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औद्योगिक उत्पादन वृद्धि नवंबर में दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली.  खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर पहुंच गयी। यह जानकारी सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में दी गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन को मापने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) नवंबर, 2024 में पांच प्रतिशत बढ़ा था। इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
 त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई। इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''अमेरिकी शुल्क और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।'' उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, ''हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।

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