जीएसटी सुधारों से कारोबारी सुगमता, वृद्धि को मिलेगी गति: आरबीआई बुलेटिन
मुंबई /जीएसटी सुधार का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि यह व्यापार सुगमता को बढ़ावा देगा, खुदरा कीमतों को कम करेगा और उपभोग वृद्धि को मजबूत करेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के बुधवार को जारी बुलेटिन में यह बात कही गई। बुलेटिन में कहा गया है कि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर अमेरिका के भारी शुल्क लगाने और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की राजकोषीय स्थिति को लेकर नई चिंताओं के मद्देनजर वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। आरबीआई के सितंबर बुलेटिन में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर प्रकाशित एक लेख में कहा गया है, ‘‘ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों से कारोबारी सुगमता, खुदरा कीमतों में कमी और उपभोग वृद्धि को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर इससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।'' जीएसटी में व्यापक सुधारों के तहत चार स्लैब की जगह दो कर स्लैब (पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत) कर दिए गए हैं। नई दरें 22 सितंबर से लागू हो गई हैं। लेख में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखायी है। यह घरेलू कारकों की वजह से 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान पांच तिमाहियों की उच्च आर्थिक वृद्धि दर से स्पष्ट है। इसमें उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है, लेकिन यह लगातार सातवें महीने आरबीआई के लक्षित दर से काफी नीचे रही। लेख में कहा गया है कि बैंकों में नकदी अधिशेष रहने से नीतिगत दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिला। बुलेटिन के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में पहली तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा कम हुआ, जिसे मजबूत सेवा निर्यात और बाहर से भेजे जाने वाले पैसे से समर्थन मिला। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बुलेटिन में प्रकाशित लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।




.jpg)




Leave A Comment