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अयोध्या में पहली बार हुई मंत्रिमंडल की बैठक : 14 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

अयोध्या (उप्र). अयोध्या में बृहस्पतिवार को पहली बार हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन और ड्रोन नीति, मंदिर संग्रहालय के निर्माण और विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से करने समेत कुल 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परंपरा से हटकर भगवान राम और हनुमान की तस्वीरों वाले एक बैनर के सामने खड़े होकर खुद मीडियाकर्मियों को मंत्रिमंडल की इस बैठक में मंजूर किए गए प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी। सरयू नदी के तट पर स्थित रामकथा मंडप (सभागार) में आयोजित बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ हनुमान गढ़ी और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “कैबिनेट की इस बैठक में कुल 14 प्रस्ताव पेश किए गए जिन्हें मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण स्थापित करने का प्रस्ताव मंजूर किया जो इस राज्य में उपलब्ध जलाशयों में परिवहन के अवसरों की संभावना तलाशेगा।” उन्होंने कहा, “यह प्राधिकरण जलमार्ग का उपयोग कर परिवहन और व्यापार में सुधार के लिए काम करेगा और उत्तर प्रदेश को एक महत्वपूर्ण निर्यातक केंद्र बनाएगा।” मुख्यमंत्री और अन्य ने पीला गमछा पहन रखा था जिस पर श्री सीता राम लिखा था।
 
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मध्य प्रदेश में अपनी निर्धारित चुनावी बैठकों के कारण अयोध्या में हुई कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हो सके। मौर्य ने अपने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट में मध्य प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी चुनावी रैलियों की तस्वीरें भी साझा की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा , ‘‘अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण जलमार्गों का उपयोग करके परिवहन और व्यापार को बेहतर बनाने और राज्य को एक महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र बनाने के लिए काम करेगा। इसके अलावा, यह पानी खेलों को बढ़ावा देगा, पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाएगा और उत्तर प्रदेश को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद करेगा।" उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 12 नदियाँ हैं जो जल परिवहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राधिकरण भारत सरकार के साथ मिलकर काम करेगा और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व बाजार में आपूर्ति करने के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंत्रिमंडल ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ विकास परिषद के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए श्री अयोध्या धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इसके साथ ही बैठक में अयोध्या के मांझा जमथरा में मंदिर संग्रहालय के लिए 25 एकड़ जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर संग्रहालय के पीछे मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में हिंदू धर्म के बारे में जागरूकता विकसित करना है। संग्रहालय में अलग-अलग दीर्घाएँ होंगी जो मंदिर के विभिन्न पहलुओं जैसे उसके डिजाइन, निर्माण आदि को प्रदर्शित करेंगी। मंत्रिमंडल ने अयोध्या शोध संस्थान को अंतरराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने को भी मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने मां पाटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद के गठन का भी फैसला किया है जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित देवीपाटन मंडल के विकास का ख्याल रखेगी। मुजफ्फरनगर में शुक्रताल के विकास के लिए शुक्रतीर्थ विकास परिषद के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। ऐसा माना जाता है कि शुक्रताल में शुकदेव गोस्वामी ने लगभग पांच हजार साल पहले अभिमन्यु के पुत्र महाराजा परीक्षित को पवित्र श्रीमद-भागवतम (भागवत पुराण) सुनाया था। यह उत्तर भारत के प्रसिद्ध पवित्र स्थलों में से एक है। मंत्रिमंडल ने राज्य में ड्रोन नीति लागू करने को भी मंजूरी दे दी है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा, "नीति के तहत ड्रोन को नजदीकी थाने में पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा।"
 
उन्होंने कहा कि ड्रोन आज बहुत उपयोगी हो गया है लेकिन इसके दुरुपयोग की भी आशंका है, इसलिए राज्य सरकार केंद्र के नागरिक उड्डयन अधिनियम के तहत राज्य स्तर पर इस नीति के लिए एक ‘मैनुअल' लागू कर रही है। नियमों के तहत ड्रोन की गतिविधियों पर थाना स्तर से भी नजर रखी जा सकेगी। राज्य के अंदर रेड, ग्रीन और येलो जोन निर्धारित करने की भी कार्रवाई की जाएगी। रेड जोन नो-फ्लाई जोन हैं, जहां कोई भी गतिविधि संचालित नहीं की जा सकती है। येलो जोन में प्रशासन तय कर सकता है कि यहां किस तरह की गतिविधि होनी चाहिए। इसी तरह, शेष गतिविधियाँ ग्रीन ज़ोन में संचालित की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "28 नवंबर से शीतकालीन सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।" उन्होंने बताया कि हाथरस में "दाऊजी लक्खी मेला", अयोध्या के सभी प्रमुख मेलों, बुलंदशहर में गंगा मेला और वाराणसी में देव दिवाली कार्यक्रम का प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने महिलाओं और छोटे बच्चों को पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से जिला स्तर पर संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया। अयोध्या में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक थी इससे पहले वर्ष 2019 में पहली बार लखनऊ से बाहर प्रयागराज में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी।

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