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नयी दिल्ली. चावल निर्यातकों के संगठन आईआरईएफ ने बृहस्पतिवार को गैर-बासमती चावल के निर्यात के लिए एपीडा के साथ अनुबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे निर्यात नीति में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी। बुधवार को, सरकार ने अधिसूचित किया कि गैर-बासमती चावल के निर्यात की अनुमति केवल वाणिज्य मंत्रालय के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के साथ पंजीकरण के बाद ही दी जाएगी। भारतीय निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने कहा, यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जो गैर-बासमती चावल को बासमती चावल के समान ढांचे के अंतर्गत लाता है, जिसके लिए वर्षों से निर्यात अनुबंधों का पंजीकरण आवश्यक है। इस कदम से भारत की चावल निर्यात नीति में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी।
गर्ग ने कहा कि एपीडा के साथ अनुबंधों का अनिवार्य पंजीकरण शुरू करने से सरकार को अब निर्यात प्रतिबद्धताओं की बेहतर जानकारी होगी, जिससे अधिक पारदर्शी निगरानी संभव होगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे निर्यातकों के हितों की रक्षा होने के साथ-साथ घरेलू प्राथमिकताओं की भी रक्षा होने की उम्मीद है।'' अनुबंध पंजीकरण के लिए आठ रुपये प्रति टन का मामूली शुल्क भी लागू किया गया है।एपीडा वाणिज्य मंत्रालय की एक इकाई है जो कृषि निर्यात से संबंधित मुद्दों को देखती है।विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा था, ‘‘गैर-बासमती चावल की निर्यात नीति में एक अतिरिक्त नीतिगत शर्त शामिल करके संशोधन किया गया है जिसके अनुसार गैर-बासमती चावल के निर्यात की अनुमति केवल एपीडा के साथ अनुबंधों के पंजीकरण पर ही दी जाएगी।'' इस वित्तवर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान देश का चावल निर्यात 6.4 प्रतिशत बढ़कर 4.7 अरब डॉलर का हो गया। - - हॉट मेटल क्षमता 4 एमटीपीए से बढक़र 9 एमटीपीए हुई- नया फर्नेस अंगुल, ओडिशा को सबसे बड़े एकल-स्थान स्टील प्लांट के रूप में स्थापित करता है और इसे जिंदल स्टील की भविष्य की विकास रणनीति का केंद्र बिंदु बनाता है।रायपुर । जिंदल स्टील ने भारत के स्टील उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 5 एमटीपीए क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस को चालू किया है। यह सफलता भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस - 2 के कमीशनिंग से हासिल हुई। इस "ब्लो-इन" समारोह का नेतृत्व जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने किया। इसके साथ ही अंगुल देश का सबसे बड़ा एकल-स्थान स्टील प्लांट बन गया है।भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस, जिसकी उपयोगी क्षमता 5,499 वर्गमीटर है, दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत फर्नेस में से एक है। यह जिंदल स्टील की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कंपनी पैमाने, अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मजबूत सुरक्षा डिज़ाइन और बेहतर स्थिरता को जोडक़र उद्योग में नए मानक स्थापित कर रही है।श्री नवीन जिंदल, चेयरमैन, जिंदल स्टील ने कहा, "अंगुल में भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस का कमीशन होना जिंदल स्टील और भारत के लिए गर्व का क्षण है। अंगुल की क्षमता को 12 एमटीपीए तक दोगुना करके हम अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर रहे हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहे हैं। ओडिशा की संस्कृति में जड़े हुए और अत्याधुनिक तकनीक से संचालित यह फर्नेस हमारी उस दृष्टि का प्रतीक है, जिसमें परंपरा और नवाचार का संगम है।"यह उपलब्धि जिंदल स्टील की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को नई गति प्रदान करती है। अब अंगुल कंपनी के भविष्य के विस्तार का केंद्रीय केंद्र होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में पारादीप में एक समर्पित पोर्ट, स्लरी पाइपलाइन और कोल पाइप कन्वेयर (सप्लाई चेन दक्षता बढ़ाने के लिए), श्रीभूमि पावर प्लांट और नए कोक ओवन संयंत्र शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से अंगुल को जिंदल स्टील की वैश्विक विकास रणनीति की धुरी के रूप में विकसित किया जाएगा।जिंदल स्टील के बारे में जिंदल स्टील भारत के प्रमुख एकीकृत स्टील उत्पादकों में से एक है, जो अपने पैमाने, दक्षता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। कंपनी माइन-टू-मेटल मॉडल पर कार्य करती है और अपने खनिज संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का लाभ उठाकर उच्च-प्रदर्शन स्टील समाधान प्रदान करती है। 12 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिंदल स्टील अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक सुविधाएं संचालित करती है तथा भारत और अफ्रीका में अपनी रणनीतिक गतिविधियां बनाए रखती है। इसका विविध और भविष्य-उन्मुख उत्पाद पोर्टफोलियो बुनियादी ढांचा, निर्माण और विनिर्माण जैसे कोर क्षेत्रों को सशक्त बनाता है, जो स्ट्रेंथ और सस्टेनेबिलिटी के साथ प्रगति को गति देता है।
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नयी दिल्ली. भारत की लॉजिस्टिक लागत वित्त वर्ष 2023-24 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 7.97 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
यह रिपोर्ट डीपीआईआईटी के लिए आर्थिक शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) द्वारा तैयार की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों के अनुमानों से पता चलता है कि लॉजिस्टिक लागत में वृद्धि की गति धीरे-धीरे धीमी हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों के लिए निकाले गए अनुमान बताते हैं कि लॉजिस्टिक लागत की वृद्धि दर धीरे-धीरे कम हो रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, मालगाड़ियों के लिए अलग से बनाया गया गलियारा, सागरमाला परियोजना, एकीकृत जांच चौकियों और एकीकृत लॉजिस्टिक इंटरफेस मंच के विकास जैसी कई पहलों को दिया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, "डीपीआईआईटी के लिए एनसीएईआर द्वारा तैयार किए गए वर्तमान मूल्यांकन के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक लागत कुल जीडीपी का लगभग 7.97 प्रतिशत अनुमानित है।" वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह भारत में लॉजिस्टिक लागत के आकलन पर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके साथ ही, अब देश के पास लॉजिस्टिक लागत का एक व्यापक और वैज्ञानिक रूप से प्राप्त अनुमान उपलब्ध है। यह प्रगति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक, भारत में लॉजिस्टिक लागत को अक्सर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता था, और आमतौर पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 13-14 प्रतिशत के आंकड़े बाहरी अध्ययनों या आंकड़ों से प्राप्त किए जाते थे। इससे अनुमानों में विसंगति पैदा हुई, जिससे नीति निर्माताओं और संबंधित वैश्विक इकाइयों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई। यह रिपोर्ट विभिन्न परिवहन साधनों, उत्पाद श्रेणियों और कंपनी के आकारों में लॉजिस्टिक लागत को शामिल करके एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करती है। - नयी दिल्ली ।मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 1,000 रुपये की तेजी के साथ 1.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 1,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 630 रुपये की गिरावट के साथ 1,17,370 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रहा। पिछले कारोबार में यह 1,18,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सर्राफा संघ के अनुसार, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बृहस्पतिवार को 700 रुपये घटकर 1,16,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रही। बुधवार को यह 1,17,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 21.40 डॉलर या 0.57 प्रतिशत बढ़कर 3,757.54 डॉलर प्रति औंस हो गया। हाजिर चांदी दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर 45.03 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह 14 साल के उच्चतम स्तर के करीब है।
- नयी दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया लि. की प्रीमियम हाइब्रिड यूटिलिटी कार इनविक्टो को वाहन सुरक्षा मानक भारत एनकैप में पांच सितारा सुरक्षा रेटिंग मिली है। मारुति सुजुकी इंडिया ने बृहस्पतिवार एक बयान में कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के 5-स्टार भारत एनकैप पोर्टफोलियो को मजबूत करती है। मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, "सुरक्षा हमेशा से मारुति सुजुकी की गाड़ी बनाने की सोच का एक अहम हिस्सा रही है... भारत एनकैप ने भारत में विश्वस्तरीय परीक्षण प्रोटोकॉल की शुरुआत की है, जिससे ग्राहक सोच-समझकर फैसला ले पाते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कंपनी 157 संस्करणों में 15 मॉडल में मानक के रूप में छह एयरबैग प्रदान करती है।
- नयी दिल्ली,। भारत का स्मार्टफोन निर्यात अगस्त 2025 में सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.53 अरब डॉलर हो गया है। इसी अवधि में अमेरिका को निर्यात दोगुना से अधिक हो गया। इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले पांच महीनों में अमेरिका को स्मार्टफोन का निर्यात 8.43 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 2.88 अरब डॉलर से लगभग तीन गुना अधिक है। उद्योग जगत की बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने कहा कि अप्रैल-अगस्त 2025 के लिए अमेरिका का आंकड़ा पहले ही वित्त वर्ष 2024-25 के कुल 10.56 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। आईसीईए ने बयान में कहा, ‘‘ अगस्त 2025 में स्मार्टफोन निर्यात सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 1.53 अरब डॉलर हो गया है। बीते साल इसी महीने में यह 1.09 अरब डॉलर था। इसके अलावा, अमेरिका को निर्यात दोगुना से अधिक हो गया। यह अगस्त 2025 में 148 प्रतिशत बढ़कर 96.5 करोड़ डॉलर हो गया है। एक साल पहले इसी महीने में यह 38.8 करोड़ डॉलर था। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रू ने कहा, ‘‘ प्रत्येक निर्यात क्षेत्र की अपनी विशिष्ट बारीकियां होती हैं जो अनेक कारकों पर आधारित होती हैं। व्यापार आंकड़ों का अति सरलीकरण और उससे भी बदतर मासिक तुलनाओं पर आधारित निष्कर्ष भ्रामक हो सकता है...।'' इसने तर्क दिया कि अगस्त और सितंबर में आमतौर पर स्मार्टफोन निर्यात सबसे कम होता है। पिछले पांच वर्ष के निर्यात आंकड़ों से पता चलता है कि स्मार्टफोन का निर्यात आमतौर पर अगस्त और सितंबर के पहले पखवाड़े के दौरान सबसे कम रहता है। आईसीईए ने कहा कि कंपनियां त्योहारों से पहले सितंबर के अंत और अक्टूबर में नए मॉडल पेश करती हैं। इसलिए वैश्विक स्तर पर अधिकतर लोग नई पेशकश का इंतजार करते हैं जिससे अगस्त के दौरान स्मार्टफोन की खरीदारी में भारी कमी आती है। परिणामस्वरूप निर्यात में गिरावट आती है।
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मुंबई /जीएसटी सुधार का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि यह व्यापार सुगमता को बढ़ावा देगा, खुदरा कीमतों को कम करेगा और उपभोग वृद्धि को मजबूत करेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के बुधवार को जारी बुलेटिन में यह बात कही गई। बुलेटिन में कहा गया है कि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर अमेरिका के भारी शुल्क लगाने और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की राजकोषीय स्थिति को लेकर नई चिंताओं के मद्देनजर वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। आरबीआई के सितंबर बुलेटिन में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर प्रकाशित एक लेख में कहा गया है, ‘‘ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों से कारोबारी सुगमता, खुदरा कीमतों में कमी और उपभोग वृद्धि को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर इससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।'' जीएसटी में व्यापक सुधारों के तहत चार स्लैब की जगह दो कर स्लैब (पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत) कर दिए गए हैं। नई दरें 22 सितंबर से लागू हो गई हैं। लेख में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखायी है। यह घरेलू कारकों की वजह से 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान पांच तिमाहियों की उच्च आर्थिक वृद्धि दर से स्पष्ट है। इसमें उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है, लेकिन यह लगातार सातवें महीने आरबीआई के लक्षित दर से काफी नीचे रही। लेख में कहा गया है कि बैंकों में नकदी अधिशेष रहने से नीतिगत दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिला। बुलेटिन के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में पहली तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा कम हुआ, जिसे मजबूत सेवा निर्यात और बाहर से भेजे जाने वाले पैसे से समर्थन मिला। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बुलेटिन में प्रकाशित लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
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नयी दिल्ली /सरकार ने बुधवार को कुछ चांदी के आभूषणों के आयात पर अगले साल 31 मार्च तक अंकुश लगा दिया है। एक अधिसूचना में यह कहा गया है। इस कदम का उद्देश्य थाइलैंड से बिना जड़ाऊ आभूषणों के नाम पर चांदी के आयात पर अंकुश लगाना है। भारत का आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता है। थाइलैंड इस 10 सदस्यीय समूह का सदस्य है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘आयात नीति को 31 मार्च, 2026 तक के लिए संशोधित किया गया है। इसके तहत तत्काल प्रभाव से मुक्त से अंकुश की श्रेणी में डाला गया है।'' इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले सामान के लिए सरकार से लाइसेंस लेना आवश्यक है।
- नयी दिल्ली/ केंद्र सरकार दैनिक उपयोग की घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती का लाभ ई-कॉमर्स मंचों पर उपलब्ध कराए जाने को लेकर सतर्क है और इस पर लगातार नजर बनाए है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कुछ ई-कॉमर्स मंच पर बेची जा रही रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उचित कटौती न होने की शिकायतों के बीच सूत्रों ने बताया कि क्षेत्रीय अधिकारी कीमतों में बदलाव पर नजर रख रहे हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘‘ हम कीमतों में बदलाव पर नजर रख रहे हैं। क्षेत्रीय अधिकारी निगरानी कर रहे हैं और हमें 30 सितंबर तक उनसे पहली रिपोर्ट मिल जाएगी।'' सूत्र ने कहा, ‘‘ हम ऐसी शिकायतों पर जल्दबाजी में एवं बिना सोचे समझे कोई कार्रवाई नहीं चाहते।''माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में पांच और 18 प्रतिशत की दो स्तरीय व्यवस्था 22 सितंबर से लागू की गई है। इससे 99 प्रतिशत दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें कम हो गई हैं।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को के बरेचिड में ‘व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म' के निर्माण के लिए लिए ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स' के एक विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। यह संयंत्र 20,000 वर्ग मीटर में फैला है तथा अफ्रीका में पहला भारतीय रक्षा विनिर्माण संयंत्र है। यह मोरक्को का भी सबसे बड़ा ऐसा संयंत्र है। मोरक्को सरकार के साथ अपने अनुबंध के तहत, ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स' ‘व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफ़ॉर्म' का निर्माण करेगी, जिसकी शुरुआती खेप अगले महीने आ जायेगी। यह संयंत्र निर्धारित समय से तीन महीने पहले चालू हो गया है और उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। उद्घाटन समारोह में मोरक्को के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री अब्देलतीफ लौदियी भी उपस्थित थे।‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' ने कहा, ‘‘यह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा विदेश में स्थापित पहली रक्षा विनिर्माण इकाई है, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन(डीआरडीओ) के साथ साझेदारी में उन्नत लड़ाकू वाहन प्लेटफॉर्म डिजाइन करने और उसकी आपूर्ति करने की भारत की क्षमता को रेखांकित करती है।'' कंपनी ने कहा कि इस सयंत्र ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोज़गार सृजित किए हैं, एक मजबूत आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षमताओं का निर्माण किया है और देश में उत्पाद सहयोगपरक माहौल स्थापित किया है। कंपनी ने कहा कि यह आवश्यक उप-प्रणालियों और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करने वाले समर्पित सहायक भागीदारों को भी सहायता प्रदान करता है। ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक, सुकरन सिंह ने कहा,‘‘किसी निजी भारतीय रक्षा ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) द्वारा स्थापित पहले विदेशी विनिर्माण संयंत्र के रूप में, यह भारत में डिज़ाइन की गई रक्षा प्रौद्योगिकी प्रणालियों को विदेशी मित्र देशों को उपलब्ध कराने की हमारी रणनीतिक पहल का भी प्रतीक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मोरक्को में कैसाब्लांका के पास आज रक्षा कारखाने का उद्घाटन भारत-मोरक्को औद्योगिक साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ता है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को इस उपलब्धि का हिस्सा बनने पर गर्व है।'' यह संयंत्र प्रारंभ में ‘रॉयल मोरक्कन आर्मी' की ज़रूरतों को पूरा करेगा और इसके बाद उसका विस्तार अफ्रीका में मित्र देशों को निर्यात करने के लिए किया जाएगा।
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से अपील की है कि 67,000 करोड़ रुपए से अधिक से अनक्लेम डिपॉजिट उनके सही मालिकों को लौटाने के प्रयास तेज करें। अनक्लेम डिपॉजिट में निष्क्रिय बचत खाते और चालू खाते, मैच्योर हो चुकी एफडी, अनक्लेम डिविडेंड, ब्याज वारंट और बीमा आय शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन निष्क्रिय खातों के मालिकों का पता लगाने और उनका निपटान करने के लिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अक्टूबर से दिसंबर तक एक विशेष आउटरीच पहल की योजना बनाई गई है।दस वर्षों तक निष्क्रिय रहने वाले बचत और चालू खातों में शेष राशि या मैच्योरिटी डेट से दस वर्षों के भीतर क्लेम न किए गए एफडी को अनक्लेम डिपॉजिट के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और बाद में बैंकों द्वारा केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित डीईए कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है।आरबीआई की यह पहल कम साक्षरता और जागरूकता वाले क्षेत्रों को लक्षित करेगी और प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से विभिन्न भाषाओं में स्थानीय प्रचार करेगी।राज्य स्तरीय बैंक समितियां (एसएलबीसी) अनक्लेम डिपॉजिट के आंकड़ों का आयु प्रोफाइल और बकेट-वार संकेंद्रण के आधार पर विश्लेषण करेंगी ताकि अधिक स्थानीयकृत विश्लेषण प्रदान किया जा सके, साथ ही जमाओं का पता लगाने और उनका निपटान करने के लिए विशेष प्रयास किए जा सकें।उदगम पोर्टल, आरबीआई द्वारा शुरू किया गया एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो जनता को भारत के विभिन्न बैंकों में अपनी अनक्लेम डिपॉजिट खोजने में मदद करता है। यह पोर्टल वर्तमान में लगभग 30 बैंकों की भागीदारी के साथ लगभग 90 प्रतिशत दावा न किए गए जमा मूल्य को कवर करता है।बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के अनुसार, सभी बीमा कंपनियों, जिनके पास पॉलिसीधारकों से 10 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए दावा न की गई राशि है, को उसे हर वर्ष ब्याज सहित वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में स्थानांतरित करना आवश्यक है।इसके अलावा, दावा न की गई राशि को वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में स्थानांतरित करने के बाद भी, पॉलिसीधारक या दावेदार 25 वर्ष तक की अवधि के लिए अपनी संबंधित पॉलिसियों के तहत देय राशि का दावा करने के पात्र बने रहते हैं। वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष का उपयोग राष्ट्रीय वृद्धजन नीति और राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक नीति के अनुरूप वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देने वाली ऐसी योजनाओं के लिए किया जाता है। - नयी दिल्ली. इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) यहां भारत 6जी अलायंस के साथ साझेदारी में नौ और 10 अक्टूबर को दूसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एशिया के प्रमुख प्रौद्योगिकी प्रदर्शन आईएमसी में इस संगोष्ठी में इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे 6जी प्रौद्योगिकी भारत और उसके बाहर डिजिटल संप्रभुता, आर्थिक विकास और तकनीकी नवोन्मेष को बढ़ावा देगी। इस कार्यक्रम का उद्घाटन संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे। उनके साथ संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर भी होंगे। दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल और सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस संगोष्ठी में दुनिया के विभिन्न देशों और भारत से 70 से अधिक प्रमुख वक्ता शामिल होंगे। इनमें ब्रिटेन, यूरोप, अमेरिका, जापान, जर्मनी, स्कॉटलैंड, फिनलैंड और स्वीडन जैसे देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले विदेशी प्रतिभागी शामिल होंगे। बयान में कहा गया कि इसमें भाग लेने वाली कंपनियों में एरिक्सन, नोकिया, एनवीडिया और क्वालकॉम जैसे अग्रणी प्रौद्योगिकी और दूरसंचार विक्रेता शामिल हैं। इसके अलावा एनजीएमएन अलायंस और जीएसएमए सहित अंतरराष्ट्रीय उद्योग निकाय भी शामिल हैं। भारत 6जी अलायंस के चेयरमैन डेविड कोइलपिल्लई ने कहा, ‘‘भारत मोबाइल कांग्रेस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी की मेजबानी भारत के डिजिटल परिवेश के पैमाने और गतिशीलता को बताती है। हमारा ध्यान वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गजों से लेकर भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के बीच सहयोग पर है।'' कोइलपिल्लई ने कहा कि इस वर्ष की संगोष्ठी डिजिटल रूप से समावेशी और आर्थिक रूप से जीवंत विकसित भारत के दृष्टिकोण पर आधारित अत्याधुनिक अनुसंधान, विकास और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से 6जी दौड़ में अग्रणी होने की भारत की महत्वाकांक्षाओं को बताती है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच दो ऐतिहासिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर के साथ-साथ चार प्रौद्योगिकी उद्योग रिपोर्ट भी जारी किए जाएंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025, 8-11 अक्टूबर तक नयी दिल्ली में आयोजित होगा। इसका आयोजन दूरसंचार विभाग और उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) संयुक्त रूप से कर रहा है। चार दिन तक चलने वाला आईएमसी- 2025 भारत के डिजिटल परिवेश के विशाल पैमाने और गतिशीलता को प्रदर्शित करेगा। इस आयोजन में 150 से अधिक देशों से 1.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने, 400 से अधिक प्रदर्शकों और भागीदारों के शामिल होने, 7,000 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधियों की मेजबानी करने और 100 सम्मेलन सत्रों में 800 से अधिक वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
- मुंबई. एयर इंडिया समूह ने मंगलवार को कहा कि वह नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी किफायती विमानन कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करेगा। पहले चरण में 15 से अधिक शहरों के लिए प्रतिदिन 20 उड़ानों का परिचालन किया जाएगा। एयर इंडिया ने बयान में कहा कि 2026 के मध्य तक इसे बढ़ाकर 55 किया जाएगा, जिसमें पांच अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल होंगी। अदाणी समूह और महाराष्ट्र के नगर विकास प्राधिकरण सिडको के संयुक्त स्वामित्व वाले नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) का इस महीने के अंत में संचालन शुरू हो सकता है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा, ‘‘ हम नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन शुरू करने को उत्सुक हैं। हम अदाणी एयरपोर्ट्स के साथ मिलकर एनएमआईए को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एक केंद्र के रूप में विकसित कर खुश हैं। साथ ही अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यात्रियों एवं माल ढुलाई दोनों के लिए देश के प्रमुख वैश्विक पारगमन केंद्रों में से एक के रूप में भी इसे विकसित कर प्रसन्न हैं।'' अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण बंसल ने कहा, ‘‘ यह साझेदारी मुंबई के संपक्र परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित करेगी...यात्रियों के लिए दक्षता एवं सर्वोत्तम अनुभव बढ़ाने के लिए एनएमआईए द्वारा अपनाई गई प्रौद्योगिकी आने वाले दशकों में यात्रियों के लिए निर्बाध एवं बेहतर यात्राएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।'' नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण पांच चरणों में किया जा रहा है। इसके प्रारंभिक चरण में प्रति वर्ष दो करोड़ यात्रियों (एमपीपीए) और पांच लाख टन (एमएमटी) कार्गो संभालने की उम्मीद है। एयर इंडिया ने कहा कि निर्माण पूरा होने पर एनएमआईए में प्रति वर्ष नौ करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान किए जाने और यहां सालाना 32 लाख टन माल ढुलाई होने की संभावना है।
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नई दिल्ली। घरेलू बाजार में यात्री कारों की बिक्री भले ही घट रही हो, लेकिन निर्यात के मोर्चे पर उसकी रफ्तार बढ़ रही है। मेक्सिको और अफ्रीका जैसे देशों में सस्ती कारों की मांग बढ़ने से निर्यात को बल मिल रहा है। इन देशों में लोगों की खर्च करने की क्षमता लगातार बेहतर हो रही है, मगर कीमत के मामले में वे काफी संवेदनशील हैं।वाहन विनिर्माताओं के संगठन सायम के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच यात्री कारों का निर्यात एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 8.5 फीसदी बढ़ गया जबकि घरेलू बिक्री 8.5 फीसदी घट गई। यह घरेलू बाजार में कमजोर मांग का संकेत है।
मारुति सुजूकी के निर्यात में इस दौरान 37 फीसदी और ह्युंडै मोटर इंडिया के निर्यात में 12.45 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यात्री वाहनों में कार और यूटिलिटी वाहन दोनों शामिल हैं।मारुति यात्री कार श्रेणी में स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर आदि मॉडल का निर्यात करती है। अप्रैल से अगस्त के बीच उसने निर्यात में 43 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की। ह्युंडै ने भी यात्री कार के निर्यात में करीब 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। वह भारत से आई10 निओस का निर्यात करती है। मगर इस दौरान घरेलू बाजार में ह्युंडै की यात्री कारों की बिक्री में करीब 16 फीसदी घट गई। मारुति की यात्री कारों की घरेलू बिक्री में भी 6.4 फीसदी की गिरावट आई।मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने कहा, ‘दिलचस्प है कि हमारे शीर्ष 5 निर्यात मॉडलों में सभी चार मीटर से कम लंबाई वाले हैं। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर ग्राहक कॉम्पैक्ट कारों को पसंद कर रहे हैं। ग्राहक समझते हैं कि छोटी कारों का पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ता है और इससे सड़क पर भीड़ कम करने में भी मदद मिलती है।’वित्त वर्ष 2026 में मारुति के शीर्ष 5 निर्यात मॉडलों में फ्रोंक्स, जिम्नी, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर शामिल हैं। इनके शीर्ष 5 बाजारों में जापान, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका शामिल हैं। छोटी कारों के निर्यात के मामले में ह्युंडै के लिए भी लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।ह्युंडै मोटर इंडिया के पूर्णकालिक निदेशक एवं सीओओ तरुण गर्ग ने कहा, ‘हमारी छोटी कारें विशेष रूप से आई10 निओस दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको और चिली जैसे बाजारों में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। वहां के ग्राहक ह्युंडै की उन्नत सुविधाओं, गुणवत्ता और प्रीमियम डिजाइन को काफी महत्त्व देते हैं।’एसऐंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक (मोबिलिटी फोरकास्ट इंडिया ऐंड आसियान रीजन) पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘बड़े पैमाने पर कॉम्पैक्ट एवं सस्ती कारों के उत्पादन में भारतीय विशेषज्ञता ने एक दमदार विनिर्माण आधार तैयार किया है। यह भारत को छोटी कारों की वैश्विक मांग के लिए एक स्वाभाविक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करता है।’गुप्ता ने कहा, ‘अफ्रीका और मेक्सिको जैसे देशों में लोगों की खर्च करने की क्षमता लगातार बढ़ रही है। मगर वे कीमतों के प्रति काफी संवेदनशील हैं। यही कारण है कि सस्ती एवं भरोसेमंद कारों की मांग बढ़ रही है। भारत इस मांग को पूरा करने और छोटी कारों के लिए दुनिया का कारखाना बनने के लिए तैयार है।’ गर्ग ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के लिए वह 7 से 8 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे अधिकांश निर्यात बाजार में स्थिरता और लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अप्रैल से अगस्त 2025 तक हमने निर्यात में 12.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की और अब हम 8 फीसदी वृद्धि के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।’मारुति वित्त वर्ष 2022 से ही कार निर्यात करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। भारती ने कहा कि कंपनी इस रफ्तार को जारी रखने के लिए योजना बना रही है। यात्री वाहनों के कुल निर्यात में मारुति की हिस्सेदारी फिलहाल 46 फीसदी से अधिक है। उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा इस साल 4,00,000 वाहनों के निर्यात का लक्ष्य है। हमारा खरखोदा कारखाना शुरू हो गया है। गुड़गांव, मानेसर, गुजरात और खरखोदा के साथ बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त क्षमता है।’भारती ने कहा कि मारुति का निर्यात काफी विविधतापूर्ण है और वह दुनिया के 100 से अधिक देशों में निर्यात करती है। कंपनी के यूटिलिटी व्हीकल का भी प्रदर्शन भी काफी अच्छा दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘पिछले साल हमने फ्रोंक्स और जिम्नी के साथ जापान को निर्यात शुरू किया था। इस साल हमने ई-विटारा के साथ यूरोप में दस्तक दी है।’ह्युंडै का भी मानना है कि छोटी कारों के अलावा एक्सटर, वेन्यू, क्रेटा व अल्कजर जैसे उसके एसयूवी मॉडल भी निर्यात में पर्याप्त योगदान करते हैं। -
नयी दिल्ली. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर मंगलवार को बरकरार रखा। रेटिंग एजेंसी ने मोटे तौर पर अनुकूल मानसून के बीच मजबूत घरेलू मांग का हवाला देते हुए इसे 6.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। एसएंडपी ने साथ ही कहा कि उसे चालू वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद है क्योंकि उसने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को घटाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी।
एसएंडपी ने बयान में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष (31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला वर्ष) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी। हमारा अनुमान है कि घरेलू मांग मजबूत बनी रहेगी जिसे मोटे तौर पर सौम्य मानसून, आयकर तथा माल एवं सेवा कर में कटौती और सरकारी निवेश में तेजी से मदद मिलेगी।'' रेटिंग एजेंसी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में अपेक्षा से कहीं अधिक कमी से चालू वर्ष में मुद्रास्फीति को कम रखने में मदद मिलेगी। एसएंडपी ने कहा, ‘‘ इससे मौद्रिक नीति में और समायोजन की गुंजाइश बनती है। हमारा अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष में ब्याज दर (रेपो रेट) में 0.25 प्रतिशत की कटौती करेगा।'' एसएंडपी ने अपनी रिपोर्ट ‘एशिया-प्रशांत चौथी तिमाही 2025: बाह्य दबाव से वृद्धि में कमी' में कहा कि पूरे क्षेत्र में अपेक्षाकृत लचीली घरेलू मांग से अमेरिकी आयात शुल्क में वृद्धि एवं धीमी वैश्विक वृद्धि के बाद मजबूत बाह्य प्रतिकूल परिस्थितियों का प्रभाव कम हो जाएगा। विभिन्न एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से आयात पर अमेरिकी शुल्क उनके निर्यात परिदृश्य तथा क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उनकी भूमिका दोनों को आकार देंगे। एसएंडपी ने कहा, ‘‘ अमेरिकी शुल्क पर हमारी जून की धारणाओं के सापेक्ष, चीन का प्रदर्शन अब तक अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कुछ बेहतर रहा है। दक्षिण-पूर्व एशियाई उभरते बाजारों का प्रदर्शन कुछ खराब रहा है। भारत पर अनुमान से कहीं अधिक बुरा असर पड़ा है। -
नयी दिल्ली. वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स ने मंगलवार को कहा कि उसके डीलरों ने नवरात्रि पर्व के पहले दिन करीब 10 हजार यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री की। नई जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों की कीमतों में आई कमी से ग्राहकों की मांग में यह तेजी देखने को मिली है। टाटा मोटर्स ने बयान में कहा कि उसके यात्री वाहनों के शोरूम पर देशभर में 25 हजार से अधिक ग्राहक पूछताछ दर्ज की गई। टाटा मोटर्स यात्री वाहन खंड के मुख्य वाणिज्य अधिकारी अमित कामत ने कहा, ‘‘हम ग्राहकों की बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रिया देख रहे हैं। नई जीएसटी दरों की घोषणा का हम अपने ग्राहकों को पूरा लाभ दे रहे हैं और आकर्षक त्योहारी पेशकश भी दे रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि इस पेशकश से पूछताछ और बुकिंग में तेज उछाल आया है। शोरूम पर आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ी है और ऑर्डर बुक भी लगातार मजबूत हो रही है। डीलरशिप ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए कामकाज की अवधि भी बढ़ा दी है। कामत ने कहा कि कंपनी के लोकप्रिय मॉडल- नेक्सन और पंच की मांग सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा, ‘‘बुकिंग आंकड़ा और निर्धारित आपूर्ति के साथ हम त्योहारी मांग पूरी तरह तैयार हैं और नए रिकॉर्ड बनाने को लेकर आशान्वित हैं।'' मारुति सुजुकी और हुंदै मोटर इंडिया ने भी नई जीएसटी व्यवस्था के बाद सोमवार को ग्राहकों की बढ़ी मांग से जोरदार बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी की बिक्री नवरात्रि के पहले दिन 30 हजार इकाई के स्तर पर रही जबकि हुंदै ने 11 हजार वाहनों की बिक्री की।
- नयी दिल्ली. कृषि आयुक्त पी. के. सिंह ने सोमवार को कहा कि अधिक बुवाई और अनुकूल मानसूनी बारिश के कारण देश का खरीफ खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) के लिए निर्धारित 17 करोड़ 13.9 लाख टन के सरकारी लक्ष्य को पार कर जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कम बुवाई के बावजूद, तिलहन और दलहन फसलों के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं क्योंकि अच्छी फसल स्थितियों के कारण उत्पादकता अधिक रहने की उम्मीद है। सिंह ने कहा कि खरीफ मौसम में कुल बुवाई क्षेत्र की तुलना में बाढ़ और भारी बारिश से फसलों को हुआ नुकसान कम है। बायोलॉजिकल एग्री सॉल्यूशंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएसएआई) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के अवसर पर सिंह ने कहा, ‘‘फसल की स्थिति अच्छी है और कुल (खरीफ खाद्यान्न) उत्पादन इस वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों से अधिक होगा।'' उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों का रकबा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हो गया है, जो हाल के वर्षों में सामान्य 10.95 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 11 करोड़ हेक्टेयर से अधिक है, जो धान और मक्का के बढ़ते रकबे का परिणाम है। सिंह ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ और भारी बारिश से नुकसान की सूचना है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र कुल बोए गए क्षेत्र की तुलना में छोटा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नुकसान का आकलन बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही पता चलेगा। तिलहन, विशेष रूप से सोयाबीन के लिए, खेती का रकबा कम था, लेकिन फसल की स्थिति बहुत अच्छी बनी हुई है, जिससे उत्पादकता बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यही बात दालों पर भी लागू होती है। रबी (सर्दियों) की बुवाई के बारे में, कृषि आयुक्त ने कहा कि राजस्थान में जल्दी कटाई के बाद इसकी शुरुआत हो गई है, जबकि अन्य जगहों पर तैयारियां चल रही हैं। सिंह ने कहा कि सरकार तीन से 18 अक्टूबर तक ‘‘विकसित कृषि अभियान'' शुरू करेगी, जिसके तहत किसानों को सहयोग देने के लिए गांवों में 2,100 टीमें तैनात की जाएंगी।
- कोलकाता. आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने सोमवार को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि ये कदम उत्पादों को अधिक किफायती बनाएगा, उपभोग को बढ़ावा देगा और लघु एवं मझोले उद्यमों को ऊर्जा प्रदान करेगा। पुरी ने लिंक्डइन पर पोस्ट में नवरात्रि की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस संबंध में की गई घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने इसे दूरदर्शी, पथप्रदर्शक और एक ऐसा कदम बताया जो भारत विकास यात्रा को गति देगा।आईटीसी प्रमुख ने पोस्ट में लिखा, ‘‘जीएसटी बचत उत्सव, आयकर में पहले किए गए साहसिक संशोधनों के साथ मिलकर, लोगों के हाथों में 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत लेकर आया है।'' उन्होंने कहा कि इससे उपभोग, निवेश, उच्च आय और रोजगार का एक अच्छा चक्र बनेगा।
- श्रीनगर. पिछले 10 दिनों में कश्मीर घाटी से देश भर के बाजारों में 1.3 लाख मीट्रिक टन से अधिक ताजा फलों का परिवहन किया गया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कश्मीर संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा कि हर दिन ताजे फल और अन्य सामग्री से लदे 1500-2000 ट्रक घाटी में आते हैं और इन्हें वैकल्पिक दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग और मुगल रोड से भेजा जाता है। गर्ग ने बताया, "पिछले 10 दिनों में 1.37 लाख मीट्रिक टन फल घाटी से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग, मुगल रोड और पार्सल ट्रेन के जरिए भेजे गए हैं।" गर्ग ने बताया कि मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन, बीआरओ, यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों के साथ समन्वय करके ताजे फलों और आवश्यक आपूर्ति के परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए हाल ही में एक एसओपी तैयार किया है। उन्होंने कहा, "यदि किसी दिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक श्रीनगर से जम्मू की ओर है, तो उसी दिन मुगल रोड के जरिए जम्मू से श्रीनगर की ओर माल भेजा जाता है। अगले दिन यह पैटर्न उल्टा हो जाता है ताकि जम्मू से घाटी तक आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही हो सके।" हाल ही में खराब मौसम और भूस्खलन के कारण लंबी अवधि तक बंद रहने वाले राजमार्ग की स्थिति का जिक्र करते हुए गर्ग ने कहा कि इसके पुनरुद्धार का कार्य तेज गति से जारी है। उन्होंने कहा कि रविवार को ताजे फलों को घाटी से लाने के लिए मुगल रोड से 1,800 से 1,900 ट्रक जम्मू की ओर गए। गर्ग ने कहा कि घाटी से नयी पार्सल ट्रेन सेवा नयी दिल्ली के लिए परिचालित हो गई है और यह भी फलों का परिवहन कर रही है। गर्ग ने बताया कि ट्रेन के जरिए रोजाना करीब 800-1,000 टन ताजा फल भेजे जा रहे हैं। अब कश्मीर के उत्तर और दक्षिण के किसान क्रमशः बारामुला और अनंतनाग से अपने उत्पाद आसानी से ट्रेन में लाद सकते हैं। जरूरी वस्तुओं के स्टॉक की स्थिति की ओर इशारा करते हुए गर्ग ने कहा कि घाटी में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, खाद्य और उपभोक्ता वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, "आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हमारे पास ईंधन और खाद्य वस्तुओं का पूरे सप्ताह का स्टॉक है। स्टॉक नियमित रूप से भरा जाएगा। लोगों से अनुरोध है कि अफवाहों पर विश्वास न करें और घबराहट में खरीदारी न करें।
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नयी दिल्ली. जीएसटी दरों में कटौती सोमवार से लागू होने के साथ ही कारों की कीमतों में आई गिरावट को देखते हुए देशभर के वाहन शोरूम में खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। नए जीएसटी नियम लागू होने के साथ नवरात्रि का भी पहला दिन होने से वाहन खरीद के लिए जबर्दस्त रुझान देखा गया। हालत यह हो गई कि वाहन विनिर्माताओं मारुति सुजुकी और हुंदै मोटर इंडिया ने पिछले कई वर्षों में एक दिन की बिक्री का नया रिकॉर्ड बना दिया। अग्रणी वाहन कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि उसकी खुदरा बिक्री सोमवार शाम को ही 25,000 इकाई का आंकड़ा पार कर गई और दिन के अंत तक इसके 30,000 वाहन से अधिक रहने का अनुमान है। कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (बिक्री एवं विपणन) पार्थो बनर्जी ने बताया कि कंपनी के डीलरशिप पर लगभग 80,000 ग्राहकों ने पूछताछ की। छोटे कार मॉडल की बुकिंग में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जबकि कुछ मॉडल का स्टॉक खत्म होने की संभावना है। हुंदै मोटर इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि पहले दिन ही लगभग 11,000 वाहनों की बिक्री हुई जो पिछले पांच वर्षों में कंपनी का सबसे अच्छा बिक्री आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के शुभारंभ और जीएसटी सुधारों की वजह से बाजार में सकारात्मक ऊर्जा आई है। छोटी कारों पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस संशोधन से पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड, सीएनजी और एलपीजी इंजन वाली 1200 सीसी तक की कारों की कीमतों में 40,000 से 1.2 लाख रुपये तक की अनुमानित गिरावट आई है। वाहन वितरकों के राष्ट्रीय संगठन फाडा के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि पिछले तीन-चार हफ्तों से ग्राहकों की पूछताछ में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी और नवरात्रि के पहले दिन बिक्री में जबर्दस्त रुझान देखा गया। विग्नेश्वर ने कहा कि कई ग्राहक कीमतों में कटौती के बाद अब कहीं ऊंची श्रेणी की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। कर संशोधन पर विग्वेश्वर ने कहा कि यह सुधार सिर्फ इस त्योहारी मौसम के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कई वर्षों में उद्योग के लिए लाभकारी साबित होगा। फाडा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम बहुत आभारी हैं कि सरकार ने ये दरें कम कर दी हैं। हम भी, अन्य उद्योगों की तरह, इन दरों को कम करने का अनुरोध करते रहे हैं। और आखिरकार, मुझे लगता है कि ऐसा हुआ है।'' हालांकि, उन्होंने नवरात्रि के पहले दिन की वाहन बिक्री के बारे में कोई अनुमान नहीं बताया।
हालांकि, पुराने वाहनों के कारोबार से जुड़े ऑनलाइन मंच कार्स24 ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन दोपहर तक उसकी कार डिलिवरी में 400 प्रतिशत की रिकॉर्डतोड़ वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सबसे अधिक बिक्री हुई जिसके बाद अहमदाबाद, बेंगलुरु, पुणे और मुंबई का स्थान रहा। वाहन विनिर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के महासचिव राजेश मेनन ने कहा कि जीएसटी दर कटौती से उपभोक्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और भारतीय वाहन क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। इस बीच, होंडा कार्स इंडिया ने कहा कि विभिन्न मॉडल की कीमतों को जीएसटी लाभ और रणनीतिक मूल्य निर्धारण के साथ दिसंबर तक के लिए आकर्षक बनाया गया है। -
नई दिल्ली। भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में सोमवार सुबह बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस कारण आईटी शेयरों में भारी गिरावट आई और निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को अचानक एक नए आदेश के तहत एच1-बी वीजा शुल्क बढ़ाने की घोषणा की। इससे एच1-बी वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीय पेशेवरों के बीच चिंता, घबराहट और अविश्वास का माहौल पैदा हो गया।एनालिस्ट्स का मानना है कि इस फैसले से बाजार में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव आ सकता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में असर सीमित रहेगा। बड़े आईटी कंपनियों पर असर कम होगा। जबकि मिड-टियर फर्मों के लिए यह ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बाजार में निफ्टी आईटी इंडेक्स अब तक का सबसे कमजोर सेक्टर रहा है। 2025 में यह इंडेक्स 16 फीसदी गिरा है। जबकि इस दौरान निफ्टी50 में 7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।H-1B फैसले के बाद IT Stocks पर ब्रोकरेज हाउसेस की रायमोतीलाल ओसवाल का कहना है कि इसका पहला असर वित्त वर्ष 2026-27 की याचिकाओं पर पड़ेगा। H-1B लॉटरी और फाइलिंग साल की चौथी तिमाही से पहली तिमाही के बीच होती है। पिछले दशक में भारतीय आईटी कंपनियों ने H-1B पर निर्भरता घटाई है। यह आदेश अमेरिका में कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है। गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा जैसी बिग टेक कंपनियां H-1B की ज्यादा नई अप्लिकेशन देती हैं। लोकलाइजेशन और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग जैसे मॉडल पहले से ही तैयार हैं। ज्यादा लागत के कारण कंपनियां नई अप्लिकेशन से बच सकती हैं और ऑफशोर डिलीवरी बढ़ा सकती हैं या स्थानीय लोगों की भर्ती कर सकती हैं।वहीं, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि फीस बढ़ने से भारतीय आईटी ऑपरेशंस प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन असर सीमित रहेगा। उपाय के रूप में कंपनियां ऑफशोरिंग, नियरशोरिंग और लोकल हायरिंग को बढ़ा सकती हैं। पिछले आठ सालों में इंडस्ट्री ने H-1B पर निर्भरता कम कर दी है। नई अप्लिकेशन को कंपनियां आर्थिक रूप से नॉन-प्रेक्टिकल मानकर छोड़ सकती हैं। थोड़ा ऑपरेशनल और फाइनेंशियल असर जरूर पड़ेगा। लेकिन लॉन्ग टर्म में ऑफशोरिंग इस असर को कम कर देगा। हालांकि, शॉर्ट टर्म में सेक्टर में अस्थिरता बनी रह सकती है।एमके ग्लोबल के अनुसार, कंपनियां लोकल हायरिंग बढ़ाकर L-1 वीजा का उपयोग कर सकती हैं। साथ ही H-1B का सीमित उपयोग कर, कॉन्ट्रैक्ट्स को फिर से तय कर या काम को ऑफशोर करके तैयार हो सकती हैं।ब्रोकरेज ने कहा कि कुल असर बहुत बड़ा नहीं होगा, लेकिन शेयर कीमतों पर शॉर्ट टर्म में दबाव रह सकता है। भारतीय आईटी कंपनियां पहले से ही H-1B का सीमित इस्तेमाल करती हैं, वो भी तब जब कोई स्किल गैप होता है। अभी कमाई पर फिलहाल खतरा नहीं है। लेकिन ऑनसाइट वेतन लागत और नई फीस वित्त वर्ष 2026-27 में मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। - नई दिल्ली। त्योहार का मौसम नजदीक है और इसी के साथ Flipkart Big Billion Days और Amazon Great Indian Festival की सेल भी 23 सितंबर से शुरू होने वाली है। यह सेल भारत में Black Friday की तरह होती है, जहां ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, होम अप्लायंसेज और अन्य प्रोडक्ट्स पर बड़े डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं। इन सेल्स के दौरान ग्राहक नए गैजेट्स, स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और कई अन्य प्रोडक्ट्स पर विशेष ऑफर और छूट का लाभ उठा सकते हैं। Prime मेंबर्स और फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स को पहले एक्सेस और एक्सक्लूसिव ऑफर भी मिलते हैं। यह समय उन लोगों के लिए सही है जो अपने पसंदीदा प्रोडक्ट्स पर अच्छा डिस्काउंट चाहते हैं। Amazon ने पहले ही घोषणा कर दी है कि इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम पर 80% तक की छूट मिलेगी। iPhone 16 को Flipkart पर 51,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। 23 सितंबर से यह सेल यूजर्स सभी के लिए लाइव हो जाएगी।आइए, जानते हैं साल की सबसे बड़ी सेल के अर्ली एक्सेस सेल में क्या ऑफर्स मिल रहे हैं-स्मार्टफोन और गैजेट्स पर ऑफर्सAmazon-Flipkart सेल में फ्लैगशिप स्मार्टफोन जैसे iPhone 16, Samsung Galaxy S24, Google Pixel 9a आदि पर खास ऑफर्स अर्ली एक्सेस सेल में देखने को मिल रहे हैं।iPhone 16 और गैजेट्स पर बड़ी छूट, Flipkart-Amazon की सेल में मिल रहे भारी डिस्काउंटअगर आप नया फोन, लैपटॉप या टैबलेट खरीदने का सोच रहे हैं, तो Flipkart और Amazon की सेल आपके लिए अच्छा मौका है। इस समय इन प्लेटफॉर्म्स पर कई प्रोडक्ट्स पर भारी छूट दी जा रही है।iPhone 16 सीरीज:iPhone 16 अब ₹51,999 में उपलब्ध है।iPhone 16 Pro की कीमत ₹69,999 है।iPhone 16 Pro Max ₹89,999 में लिस्टेड है।Amazon पर iPhone 15 की शुरुआती कीमत ₹45,749 है।Samsung Galaxy S24 Ultra:Samsung Galaxy S24 Ultra अब लगभग आधी कीमत में मिल रहा है।Amazon पर इसकी शुरुआती कीमत ₹71,999 है।Flipkart पर Samsung Galaxy S24 सिर्फ ₹39,999 में उपलब्ध है।Apple Mac Mini 2024:Apple Mac Mini 2024 अब ₹49,999 में खरीदा जा सकता है, जो पहले ₹64,900 था।इसमें M4 चिपसेट है और यह प्रोफेशनल्स और क्रिएटर्स के लिए उपयुक्त है।Samsung Galaxy Tab S9:Amazon Great Indian Festival Sale में यह टैबलेट ₹39,999 में मिल रहा है।टैबलेट में Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर और S Pen सपोर्ट है।HP Victus गेमिंग लैपटॉप:HP Victus गेमिंग लैपटॉप अब ₹81,990 में उपलब्ध है, पहले इसकी कीमत ₹99,990 थी।इसमें Intel Core i7-13620H प्रोसेसर और 15.6-inch 144Hz डिस्प्ले है।Apple MacBook Air M4 (2025):नई MacBook Air M4 (2025) की कीमत अब ₹80,990 से शुरू हो रही है।यह हल्का और स्टाइलिश लैपटॉप है, जिसमें 18 घंटे तक की बैटरी लाइफ है।Samsung Galaxy Watch 6 Classic:स्मार्टवॉच की चाह रखने वालों के लिए Samsung Galaxy Watch 6 Classic ₹15,999 में उपलब्ध है।इसमें सुपर AMOLED डिस्प्ले और सैफायर क्रिस्टल ग्लास है।Amazon Echo Dot और Fire TV Stick:Amazon Echo Dot (5th Gen) ₹4,449 में मिल रहा है।Fire TV Stick HD ₹2,499 में उपलब्ध है।मोबाइल असेसरीज और किचन आइटम पर छूटमोबाइल केस, हेडफोन, चार्जर और किचन एप्लायंसेस भी इस सेल में 80% तक डिस्काउंट मिलेगा।एयर कंडीशनर पर भी मिलेगा डिस्काउंटनए एयर कंडीशनर खरीदने वाले यूजर्स के लिए यह सेल मददगार साबित होगी। इस सेल में 1 Ton, 1.5 Ton और 2 Ton के विंडो और स्प्लिट AC पर 50 फीसदी से अधिक का डिस्काउंट मिलेगा।बैंक ऑफर्स का भी फायदाइस सेल के दौरान बैंक ऑफर्स का लाभ भी मिलेगा। Amazon पर SBI कार्ड और Flipkart पर ICICI और Axis बैंक कार्ड पर 10% इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा।
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नई दिल्ली। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नई दरें आज सोमवार से लागू हो गईं। नवरात्रि के पहले दिन से लागू इन दरों में मुख्य रूप से अब पांच फीसदी और 18 फीसदी की दो दो श्रेणी हैं। लग्जरी और विलासितापूर्ण वाली वस्तुओं पर अलग से 40 फीसदी कर लगेगा। सिगरेट, तंबाकू और अन्य संबंधित वस्तुओं को छोड़कर नई कर दरें आज से प्रभावी हो गईं।
हर आयु वर्ग और हर समुदाय के लोगों को बड़ी राहतइससे हर आयु वर्ग और हर समुदाय के लोगों को बड़ी राहत मिली है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों और वाहनों समेत करीब 400 वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए अपने उत्पादों की कीमतों में कटौती की है।अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की वृद्धि गाथा को देंगे गतिप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने इस अवसर की पूर्व संध्या पर पांच बजे देश के नाम संबोधन में कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की वृद्धि गाथा को गति देंगे। कारोबारी सुगमता को बढ़ाएंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे। पिछले एक वर्ष में जीएसटी और आयकर में छूट के कारण देशवासियों को लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई। इससे बाजार में उपभोक्ता विश्वास और मांग में इजाफा हुआ है।देश में इससे पहले जीएसटी के थे चार स्लैबदेश में इससे पहले जीएसटी के चार स्लैब- पांच फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी लागू थे। कुछ महंगी चीजों पर अलग से सेस लगता था। सरकार ने 12 फीसदी वाले 99 फीसदी सामान को 5 फीसदी में और 28 फीसदी वाले 90 फीसदी आइटम को 18 फीसदी में शिफ्ट कर दिया है। इससे आम लोगों को हर महीने थोड़ी राहत मिलेगी।आज से ये वस्तुएं हो गईं सस्तीआज साबुन, पाउडर, कॉफी, डायपर, बिस्कुट, घी और तेल जैसी दैनिक जरूरत की वस्तुएं सस्ती हो गईं। पनीर, मक्खन, नमकीन, जैम, कैच-अप, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी चीजों पर अब कम टैक्स लगेगा। पहले इन वस्तुओं पर 12 फीसदी या 18 फीसदी जीएसटी लगता था, अब इन्हें पांच फीसदी की स्लैब में रखा गया है। ग्लूकोमीटर, डायग्नोस्टिक किट्स और ज्यादातर दवाओं पर जीएसटी सिर्फ पांच फीसदी हो गया है। पहले ये 12 या 18 फीसदी की स्लैब में थे।सीमेंट पर जीएसटी की दर अब 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। टीवी, एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसी चीजों पर भी टैक्स कम हुआ है। पहले इन पर 28 फीसदी जीएसटी था। अब ये18 फीसदी के स्लैब में हैं। छोटी कारों पर अब 18 फीसदी और बड़ी गाड़ियों पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले एसयूवी और एमपीवी जैसी गाड़ियों पर 28 फीसदी टैक्स के साथ 22 फीसदी सेस भी लगता था। जीएसटी कटौती के बाद अब कुल टैक्स घटकर करीब 40 फीसदी हो गया है। सैलून, गा सेंटर, फिटनेस क्लब, हेल्थ स्पा जैसी सेवाओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। हेयर ऑयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टैल्कम पाउडर, शेविंग क्रीम, आफ्टरशेव लोशन जैसी चीजों पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी लगेगा। - नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के दोबारा पटरी पर लौटने के बीच जीएसटी में सुधार के साथ महंगाई के 2004 के बाद अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचने की संभावना बनी हुई है। एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच सितंबर में ब्याज दर में कटौती आरबीआई के लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है, इस कदम के साथ आरबीआई एक दूरदर्शी केंद्रीय बैंक के रूप में भी उभर सकता है।केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक होने वाली हैकेंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक होने वाली है। पिछली बैठक में ब्याज दरों में बड़ी कटौती के बाद आरबीआई ने अगस्त की बैठक में रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत पर बनाए रखा था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष के अनुसार, “हमारा मानना है कि सीपीआई महंगाई का निचला स्तर अभी तक नहीं पहुंचा है और जीएसटी रेशनलाइजेशन के कारण यह और 65-75 बेसिस पॉइंट गिर सकता है।”घोष ने कहा, “वित्त वर्ष 27 में भी महंगाई कम रहेगी और जीएसटी रेट में कटौती के बिना यह सितंबर और अक्टूबर में 2 प्रतिशत से नीचे रहेगीघोष ने कहा, “वित्त वर्ष 27 में भी महंगाई कम रहेगी और जीएसटी रेट में कटौती के बिना यह सितंबर और अक्टूबर में 2 प्रतिशत से नीचे रहेगी। वित्त वर्ष 27 के सीपीआई आंकड़े अब 4 प्रतिशत या उससे कम हैं और जीएसटी सुधार के साथ, अक्टूबर में सीपीआई 1.1 प्रतिशत के करीब हो सकता है, जो 2004 के बाद सबसे कम है।”रिपोर्ट के अनुसार, “इसके अलावा, नई सीपीआई सीरीज के साथ, हमें सीपीआई में 20-30 बेसिस पॉइंट की और गिरावट की उम्मीद है2019 का अनुभव भी बताता है कि दरों में सुधार से कुछ ही महीनों में कुल महंगाई में लगभग 35 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार, “इसके अलावा, नई सीपीआई सीरीज के साथ, हमें सीपीआई में 20-30 बेसिस पॉइंट की और गिरावट की उम्मीद है। ये सभी कारक (जीएसटी, बेस में बदलाव) बताते हैं कि वित्त वर्ष 26 और वित्त वर्ष 27 के दौरान सीपीआई महंगाई, महंगाई लक्ष्य (4+2 प्रतिशत) के निचले स्तर के आसपास रहेगी।”सितंबर में ब्याज दरें नहीं घटाने से टाइप 2 की गलती दोहराने का कोई मतलब नहीं हैघोष के अनुसार, सितंबर में ब्याज दर में कटौती करने का एक अलग तर्क और औचित्य है। घोष ने जोर देते हुए कहा, “लेकिन इसके लिए आरबीआई को सावधानीपूर्वक जानकारी देनी होगी, क्योंकि जून के बाद ब्याज दर में कटौती के लिए मानदंड वास्तव में अधिक है। लेकिन सितंबर में ब्याज दरें नहीं घटाने से टाइप 2 की गलती दोहराने का कोई मतलब नहीं है। महंगाई वित्त वर्ष 27 में भी कम रहेगी और जीएसटी रेट में कटौती के बिना, यह सितंबर और अक्टूबर में 2 प्रतिशत से नीचे रहेगी।”
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नई दिल्ली। भारत के टैक्स सिस्टम में आज एक ऐतिहासिक बदलाव लागू हो गया है। नया गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी 2.0) पूरे देश में प्रभावी हो चुका है, जो टैक्स ढांचे को सरल बनाने और आम नागरिकों को राहत प्रदान करने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम है।
जीएसटी परिषद ने सितंबर की शुरुआत में इसकी मंजूरी दी थी और अब इसका सीधा असर बाजारों पर दिखने लगा हैजीएसटी परिषद ने सितंबर की शुरुआत में इसकी मंजूरी दी थी और अब इसका सीधा असर बाजारों पर दिखने लगा है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के रूप में इसे प्रचारित किया जा रहा है, जो स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देगा। इस नई व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैबों को सरल बनाया गया है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर बोझ कम होगा। एक नजर डालते हैं टैक्स सिस्टम पर।जीएसटी फैसलों के अनुसार, पनीर, दूध, ब्रेड, स्टेशनरी, जीवन रक्षक दवाएं और शैक्षिक सेवाओं समेत कई आइटम्स पर जीएसटी दर शून्य हो गई हैजीएसटी फैसलों के अनुसार, पनीर, दूध, ब्रेड, स्टेशनरी, जीवन रक्षक दवाएं और शैक्षिक सेवाओं समेत कई आइटम्स पर जीएसटी दर शून्य हो गई है। ये बदलाव तत्काल प्रभावी आज से ही लागू होंगे, जिससे खुदरा कीमतों में कमी आएगी। नई जीएसटी दर के तहत पनीर और छेना (प्री-पैकेज्ड), दूध, रोटी, चपाती, पराठा, जीवन रक्षक दवाएं (33 प्रकार), स्वास्थ्य/जीवन बीमा और शैक्षिक सेवाएं (ट्यूशन, कोचिंग) पर जीरो टैक्स रहेगा। पहले इन सामानों पर 5 से 18 प्रतिशत तक टैक्स लगता था।350 सीसी और उससे कम की बाइक पर अब जीएसटी घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जो कि पहले 28 प्रतिशत थाइसके अलावा, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और स्टेशनरी आइटम्स (शार्पनर, कॉपी, नोटबुक, पेंसिल और अन्य उत्पाद), वोकेशनल प्रशिक्षण संस्थान, कौशल विकास पाठ्यक्रम, चैरिटेबल अस्पताल सेवाएं और ट्रस्ट (स्वास्थ्य, शिक्षा) पर 12 से 18 प्रतिशत लगने वाला टैक्स घटकर शून्य हो गया है। साथ ही, एसी और फ्रिज आदि पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। वहीं, गाड़ियों पर टैक्स में कटौती की गई है। 350 सीसी और उससे कम की बाइक पर अब जीएसटी घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जो कि पहले 28 प्रतिशत था।1,200 सीसी और 4 मीटर से कम की पेट्रोल गाड़ियों और 1,500 सीसी और 4 मीटर से कम की डीजल गाड़ियों पर टैक्स घटकर 18 प्रतिशत हो गया हैइसके अलावा, 1,200 सीसी और 4 मीटर से कम की पेट्रोल गाड़ियों और 1,500 सीसी और 4 मीटर से कम की डीजल गाड़ियों पर टैक्स घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। इससे ऊपर के सेगमेंट और क्षमता वाली गाड़ियों पर अब 40 प्रतिशत का टैक्स लगेगा, जो कि पहले करीब 50 प्रतिशत होता था।वहीं, तंबाकू, बीड़ी और पान मसाला पर 40% टैक्स बरकरार रखा गया है, जबकि पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि ये अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हैं।

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