 वर्ष पुराने मंदिर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्य के वित्तमंत्री प्राणजीत सिंघ रॉय, पर्यटन एवं जनजातीय कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहेंगे। मंदिर के कपाट रविवार को तड़के साढ़े चार बजे खोले जाएंगे और पुजारी चंडी पाठ करेंगे।मंदिर के मुख्य पुजारी चंदन चक्रवर्ती ने बताया, ‘‘मुख्य अराध्य देवी त्रिपुरा सुंदरी का दिवाली के दिन विशेष आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। पूजा रविवार को रोज की तरह पूर्वाह्न 10 बजे शुरू होगा। विशेष पूजा शाम को की जाएगी।'' उन्होंने बताया कि उत्सव के पहले दिन रविवार को मंदिर के कपाट पूरी रात खुले रहेंगे लेकिन दूसरे एवं तीसरे दिन यानी सोमवार और मंगलवार को रात 11 बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। उत्सव समिति के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय ने बताया कि रविवार और सोमवार को मंदिर के अनुष्ठानों का सीधा प्रसारण श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए बड़े-बड़े स्क्रीन पर किया जाएगा।
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नई दिल्ली। बिहार विधान परिषद ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछडी जाति तथा अन्य पिछडी जाति के लिए राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षण पचास से बढाकर 65 प्रतिशत करने संबंधी संशोधन विधेयक आज सर्वसम्मति से पारित कर दिया। विपक्षी भाजपा ने भी इसका समर्थन किया।
राज्य विधानसभा ने कल इसे सर्वसम्मति से पारित किया था। यह विधेयक अब राज्यपाल को भेजा जायेगा। उनकी मंजूरी के बाद यह विधेयक अधिनियम बन जायेगा। सदन में विधेयक पेश करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पिछडी जातियों को सरकारी नौकरियों में 18 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। 25 प्रतिशत का अधिकतम आरक्षण अत्यंत पिछडी जातियों को तथा अनुसूचित जातियों को 20 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों को दो प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।राज्य में सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत का कोटा निर्धारित है जिसे यथावत रखा गया है। इसलिए अब आरक्षण की कुल सीमा 75 प्रतिशत हो जायेगी और 25 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए रहेगा। राज्य विधान परिषद ने सरकारी शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछडी जाति तथा अन्य पिछडी जाति के दाखिले के लिए आरक्षण बढाकर 65 प्रतिशत करने संबंधी संशोधन विधेयक को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। - मुंबई। दिवाली पर इस बार पर्यावरण के अनुकूल और भारत में बने उत्पादों का चलन दिख रहा है और मुंबईवासी शहर के कुछ प्रसिद्ध बाज़ारों में त्योहार के लिए ऐसी आवश्यक वस्तुएं खरीद रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हों। बाजारों में मोमबत्तियों से लेकर दीयों और रंगोलियों से लेकर लालटेनों तक दिवाली से संबंधित सामग्री की भरमार है और इस बार जोर भारत में बने उत्पादों पर है।पश्चिमी उपनगर माहिम की एक गली को कंदील लेन के नाम से जाना जाता है। यह अपनी लालटेन की दुकानों के लिए जानी जाती है और रोशनी के त्योहार से पहले जगमग हो उठी है।विभिन्न आकारों, रंगों और शैलियों के लालटेन बेचने वाली दुकानों से सजी यह गली त्योहार के दौरान गुलजार रहती है।दुकानदारों के मुताबिक इस साल कपड़े, कागज और गत्ते से बने लालटेन की मांग ज्यादा है।लालटेन लेन में एक दुकानदार वैभव कहते हैं, “हम कागज और कपड़े से बने लालटेन बेचते हैं, क्योंकि ग्राहक यही चाहते हैं। प्लास्टिक और थर्माकोल से पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में अधिक जागरूकता है, इसलिए लोग पर्यावरण-अनुकूल लालटेन खरीद रहे हैं। ”दुकानदारों का कहना है कि लोग भारत में बने उत्पादों और स्थानीय उत्पाद खरीदना चाहते हैं।लेन की एक अन्य दुकानदार स्वाति कहती हैं, ”ग्राहक स्थानीय स्तर पर बनी वस्तुएं खरीदना चाहते हैं और चीन में निर्मित उत्पादों में उनकी रुचि नहीं है।” पर्यावरण-अनुकूल और भारत-निर्मित लालटेन के चलन से पता चलता है कि लोग पर्यावरण के बारे में जागरूकता बढ़ाकर खरीदारी कर रहे हैं।
- जयपुर। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव अभियान में मिल रहा मतदाताओं का रुझान बेहद उत्साहजनक है और कांग्रेस का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस उम्मीद से पार्टी चुनाव लड़ रही है, उसे उससे ज्यादा बहुमत मिलेगा। टोंक में जनसम्पर्क के दौरान पायलट ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘ हमारा चुनावी अभियान बड़ा सकारात्मक है.. हमने जो घोषणाएं और जनकल्याण की बात रखी है उसे जनता पसंद कर रही है और कांग्रेस के उम्मीदवारों के प्रचार में लगातार भीड़ आ रही है।’’उन्होंने कहा ‘‘चुनाव अभियान बहुत अच्छा चल रहा है और मतदाताओं तथा कार्यकर्ताओं से मिल रहा रुझान बेहद उत्साहजनक है। मैं ऐसा मानता हूं कि कांग्रेस का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिस उम्मीद से हम चुनाव लड़ रहे हैं उससे ज्यादा बहुमत लेकर हम लोग निकलेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का राजस्थान आने का कार्यक्रम बन रहा है और वे बड़ी सभाओं को संबोधित करेंगे।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर लोग चुनाव की पूर्व संध्या पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहे हैं तो यह हवा के बदलते रूख का परिचायक है। उन्होंने दावा किया कि जनमानस का रूख क्या है और मतदाताओं के मन में क्या है, यह वह (पायलट) समझ रहे हैं।
- नयी दिल्ली,। दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली सरकार की कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (आप) नेता संजय सिंह की न्यायिक हिरासत की अवधि शुक्रवार को 24 नवंबर तक बढ़ा दी। विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने सिंह को संसद सदस्य के रूप में विकास कार्यों से संबंधित कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दी।न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें (सिंह को) पंजाब की एक अदालत के समक्ष पेश करने का भी निर्देश दिया, जब उसे सूचित किया गया कि पंजाब के अमृतसर की एक अदालत से एक मामले में पेशी वारंट प्राप्त हुआ है। धन शोधन रोधी एजेंसी ने सिंह को चार अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया कि सिंह ने आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे कुछ शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को फायदा हुआ था। हालांकि, इस नीति को अब रद्द कर दिया गया है ।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों से कहा है कि आगामी त्योहारी सीजन में वायु गुणवत्ता के खराब होने की आशंका के मद्देनजर मरीजों की संख्या में वृद्धि होने के आसार हैं और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां करनी चाहिए।स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक अतुल गोयल ने इस सप्ताह दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के स्वास्थ्य विभागों को लिखे पत्र में कहा कि वायु प्रदूषण न केवल गंभीर बीमारियों का कारण है, बल्कि श्वसन, हृदय और मस्तिष्क संबंधी पुरानी बीमारियों को भी बढ़ाता है।गोयल ने कहा, ‘बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों, पहले से बीमारियों से पीड़ित लोगों और यातायात पुलिसकर्मी और नगर निकाय से जुड़े कर्मियों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए परिणाम गंभीर हो सकते हैं।’ उन्होंने राज्यों से आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल तैयारियों का आग्रह किया।इसके लिए बिस्तरों की संख्या में वृद्धि, दवाओं और उपकरणों का भंडारण, स्वास्थ्य कार्यबल का क्षमता निर्माण और अधिक जागरूकता की आवश्यकता होगी।गोयल ने कहा, ‘जैसा कि आप अवगत होंगे कि हाल के दिनों में वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले कुछ दिनों में खराब से गंभीर स्तर तक पहुंच गया है। आगामी त्योहारी सीजन और सर्दियों की शुरुआत में यह और भी खराब हो सकता है।” उन्होंने अपने पत्र में राज्य के स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया कि प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि संभावित स्थिति के मद्देनजर राज्य विभिन्न जरूरी कदम उठाएं।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल' के आह्वान के अनुरूप बृहस्पतिवार को स्थानीय कलाकारों के बनाये स्वदेशी उत्पाद खरीदे। नड्डा ने लोगों से अपील की कि दिवाली उत्सव के दौरान अधिक से अधिक स्थानीय उत्पाद खरीदकर अभियान को आगे बढ़ाएं। प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2020 में ‘वोकल फॉर लोकल' का आह्वान किया था। उन्होंने बुधवार को अपनी यह अपील दोहराई और लोगों से आग्रह किया कि स्वदेशी उत्पाद या उसे बनाने वाले कारीगर के साथ सेल्फी नमो ऐप पर डालकर भारत की उद्यमशीलता की और रचनात्मक भावना का उत्सव मनाएं। भाजपा ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा देने के आह्वान पर पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को दिवाली से ठीक पहले कलाकारों के बनाये स्वदेशी उत्पाद खरीदे। उन्होंने इसके लिए डिजिटल माध्यम से भुगतान किया।'' नड्डा ने कहा कि देश की जनता को इस अभियान में शामिल होना चाहिए क्योंकि यह संकल्प स्थानीय कारीगरों के परिश्रम और समर्पण को मान्यता प्रदान करेगा।
- अयोध्या (उप्र). अयोध्या में बृहस्पतिवार को पहली बार हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन और ड्रोन नीति, मंदिर संग्रहालय के निर्माण और विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से करने समेत कुल 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परंपरा से हटकर भगवान राम और हनुमान की तस्वीरों वाले एक बैनर के सामने खड़े होकर खुद मीडियाकर्मियों को मंत्रिमंडल की इस बैठक में मंजूर किए गए प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी। सरयू नदी के तट पर स्थित रामकथा मंडप (सभागार) में आयोजित बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ हनुमान गढ़ी और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “कैबिनेट की इस बैठक में कुल 14 प्रस्ताव पेश किए गए जिन्हें मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण स्थापित करने का प्रस्ताव मंजूर किया जो इस राज्य में उपलब्ध जलाशयों में परिवहन के अवसरों की संभावना तलाशेगा।” उन्होंने कहा, “यह प्राधिकरण जलमार्ग का उपयोग कर परिवहन और व्यापार में सुधार के लिए काम करेगा और उत्तर प्रदेश को एक महत्वपूर्ण निर्यातक केंद्र बनाएगा।” मुख्यमंत्री और अन्य ने पीला गमछा पहन रखा था जिस पर श्री सीता राम लिखा था।भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मध्य प्रदेश में अपनी निर्धारित चुनावी बैठकों के कारण अयोध्या में हुई कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हो सके। मौर्य ने अपने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट में मध्य प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी चुनावी रैलियों की तस्वीरें भी साझा की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा , ‘‘अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण जलमार्गों का उपयोग करके परिवहन और व्यापार को बेहतर बनाने और राज्य को एक महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र बनाने के लिए काम करेगा। इसके अलावा, यह पानी खेलों को बढ़ावा देगा, पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाएगा और उत्तर प्रदेश को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद करेगा।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 12 नदियाँ हैं जो जल परिवहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राधिकरण भारत सरकार के साथ मिलकर काम करेगा और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व बाजार में आपूर्ति करने के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंत्रिमंडल ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ विकास परिषद के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए श्री अयोध्या धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इसके साथ ही बैठक में अयोध्या के मांझा जमथरा में मंदिर संग्रहालय के लिए 25 एकड़ जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर संग्रहालय के पीछे मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में हिंदू धर्म के बारे में जागरूकता विकसित करना है। संग्रहालय में अलग-अलग दीर्घाएँ होंगी जो मंदिर के विभिन्न पहलुओं जैसे उसके डिजाइन, निर्माण आदि को प्रदर्शित करेंगी। मंत्रिमंडल ने अयोध्या शोध संस्थान को अंतरराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने को भी मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने मां पाटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद के गठन का भी फैसला किया है जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित देवीपाटन मंडल के विकास का ख्याल रखेगी। मुजफ्फरनगर में शुक्रताल के विकास के लिए शुक्रतीर्थ विकास परिषद के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। ऐसा माना जाता है कि शुक्रताल में शुकदेव गोस्वामी ने लगभग पांच हजार साल पहले अभिमन्यु के पुत्र महाराजा परीक्षित को पवित्र श्रीमद-भागवतम (भागवत पुराण) सुनाया था। यह उत्तर भारत के प्रसिद्ध पवित्र स्थलों में से एक है। मंत्रिमंडल ने राज्य में ड्रोन नीति लागू करने को भी मंजूरी दे दी है।मुख्यमंत्री ने कहा, "नीति के तहत ड्रोन को नजदीकी थाने में पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा।"उन्होंने कहा कि ड्रोन आज बहुत उपयोगी हो गया है लेकिन इसके दुरुपयोग की भी आशंका है, इसलिए राज्य सरकार केंद्र के नागरिक उड्डयन अधिनियम के तहत राज्य स्तर पर इस नीति के लिए एक ‘मैनुअल' लागू कर रही है। नियमों के तहत ड्रोन की गतिविधियों पर थाना स्तर से भी नजर रखी जा सकेगी। राज्य के अंदर रेड, ग्रीन और येलो जोन निर्धारित करने की भी कार्रवाई की जाएगी। रेड जोन नो-फ्लाई जोन हैं, जहां कोई भी गतिविधि संचालित नहीं की जा सकती है। येलो जोन में प्रशासन तय कर सकता है कि यहां किस तरह की गतिविधि होनी चाहिए। इसी तरह, शेष गतिविधियाँ ग्रीन ज़ोन में संचालित की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "28 नवंबर से शीतकालीन सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।" उन्होंने बताया कि हाथरस में "दाऊजी लक्खी मेला", अयोध्या के सभी प्रमुख मेलों, बुलंदशहर में गंगा मेला और वाराणसी में देव दिवाली कार्यक्रम का प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने महिलाओं और छोटे बच्चों को पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से जिला स्तर पर संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया। अयोध्या में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक थी इससे पहले वर्ष 2019 में पहली बार लखनऊ से बाहर प्रयागराज में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी।
- नयी दिल्ली. साहित्य अकादमी ने हिंदी के लिए सूर्यनाथ सिंह तथा अंग्रेजी के लिए इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति समेत 21 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को बृहस्पतिवार को बाल साहित्य पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया। अकादमी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में बताया कि त्रिवेणी सभागार में आयोजित हुए एक समारोह में साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने सुधा मूर्ति को उनकी पुस्तक ‘ग्रैंडपैरेंट्स बैग ऑफ स्टोरीज़' के लिए प्रतिष्ठित बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया। वह इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास हैं। अकादमी ने बताया कि सिंह को उनकी किताब ‘कौतुक ऐप' के लिए पुरस्कृत किया गया है।बयान के मुताबिक, सिंह और सुधा मूर्ति के अलावा, रथींद्रनाथ गोस्वामी (असमिया), प्रतिमा नंदी नार्जारी (बोडो), बलवान सिंह जमोड़िया (डोगरी), रक्षाबहेन प्र. दवे (गुजराती), विजयश्री हालाडि (कन्नड), तुकाराम रामा शेट (कोंकणी), अक्षय आनंद ‘सन्नी' (मैथिली) और प्रिया ए.एस. (मलयालम) को भी सम्मानित किया गया है। बयान के अनुसार, दिलीप एन. (मणिपुरी), एकनाथ आव्हाड (मराठी), मधुसूदन बिष्ट (नेपाली), जुगल किशोर षडंगी (ओडिया), गुरमीत कड़िआलवी (पंजाबी), किरण बादल (राजस्थानी), राधावल्लभ त्रिपाठी (संस्कृत), मानसिंह माझी (संताली), डी.के. चादुवुल बाबु (तेलुगु) और के. उदयशंकर (तमिल) को भी पुरस्कृत किया गया है। अकादमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने कहा कि बांग्ला और सिंधी भाषा के लेखक स्वास्थ्य कारणों से समारोह में सम्मिलित नहीं हो पाए जबकि दिवंगत मतीन अचलपुरी (उर्दू) का पुरस्कार उनके पुत्र यूसुफ ने ग्रहण किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कश्मीरी भाषा में कोई पुरस्कार नहीं दिया गया है।राव ने बताया कि लेखक व लेखिकाओं को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक तथा 50,000 रुपये की सम्मान राशि दी गई है।
- मुंबई. मुंबई के कुर्ला इलाके में बृहस्पतिवार को एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद पुलिस ने महिला और नवजात बच्चे को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एक अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। वी बी नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें दोपहर बाद कमानी जंक्शन के पास एक महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने की सूचना मिली थी। सुवर्णा मिर्गल (30) नाम की महिला बच्चे को जन्म देने के बाद बेहोश हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने का निर्भया दस्ता मौके पर पहुंचा तथा महिला और नवजात शिशु को पास के बीएमसी के एक अस्पताल में ले जाया गया। मां और बच्चा दोनों ही स्वस्थ बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक वरिष्ठ निरीक्षक रजीन चव्हाण और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल में जाकर महिला और उसके बच्चे का कुशलक्षेम जाना।
- बेरहामपुर. ओडिशा के गंजम जिले में बृहस्पतिवार को फर्जी घी बनाने वाले कारखाने का भंडाफोड़ होने के बाद 53 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक खुफिया सूचना के आधार सामने आया कि बेरहामपुर शहर के बड़ा बाजार इलाके में एक घर में निर्माण इकाई का संचालन हो रहा था। पुलिस ने बताया कि यह इकाई पिछले दो वर्षों से चल रही थी। इकाई का संचालन करने में कथित तौर पर शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को पिछले वर्ष गुटखा निर्माण इकाई का संचालन के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी जमानत पर बाहर था। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई और लोगों के शामिल होने का संदेह है।पुलिस ने बताया कि कार्रवाई में 10,000 से अधिक खाली पाउच, घी को पैक करने की तीन स्वचालित मशीनें, एक नामचीन घी कंपनी के लेबल, राइस-ब्रान तेल के 91 कनस्तर, 1500 डब्बे और पैक तथा पीसने की मशीनों को जब्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्रवण विवेक एम. ने बताया कि घी बनाने में इंजन ऑयल, निम्न श्रेणी का पाम तेल और खतरनाक रसायनों का उपयोग किया गया था। उन्होंने बताया कि घी के पैकेटों को न केवल ओडिशा बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी बेचा जाता था।पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब्त की गई सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है और अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान चल रहा है।
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नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कतर में आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाये जाने के मामले में कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं और भारत ने इसके खिलाफ अपील दायर की है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कल शाम नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि कतर की अदालत का यह फैसला गोपनीय है और इसे सिर्फ कानूनी टीम के साथ साझा किया गया है। उन्होंने इस संवेदनशील मामले में किसी अनुमान या अटकलबाजी से बचने का आग्रह किया।
श्री बागची ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस मामले में कतर के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित लोगों को सभी कानूनी और राजनयिक सहयोग उपलब्ध कराया जायेगा।श्री बागची ने कहा कि मंत्रालय सजा सुनाए गए भारतीयों के परिवार के साथ संपर्क में हैं और विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने उनसे बातचीत भी की है। -
नयी दिल्ली,। साहित्य अकादमी ने हिंदी के लिए सूर्यनाथ सिंह तथा अंग्रेजी के लिए इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति समेत 21 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को गुरुवार को बाल साहित्य पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया। अकादमी ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि त्रिवेणी सभागार में आयोजित हुए एक समारोह में साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने सुधा मूर्ति को उनकी पुस्तक ‘ग्रैंडपैरेंट्स बैग ऑफ स्टोरीज़' के लिए प्रतिष्ठित बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया। वह इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास हैं। अकादमी ने बताया कि सिंह को उनकी किताब ‘कौतुक ऐप' के लिए पुरस्कृत किया गया है।
बयान के मुताबिक, सिंह और सुधा मूर्ति के अलावा, रथींद्रनाथ गोस्वामी (असमिया), प्रतिमा नंदी नार्जारी (बोडो), बलवान सिंह जमोड़िया (डोगरी), रक्षाबहेन प्र. दवे (गुजराती), विजयश्री हालाडि (कन्नड), तुकाराम रामा शेट (कोंकणी), अक्षय आनंद ‘सन्नी' (मैथिली) और प्रिया ए.एस. (मलयालम) को भी सम्मानित किया गया है। बयान के अनुसार, दिलीप एन. (मणिपुरी), एकनाथ आव्हाड (मराठी), मधुसूदन बिष्ट (नेपाली), जुगल किशोर षडंगी (ओडिया), गुरमीत कड़िआलवी (पंजाबी), किरण बादल (राजस्थानी), राधावल्लभ त्रिपाठी (संस्कृत), मानसिंह माझी (संताली), डी.के. चादुवुल बाबु (तेलुगु) और के. उदयशंकर (तमिल) को भी पुरस्कृत किया गया है। अकादमी के सचिव के. श्रीनिवास राव ने कहा कि बांग्ला और सिंधी भाषा के लेखक स्वास्थ्य कारणों से समारोह में सम्मिलित नहीं हो पाए जबकि दिवंगत मतीन अचलपुरी (उर्दू) का पुरस्कार उनके पुत्र यूसुफ ने ग्रहण किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कश्मीरी भाषा में कोई पुरस्कार नहीं दिया गया है। राव ने बताया कि लेखक व लेखिकाओं को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक तथा 50,000 रुपये की सम्मान राशि दी गई है। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सरकारी अनुबंधों से संबंधित लंबित विवादों के निपटान के लिये दावा प्रस्तुत करने की समयसीमा दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी। सरकारी अनुबंधों से जुड़े विवादों के निपटान के लिये विवाद से विश्वास-दो योजना 15 जुलाई को शुरू की गई थी। इसके तहत अनुबंध हासिल करने वालों के लिये दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर थी। व्यय विभाग ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि विवाद से विश्वास-दो योजना के तहत दावा जमा करने की अवधि दो महीने बढ़ाने का निर्णय किया गया है। अब 31 दिसंबर, 2023 तक दावा प्रस्तुत किया जा सकता है। यह योजना उन सभी घरेलू अनुबंध से जुड़े विवादों पर लागू होती है जहां एक पक्ष या तो भारत सरकार अथवा सरकारी उपक्रम है। योजना के तहत, 30 अप्रैल, 2023 को या उससे पहले पारित किये गये अदालती आदेशों के अंतर्गत अनुबंधकर्ता को दी जाने वाली निपटान राशि अदालत की तरफ से बरकरार रखी गई शुद्ध राशि का 85 प्रतिशत तक होगी। मध्यस्थता निर्णय के मामले में 31 जनवरी, 2023 को या उससे पहले पारित प्रस्तावित निपटान राशि बरकरार रखी गयी शुद्ध राशि का 65 प्रतिशत तक है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिये अलग से वेब पेज तैयार किया है। पात्र दावों को केवल जीईएम के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। रेल मंत्रालय के गैर-जीईएम अनुबंधों के लिये अनुबंधकर्ता को रेलवे की ई-खरीद प्रणाली पोर्टल आईआरईपीएस पर अपना दावा प्रस्तुत करना होगा।
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नयी दिल्ली. भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस और उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर ध्रुव 13 से 17 नवंबर तक होने वाले दुबई एयरशो में दिखाई देंगे। अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि दोनों विमान प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना की तैनाती का हिस्सा हैं। एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की एक टुकड़ी द्विवार्षिक दुबई एयरशो में हिस्सा लेने के लिए दुबई के अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी है। इसमें यह भी कहा गया, आईएएफ दल में हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव शामिल हैं।'' वक्तव्य में कहा गया, ‘‘2021 संस्करण में भी भाग लेने के बाद, तेजस और सारंग के लिए दुबई एयरशो में लोगों का दिल जीतने का यह लगातार दूसरा मौका है।
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नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए भारत में परिसर स्थापित करने और संचालित करने के लिए बुधवार को विनियम अधिसूचित किये। यूजीसी के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘विनियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुरूप भारत में विदेशी उच्च शैक्षणिक संस्थानों (एफएचईआई) के प्रवेश को सुविधाजनक बनाना और भारत में उच्च शिक्षा को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान करना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इन विनियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि (भारत) परिसर में दी जाने वाली शिक्षा मूल देश के मुख्य परिसर के समतुल्य हो और इसका संचालन निर्धारित कानून और विनियमों के अनुरूप हो।'' विनियमों के अनुसार, ‘‘भारत में परिसर स्थापित करने के इच्छुक विदेशी संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग की समग्र श्रेणी में शीर्ष 500 के भीतर एक स्थान हासिल किया होना चाहिए, जैसा कि आयोग द्वारा समय-समय पर निर्णय लिया जाता है, या वैश्विक रैंकिंग की विषय-वार श्रेणी में शीर्ष 500 में स्थान होना चाहिए और किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्ट विशेषज्ञता होनी चाहिए, जैसा कि समय-समय पर आयोग द्वारा निर्णय लिया जाता है।'' यूजीसी ने कहा कि यदि कोई एफएचईआई विदेशी योगदान प्राप्त करना या उसका उपयोग करना चाहता है, तो उसे विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम अधिनियम, 2010 के तहत पंजीकरण या पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी और एफसीआरए के तहत कानूनी आवश्यकता का अनुपालन करना होगा। इसमें कहा गया है कि विदेशी विश्वविद्यालयों को उनके भारतीय परिसरों में, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरेट स्तरों पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री, अनुसंधान और अन्य कार्यक्रमों के लिए अध्ययन कार्यक्रम पेश करने की अनुमति दी जाएगी। विनियमों में कहा गया है, ‘‘विदेशी विश्वविद्यालय ऐसे शिक्षण केंद्र, अध्ययन केंद्र या फ्रेंचाइजी नहीं खोल सकते जो उनके गृह क्षेत्राधिकार या भारत के बाहर किसी अन्य क्षेत्राधिकार में उनके कार्यक्रमों के लिए प्रचार गतिविधियों के लिए मूल इकाई के प्रतिनिधि कार्यालयों के रूप में कार्य कर सकते हैं। उन्हें भारत में अपने परिसर में कोई भी नया कार्यक्रम शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इन विनियमों के तहत कोई भी कार्यक्रम ऑनलाइन या मुक्त(ओपन) और दूरस्थ शिक्षा तरीके से पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि, ऑनलाइन मोड में व्याख्यान की अनुमति है लेकिन यह कार्यक्रम की आवश्यकताओं के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।'' विनियमों में कहा गया है, ‘‘दो या दो से अधिक विश्वविद्यालय भारत में परिसर स्थापित करने के लिए सहयोग कर सकते हैं, बशर्ते प्रत्येक संस्थान पात्रता मानदंडों को अलग-अलग आधार पर पूरा करते हों। प्रत्येक विदेशी विश्वविद्यालय भारत में एक से अधिक परिसर स्थापित कर सकता है। हालांकि, उन्हें प्रत्येक प्रस्तावित परिसर के लिए आयोग को एक अलग आवेदन करना होगा।'' इसमें कहा गया है कि विदेशी संस्थानों को एकमुश्त आवेदन शुल्क के अलावा यूजीसी को कोई वार्षिक शुल्क नहीं देना होगा। वे अपने स्वयं के बुनियादी ढांचे, भूमि, भौतिक संसाधनों और मानव संसाधनों का उपयोग करके अपने परिसर स्थापित करेंगे। विदेशी विश्वविद्यालय अपने भारतीय परिसरों में भारतीय छात्रों को पूर्ण या आंशिक योग्यता-आधारित या आवश्यकता-आधारित छात्रवृत्ति और शुल्क रियायत प्रदान कर सकते हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान भारत में अपने परिसरों में छात्रों को तभी प्रवेश दे सकते हैं और फीस जमा कर सकते हैं, जब यूजीसी द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें इन विनियमों के तहत भारत में अपने परिसर संचालन शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।'' इसमें कहा गया है कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों को अपने भर्ती मानदंडों के अनुसार शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती करने की स्वायत्तता होगी। विनियमों में कहा गया है कि भारत में परिसर स्थापित करने वाले विदेशी विश्वविद्यालयों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले यूजीसी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ट्रैवल एजेंसियों से कोविड महामारी के कारण रद्द यात्रा कार्यक्रम का लंबित भुगतान ग्राहकों को नवंबर के तीसरे सप्ताह तक जारी करने को कहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने उपभोक्ता-संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के साथ बैठक की, इसमें मेक माई ट्रिप, यात्रा, क्लियर ट्रिप आदि ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सरकार ने कोविड-लॉकडाउन अवधि के कारण रद्द किए गए टिकटों की बुकिंग राशि वापस न किये जाने के मुद्दे पर बात की। विभाग ने बताया कि उच्चत्तम न्यायालय के अक्टूबर 2020 के आदेश के बावजूद रिफंड अब भी लंबित है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था और 6 ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफार्मों ईज माई ट्रिप, यात्रा, मेक माई ट्रिप, हैप्पी ईजी गो, क्लियर ट्रिप, इक्सिगो और 5 अन्य ट्रैवल एजेंसियों, थॉमस कुक, केसरी टूर्स, वीना वर्ल्ड, नीम होलिडेज, मैगो होलिडेज, को नोटिस जारी किया था। शीर्ष अदालत के आदेश का अनुपालन न करने पर इन ट्रैवल ऐजेंसियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
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नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर खोले जाने और इनके संचालन से संबंधित विनियम घोषित किये हैं। इसके अनुसार विदेशी विश्वविद्यालय पात्रता शर्ते पूरी करने पर भारत में अपना कैम्पस खोल सकते हैं। साथ ही वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष पांच सौ में इनका स्थान होना जरूरी है। इन विश्वविद्यालयों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुमति लेनी होगी। ये विश्वविद्यालय भारत में एक से अधिक कैम्पस स्थापित कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें अलग-अलग आवेदन देना होगा। आयोग ने कहा कि भारत में स्थापित विदेशी विश्वविद्यालयों को भर्ती नियमों के अनुसार अपने शिक्षक और अन्य कर्मचारी नियुक्त करने की स्वायत्तता होगी। लेकिन ये ऑनलाइन पाठ्यक्रम या दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शुरू नहीं कर सकेंगे।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत में पेटेंट आवेदनों में वृद्धि यहां के युवाओं में नवोन्मेष को लेकर बढ़ते उत्साह को दर्शाती है और आने वाले समय के लिए यह बेहद सकारात्मक संकेत है। प्रधानमंत्री विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें कहा गया है कि भारत के निवासियों द्वारा पेटेंट आवेदनों में 2022 में 31.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो शीर्ष 10 पेटेंट आवेदक देशों में किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी 2022 में सबसे अधिक पेटेंट दाखिल करने वाले देश थे। चीन के नवप्रवर्तक सभी वैश्विक पेटेंट आवेदनों में से लगभग आधे दाखिल कर रहे हैं हालांकि देश की विकास दर लगातार दूसरे वर्ष 2021 में 6.8 प्रतिशत से गिरकर 2022 में 3.1 प्रतिशत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, “भारत में पेटेंट आवेदनों में वृद्धि हमारे युवाओं के नवोन्वेष को लेकर बढ़ते उत्साह को दर्शाती है और आने वाले समय के लिए यह एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।”
- नयी दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे सप्ताह में आरंभ हो सकता है और क्रिसमस से पहले इसके समापन की संभावना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना के कुछ दिनों बाद यह सत्र शुरू हो सकता है। प्रमुख आपराधिक कानूनों के स्थान पर लाए गए तीन प्रमुख विधेयकों पर सत्र के दौरान विचार किए जाने की संभावना है। गृह मामलों की स्थायी समिति ने हाल ही में तीन विधेयकों पर अपनी रिपोर्ट को स्वीकारा है। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस (25 दिसंबर) से पहले समाप्त हो जाता है। संसद में लंबित एक अन्य प्रमुख विधेयक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित है। मानसून सत्र में पेश किए गए इस विधेयक को सरकार ने विपक्ष और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों के विरोध के बीच संसद के विशेष सत्र में पारित करने पर जोर नहीं दिया। सरकार इस विधेयक के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के दर्जे को कैबिनेट सचिव के बराबर लाना चाहती है। वर्तमान में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर का दर्जा प्राप्त है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन शाजी के. वी. ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारी समितियों की पारदर्शिता तथा दक्षता में सुधार के लिए अगले साल मार्च तक करीब 65 हजार सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का है। नाबार्ड को राष्ट्रीय स्तर की निगरानी तथा कार्यान्वयन समिति और सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन व निर्देशों के तहत सहकारी समितियों को डिजिटल करने के लिए परियोजना प्रबंधक के रूप में नामित किया गया है। सा-धन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘ करीब 10, हजार सहकारी समितियों को पहले ही डिजिटल किया जा चुका है। हम मार्च, 2024 तक 65 हजार समितियों को डिजिटल करने का लक्ष्य बना रहे हैं।''सहकारी समितियों में दक्षता के स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में आई खामियों पर उन्होंने कहा, ‘‘ हम पारदर्शिता में सुधार करके और इन संस्थाओं के कंप्यूटरीकरण के जरिये उन्हें महत्वपूर्ण मूल्य श्रृंखला का खिलाड़ी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि नाबार्ड सहकारी समितियों और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक डेटा वेयरहाउस भी बना रहा है। यह करीब छह महीने में तैयार हो जाना चाहिए। सूक्ष्म वित्त पहुंच के संबंध में क्षेत्रीय असमानता की ओर इशारा करते हुए शाजी ने कहा कि पूर्व और दक्षिण की ओर इसका झुकाव अधिक है। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में सूक्ष्म वित्त पहुंच करीब दो-तिहाई है, जबकि उत्तर, मध्य तथा पश्चिम सहित शेष भारत में केवल एक-तिहाई है। शाजी ने कहा, ‘‘ यह सवाल उठता है कि क्या हम क्षेत्रीय असमानता से ठीक से निपट रहे हैं। यदि आप इस डाटा को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) योगदान या राष्ट्रीय आय योगदान के साथ जोड़ते हैं, तो हम यहां कुछ असमानता पाएंगे।'' लैंगिक समानता पर उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को कर्ज देते समय इसे ध्यान में रखने के लिए कहा है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपने 25 सितंबर के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें उसने तमिलनाडु सरकार से राज्य में ‘अगमिक' परंपरा द्वारा शासित मंदिरों में 'अर्चकों' या पुजारियों की नियुक्ति पर मौजूदा शर्तों को बनाए रखने के लिए कहा था। न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ प्रथम दृष्टया तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे की इस दलील से सहमत नहीं हुई कि राज्य ‘अर्चकों' को नियुक्त करने का हकदार है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “ ‘अर्चकों' की नियुक्ति एक धर्मनिरपेक्ष कार्य है और राज्य उन्हें नियुक्त करने का हकदार है।” पीठ ने कहा, तर्क यह है कि राज्य सरकार एक विशेष संप्रदाय के मंदिरों में ‘अर्चकों' की नियुक्ति में ‘अगम' परंपराओं के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही है। ‘अगम' हिंदू शास्त्रों के तांत्रिक साहित्य का संग्रह है और ऐसे ग्रंथों की तीन शाखाएं हैं - ‘शैव, वैष्णव और शाक्त'। शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि तमिलनाडु प्रशासन द्वारा संचालित स्कूलों में ‘अर्चकों' के लिए एक साल का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम करने के बाद अन्य संप्रदायों के लोगों को ‘अर्चक' बनने की अनुमति देकर राज्य सरकार ‘अगम मंदिरों' में ‘अर्चकों' की नियुक्ति की वंशानुगत योजना में हस्तक्षेप कर रही है। पीठ ने 25 सितंबर को ‘अर्चकों' की नियुक्ति के संबंध में यथास्थिति (मौजूदा शर्तों) का आदेश दिया, जिससे राज्य सरकार के अनुसार राज्य भर के मंदिरों में 2405 'अर्चकों' की नियुक्ति रुक जाएगी। शीर्ष अदालत ने अब याचिकाओं पर आगे की सुनवाई 25 जनवरी, 2024 को तय की है और कहा है कि वह इसी तरह के मुद्दे पर मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित कार्यवाही पर रोक नहीं लगाएगी।

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