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एक व्यक्ति हिरासत में लिया गया
तारापीठ (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने होटल में आग बुझाने की उचित व्यवस्था न होने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के समय होटल में 43 लोग मौजूद थे, जिनमें से एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि 34 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मंदिर नगरी तारापीठ में चार मंजिला होटल के भूतल पर तड़के करीब 4:30 बजे उस वक्त आग लगी, जिस समय ज्यादातर मेहमान सो रहे थे। इनमें कई श्रद्धालु थे, जो सावन महीने के आखिरी सोमवार को पूजा करने आए थे। आग लगने के बाद घना धुआं पूरे भवन में फैलने के कारण कई मेहमान ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। इसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर भेजकर आग पर काबू पाया गया। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग झुलस गए, जबकि कुछ लोग दम घुटने के कारण बीमार हो गए।
होटल के अधिकारियों ने दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था के एक उपकरण में चिंगारी भड़कने के बाद होटल के 'रिसेप्शन' के पास आग शुरू हुई। आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। होटल के अंदर सजावट और फाइबर की सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया और कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि होटल में आग बुझाने वाले उपकरणों के रखरखाव में कथित लापरवाही के संबंध में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इस घटना और आगामी कौशिकी अमावस्या पर्व के दौरान भारी भीड़ जुटने के मद्देनजर बीरभूम जिला प्रशासन ने तारापीठ के होटलों, लॉज और अन्य प्रतिष्ठानों में बिजली व्यवस्था और अग्निशमन व्यवस्था की विशेष जांच कराने की घोषणा की है। प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे एवं अन्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त और सुरक्षित बिजली व्यवस्था तथा आग से बचाव एवं आग बुझाने की प्रभावी व्यवस्था हो। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, "मैं तारापीठ में अचानक आग लगने की घटना से बेहद स्तब्ध हूं। मैं इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की कामना करती हूं। मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करती हूं।" हादसे में बाल-बाल बची कोलकाता की एक महिला ने होटल के अंदर मची अफरा-तफरी को याद किया। उसने कहा, "अचानक पूरा होटल धुएं से भर गया। हम सांस नहीं ले पा रहे थे और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल था।" एक अन्य मेहमान तपनज्योति मंडल ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ करीब 45 मिनट तक अपने कमरे में फंसे रहे। मंडल ने कहा, "आग के कारण हम दरवाजे से बाहर नहीं निकल सके। कमरे में कोई खिड़की नहीं थी, इसलिए वे बाथरूम की छत के पास बने एक रास्ते से बाहर निकले।" घटना में मंडल की मां बेहोश हो गईं, जबकि उनकी बहन घायल हो गईं। -
नयी दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित 10 महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेताओं को जगह दी। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नयी टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, भौगोलिक विविधता और व्यापक सामाजिक समावेश का एक रणनीतिक संयोजन बताया। देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी की 10 अनुभवी महिला नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है।
राष्ट्रीय महासचिव बनाई गईं ईरानी के अलावा, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा उपाध्यक्ष नियुक्त की गई हैं। कविता पाटीदार और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है।
रूप कुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने कहा कि भारत के हर प्रमुख धर्म को सम्मान और उचित स्थान देने के लिए, राष्ट्रीय टीम में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य तथा मुस्लिम, जैन और पारसी समुदाय से एक-एक सदस्य को शामिल किया गया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस के दिवंगत नेता ए.के. एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी राष्ट्रीय सचिव के पद पर बने रहेंगे। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी ने कहा कि नयी नियुक्तियों से देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है। भाजपा ने एक बयान में कहा, ''इस तरह की संतुलित नियुक्तियों से नये राष्ट्रीय अध्यक्ष (नितिन नवीन) की कार्यकारिणी टीम को देश के विशाल भौगोलिक विस्तार और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में मदद मिलेगी।'' पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर इलाके पर खास ध्यान दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नगालैंड से तीन क्षेत्रीय नेताओं की नियुक्ति और संबित पात्रा की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर समन्वय प्रकोष्ठ को जारी रखने के जरिए इस इलाके को खास अहमियत दी गई है। इसके अलावा, समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के तीन सदस्य अनुसूचित जातियों (एससी) का प्रतिनिधित्व करते हैं। -
लखीसराय. बिहार के लखीसराय जिले में प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के पास सोमवार सुबह भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंदिर के समीप स्थित अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गयी जबकि 14 अन्य घायल हो गए। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और भगदड़ मच गई।" उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं तथा बचाव एवं राहत कार्य जारी है। सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सात मृतकों में से पांच की पहचान मणिमाला देवी, टिंकू देवी, हेमलता देवी, ललिता देवी और सरिता के रूप में हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि बचाव एवं राहत कार्य जारी है और घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया और प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि अशोक धाम में हुई घटना ''दुखद और हृदयविदारक'' है तथा इससे वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों को उचित और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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ऊना (हिमाचल प्रदेश). हिमाचल के ऊना जिले में पशु चिकित्सकों के एक दल ने भैंस के पेट में फंसे धातु के तार के 18 टुकड़ों को शल्यक्रिया के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया। गोंदपुर जयचंद निवासी राम अग्निहोत्री की भैंस पिछले दस दिनों से चारा नहीं खा रही थी। पशु चिकित्सालय ले जाने पर कुछ प्रारंभिक जांच के बाद भैंस का अल्ट्रासाउंड किया गया। पशु चिकित्सकों ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे भैंस के पेट में बाहरी वस्तु मौजूद होने की पुष्टि हुई। पशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल शल्यक्रिया करने का फैसला किया। शल्यक्रिया से भैंस के पेट से तार के 18 टुकड़े निकाले गए। पशुपालन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि शल्यक्रिया के बाद भैंस का जरूरी उपचार और देखभाल की गई और उसकी हालत में सुधार हुआ। शल्यक्रिया ललड़ी पशु चिकित्सालय में डॉ. निशांत रानौत, डॉ. नवनीत शर्मा और डॉ. शिल्पा रानौत की टीम ने की। पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट सौरव के साथ रीमा, सुनंदा, दीपक, सक्षम और विकास ने भी शल्यक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग किया। पशु चिकित्सकों के अनुसार, चारे के साथ गलती से निगल लिए गए कील, तार, लोहे के टुकड़े और अन्य धातु की वस्तुएं पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में समय पर बीमारी का पता लगाना और उचित उपचार बेहद जरूरी है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड के जरिए समस्या का पता चलने के बाद शल्यक्रिया की गई, जिससे पशु की हालत में सुधार हुआ। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से चारा खिलाने से पहले उसमें मौजूद तार, कील और अन्य धातु की वस्तुओं को अच्छी तरह हटाने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई पशु खाना बंद कर दे या उसके स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो पशुपालक तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि नयी टीम में संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा एवं जमीनी स्तर से जुड़ाव का बेहतर मेल है।
भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है। इसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जिनमें राम माधव, लोकसभा सदस्य डी. पुरंदेश्वरी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शामिल हैं।पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां पाने वाले सभी को बधाई। नवनियुक्त टीम में संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और जमीनी स्तर से जुड़ाव का बेहतर मेल है।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नयी टीम भाजपा को मजबूत करने और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी। मोदी ने कहा, ‘‘मेरी उन्हें शुभकामनाएं हैं।’’भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बनाए रखा है। वहीं, आठ राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को शामिल किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल ही ऐसे दो राष्ट्रीय महासचिव हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी नयी टीम में बरकरार रखा है। भाजपा ने अलग-अलग राज्यों से 16 राष्ट्रीय सचिवों की अपनी टीम में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नये चेहरों को शामिल किया है। -
- रूप कुमारी चौधरी भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष नियुक्त
नई दिल्ली। भाजपा ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत 10 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेता शामिल हैं। पार्टी नेताओं ने नेशनल पदाधिकारियों की इस नई टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, भौगोलिक विविधता और व्यापक सामाजिक समावेश का एक रणनीतिक मिश्रण बताया।महिला नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांदेश के विभिन्न हिस्सों से दस अनुभवी महिला नेताओं को नेशनल ऑफिस में नियुक्त किया गया है। स्मृति ईरानी को नेशनल जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है। उनके अलावा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और एनसीडब्ल्यू की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। कविता पाटीदार और संगीता यादव को नेशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। रूप कुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्वपार्टी ने कहा कि भारत के हर प्रमुख धर्म का सम्मान और समावेश सुनिश्चित करने के लिए नेशनल ऑफिस में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य और मुस्लिम, जैन एवं पारसी समुदायों से एक-एक सदस्य को जगह दी गई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. तारिक मंसूर को नेशनल उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को नेशनल सेक्रेटरी के पद पर बनाए रखा गया है। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का नेशनल उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्वपार्टी ने कहा कि नई नियुक्तियां व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती हैं, जिसमें देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आवाज़ों को शामिल किया गया है। भाजपा ने एक बयान में कहा, “ऐसी संतुलित नियुक्तियां आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष की कार्यकारी टीम को देश के विशाल भौगोलिक परिदृश्य और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में सक्षम बनाती हैं।”पूर्वोत्तर और सामाजिक वर्गों पर विशेष ध्यानपार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नागालैंड के तीन क्षेत्रीय नेताओं की नियुक्ति और संबित पात्रा के नेतृत्व में समर्पित नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन सेल को जारी रखकर इस क्षेत्र को खास अहमियत दी गई है। समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं। साथ ही, अनुसूचित जातियों (एससी) का प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के तीन सदस्य कर रहे हैं। -
-: राम माधव, स्मृति ईरानी और बिप्लब देब शामिल, नितिन नवीन के नेतृत्व में टीम गठित
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की। इसमें राम माधव, लोकसभा सदस्य डी. पुरंदेश्वरी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत 13 उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
महासचिवों की टीम में नए चेहरेभाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार रखा है। वहीं, अपनी आठ राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को शामिल किया गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल ही ऐसे दो राष्ट्रीय महासचिव हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी नई टीम में बनाए रखा है।सचिवों में कई नए नामभाजपा ने अलग-अलग राज्यों से 16 राष्ट्रीय सचिवों की अपनी टीम में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नए चेहरों को जगह दी है।कुछ उपाध्यक्षों को रखा बरकरारराजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा वैजयंत जे. पांडा और रेखा वर्मा को भी उपाध्यक्ष के पद पर बनाए रखा गया है। ( - नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल पानी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए हैं। वैष्णव का यह आदेश भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग)की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कई स्टेशनों पर पेयजल मुहैया कराने के लिए लगाए गए 'वाटरकूलर' में ई-कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही गई थी। रेलवे मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे दिन मुद्दे की समीक्षा की और कई उपाय करने के आदेश दिए, जिनमें पानी को फिल्टर करने वाली प्रणाली लगाना, पानी की टंकियां बदलना और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच शामिल है। शनिवार को 'पीटीआई-भाषा' ने सबसे पहले 512 से अधिक रेलवे स्टेशनों की कैग ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी दी थी, जिसमें पानी की खराब गुणवत्ता और यात्रियों के लिए अपर्याप्त सुविधाओं के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किये गए हैं।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए)ने जून में आयोजित यूजीसी-नीट 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षा रविवार को दोबारा कराने की घोषणा की। एनटीए ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों में त्रुटियों की शिकायत मिलने के बाद यह फैसला लिया है।एजेंसी ने बताया कि अंग्रेजी विषय की परीक्षा नौ सितंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक जबकि वाणिज्य विषय की परीक्षा उसी दिन अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक दूसरी पाली में आयोजित की जाएगी। एनटीए ने बताया कि समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली में आयोजित की जाएगी। एनटीए ने कनिष्ठ अनुसंधान छात्रवृत्ति (जेआरएफ), सहायक प्राध्यापक के तौर पर पात्रता और पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 87 विषयों में 22 से 30 जून के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) जून 2026 आयोजित की थी। एनटीए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसे इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों की शिकायतें मिली थीं और इन मुद्दों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। एजेंसी ने बताया कि समिति को तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की विसंगतियां मिलीं जिनमें तथ्यात्मक, मुद्रण और अनुवाद संबंधी गलतियां शामिल थीं। इनमें मशहूर विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, किताबों के गलत नाम, सवालों की भाषा में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन के मेल में गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और स्थापित कॉन्सेप्ट्स के लिए गैर-मानक शब्द शामिल थे। साथ ही, पहले पूछे जा चुके कई सवालों को भी दोहराया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया कि समिति ने निष्पक्ष और त्रुटि-मुक्त परीक्षा आयोजित करने का सुझाव दिया जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया है। एनटीए ने कहा कि जिन 84 विषयों के लिए चुनौती दिये गए प्रश्नों की 'उत्तर कुंजी' आज ही जारी की गई है, उनके नतीजे तय समय-सारणी के अनुसार घोषित किए जाएंगे।
- मथुरा (उप्र)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह रविवार को अचानक गोवर्धन पहुंचीं और उन्होंने जतीपुरा स्थित गिरिराज जी के मुखारबिंद मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चन की। इस बीच, उनके साथ भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था रही और उन्होंने इस धार्मिक यात्रा में मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। गोवर्धन थाना प्रभारी कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह रविवार को गिरिराज जी की पूजा-अर्चना करने यहां पहुंचीं। सिंह ने बताया कि शाह ने सीधे जतीपुरा स्थित मुखारबिंद मंदिर पहुंचकर पुरोहित के निर्देशानुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि इस बीच अनेक संवाददाताओं ने उनसे विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए, किंतु वे मौन रहकर वापस लौट गईं। सोनल शाह पहले भी कई बार कभी अकेले, तो कभी पुत्र जय व पुत्रवधू ऋषिता शाह के साथ धार्मिक यात्रा पर मथुरा आती रही हैं।
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नयी दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले सेना के हमलावर श्वान 'टायसन' को इस साल 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' सम्मान के लिए चुना गया है। दो पैरा के श्वान (एक जर्मन शेफर्ड) 'टायसन' का नाम उन 75 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' की सूची में शामिल है, जिन्हें उन सैन्यकर्मियों के लिए मंज़ूरी दी गई है जिन्होंने ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन हिफाजत जैसे कई सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था। यह सम्मान 'ऑपरेशन रक्षक' के तहत किए गए कार्य के लिए दिया गया है।
रीमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स का हमलावर श्वान दो पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के साथ संबद्ध है। सेना के व्हाइट नाइट्स कोर ने फरवरी में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि ऑपरेशन 'त्राशी-1' के तहत, टायसन ने ''आतंकवादियों के ठिकाने में घुसने की अगुवाई करते हुए पहली गोली खुद खाकर असाधारण साहस का परिचय दिया''। देश की आजादी की 80वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने 89 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' को भी मंज़ूरी दी थी। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 कर्मी शामिल हैं। -
नई दिल्ली।
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक नए वीडियो में अपने दोस्तों के साथ बिताए पलों को साझा किया, बोले- ‘ये मेरी दैनिक दिनचर्या’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार दोपहर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में वे अपने सरकारी आवास पर मोरों और पुंगनूर गायों के साथ नज़र आए। उन्हें 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर रखी देसी और छोटे आकार की गायों को खाना खिलाते और प्यार से सहलाते हुए देखा गया। वीडियो में वह अपने हाथों से मोरों को दाने खिलाते नजर आ रहे हैं।दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह के उन खास पलों को शेयर किया है, जब वह अपने आवास पर गायों को चारा और मोर को दाना खिलाने के बाद लालकिले के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि गायों और मोरों को शायद यह एहसास हो गया था कि वे लाल किले पर होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए जल्दी निकलेंगे। इसलिए, राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले ही वे उनसे मिलने आ गए।पीएम ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “हर सुबह अपने ‘दोस्तों’ को खाना खिलाना मेरी दैनिक दिनचर्या है। कल सुबह (15 अगस्त को), उन्हें किसी तरह एहसास हो गया कि मैं जल्दी निकल रहा हूं, इसलिए जब मैं लाल किले के लिए निकल रहा था, तो वे मुझसे मिलने आ गए। हमेशा की तरह यह खास रहा।”गौरतलब है कि प्रधानमंत्री को उनके आवास के लॉन में सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान अक्सर मोरों के साथ देखा जाता रहा है। प्रधानमंत्री आवास में दुर्लभ, देसी और छोटे आकार की ‘पुंगनूर’ नस्ल की गायें हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई इन मुलाकातों ने पहले भी लोगों का काफी ध्यान खींचा है।पीएम मोदी के साथ इन मुलाकातों में जिस नस्ल का जिक्र हुआ है, उनमें आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की छोटे आकार की गायें शामिल हैं। इस नस्ल को दुनिया की सबसे छोटी गायों की नस्लों में से एक माना जाता है। इन गायों की ऊंचाई सिर्फ 70 से 90 सेंटीमीटर के आसपास होती है। -
नयी दिल्ली. राज्यसभा के 10 सदस्य देशभर के एम्स समेत विभिन्न वैधानिक निकायों के लिए निर्वाचित हुए हैं। उम्मीदवारों की संख्या रिक्त पदों के बराबर होने के कारण सभी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। राज्यसभा सदस्य गुलाम अली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), अवंतीपुरा के सदस्य निर्वाचित हुए, जबकि अशोक कुमार मित्तल एम्स, बठिंडा और रजनीश कुमार अग्रवाल एम्स, भोपाल के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। असम से असम गण परिषद (एजीपी) के राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र प्रसाद बैश्य एम्स, गुवाहाटी के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर से भाजपा सांसद सतपाल शर्मा एम्स, विजयपुर के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। आई. एस. इनबदुरई एम्स, मदुरै और मदन राठौड़ एम्स, जोधपुर के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। लहर सिंह सिरोया को केंद्रीय रेशम बोर्ड का सदस्य चुना गया है। हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद सिकंदर कुमार राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थानों की परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वहीं, हरियाणा से भाजपा सांसद रेखा शर्मा को राष्ट्रीय सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी एवं सरोगेसी बोर्ड का सदस्य चुना गया है। राज्यसभा सचिवालय की एक अधिसूचना में कहा गया कि इन सदस्यों का निर्वाचन इसलिए हुआ क्योंकि विभिन्न वैधानिक निकायों के चुनाव के लिए नामांकित उम्मीदवारों की संख्या रिक्त पदों के बराबर थी। राज्यसभा सचिवालय की एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि लोक लेखा समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति के लिए निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या और उम्मीदवारों की संख्या समान होने के कारण सदस्यों को इन समितियों के लिए विधिवत निर्वाचित घोषित किया गया। इनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुखेंदु शेखर राय और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद तिरुचि शिवा को लोक लेखा समिति का सदस्य चुना गया है, जबकि मोहम्मद नदीमुल हक को सार्वजनिक उपक्रम समिति का सदस्य चुना गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण संबंधी समिति के लिए निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या और उम्मीदवारों की संख्या समान होने के कारण सदस्यों को समिति के लिए विधिवत निर्वाचित घोषित किया गया। उनका कार्यकाल समिति की पहली बैठक की तारीख से एक वर्ष का होगा। ओबीसी कल्याण समिति के लिए मस्तान राव यादव बीधा, शुभाशीष खुंटिया, अमर पाल मौर्य, मयंककुमार नायक, ए. ए. रहीम, के. आर. एन. राजेशकुमार, कल्पना सैनी, पका वेंकट सत्यनारायण, अशोक सिंह और भीम सिंह निर्वाचित हुए हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश की प्रगति में उनकी अतुलनीय भूमिका को याद किया। मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में यमुना किनारे स्थित वाजपेयी के समाधि स्थल 'सदैव अटल' पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। दिल्ली सरकार ने कम आय वाले परिवारों को स्वच्छ और रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए 25 नयी 'अटल कैंटीन' शुरू की। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था और उन्होंने 16 अगस्त 2018 को नयी दिल्ली में अंतिम सांस ली। वह प्रधानमंत्री बनने वाले भाजपा के पहले नेता थे। मोदी ने वाजपेयी को असाधारण राजनेता बताया, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, ''अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। वह एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने अपना जीवन हमारे राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के शब्दों और प्रयासों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया तथा उनके नेतृत्व ने देश को मजबूत किया। मोदी ने कहा, ''सुशासन और जनकल्याण पर उनका जोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वाजपेयी के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नयी ऊंचाइयां हासिल कीं। सिंह ने कहा, ''भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनका व्यक्तित्व, आदर्श और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण हमेशा हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की मूल्य आधारित राजनीति ने पहली बार 'अंत्योदय' की अवधारणा और सुशासन के विचार को धरातल पर उतारा। उन्होंने वाजपेयी को एक राष्ट्रभक्त राजनेता बताया, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण राष्ट्र को समर्पित कर दिया। शाह ने कहा, ''एक ओर उन्होंने परमाणु परीक्षणों और कारगिल युद्ध के जरिए पूरी दुनिया को भारत की ताकत से अवगत कराया, वहीं दूसरी ओर उनकी मूल्य आधारित राजनीति ने पहली बार अंत्योदय की सोच और सुशासन को धरातल पर उतारा।'' भाजपा अध्यक्ष नवीन ने भी वाजपेयी के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ''अटल जी एक महान राजनेता और दूरदर्शी नेता थे। उनका पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और सुशासन के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमारा हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे।'' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में वाजपेयी की प्रतिमा पर फूल चढाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। योगी ने कहा, ''अटल जी जितने सहज और सरल थे, अपने संकल्प के प्रति उतने ही दृढ़ थे। कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने उनके दृढ़ निश्चय और मजबूत इरादों को देखा। उनकी पावन स्मृतियों को नमन।'' केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वाजपेयी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा, ''एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अटल जी का विचारधारा और सिद्धांतों से जुड़ा जीवन हमेशा राष्ट्र को समर्पित रहा।'' केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक वाजपेयी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा, ''मैं उन्हें अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने सुशासन, विकास और राष्ट्रीय गौरव की जो मजबूत नींव रखी, वह हमेशा हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी वाजपेयी के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गुप्ता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने उनके जैसे अनगिनत कार्यकर्ताओं में राष्ट्रसेवा, संगठनात्मक अनुशासन और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के संस्कार विकसित किए।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए इजराइल के अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू का रविवार को आभार जताया तथा उम्मीद व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी, जिससे नए अवसर पैदा होंगे एवं लोगों के आपसी संबंध और गहरे होंगे। मोदी ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे समेत अन्य नेताओं का भी आभार जताया। नेतन्याहू ने अपने संदेश में भारत और अपने ''प्रिय मित्र'' प्रधानमंत्री मोदी को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल ने एक वर्ष के अंतराल पर स्वतंत्रता हासिल की थी और दोनों प्राचीन राष्ट्र अपने लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए मिलकर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारे नवोन्मेष और मित्रता की कोई सीमा नहीं है।''
मोदी ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू की शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि ''भारत-इजराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी जिससे नए अवसर पैदा होंगे तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और गहरे होंगे।'' इजराइल के राष्ट्रपति आइजक हर्जोग ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि हम इजराइल और भारत के बीच इस खूबसूरत मित्रता को लगातार मजबूत करते रहेंगे।'' मोदी ने कहा कि भारत, इजराइल के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा, ''हम अपने लोगों के हित के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।'' प्रधानमंत्री ने शुभकामनाएं देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का भी आभार जताया।
भूटान और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के नेताओं ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे ने अपने ''बड़े भाई'' प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि दोनों देशों की मित्रता और संबंध लगातार प्रगाढ़ होते रहेंगे। मोदी ने इसके जवाब में कहा, ''हम भूटान के साथ अपनी उस विशेष और स्थायी साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं, जो निरंतर मजबूत हो रही है।'' नेपाल के प्रधानमंत्री शाह ने मोदी को ''हार्दिक बधाई'' और शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नेपाल और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध, लोगों के आपसी रिश्ते तथा सहयोग आने वाले वर्षों में लगातार मजबूत होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने उनका आभार जताते हुए कहा कि भारत एवं नेपाल के लोगों के कल्याण एवं पारस्परिक समृद्धि के लिए दोनों देशों के बीच बहुआयामी तथा सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने के वास्ते भारत मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, सरकार और भारत के ''मित्रवत लोगों'' को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता के आठ दशक भारत की सरकार और उसके लोगों की आकांक्षाओं, दृढ़ता तथा अटूट भावना को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, ''इस शुभ अवसर पर मैं आपसी सम्मान, साझा समृद्धि और दोनों देशों के लोगों के बीच स्थायी मित्रता पर आधारित हमारी घनिष्ठ साझेदारी को और आगे बढ़ाने की मालदीव सरकार की प्रतिबद्धता दोहराता हूं।'' मोदी ने शुभकामनाओं के लिए राष्ट्रपति मुइज्जू का आभार जताते हुए कहा, ''भारत और मालदीव के बीच मित्रता का संबंध निरंतर मजबूत होता रहे।'' साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि साइप्रस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी साझा सिद्धांतों तथा समान हितों पर आधारित है तथा यह साझेदारी भविष्य की योजनाओं से निर्देशित है और दोनों देशों के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, ''हम इस साझेदारी को और गहरा तथा व्यापक बनाने एवं इसकी पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।'' मोदी ने उनका आभार जताते हुए कहा कि भारत दोनों देशों के बीच घनिष्ठ एवं व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू कराने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया और कहा कि अब यह मुद्दा ‘राजनीतिक अखाड़े का शिकार’ नहीं बने रहना चाहिए। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में युवाओं से समाज और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका संभालने का आह्वान भी किया। स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश से नक्सलवाद के खात्मे का उल्लेख किया और कहा कि चुनौती को कभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा क्योंकि ‘हथियारी नक्सल’ भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ अब भी मौके की तलाश में हैं।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को खत्म करने में अपनी सरकार की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, अनेक माताओं से उनके बेटे छीन लिए और परिवारों के सपनों को चूर-चूर कर दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि युद्ध में भी इतने सैनिकों की मौत नहीं होती।पीएम मोदी ने कहा, ‘‘2014 में जब हमें मौका मिला तो हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया।’ आज खुशी है कि नक्सलवाद के पास आखिरी सांस लेने की भी ताकत नहीं रही।’’पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवादियों की गोलियां चलती थीं, आज वहां नक्सलवाद से मुक्ति के बाद विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि इस चुनौती को अब भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में ‘हथियारी नक्सल’ के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ मौके की तलाश में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं तथा समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना होगा तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।वहीं, प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण के विषय पर कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से और तिरंगे झंडे की छाया में आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी श्रेय लीजिए, लेकिन माताओं-बहनों को उनका हक दिलाइए।”प्रधानमंत्री देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है। भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पहले ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।‘फ्रेजाइल फाइव’ वैश्विक वित्तीय बाजार में इस्तेमाल होने वाला एक शब्द है, जिसका अर्थ ऐसी कमजोर एवं नाजुक अर्थव्यवस्थाओं से है जो अपने विकास के लिए जोखिम भरे विदेशी निवेश पर बहुत अधिक निर्भर हैं।प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है। ( -
नई दिल्ली।‘ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले पर ध्वजारोहण के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। इस दौरान वंदे मातरम गीत की धुन बजाए जाने को लेकर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “स्वतंत्रता दिवस के पवित्र अवसर पर, आज लाल किले की प्राचीर पर, पहली बार सेना के बैंड द्वारा वंदे मातरम् गीत की धुन बजाई गई। इस ऐतिहासिक क्षण ने हर भारतीय को हर्ष और गौरव के भाव से अभिभूत कर दिया है। वंदे मातरम्!”
रक्षा मंत्री की ओर से एक और पोस्ट में लिखा गया, “लाल किले पर इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड (आईएसओ) के मेडल जीतने वालों से मिलकर बहुत खुशी हुई। इन युवा और होनहार चैंपियंस को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। साइंस ओलंपियाड में इतिहास रचने के लिए उन्हें बधाई दी। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे आगे भी भारत का मान बढ़ाते रहेंगे।”रक्षा मंत्री ने एक और पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से भारत की रक्षा शक्ति के महत्व और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने ड्रोन्स, हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा पर विशेष बल दिया है, जिनको लेकर रक्षा मंत्रालय काफी गंभीरता से काम कर रहा है।”उनकी से एक और ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा गया, “आज लाल किले की प्राचीर से देश के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन बेहद शानदार और बेहतरीन था। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि ‘विकसित भारत’ की ओर भारत की यात्रा एक स्पष्ट विजन और अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित है।”उन्होंने आगे लिखा, “आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ से लेकर ऊर्जा सुरक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र तक; युवाओं को एआई, कौशल और नवाचार से सशक्त बनाने से लेकर कनेक्टिविटी, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करने तक – यह रोडमैप निश्चित रूप से महत्वाकांक्षी और व्यापक है।” रक्षा मंत्री ने लिखा, “उनका संकल्प दृढ़ और स्पष्ट है: पूरे विश्वास के साथ सुधार करना, युवाओं को सशक्त बनाना, देश को मजबूत करना और भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बनाना। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश के नाम प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का लिंक यहां दिया गया है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश की पूर्ण रणनीतिक आत्मनिर्भरता को एक ‘अनिवार्य राष्ट्रीय प्राथमिकता’ घोषित किया। उन्होंने भारत से अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी के ग्लोबल सप्लायर के तौर पर उभरने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि डिफेंस में आत्मनिर्भर होने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। जब दुनिया भर के देश अपने फायदों के बारे में ज्यादा सोच रहे हैं, तो भारत सिर्फ दुनिया के लिए एक मार्केट नहीं रह सकता। हमें ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम डेवलप करने होंगे, और हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में लीडरशिप लेनी होगी।
अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने सप्त सिंधु की प्राचीन सभ्यतागत शक्ति का आह्वान किया और एक शक्तिशाली नए रणनीतिक ढांचे की घोषणा की। उन्होंने परिवर्तनकारी सप्तधारा या सप्त शक्ति का अनावरण करके भारत की अगली छलांग की दिशा में एक भविष्य का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शक्ति की ये सात गतिशील धाराएं, युवाओं की अपार क्षमता का पूरी तरह से उपयोग करते हुए, देश को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। श्रीपीएम मोदी ने कहा, “उस सप्त-धारा की रणनीति की जबरदस्त क्षमता और शक्ति के साथ, हम आक्रामक रूप से देश को एक नई ऊंचाई और एक नई गति देंगे।”पीएम मोदी ने ‘रक्षा शक्ति’ को महत्वपूर्ण पांचवीं धारा के रूप में वर्गीकृत किया। साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय रक्षा के एक अभिन्न अंग के रूप में तैयार करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश की डिजिटल सीमाओं और वैश्विक साइबर परिदृश्य दोनों की आक्रामक रूप से रक्षा करने के लिए भारतीय युवाओं की अपार डिजिटल क्षमता का उपयोग करने पर जोर दिया। श्रीपीएम मोदी ने कहा, “हम देश और दुनिया की पूर्ण सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा में अपने युवाओं की जबरदस्त क्षमता का सक्रिय रूप से उपयोग कर सकते हैं।”आत्मनिर्भर भारत के विजन को पूरा करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि देश को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। दुनिया में कई ऐसी चीजें हो सकती हैं जो सस्ती हैं और जल्दी मिल सकती हैं। लेकिन उन पर निर्भर रहने से हमारी अपनी क्षमताएं नहीं बनतीं, न ही यह हमारी क्षमताओं की ताकत को परखता है। इसलिए, हमें अपनी क्षमताओं को खुद मजबूत करना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। इसीलिए हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मेक इन इंडिया, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों से भारतीयों का दिल जुड़ रहा है।पीएम मोदी ने मौजूदा बदलते समय में तैयार रहने के लिए डिफेंस फोर्स की काबिलियत को बढ़ाते हुए स्वदेशी डिफेंस इक्विपमेंट पर फोकस करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज लड़ाई का तरीका बदल रहा है। अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि लड़ाई सिर्फ बॉर्डर तक ही सीमित रहेगी। मॉडर्न लड़ाई में रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर या डेटा सेंटर को टारगेट किया जा सकता है, एक तरह से, यह लड़ाई का एक नया तरीका है जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और फैक्ट्रियां खत्म हो रही हैं। हमने कुछ साल पहले ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की थी, और इस पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।वहीं, पिछले 12 सालों में डिफेंस सेक्टर में आए बदलाव के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डिफेंस प्रोडक्शन लगभग चार गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि डिफेंस एक्सपोर्ट लगभग 50 गुना बढ़ गया है, और भारतीय हथियार लगभग 100 देशों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे चुनौती बॉर्डर के अंदर हो या बाहर, भारत किसी भी स्थिति के लिए तैयार है… ग्लोबल स्टेज पर भारत की रेप्युटेशन धीरे-धीरे बढ़ रही है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक सुरक्षित भारत बनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, और उभरते खतरों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछली सदी के युद्धों के हिसाब से हमारे देश में जो सिविल डिफेंस सिस्टम बने हैं, वे पुराने हो गए हैं। आने वाले दिनों में, हम सिविल डिफेंस का एक मजबूत नेटवर्क बनाएंगे। हम उन्हें मॉडर्न सिस्टम से परिचित कराएंगे। हम मॉडर्न चुनौतियों से निपटने के लिए सिविल डिफेंस की एक बड़ी वॉलंटरी फोर्स बनाने जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने डिफेंस फोर्सेज समेत देश बनाने में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा एनडीए से ग्रेजुएट हो रही हमारी बेटियां पूरे कॉन्फिडेंस और अधिकार के साथ देश की सेना को लीड करने की काबिलियत दिखा रही हैं। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन के दौरान कई अहम घोषणाएं की। पीएम मोदी ने युवाओं के लिए एआई ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स टैलेंट हंट, फ्री कोचिंग और सेमीकंडक्टर को लेकर 6 बड़ी घोषणाएं की हैं।एआई यूथ स्किलिंग: पीएम मोदी ने कहा, “आज, लाल किले की प्राचीर से, मैं देश के युवाओं के लिए एक घोषणा करना चाहता हूं, हमने संकल्प लिया है कि आने वाले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने का काम करेंगे, ताकि हमारे देश के युवाओं में एआई के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता हो।”
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कोचिंग क्लास की होड़ हमारे मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा बोझ बन गई है। हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग क्लास नहीं भेजते हैं, तो उन्हें ‘प्रतिष्ठित’ परिवार नहीं माना जाएगा। हमें उन हजारों करोड़ रुपयों की चिंता है जो ये गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवार खर्च करते हैं, हम उन्हें इस खर्च से बचाना चाहते हैं। हमने अपने युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हमारे पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बेहतरीन प्रतिभा और शिक्षक भी हैं। इन संसाधनों का लाभ उठाकर, हम देश के युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए एक व्यापक नेटवर्क स्थापित कर रहे हैं।सिविल डिफेंस में सुधार: पीएम मोदी ने कहा, “भारत को सुरक्षित बनाना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। चाहे चुनौती हमारी सीमाओं के भीतर से आए या बाहर से, भारत हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। आज युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि युद्ध सिर्फ़ सीमाओं पर ही लड़ा जाएगा। आज लाल किले की प्राचीर से मैं घोषणा करता हूं कि आने वाले दिनों में हम नागरिक सुरक्षा का एक आधुनिक और जीवंत नेटवर्क स्थापित करेंगे। हम नागरिकों को उन्नत आपातकालीन प्रणालियों और प्रोटोकॉल से परिचित कराएंगे।”स्पोर्ट्स टैलेंट हंट: प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि 2036 में हम ओलंपिक में उन खेलों में भी हिस्सा लें जिनमें हमने अब तक भाग नहीं लिया है। 5-15 साल की उम्र के टैलेंट को खोजने के लिए ‘टैलेंट हंट’ कैंपेन चलाया जाएगा।”सेमीकंडक्टर: पीएम मोदी ने कहा, “आज की डिजिटल दुनिया और टेक्नोलॉजी के दौर में हम चिप्स की बहुत ज़्यादा अहमियत को समझते हैं। चाहे इलेक्ट्रॉनिक सामान हो, मेडिकल उपकरण हों या ट्रांसपोर्ट सिस्टम, चिप्स बहुत जरूरी हैं, इनके बिना दुनिया थम जाएगी। भारत इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुका है। तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट पहले ही लगाए जा चुके हैं। इन प्लांटों से एक्सपोर्ट के लिए प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। आने वाले 7-8 सालों में पांच से आठ सेमीकंडक्टर प्लांट में काम शुरू होने वाला है।”न्यूक्लियर एनर्जी: प्रधानमंत्री ने कहा, “परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा ज़रिया है। हमने संसद में ‘पीस एक्ट’ पास करके एक नए लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया है। हम 2047 तक 100 जी डब्ल्यू परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करना है। इस साल, भारत ने फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक में महारत हासिल करके एक अहम उपलब्धि हासिल की है, जो परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं से बड़े सपने देखने का आह्वान करते हुए उन्हें संसाधनों और सहयोग की कमी नहीं होने देने का आश्वासन दिया। उन्होंने देश के स्टार्टअप परिवेश की वृद्धि और युवाओं के विचारों तथा क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार के एक लाख करोड़ रुपये के नवाचार कोष का उल्लेख किया।स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य की यात्रा में युवाओं को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में युवा न केवल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, बल्कि इसके सबसे बड़े लाभार्थी भी होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान के तहत देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप शुरू हुए हैं। युवा उद्यमी न केवल अपने लिए रोजगार पैदा कर रहे हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘आज स्टार्टअप इंडिया अभियान के माध्यम से देशभर में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप बन चुके हैं। देश के युवा केवल खुद काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।’’पीएम मोदी ने सरकार के एक लाख करोड़ रुपये के नवाचार कोष का उल्लेख करते हुए मोदी ने युवाओं से अपने विचारों के साथ आगे आने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये के नवाचार कोष की घोषणा की है। मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप अपने सपने लेकर आइए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संसाधनों की कोई कमी न हो।’’ उन्होंने कहा कि इस कोष का उद्देश्य प्रतिभाओं और क्षमताओं को सशक्त बनाना है।इसके अलावा, पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया, सस्ती इंटरनेट डेटा सेवाओं और स्किल इंडिया जैसे कदमों का भी उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने युवाओं के लिए अवसरों के विस्तार में मददगार बताया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर दुनिया में कहीं सस्ता डेटा है, तो वह भारत की धरती पर है। और इसने देश के युवाओं को नई ताकत दी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संबोधन को प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राष्ट्रपति के विचार देश की शक्ति और प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश सभी देशवासियों को विकसित भारत के निर्माण के लिए नए संकल्प और दृढ़ता के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को किया नमनराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन किया। उन्होंने राष्ट्र-निर्माण में नागरिकों की भूमिका, विभाजन की त्रासदी, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और पिछले एक दशक से अधिक समय में देश में हुए विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और इसके बाद स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता देशवासी बने।राष्ट्र-निर्माण में नागरिकों की भूमिका अहमराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों और किसानों समेत राष्ट्र-निर्माण में योगदान दे रहे सभी नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का दिया संदेशद्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में वैदिक संदेश ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का उल्लेख किया। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से संभव है।विभाजन की त्रासदी और पटेल के योगदान को किया यादराष्ट्रपति ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को विस्थापन और पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों के भारत में एकीकरण की चुनौती और सरदार वल्लभभाई पटेल के महत्वपूर्ण योगदान को भी याद किया।साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण उपलब्धियों तकद्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आज साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं। यह इस विश्वास को मजबूत करता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है। उन्होंने इसे देश में अवसरों के विस्तार और लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत का प्रतीक बताया।समावेशी विकास पर राष्ट्रपति ने दिया जोरराष्ट्रपति मुर्मु ने पिछले एक दशक से अधिक समय में हुए समावेशी विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि विकास में बाधक रहे कई पुराने अवरोधों को दूर किया गया है और विभिन्न वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं।25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहरद्रौपदी मुर्मु ने बताया कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं, करीब 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था के जरिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जाप्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के संबोधन को ऐसे समय में महत्वपूर्ण बताया, जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के विचार देश की सामूहिक शक्ति, उपलब्धियों और नागरिकों की आकांक्षाओं को सामने रखते हैं तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक देशवासी को नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। ( -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी पर जोर दिया। राष्ट्र के नाम अपने संदेश में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन किया और कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, वैज्ञानिकों, श्रमिकों, खिलाड़ियों, सुरक्षाबलों और समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान की सराहना करते हुए देशवासियों से संविधान के मूल्यों और मूल कर्तव्यों का पालन करने की अपील की।
स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमनराष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और देशवासियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की सार्थकता इसी में है कि भारत के लोग अपने सपनों को साकार करने के अवसरों का उपयोग करें और देश को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की भावना से कार्य करें।राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिकाद्रौपदी मुर्मु ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों, किसानों, खिलाड़ियों, शिल्पकारों, कलाकारों, जनप्रतिनिधियों, न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों, सिविल सेवकों, निवेशकों, समाजसेवियों और सफाई-मित्रों समेत राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे सभी नागरिकों की सराहना की। उन्होंने तीनों सेनाओं के जवानों, सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की विशेष रूप से प्रशंसा की।2047 तक विकसित भारत का संकल्पराष्ट्रपति ने कहा कि भारत स्वाधीनता की शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ रहा है। अंत्योदय की भावना के साथ विकास का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए देश आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वेद वाक्य ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का उल्लेख करते हुए राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने का संदेश दिया।विभाजन विभीषिका के पीड़ितों को किया यादराष्ट्रपति मुर्मु ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए विभाजन के दौरान मारे गए और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले लाखों लोगों को याद किया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी।सरदार पटेल को श्रद्धांजलिउन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय देश के सामने विभाजन के गंभीर परिणामों के साथ 550 से अधिक रियासतों को नवस्वाधीन भारत से जोड़ने की चुनौती भी थी। सरदार वल्लभभाई पटेल ने इन रियासतों का भारतीय लोकतंत्र में विलय कराया। राष्ट्रपति ने आधुनिक भारत की एकता के शिल्पकार और लौहपुरुष सरदार पटेल की स्मृति को नमन किया।लोकतंत्र में जनभागीदारी महत्वपूर्णद्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत का संविधान ‘भारत के लोगों’ द्वारा निर्मित है और लोकतंत्र की जननी भारतभूमि में जनभागीदारी की भावना सदैव रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अभियानों को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाना लोकतंत्र की प्रेरक उपलब्धि है।समानता और गरिमा संविधान के प्रमुख आदर्शराष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिष्ठा और अवसर की समानता तथा व्यक्ति की गरिमा संविधान के प्रमुख आदर्श हैं। आज साधारण पृष्ठभूमि के लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं। इससे यह विश्वास मजबूत होता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।न्याय समय पर और समान रूप से मिलेउन्होंने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के अपने-अपने उत्तरदायित्व हैं। जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करें, जबकि कार्यपालिका जनहित और राष्ट्रहित की नीतियों को लागू करे। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे और विशेषकर वंचित वर्गों को समानता तथा सम्मान के साथ समय पर न्याय मिले।समावेशी विकास को मिली गतिराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में भारत ने तेज गति से समावेशी विकास किया है। विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी गई है तथा विकास में बाधक दशकों पुराने कई अवरोधों को दूर किया गया है।गरीबों और वंचितों के लिए योजनाओं का उल्लेखउन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले के सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में योगदान को याद किया। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना राष्ट्रीय प्राथमिकता बना है। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं।स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर जोरराष्ट्रपति ने कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को भी समर्थन मिला है।विरासत और विकास का समन्वयराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सांस्कृतिक आत्मबल पर आधारित विकास गतिमान और स्थायी होता है। भारत की ज्ञान-विज्ञान, कला-संस्कृति, अध्यात्म और सदाचार की समृद्ध विरासत देश को आत्मिक शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारत विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है।डिजिटल क्रांति से बदली तस्वीरद्रौपदी मुर्मु ने डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों की छोटी दुकानों और रेहड़ी-पटरी तक डिजिटल भुगतान पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि विश्व में होने वाले रियल टाइम डिजिटल लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी आधे से अधिक है। तकनीक के जरिए जनकल्याणकारी सुविधाओं को पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में भी मदद मिली है।आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तारराष्ट्रपति ने कहा कि देश में हाईवे, वाटरवे, रेलवे और एयरवे के रूप में आधुनिक बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे नए उद्यमों के अवसर बढ़े हैं, रोजगार का सृजन हुआ है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।वैश्विक अस्थिरता के बीच अर्थव्यवस्था मजबूतदुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अस्थिरता के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक अनुमानों के अनुसार भारत की विकास दर विश्व की औसत विकास दर की तुलना में दोगुने से अधिक रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मजबूत हुआ है।पर्यावरण संरक्षण में भारत अग्रणीद्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत विश्वस्तर पर योगदान दे रहा है। सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े कुछ लक्ष्यों को देश ने समय से पहले हासिल किया है और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को भी पिछले वर्षों में अभूतपूर्व गति मिली है।शांति और सहयोग विदेश नीति के आधारउन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति देशहित पर आधारित है। शांति, सहयोग, संवाद और वसुधैव कुटुंबकम् के आदर्श विदेश नीति के प्रमुख स्तंभ हैं। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और संबंध मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए गए हैं। भारत ग्लोबल साउथ में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास रखता है।प्रकृति और भावी पीढ़ियों की जिम्मेदारीराष्ट्रपति ने कहा कि प्राकृतिक संपदाओं पर भावी पीढ़ियों का भी उतना ही अधिकार है जितना वर्तमान पीढ़ी का है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आज के कार्यों से आने वाली पीढ़ियों के अधिकार प्रभावित न हों। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (LiFE) जैसे अभियानों की भावना के अनुरूप व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया।बेटियां हर क्षेत्र में बढ़ा रही हैं देश का मानराष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादकता में योगदान देने वाली ड्रोन दीदी से लेकर वायु सेना में फाइटर कॉम्बैट लीडर बनने तक महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के 13 स्वर्ण पदकों में 8 स्वर्ण पदक बेटियों ने जीते हैं।महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ीराष्ट्रपति ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है और अब देश नई 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुद्रा योजना के तहत सहायता पाने वाले उद्यमियों में करीब दो-तिहाई महिलाएं हैं।लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ीद्रौपदी मुर्मु ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उनका नेतृत्व भी बढ़ रहा है। मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने गणतंत्र की विशेष सफलता बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% प्रतिनिधित्व आरक्षित करने के लिए 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया है। इसके लक्ष्य को हासिल करने से लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा।युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकतराष्ट्रपति ने कहा कि देश की कुल आबादी में 65% लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। युवा आबादी भारत की सबसे मूल्यवान संपदा है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा प्रतिभाशाली, प्रतिबद्ध और कुशल हैं। उन्होंने हाल में केवल 28 वर्ष की औसत आयु वाली युवा टीम द्वारा रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे अंतरिक्ष अन्वेषण के नए चरण का शुभारंभ हुआ है।स्टार्टअप और स्वरोजगार से बढ़ रहे अवसरउन्होंने कहा कि अनेक युवा स्वरोजगार के रास्ते पर चलते हुए रोजगार देने की संस्कृति को अपना रहे हैं। युवा उद्यमियों की भागीदारी से मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हुआ है। विश्व की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और लगन से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाएं दे रही हैं।विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा पर जोरराष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों को भारत का भविष्य निर्माता बताते हुए सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। इसलिए सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक कदम उठा रही है, ताकि अनुचित साधनों पर अंकुश लगे और परीक्षाएं पारदर्शी, सुरक्षित तथा भरोसेमंद बनें।खेलों से राष्ट्र निर्माण को मिल रहा बलराष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य का आधार बताया। उन्होंने कहा कि खेलों को युवाओं के विकास और राष्ट्र निर्माण के माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। खेलो इंडिया के जरिए स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक खेल इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है और सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निवेश कर रही है।वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता जरूरीराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत में युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के आत्मसम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरे समाज से संवेदनशील रहने की अपील की।आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ़ संकल्पद्रौपदी मुर्मु ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सेनाओं के पराक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेनाओं की क्षमता का प्रमाण है और आतंकियों तथा उनके समर्थकों को कड़ा संदेश दिया गया है। उन्होंने आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन को किसानों के हित में निर्णायक कदम बताया।नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलताराष्ट्रपति ने कहा कि दशकों से नक्सलवाद देश के लिए गंभीर चुनौती रहा, लेकिन भारत को नक्सल मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब उत्साह का वातावरण है और विकास की धारा पहुंच रही है। बस्तर ओलिंपिक्स और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में लोगों की बड़ी भागीदारी इसका प्रमाण है।भारतीय विरासत को वैश्विक पहचानराष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्र-गौरव और मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 दुर्गों को पिछले वर्ष यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि देश की विरासत में आध्यात्मिक स्मारकों के साथ आत्मसम्मान तथा गौरवशाली परंपराओं की रक्षा की सैन्य क्षमता के प्रतीक भी मौजूद हैं।विकसित भारत का लक्ष्य सभी का कल्याणद्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सभी भारतवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत के निर्माण का वास्तविक लक्ष्य है। उन्होंने तेलुगू साहित्यकार गुरजाडा अप्पाराव की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश केवल मिट्टी नहीं, बल्कि समस्त जनसमुदाय है।स्वस्थ, सुखी और समृद्ध भारत का आह्वानराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि समाज की भागीदारी और सरकार के प्रयासों से गांव-गांव, नगर-नगर और भारत के घर-घर में रहने वाले सभी लोग स्वस्थ, सुखी और समृद्ध बनेंगे। उन्होंने देशवासियों से देश प्रेम की सर्वसमावेशी भावना के साथ स्वतंत्र भारत को विकसित भारत बनाने की राष्ट्रीय साधना में स्वयं को समर्पित करने का आह्वान किया। -
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले वीरों के सम्मान में 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4 और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं।
कीर्ति चक्र के लिए 9 वीरों का चयनराष्ट्रपति भवन से जारी सूची के अनुसार इस वर्ष 9 कीर्ति चक्र, 1 बार टू शौर्य चक्र, 19 शौर्य चक्र, 5 बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 36 सेना मेडल (गैलेंट्री), 3 नौसेना मेडल (गैलेंट्री) और 5 वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) को मंजूरी दी गई है। कीर्ति चक्र पाने वालों में 7 पुरस्कार मरणोपरांत हैं।कीर्ति चक्र पाने वाले वीरों में लेफ्टिनेंट कर्नल मैनियो फ्रांसिस, मेजर जितेंद्र राठी, हवलदार गजेंद्र सिंह (मरणोपरांत), हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल जसवंत सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल बलविंदर सिंह (मरणोपरांत), एसजी कांस्टेबल तारिक हुसैन (मरणोपरांत), हेड कांस्टेबल बशीर अहमद (मरणोपरांत) और इंस्पेक्टर एसटीएफ सुनील कुमार (मरणोपरांत) शामिल हैं।मेजर आदित्य प्रताप सिंह को बार टू शौर्य चक्रदेश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। वह द राजपूताना राइफल्स और 44 असम राइफल्स से संबद्ध हैं।19 वीरों को शौर्य चक्रइस वर्ष कुल 19 वीरों को शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। इनमें भारतीय सेना के 11, नौसेना और वायुसेना के एक-एक तथा गृह मंत्रालय के 6 वीर शामिल हैं।सेना के शौर्य चक्र पाने वालों में मेजर परमवीर, मेजर तरुण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल, मेजर विपीन कुमार, नायब सूबेदार शंकर राम, नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, हवलदार जगतार सिंह, लांस नायक नरेंद्र सिंधु (मरणोपरांत), लांस नायक कपिल देव और सिपाही जसविंदर सिंह शामिल हैं।नौसेना से लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और वायुसेना से स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार को शौर्य चक्र दिया गया है। गृह मंत्रालय के धीरज सिंह कटोच, अजय सिंह चिब, सुखवीर सिंह, नियाज अहमद, अंजनी कुमार और दीपक साह को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।5 जवानों को बार टू सेना मेडलदेश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस का परिचय देने वाले सेना के 5 जवानों को बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री) प्रदान किया गया है। इनमें मेजर डी.एस. पाओशो, मेजर अनुज महाजन, मेजर कृष्ण कांत, सूबेदार रमेश कुमार और नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह शामिल हैं।36 सैन्यकर्मियों को सेना मेडलसेना के 36 अधिकारियों और जवानों को सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया है। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी, लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम टोपडेन भूटिया, मेजर सुधांशु शेखर पानी, मेजर मोहित पोडिया, मेजर आर. साहिल, मेजर बलेंदु कुमार झा, मेजर रवि शंकर जोशी, मेजर रूपम दास, मेजर अर्णव बाली, मेजर अंशुमान रंजन और मेजर अरविंद कुमार समेत कई अधिकारी शामिल हैं।सम्मान पाने वालों में कैप्टन करण सिंह चीमा, कैप्टन हरीश सिंह डेवली, कैप्टन मोहित रावत, कैप्टन अंशुमान सिंह, कैप्टन बाणे स्वराज सुधीर, कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंग निघोट, कैप्टन साविक, लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह और लेफ्टिनेंट अमन पांडे भी शामिल हैं।वीरता के लिए नौसेना और वायुसेना के जवान भी सम्मानितनौसेना के कमांडर विनीत शर्मा, कमांडर युवराज कुमार और एसी अविनाश अन्नासो को वीरता के लिए नौसेना मेडल प्रदान किया गया है। वायुसेना में ग्रुप कैप्टन राहुल जगोटा, ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश और मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह को वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया है।89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ भी मंजूरराष्ट्रपति मुर्मु ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4 और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं। यह सम्मान सैन्य अभियानों और कर्तव्य के दौरान उल्लेखनीय सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।वीरता और बलिदान को राष्ट्र का सम्मानस्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित ये वीरता पुरस्कार देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले सैन्यकर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को राष्ट्र की ओर से सम्मानित करते हैं। मरणोपरांत दिए गए पुरस्कार उन वीरों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को भी सम्मान देते हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने PM Vishwakarma योजना से जुड़े दिल्ली-NCR के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। लाभार्थी अपने जीवनसाथी या साथी के साथ समारोह में शामिल होंगे।इन विशेष अतिथियों में अलग-अलग पारंपरिक काम करने वाली महिला कारीगर भी शामिल हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार से जोड़ने और भारत की पारंपरिक कला एवं संस्कृति को बचाने में उनकी भूमिका को बढ़ावा मिलता है।
PM Vishwakarma योजना के लाभार्थियों को उनकी मेहनत और पारंपरिक हुनर के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। 14 अगस्त को दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में उन्हें स्मृति चिह्न दिए जाएंगे।इसके बाद MSME मंत्रालय के अधिकारियों के साथ लाभार्थियों की बातचीत भी होगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को पहचान देना है।क्या है PM Vishwakarma योजना?PM Vishwakarma योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ने में मदद करना है।योजना के तहत कारीगरों को:कौशल प्रशिक्षणआधुनिक औजार और टूलकिटआर्थिक सहायताडिजिटल सुविधाएंबाजार से जुड़ने में मददजैसी सुविधाएं दी जाती हैं।सरकार के अनुसार, अब तक 30 लाख पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार इस योजना में रजिस्टर्ड हो चुके हैं।18 पारंपरिक कामों से जुड़े हैं लाभार्थीलाल किले पर आमंत्रित लाभार्थी PM Vishwakarma योजना के तहत आने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं। इनमें दर्जी, बढ़ई, सुनार, लोहार, ताला बनाने वाले कारीगर सहित कई अन्य पेशे शामिल हैं।आमंत्रित कारीगरों ने योजना के तहत रजिस्ट्रेशन, बेसिक स्किल ट्रेनिंग और टूलकिट जैसी सुविधाओं का लाभ लिया है।पारंपरिक कारीगरों के योगदान को सम्मानस्वतंत्रता दिवस समारोह में PM Vishwakarma लाभार्थियों को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाना भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को सम्मान देने का एक अवसर है।लाल किले से होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होकर ये कारीगर देश के इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनेंगे और भारत की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत में अपने योगदान को सम्मानित होते देखेंगे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में पुनर्गठित ‘इंडिया कोड पोर्टल’ का शुभारंभ किया। सरकार ने कानूनों तक नागरिकों की पहुंच को अधिक सरल, तेज, व्यापक और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से पोर्टल को आधुनिक डिजिटल तकनीकों से नया रूप दिया है। इसमें एआई-सहायता प्राप्त सर्च, सेमांटिक एवं स्पीच सर्च, बेहतर नेविगेशन और बहुभाषी एक्सेस जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
पुनर्गठित पोर्टल का शुभारंभ कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली में भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, विधायी विभाग एवं कानूनी कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि, अपर सचिव डॉ. मनोज कुमार और विधायी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की महानिदेशक प्रियंका भारती, इंडिया-एआई मिशन के सीओओ सुदीप श्रीवास्तव और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान के महत्व और कानूनों को सभी हितधारकों के लिए आसानी से उपलब्ध एवं समझने योग्य बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंडिया कोड पोर्टल संविधान, केंद्रीय अधिनियमों, नियमों और अन्य विधायी जानकारियों तक नागरिकों की आसान पहुंच के लिए एक विश्वसनीय और व्यापक मंच के रूप में काम करता है।मेघवाल ने कानून तक पहुंच को मजबूत करने में तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पोर्टल के पुनर्गठन की परिकल्पना, समन्वय और निगरानी के लिए विधायी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञता और विकास सहायता के लिए एनआईसी की टीम को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि साझा प्रयासों से विधायी जानकारी की सुलभता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित वितरण में सुधार होगा। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कानूनों तक भौतिक माध्यम से डिजिटल पहुंच की ओर हुए बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने नई और यूजर-फ्रेंडली सुविधाओं के साथ विकसित किए गए पुनर्गठित इंडिया कोड पोर्टल की सराहना की। उन्होंने पोर्टल को तकनीकी रूप से अपडेटेड रखने और बदलती जरूरतों के अनुरूप लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।वेंकटरमणी ने स्पष्ट, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण कानून बनाने में विधायी अधिकारियों की जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने कानूनों तक व्यापक और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने को जरूरी बताया। अटॉर्नी जनरल ने पोर्टल के विकास में विधायी विभाग और तकनीकी टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विधायी जानकारी में पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुंच और मजबूत होगी।विधायी विभाग एवं कानूनी कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने इंडिया कोड पोर्टल के विकासक्रम की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों, कानूनी पेशेवरों, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के लिए प्रामाणिक एवं अपडेटेड विधायी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पोर्टल में यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस के साथ सर्च, नेविगेशन और एक्सेसिबिलिटी को बेहतर बनाया गया है।विधायी विभाग के अपर सचिव डॉ. मनोज कुमार ने पुनर्गठित इंडिया कोड पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून तक पहुंच न्याय तक पहुंच की दिशा में पहला कदम है। कानून केवल उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे खोजना, नेविगेट करना, समझना और इस्तेमाल करना भी आसान होना चाहिए।पुनर्गठित पोर्टल में एआई-असिस्टेड और सेमांटिक सर्च के साथ स्पीच-सक्षम खोज की सुविधा दी गई है। इससे उपयोगकर्ता सामान्य शब्दों या अपनी आवाज के जरिए भी आवश्यक कानूनी जानकारी खोज सकेंगे। बेहतर सर्च और नेविगेशन के अलावा अधिनियमों और अधीनस्थ विधानों के बीच लिंक उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे संबंधित कानूनी प्रावधानों तक पहुंच आसान होगी।इंडिया कोड केंद्रीय अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों, राज्य अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के विधानों और विनियमों का यूनिफाइड डिजिटल संग्रह उपलब्ध कराता है। पुनर्गठित पोर्टल का उद्देश्य संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में एआई-सहायता प्राप्त बहुभाषी पहुंच उपलब्ध कराना भी है।पोर्टल में ई-गजट इकोसिस्टम के साथ इंटीग्रेशन की सुविधा भी जोड़ी गई है। इसके अलावा संशोधनों और विधायी इतिहास तक पहुंच, अधिनियमों को संबंधित अधीनस्थ विधानों से जोड़ने, बेहतर डॉक्यूमेंट व्यूइंग और क्यूआर-इनेबल्ड एक्सेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। नागरिकों की प्रतिक्रिया के लिए व्यवस्थित फीडबैक सिस्टम भी विकसित किया गया है।सरकार का उद्देश्य इंडिया कोड को केवल कानूनों के ऑनलाइन संग्रह तक सीमित रखने के बजाय एक परस्पर जुड़े, खोजने योग्य और नागरिक-अनुकूल कानूनी सूचना ढांचे के रूप में विकसित करना है। नए पोर्टल के जरिए कानून और नागरिकों के बीच तकनीकी दूरी कम करने तथा विधायी जानकारी को अधिक उपयोगी और इंटरऑपरेबल बनाने की कोशिश की गई है।पुनर्गठित इंडिया कोड पोर्टल कानून तक पहुंच की सुगमता, पारदर्शिता, व्यापक नागरिक भागीदारी और कानूनी व सार्वजनिक सेवाओं के बेहतर वितरण के लिए तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भारत में एक विश्वसनीय और तकनीक-सक्षम कानूनी सूचना इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेगा, जहां कानून नागरिकों को उनकी सुविधा के अनुसार भाषा और डिजिटल माध्यम में अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।





















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