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- नयी दिल्ली। मैक्स वेंचर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (मैक्सविल) 322.50 करोड़ रुपये के उपक्रम मूल्य पर एकरेज बिल्डर्स का अधिग्रहण करेगी। कंपनी का उद्देश्य इस अधिग्रहण से दिल्ली-एनसीआर में अपने रियल एस्टेट कारोबार का विस्तार करना है। एकरेज बिल्डर्स के पास गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर 7.15 एकड़ जमीन है। मैक्सविल दरअसल मैक्स समूह का हिस्सा है। कंपनी की इस भूमि खंड पर 16 लाख वर्ग फुट क्षेत्र को पट्टे पर देने के साथ एक वाणिज्यिक परियोजना विकसित करने की योजना है। कंपनी इसी के साथ गुरुग्राम रियल एस्टेट बाजार में प्रवेश कर रही है। नोएडा और दिल्ली के संपत्ति बाजारों में इसकी मौजूदगी पहले से ही है। मैक्सविल ने बयान में कहा कि उसकी इकाई मैक्स एस्टेट्स ने एकरेज बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड में शत प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 322.50 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर अधिग्रहण करने को लेकर शेयर खरीद समझौता किया है। कंपनी के अनुसार, इस लेनदेन के अगले साल फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।अधिग्रहण के बाद, एकरेज बिल्डर्स....मैक्स एस्टेट्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बन जाएगी। मैक्सविल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) साहिल वाचानी ने कहा कि यह अधिग्रहण गुरुग्राम में हमारे प्रवेश का प्रतीक है जो दिल्ली-एनसीआर और पूरे भारत में वाणिज्यिक रियल एस्टेट (सीआरई) के लिए एक प्रमुख बाजार है।
- कोलकाता,। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) देश में अपनी कुल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए मध्यम आकार के एसयूवी बाजार में उतरेगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। मारुति की वर्तमान में कुल बाजार हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से कम है और कंपनी का इरादा इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का है। मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि गैर-एसयूवी खंड में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक है जबकि एसयूवी खंड में हिस्सेदारी ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनी का मूल उद्देश्य कुल बाजार में अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक ले जाना है।श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एसयूवी सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी है और मारुति की इसमें अच्छी बाजार हिस्सेदारी होनी चाहिए। कॉम्पैक्ट एसयूवी श्रेणी में सालाना बिकने वाली 6.6 लाख कारों में मारुति की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। लेकिन मारुति की मध्य एसयूवी खंड में कोई कार नहीं है। इस खंड में वार्षिक बिक्री 5.5 लाख इकाई की है।'' उन्होंने कहा कि मारुति कॉम्पैक्ट एसयूवी श्रेणी में अग्रणी है लेकिन मध्यम आकार की एसयूवी श्रेणी में कंपनी मौजूद नहीं है। मध्य-एसयूवी श्रेणी में प्रवेश करने की आवश्यकता है और इसके लिए कंपनी इस साल सितंबर के अंतिम सप्ताह में एक कार पेश करेगी। उन्होंने टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद वाहनों की सुरक्षा को लेकर चर्चाओं पर कहा कि कंपनी पीछे वाली सीट पर सुरक्षा बेल्ट लगाने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करेगी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा नियामक द्वारा पिछली सीट वाले यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है लेकिन बहुत कम यात्री इसका पालन करते हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि मारुति सुजुकी सुरक्षा सुविधाओं के बारे में जागरूकता का प्रसार करेगी और अपने ड्राइविंग स्कूलों के माध्यम से मुद्दों का समाधान भी करेगी।
- नयी दिल्ली। दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल एक महीने के भीतर 5जी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का इरादा इस साल दिसंबर तक देश के महत्वपूर्ण महानगरों में 5जी सेवाएं शुरू करने का है।कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गोपाल विट्टल ने ग्राहकों से एक संदेश में कहा, ‘‘हमारी योजना 2023 के अंत तक देश के सभी शहरी क्षेत्रों में 5जी सेवा शुरू करने की है।'' विट्टल ने कहा कि एयरटेल का 5जी नेटवर्क 4जी की तुलना में 20 से 30 गुना तेज गति प्रदान करेगा।विट्टल ने कहा कि हम एक महीने के अंदर अपनी 5जी सेवाओं को पेश करने की उम्मीद करते हैं। दिसंबर तक, प्रमुख महानगरों में ये सेवाएं उपलब्ध होंगी। उसके बाद हम पूरे देश में इस सेवा को शुरू करने के लिए तेजी से विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहक एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिये अपने शहर में 5जी की उपलब्धता के बारे में पता कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एयरटेल 5जी सिम को अपने मोबाइल में इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को 5जी मोबाइल फोन की आवश्यकता होगी।
- नई दिल्ली। स्मार्टफोन कंपनी रियलमी भारतीय बाजारों में एंट्री लेवल सी-सीरीज स्मार्टफोन को लॉन्च करने जा रही है। इस फोन का नाम Realme C33 है और इसके दो वेरिएंट मार्केट में उपलब्ध होंगे। इस फोन में 50MP मेन कैमरा और 6.5 Inch Display देखने को मिलेगी। इस स्मार्टफोन के दोनों ही वैरिएंट्स 10 हजार से कम कीमत के हैं। ये स्मार्टफोन 12 सितंबर को लॉन्च होने जा रहे हैं और इसे फ्लिपकार्ट और रियलमी की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है। जानते हैं इसके खास फीचर्स के बारे मेंRealme C33 की डिस्प्ले स्क्रीन 6.5 इंच है और इसमें 8.3 मिलीमीटर अल्ट्रा स्लिम बॉडी भी देखने को मिलती है। अगर फोटोग्राफी की बात करें तो Realme C33 में 50MP AI Primary Camera मौजूद है। इसके अलावा इस कैमरा में नाइट मोड, एचडीआर मोड, टाइम लैप्स और पैनोरैमिक व्यू मोड जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं। Realme के इस फोन में सीएचडीआर एल्गोरिदम भी देखने को मिलता है। रियल मी सी33 के बैक पैनल को माइक्रोन लेवल प्रोसेसिंग से डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि इसमें लिथोग्राफी टेक्नोलॉजी भी देखने को मिलेगी जो बैक केसिंग में लाइन पैटर्न क्रिएट करता है। एक रेग्युलर प्लास्टिक बैक केस की जगह रियल मी सी33 ने पीसी और पीएमएमए मटीरियल को एडॉप्ट किया है। इसके चलते इस फोन से ट्रांसलुसेंट विजुएल इफेक्ट भी देखने को मिलेगा।अगर बैटरी बैकअप की बात करें तो रियल मी सी33 में 5000 एमएएच बैटरी देखने को मिल जाएगी। इस बैटरी को लेकर दावा किया जा रहा है कि स्टैंड बाय पर ये बैटरी 37 दिनों तक चल सकती है। इसके अलावा इस फोन में अल्ट्रा सेविंग मोड फीचर भी दिया गया है। मसलन अगर यूजर की बैटरी सिर्फ 15 प्रतिशत है तो भी अल्ट्रा सेविंग मोड के चलते यूजर्स लगभग 2 घंटों तक कॉलिंग टाइम का फायदा उठा सकते हैं।इस स्मार्टफोन में Unisoc T612 प्रोसेसर और यूएफएस 2.2 स्टोरेज दिया गया है। ये पहला रियलमी सी-सीरीज स्मार्टफोन है जिसमें ऑउट ऑफ द बॉक्स एंड्ऱॉयड 12 देखने को मिलेगा। सिक्योरिटी की अगर बात करें तो इस फोन में साइड फिंगरप्रिंट सेंसर सपोर्ट देखने को मिलता है।Realme C33 को दो वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है। इनमें 3GB RAM और 32GB Storage वाले वेरिएंट की कीमत 8999 रूपए है। इसके अलावा 4 जीबी और 64 जीबी वेरिएंट वाले स्मार्टफोन की कीमत 9,999 रुपए रखी गई है। इस स्मार्टफोन में 50 मेगापिक्सल मेन कैमरा और 6.5 इंच का डिस्प्ले देखने को मिलेगा। ये स्मार्टफोन तीन रंगों में उपलब्ध है। इनमें सैंडी गोल्ड, एक्वा ब्लू और नाइट सी जैसे कलर्स शामिल हैं।
- नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कैलिफोर्निया स्थित सौर ऊर्जा सॉफ्टवेयर विनिर्माता सेंसहॉक में 3.2 करोड़ डॉलर (करीब 256 करोड़ रुपये) में 79.4 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि इस अधिग्रहण के साथ ही सौर ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। 2018 में स्थापित सेंसहॉक सौर उद्योग के लिये उपकरण विकसित करती है ताकि कंपनियों को प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और स्वचालन का उपयोग करने में मदद मिल सके। पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का कारोबार 23 लाख डॉलर रहा था।रिलायंस ने बयान में कहा कि उसने सेंसहॉक में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 3.2 करोड़ डॉलर के कुल लेनदेन मूल्य के लिए पक्का करार किया है, जिसमें भविष्य के विकास के लिए धन, उत्पादों की वाणिज्यिक उपलब्धता और अनुसंधान एवं विकास शामिल है। सेंसहॉक कंपनियों को प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और सौर परियोजनाओं की योजना से लेकर उत्पादन तक व्यवस्था बनाने में मदद करती है।सेंसहॉक ने 15 देशों में फैले अपने 140 से अधिक ग्राहकों को उनकी करीब 600 साइटों पर 100 से अधिक गीगावॉट के लिए एंड-टू-एंड समाधान दिये हैं।रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने अधिग्रहण के बारे में कहा कि उनकी कंपनी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका 2030 तक 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन में मदद का इरादा है। सेंसहॉक के सहयोग से हम सौर परियोजनाओं की लागत कम करेंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे और प्रदर्शन में सुधार करेंगे।’’रिलायंस ने कहा कि उसे इस वर्ष के अंत तक अधिग्रहण पूरा करने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज एंड्रॉयड और गूगल टीवी प्लेटफॉर्म पर टीवी सेट बनाएगी। कंपनी ने सोमवार को बताया कि इस संबंध में उसने गूगल के साथ एक समझौता किया है और एंड्रॉयड और गूगल टीवी प्लेटफॉर्म पर एलईडी टीवी सेट बनाने के लिए उप-लाइसेंस अधिकार प्राप्त किया है। एंड्रॉयड और गूगल टीवी, दो ऑपरेटिंग सिस्टम हैं, जिन्हें गूगल ने विभिन्न स्मार्ट टीवी मॉडल को समर्थन देने के लिए विकसित किया है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने एक बयान में कहा कि इस समझौते की मदद से उसे किफायती स्मार्ट टीवी बनाने और एलईडी टीवी श्रेणी में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। बयान में कहा गया कि डिक्सन भारत में एंड्रॉयड और गूगल टीवी से संबंधित उप-लाइसेंस अधिकार प्राप्त करने वाला पहला अनुबंध विनिर्माता है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज भारत में एलईडी टीवी का सबसे बड़ा विनिर्माता है, जिसकी वार्षिक क्षमता 60 लाख इकाई है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अतुल बी लाल ने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया' पहल में योगदान करने के कंपनी के प्रयासों की दिशा में उठाया गया कदम है।
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नयी दिल्ली. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 113 रुपये बढ़कर 50,985 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 50,872 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोने की तर्ज पर चांदी भी 428 रुपये उछलकर 53,980 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों बहुमूल्य धातुओं का भाव स्थिर रहा। इनके भाव क्रमश: 1,711 डॉलर प्रति औंस और 18.15 डॉलर प्रति औंस पर थे। एचडीएफसी के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोने की हाजिर कीमत 1,711 डॉलर प्रति औंस थी, जिससे यहां सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई। शुक्रवार को सुधार के बाद डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।
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नई दिल्ली। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का आज एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। साइरस 2012 से 2016 तक टाटा संस के चेयरमैन रहे थे। घटनास्थल पर 54 साल के मिस्त्री की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाई गई। कार में एयरबैग भी खुले हुए पाए गए। गाड़ी में चार लोग सवार थे। इस एक्सीडेंट में मिस्त्री समेत दो लोगों की मौत हुई है। दुर्घटना के बाद मिस्त्री को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब मिस्त्री की कार मुंबई से सटे पालघर जिले में एक डिवाइडर से टकरा गई। उस समय मिस्त्री मर्सिडीज कार में अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी साइरस मिस्त्री के असमय निधन पर शोक व्यक्त किया है।
बिजनेस की दुनिया में भले ही साइरस किसी परिचय के मोहताज ना हो लेकिन आम लोगों के बीच साइरस मिस्त्री उस समय चर्चा में आए जब वह टाटा संस के चेयरमैन बने थे। साइरस मिस्त्री टाटा संस के छठे अध्यक्ष थे। उन्होंने 2012 में रतन टाटा के बाद पदभार संभाला था। हालांकि, मिस्त्री को 24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद 6 फरवरी, 2017 को होल्डिंग कंपनी के बोर्ड में निदेशक के रूप में भी हटा दिया गया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। साइरस मिस्त्री मशहूर बिजनसमैन पलोनजी के बेटे थे। पलोनजी की कंपनी शापूरजी पलोनजी ग्रुप टाटा समूह में सबसे बड़ी हिस्सेदार है।
टाटा संस का चेयरमैन बनने से पहले साइरस मिस्त्री अपने परिवार के कंस्ट्रक्शन बिजनेस को संभाल रहे थे। साइरस ने लंदन के प्रतिष्ठित इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। वे फोब्र्स गोकक, यूनाइटेड मोटर्स (इंडिया) और शापूरजी पल्लोनजी एंड कंपनी जैसी कई अन्य कंपनियों के निदेशक भी रहे। टाटा के साथ मिस्त्री परिवार का जुड़ाव 1930 में तब शुरू हुआ जब शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री ने टाटा संस में एफई दिनशॉ एस्टेट से 12.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। मिस्त्री ने बाद में टाटा परिवार से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर ली। इसके बाद शपूरजी पलोनजी ग्रुप की हिस्सेदारी लगभग 16.5 प्रतिशत हो गई। मिस्त्री ने टाटा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए 90 के दशक में टाटा संस के राइट्स इश्यू में 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था।
साइरस मिस्त्री की मां भारतीय मूल की आयरिश नागरिक थी। साइरस मिस्त्री के पास आयरिश पासपोर्ट था। साइरस मिस्त्री की बहनों में से एक ने रतन टाटा के सौतेले भाई और टाटा समूह के एक प्रमुख कार्यकारी नोएल टाटा से शादी की। 1992 में साइरस मिस्त्री ने भारत के सबसे प्रमुख वकीलों में से एक इकबाल छागला की बेटी से शादी की।
- नयी दिल्ली। एयर इंडिया उड़ान समयसारणी में बदलाव या देरी के बारे में यात्रियों को पहले से जानकारी उपलब्ध करने के लिये नई व्यवस्था स्थापित करेगी। साथ ही कंपनी हवाईअड्डे से संबंधित मुद्दों के समाधान को समन्वय टीम भी स्थापित करेगी। कंपनी द्वारा आंतरिक तौर पर जारी सूचना में यह कहा गया है। विभिन्न कार्यों की समीक्षा के बाद टाटा के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिये सुधार वाले क्षेत्रों की पहचान की है।एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने आंतरिक स्तर पर जारी सूचना में कहा कि एयरलाइन सुधार करने के लिये हवाईअड्डा ‘स्लॉट’ मांगेगी।उन्होंने कहा कि एयरलाइन ‘स्लॉट’ के स्तर पर जो बदलाव चाहती है, उसमें सभी इस सत्र में मिलना मुश्किल है लेकिन हम जानते हैं, हमें क्या करना है। हम सत्र-दर-सत्र इस मामले में आगे बढ़ेंगे।जुलाई महीने में घरेलू बाजार में 8.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली एयरलाइन हवाईअड्डे से संबंधित मुद्दों को बेहतर तरीके से समझने के लिये एक हवाईअड्डा/केंद्र नियंत्रण/क्षेत्रीय नियंत्रण समन्वय टीम भी स्थापित करेगी।सूचना के अनुसार, एयरलाइन की हवाईअड्डा संचालन टीम कामकाज और प्रदर्शन में सुधार के लिये रखरखाव कार्यों से जुड़े भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है।इसमें कहा गया है, ‘‘...हम अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिये व्यवस्था बना रहे हैं। इसमें यात्रियों को उड़ान समयसारणी में बदलाव या देरी के बारे में पहले ही सूचना देना शामिल है। साथ ही जहां भी उपयुक्त हो, उड़ानों में स्वयं से बदलाव की सुविधा भी दी जाएगी।’’ टाटा ने एयर इंडिया का इस साल जनवरी में अधिग्रहण किया था।
- नयी दिल्ली। फसल और खाद्य सुरक्षा से जुड़े उत्पाद बनाने वाली बेस्ट एग्रोलाइफ लिमिटेड ने सीटीपीआर-आधारित दो कीटनाशक पेश किये हैं। कंपनी का कहना है कि ये कीटनाशक मिट्टी को उपजाऊ बनाये रखने के साथ ‘बॉलवर्म' जैसे कीटों औैर तना को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने में कारगर हैं। बेस्ट एग्रोलाइफ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विमल अलावधी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सीटीपीआर (क्लोरान्त्रानिलीप्रोल) एक अनूठा कीटनाशक है जो कीट प्रबंधन में काफी असरदार है। यह मृदा में पोषक तत्वों के वितरण में मददगार अर्थ्रोपोड्स को नुकसान पहुंचाए बगैर फसल को हानि पहुंचाने वाले कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला को खत्म कर सकता है। अलावधी ने कहा, ‘‘सीटीपीआर आधारित कीटनाशक उत्पादों का उपयोग काफी व्यापक है और इसका बाजार वर्तमान में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। यह कीटनाशक बाजार में कुल आठ प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। हालांकि अब तक हम सीटीपीआर के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे लेकिन सिटीजन और विस्तारा जैसे उत्पाद इस निर्भरता को कम कर करने में मददगार होंगे।'' कंपनी के अनुसार, सिटीजन कीटनाशक गन्ना और चावल के अलावा गोभी, कपास, टमाटर, मिर्च, सोयाबीन, बैगन, अरहर, चने, काला चना, करेला, भिंडी, मक्का और मूंगफली की फसल के कीटों को नियंत्रित करने में कारगर है। यह बॉलवर्म, तना और फल को नुकसान पहुंचाने कीटों, तना मक्खी आदि को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है। वहीं विस्तारा नाम का कीटनाशक धान और गन्ने में ‘शूट बोरर' और ‘स्टेम बोरर' जैसे कीड़ों को बढ़ने से रोकता है और फसल की कम उपज से होने वाले नुकसान से उत्पादकों को बचाता है। इस तरह उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है।
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नई दिल्ली। भारत वर्ष 2029 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वृद्धि दर पर भारत 2027 में जर्मनी और संभवतः 2029 में जापान से आगे निकल जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2014 के बाद से काफी ढांचागत बदलाव हुए हैं और इस समय वह ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह रिपोर्ट भारतीय स्टेट बैंक के ग्रुप मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने तैयार की है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों से पता चलता है कि भारत इस वर्ष वार्षिक आधार पर डॉलर के संदर्भ में ब्रिटेन से आगे निकल गया है। अब भारत, अमरीका, चीन, जापान और जर्मनी से ही पीछे रह गया है। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान और ब्रिटेन पांचवें स्थान पर था। आकाशवाणी से बातचीत में आर्थिक विश्लेषक ए.के. भट्टाचार्य ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था में ऐसी ही तेज वृद्धि होती रही तो भारत कुछ ही वर्षों में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
सरकार ने कहा है कि इस साल देश का कुल निर्यात 750 अरब अमरीकी डॉलर को पार कर जाएगा। पिछले वर्ष यह 676 अरब अमरीकी डॉलर था। वाणिज्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि इस साल निर्यात 450 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है जबकि सेवा क्षेत्र में निर्यात 300 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। निर्यात आंकड़ों की जानकारी देते हुए श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि इस साल अगस्त में निर्यात 33 अरब अमेरिकी डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि अप्रैल से अगस्त के दौरान निर्यात पिछले साल की तुलना में 192 अरब अमरीकी डॉलर रहा जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 दशमलव एक प्रतिशत अधिक है। श्री सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अगस्त 2022 तक आयात 61 दशमलव 88 अरब रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पांच महीनों में, भारत के आयात में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढकर 318 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने कहा कि कोयला और पेट्रोलियम के आयात में वृद्धि हुई है और यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है क्योंकि देश का 25% आयात उपभोक्ता वस्तुओं के लिए है, जबकि 75 प्रतिशत आयात कच्चे माल के लिए है। - नयी दिल्ली। मांग कमजोर होने के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सभी तेल-तिलहन की कीमतें औंधे मुंह गिर गईं।बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटने से खाद्यतेल उद्योग, आयातक और किसान काफी परेशान हैं, खासकर आयातकों के सामने बर्बादी का खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में जिस कच्चा पामतेल का आयात भाव लगभग 2,007 डॉलर प्रति टन था, उसका कांडला बंदरगाह पर मौजूदा भाव सिर्फ 990 डॉलर प्रति टन रह गया है। ऐसे में बाकी तेल तिलहन कीमतों पर भी भारी दबाव है।सूत्रों ने कहा कि थोड़ी-बहुत पूंजी रखने वाले कारोबारियों ने अब तेल कारोबार छोड़ने का मन बना लिया है और बैंकों में अपना साख पत्र (लेटर आफ क्रेडिट) देने वाले कारोबारी ही खाद्यतेल कारोबार में अटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को गिरावट का यथोचित लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि खुदरा कारोबार में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पहले से ही थोक भाव के मुकाबले 40-50 रुपये अधिक रखे जाने से खुदरा व्यापारी और मॉल वाले ग्राहकों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं।सूत्रों ने कहा कि जब कांडला बंदरगाह पर सीपीओ 88 रुपये किलो बिकेगा तो उसके सामने अगले मार्च के लगभग आने वाली सरसों किस तरह टिक पाएगी। आगामी रबी फसल के लिए सरकार द्वारा सरसों की नई फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने की संभावना को देखते हुए सरसों तेल का लागत मूल्य 125-130 रुपये लीटर होने की उम्मीद है। सस्ते आयात के सामने देशी तेल-तिलहन टिक नहीं पायेंगे। सरकार अधिकतम 20-30 लाख टन ही सरसों की खरीद कर पायेगी तो सरसों की बाकी उपज के निपटान को लेकर आशंका रहेगी।शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:सरसों तिलहन - 6,900-6,950 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।मूंगफली - 7070-7235 रुपये प्रति क्विंटल।मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,250 रुपये प्रति क्विंटल।मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,715 - 2,905 रुपये प्रति टिन।सरसों तेल दादरी- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।सरसों पक्की घानी- 2,150-2,240 रुपये प्रति टिन।सरसों कच्ची घानी- 2,180-2,295 रुपये प्रति टिन।तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,750 रुपये प्रति क्विंटल।सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,580 रुपये प्रति क्विंटल।सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,240 रुपये प्रति क्विंटल।सीपीओ एक्स-कांडला- 8,800 रुपये प्रति क्विंटल।बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,800 रुपये प्रति क्विंटल।पामोलिन एक्स- कांडला- 9,680 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।सोयाबीन दाना - 5,275-5,375 रुपये प्रति क्विंटल।सोयाबीन लूज 5,225- 5,325 रुपये प्रति क्विंटल।मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक शीघ्र ही किसान क्रेडिट कार्ड के पूर्ण डिजिटीकरण की प्रायोगिक परियोजना शुरू करेगा। इसे केसीसी लैंडिंग भी कहा जाता है। रिजर्व बैंक के बयान में कहा गया है कि ग्रामीण वित्त का डिजिटीकरण रिजर्व बैंक के फिनटेक प्रयासों का मुख्य उद्देश्य है। यह प्रायोगिक परियोजना मध्य प्रदेश यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और तमिलनाडु में फेडरल बैंक के साथ चुनिंदा जिलों में शुरू की जाएगी।
रिजर्व बैंक नवाचार केंद्र ने केसीसी लैंडिंग को विकसित किया है। प्रस्तावित डिजिटीकरण से किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने की प्रक्रिया अधिक दक्षता पूर्ण बनाने में मदद मिलेगी। इससे ऋण लेने वालों के लिए लागत घटेगी और यह प्रक्रिया तीव्र गति से सुलभ होगी और आवेदन करने से लेकर ऋण लेने तक की समय अवधि कम होगी।इस समय ग्राहकों को भू-स्वामित्व के प्रमाण और अन्य दस्तावेज के साथ व्यक्तिगत रूप से बैंक शाखा में जाना पड़ता है। इससे ऋण के आवेदन से ऋण मिलने की प्रक्रिया तक दो से चार सप्ताह का समय लगता है।प्रायोगिक परियोजना से मिली सीख के आधार पर धीरे धीरे किसान क्रेडिट कार्ड की डिजिटीकरण प्रक्रिया का विस्तार देशभर में किया जाएगा। -
अगस्त में जीएसटी संग्रह 1.43 लाख करोड़ रुपये, लगातार छठे महीने 1.40 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार
नयी दिल्ली. मांग में सुधार, ऊंची दरों और अनुपालन बेहतर रहने से अगस्त में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 28 प्रतिशत बढ़कर 1.43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अगस्त लगातार छठा महीना है जब जीएसटी संग्रह 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। आगामी त्योहारों को देखते हुए यह तेजी जारी रहने का अनुमान है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बेहतर अनुपालन और आर्थिक पुनरुद्धार का जीएसटी राजस्व पर लगातार सकारात्मक प्रभाव बना हुआ है।'' मंत्रालय ने बताया कि अगस्त, 2022 में सकल जीएसटी राजस्व 1,43,612 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष के इसी महीने के 1,12,020 करोड़ रुपये के संग्रह से 28 प्रतिशत अधिक है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘जीएसटी राजस्व में अगस्त, 2022 तक हुई वृद्धि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी परिषद ने जो कदम उठाए हैं उनका असर स्पष्ट दिख रहा है।'' हालांकि, जीएसटी संग्रह जुलाई के 1.49 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से कम है। अप्रैल में यह 1.67 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर था। अगस्त, 2022 में सकल जीएसटी राजस्व 1,43,612 करोड़ रुपये था जिसमें केंद्रीय जीएसटी 24,710 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 30,951 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 77,782 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर एकत्रित 42,067 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 10,168 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर एकत्र किए गए 1,018 करोड़ रुपये सहित) है। केपीएमजी में भारतीय भागीदार (अप्रत्यक्ष कर) अभिषेक जैन ने कहा, ‘‘संग्रह लगातार अधिक बना हुआ है जो कोविड के मामलों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अर्थव्यवस्था में तेजी दिखाता है। इसकी वजह कुछ हद तक मुद्रास्फीति और बेहतर अनुपालन भी है।'' एन ए शाह एसोसिएट्स में भागीदार (अप्रत्यक्ष कर) पराग मेहता ने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए अगले दो से तीन महीने में संग्रह में वृद्धि जारी रहेगी। -
मुंबई. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसका कारण पहली तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ा अनुमान के मुकाबले नीचे रहना है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही। वृद्धि दर के उम्मीद से कम रहने का कारण विनिर्माण क्षेत्र का कमजोर प्रदर्शन है। इस क्षेत्र में पहली तिमाही में केवल 4.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से वृद्धि को समर्थन मिला। विशेषज्ञों ने पहली तिमाही में 15 से 16.7 प्रतिशत वृद्धि दर रहने की संभावना जतायी थी। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक ने सबसे अधिक 16.7 प्रतिशत वृद्धि दर का अनुमान रखा था। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 15.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद व्यक्त की थी। घोष ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा कि 13.5 प्रतिशत पर वृद्धि दर के साथ वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में तिमाही आधार पर 9.6 प्रतिशत की कमी आई है। लेकिन मौसमी रूप से समायोजित वास्तविक जीडीपी वृद्धि श्रृंखला आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है। इसके तहत पहली तिमाही में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में यह 4.1 प्रतिशत और 2021-22 की चौथी तिमाही में 1.9 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि जीडीपी के आंकड़े बातों को सामने लाने से ज्यादा छिपाते हैं। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और सीपीआई (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के माप में शामिल वस्तुओं के समूह पर गौर करने का समय है। इसकी समीक्षा पिछली बार 2012 में की गयी थी। घोष ने कहा कि हालांकि जीडीपी में दहाई अंक में वृद्धि हुई है लेकिन यह बाजार उम्मीद से कम है। इसका प्रमुख कारण विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि है जो पहली तिमाही में महज 4.8 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए पूरे वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
घोष ने कहा कि उन्हें चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके आधार पर हम अब 2022-23 के लिये सालाना जीडीपी वृद्धि अनुमान को संशोधित कर 6.8 प्रतिशत कर रहे हैं। यह सांख्यिकी समायोजन है। हालांकि उन्होंने कहा कि दूसरी छमाही में वृद्धि गति में तेजी आने की उम्मीद है।'' घोष ने पूर्व में पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 15.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।उन्होंने कहा कि सबसे निराश करने वाली बात मौजूदा मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 26.7 प्रतिशत रहना है जो 2021-22 की पहली तिमाही में 32.4 प्रतिशत तथा 2021-22 की चौथी तिमाही में 14.9 प्रतिशत थी। वास्तविक संदर्भ में निजी अंतिम खपत व्यय में सुधार हुआ और यह 10 प्रतिशत रहा जो महामारी-पूर्व स्तर से अधिक है। - नयी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी के चलते होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में गुरुवार को 91.5 रुपये की कमी की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 1,885 रुपये है। यह कीमत पहले पहले 1,976.50 रुपये थी। हालांकि, घरेलू रसोई गैस के दाम 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए 1,053 रुपये ही हैं और इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। विमान ईंधन या एटीएफ की कीमत में 0.7 फीसदी की मामूली कटौती की गई है। इसकी दर 874.13 रुपये प्रति किलोलीटर या 0.7 फीसदी कम कर दी गई और राष्ट्रीय राजधानी में यह 1,21,041.44 रुपये प्रति किलोलीटर है।
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नयी दिल्ली. एनटीपीसी को निजी नियोजन के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करके 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी शेयरधारकों से मिल गई है। मंगलवार को हुई सालाना आम सभा (एजीएम) में इस समाधान को मंजूरी मिली।
एजीएम के नोटिस में बताया गया कि एक या अधिक किश्तों में जुटाई जाने वाली धनराशि का उपयोग पूंजीगत व्यय, कार्यशील पूंजी और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी 29 जुलाई 2022 को दी थी। - नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई की अवधि के दौरान 3.7 करोड़ आभूषणों की हॉलमार्किंग की गई। सोने के गहनों की अनिवार्य हॉलमार्किंग करने का कानून पिछले साल 16 जून से लागू हुआ था। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्ष 2021-2022 में 8.68 करोड़ आभूषणों की हॉलमार्किंग की गई, जबकि एक अप्रैल, 2022 से 31 जुलाई 2022 तक 3.7 करोड़ गहनों की हॉलमार्किंग की गई।'' ब्यूरो ने 16 जून, 2021 को अनिवार्य हॉलमार्किंग जारी होने के बाद से कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया है। जौहरियों का पंजीकरण निःशुल्क और आजीवन वैध बना दिया गया। हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (एचयूआईडी) आधारित हॉलमार्किंग पोर्टल एक जुलाई 2021 को शुरु किया गया था। परख एवं हॉलमार्किंग केंद्र में संपूर्ण कामकाज को स्वचालित और ऑनलाइन किया गया है। ब्यूरो ने कहा, ‘‘बीआईएस पंजीकृत जौहरियों की संख्या एक जुलाई 2021 को 43,153 से बढ़कर एक अगस्त 2022 को 1,43,497 हो गई है। मान्यता प्राप्त परख एवं हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या भी एक जुलाई 2021 को 948 से बढ़कर 31 जुलाई 2022 को 1,220 हो गई है।'' अनिवार्य हॉलमार्किंग का कार्यान्वयन दो चरणों में किया गया था। पहले चरण में, अनिवार्य हॉलमार्किंग आदेश के तहत सोने की तीन श्रेणियों की वस्तुओं अर्थात 14 कैरेट (585 विशुद्धता), 18 कैरेट (750 विशुद्धता) और 22 कैरेट (916 विशुद्धता) को दायरे में लिया गया था। इस चरण में कम से कम एक परख और हॉलमार्किंग केंद्र वाले 256 जिलों में इस आदेश लागू किया गया था। बीआईएस ने कहा कि अनिवार्य हॉलमार्किंग का दूसरा चरण एक जून 2022 से लागू किया गया था। अनिवार्य हॉलमार्किंग के दूसरे चरण में सोने के आभूषणों/ कलाकृतियों के तीन अतिरिक्त कैरेट- 20 कैरेट (833 विशुद्धता), 23 कैरेट (958 विशुद्धता) और 24 कैरेट (995 विशुद्धता) शामिल हैं।
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नयी दिल्ली । दूरसंचार विभाग ने क्षेत्र के नियामक ट्राई से इंटरनेट के जरिये कॉल और व्हॉट्सएप, सिग्नल और गूगल मीट जैसे संदेश भेजने की सुविधा देने वाले ऐप के नियमन को लेकर रूपरेखा तैयार करने के लिये विचार मांगे हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। दूरसंचार विभाग ने पिछले हफ्ते 2008 में जारी इंटरनेट के जरिये टेलीफोन करने की सुविधा पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक सिफारिश को समीक्षा के लिए वापस भेज दिया। और नियामक से नई प्रौद्योगिकी आने के साथ तकनीकी परिवेश में जो बदलाव आया है, उसके परिप्रेक्ष्य में एक व्यापक सुझाव देने को कहा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘दूरसंचार विभाग को ‘इंटरनेट टेलीफोनी' के बारे में ट्राई की सिफारिश स्वीकार्य नहीं है। विभाग ने अब इंटरनेट के जरिये फोन और ‘ओवर-द-टॉप' कंपनियों को लेकर एक व्यापक सुझाव देने को कहा है।'' दूरसंचार कंपनियां सरकार से समान सेवा, समान नियम के सिद्धांत को लागू करने की मांग कर रही हैं।
उनका कहना है कि कि इंटरनेट कॉल की सुविधा देने वाले और मैसेजिंग ऐप को वही लाइसेंस शुल्क का भुगतान करना चाहिए, जो दूरसंचार कंपनियों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर लागू हैं। साथ ही समान रूप से नियमों, सेवा की गुणवत्ता आदि के विनियमन का पालन करना चाहिए। ट्राई ने 2008 में सिफारिश की थी कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को सामान्य टेलीफोन नेटवर्क पर कॉल सहित ‘इंटरनेट टेलीफोनी' प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन उन्हें ‘इंटरकनेक्शन' शुल्क का भुगतान करना होगा, सुरक्षा एजेंसियों आदि की आवश्यकता के अनुसार कॉल का पता लगाने को लेकर वैध उपकरण स्थापित करने होंगे। - नयी दिल्ली। हवाई किराये की सीमा को हटाने से एयरलाइन कंपनियों को रियायती किराये की पेशकश करने और अपने यात्रियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने बुधवार को यह बात कही। सरकार ने करीब दो साल से अधिक समय के बाद हवाई किराये की सीमा को खत्म करने का फैसला किया है। इसके साथ यात्रा कारोबार से जुड़े लोगों को भरोसा है कि आने वाले महीनों में टिकट की कीमतें कम हो सकती हैं। खासकर आगामी त्योहारी सत्र में ऐसा होने की उम्मीद है। देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन विस्तारा ने कहा कि वह एक संतुलित मूल्य निर्धारण रणनीति जारी रखेगी।उड़ान की अवधि के आधार पर हवाई किराये की ऊपरी और निचली सीमा मई, 2020 में तय की गई थी। इससे पहले कोविड-19 महामारी के कारण दो महीनों के लिए विमान सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था। नागरिक विमानन मंत्रालय ने 10 अगस्त को घोषणा की थी कि घरेलू हवाई यातायात में सुधार हो रहा है और साथ ही विमान ईंधन की कीमत घटने के साथ 31 अगस्त से विमान किराये की सीमा को हटा दिया जाएगा। इंडिगो के एक प्रवक्ता ने कहा कि हवाई किराये की सीमा को खत्म करने का सरकार का निर्णय एक स्वागतयोग्य कदम है। इससे एयरलाइन को हवाई किराये को बेहतर तरीके से तय करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इसके तहत रियायती किराये की पेशकश करके यात्रियों की संख्या को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से यात्रियों को भी लाभ होगा। हवाई यात्रा के लिए किराये की सीमा हटाने के बारे में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) की अध्यक्ष ज्योति मायल ने कहा कि आने वाले महीनों में हवाई किराये में कमी आने की उम्मीद है, खासकर त्योहारी सत्र के दौरान। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है लोग कहीं अधिक संख्या में यात्रा करेंगे।
- नयी दिल्ली। शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2022 के दौरान सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत से घटकर 7.6 प्रतिशत रह गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने बुधवार को यह जानकारी दी।बेरोजगारी दर को श्रमबल के बीच बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया गया है।देश में अप्रैल-जून, 2021 में कोविड-19 महामारी से संबंधित प्रतिबंधों के कारण बेरोजगारी दर अधिक थी।इस तरह बेरोजगारी दर में गिरावट को रेखांकित करने वाले 15वें आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण पर आधारित नवीनतम आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि महामारी की छाया से निकलकर अर्थव्यवस्था अब सुधार की ओर बढ़ रही है। आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में जनवरी-मार्च, 2022 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी। सर्वेक्षण में पाया गया कि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु की) में बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2022 में घटकर 9.5 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 14.3 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा जनवरी-मार्च, 2022 में 10.1 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में पुरुषों में बेरोजगारी दर एक साल पहले के 12.2 प्रतिशत की तुलना में अप्रैल-जून, 2022 में घटकर 7.1 प्रतिशत रह गई। यह आंकड़ा जनवरी-मार्च, 2022 में 7.7 प्रतिशत थी।
- नयी दिल्ली। सरकार ने पुणे के वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (वैमनीकॉम) में एक सहकारी शहद परियोजना स्थापित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभिलक्ष लिखी ने शहद की निर्यात क्षमता को मजबूत करने पर आयोजित एक कार्यशाला में यह बात कही। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें लाभकारी फायदा दिलाने में मदद करने के लिए सभी अंशधारकों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) के तहत प्रयास किए जाने चाहिए। सरकार की तरफ से जारी के अनुसार, लिखी ने कार्यशाला के दौरान किसान उत्पादकों के संगठन (एफपीओ) द्वारा तैयार मधुमक्खी मोम के उत्पादों को भी पेश किया। उन्होंने पुणे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय के विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा के साथ राज्य सरकारों के सहयोग से फूलों की खेती के रकबे को बढ़ाने और इसकी खेती के विस्तार के लिए पंचवर्षीय कार्य योजना पर भी चर्चा की। file photo
- नयी दिल्ली । टाटा स्टील ने तरजीही आधार पर अतिरिक्त शेयरों के अधिग्रहण के माध्यम से अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली खनन इकाई टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड (टीएसएमएल) में करीब 54 करोड़ रुपये का निवेश किया है। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। टाटा स्टील ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि टीएसएमएल कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस निवेश का इस्तेमाल करेगी। टाटा स्टील ने टीएसएमएल के 10 रुपये के 2,81,98,433 इक्विटी शेयर 9.15 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर खरीदे हैं। टीएसएमएल दुनिया भर में स्टेनलेस स्टील, अलॉय स्टील और रिफ्रैक्टरी विनिर्माताओं को कच्चा माल उपलब्ध कराती है।
- नयी दिल्ली। सोशल मीडिया मंच ट्विटर ने एक नया फीचर ‘ट्विटर सर्किल' पेश किया है। इसके जरिये उपयोगकर्ता 150 लोगों तक के छोटे समूह के साथ अपने विचार साझा कर सकते हैं। ट्विटर ने मई, 2022 में आईओएस, एंड्रॉयड और वेब पर सीमित संख्या में लोगों के साथ ट्विटर सर्किल सुविधा का परीक्षण शुरू किया था। ट्विटर ने मंगलवार को बयान में कहा कि सफल परीक्षण के बाद इस सुविधा को वैश्विक स्तर पर शुरू कर दिया गया है। कंपनी ने कहा, ‘‘यह नयी सुविधा उपयोगकर्ताओं को अपनी ‘टाइमलाइन' पर सभी से बात करने का विकल्प छोड़े बिना अपने ‘फॉलोअर्स' के साथ गहरे संबंध बनाने में मदद करेगी।''
- नयी दिल्ली। वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) के शेयरधारकों ने कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अक्षय मूंदड़ा को पदोन्नत कर नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी की सालाना आमसभा के मतदान के नतीजों की मंगलवार को जानकारी दी गई। कंपनी की सालाना आम बैठक सोमवार को हुई थी। इस बैठक में 99.75 प्रतिशत शेयरधारकों ने मूंदड़ा को अगला सीईओ नियुक्त करने संबंधी विशेष प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया। मूंदड़ा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जबकि वोडाफोन आइडिया पर दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके साथ ही कंपनी को लगातार घाटा भी हो रहा है। मूंदड़ा सीईओ के तौर पर रविंदर टक्कर की जगह लेंगे जिनका कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक पद पर तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। टक्कर को 19 अगस्त, 2019 को तीन साल के लिए कंपनी का प्रबंध निदेशक एवं सीईओ नियुक्त किया गया था। इसके अलावा शेयरधारकों ने टक्कर को गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने संबंधी विशेष प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।





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