भिलाई के आधुनिक शिल्पकार भूमित्र गुप्ता के जन्म शताब्दी समारोह में जुटीं नामी हस्तियां
-टी सहदेव
भिलाई नगर। अग्रसेन भवन में सोमवार को भिलाई के आधुनिक शिल्पकार एवं सामाजिक व शैक्षणिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले भूमित्र गुप्ता की स्मृति में उनका जन्म शताब्दी समारोह शहर की जानीमानी हस्तियों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की मौजूदगी में मनाया गया। भूमित्र गुप्ता के कार्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से अग्रवाल समाज द्वारा मनाए गए इस समारोह में उनके समकालीन व्यक्तियों ने उनके सामाजिक योगदान, सार्वभौमिक उपलब्धियों, उनके साथ बिताए हुए सुनहरे पलों को साझा किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी पुष्पा भूमित्र गुप्ता की स्मृति में तुलेश्वरी, सीता साहू, ऋद्धिमा शर्मा, श्रेया सिंह, प्रिंसि ठाकुर, साक्षी सिंह, प्रीति मल, पी ज्योति, हिमाद्रि नायक, संचिता, ऋद्धिमा पटेल, वर्दापति काव्या तथा तान्या मिश्रा को स्कॉलरशिप प्रदान की गई, वहीं दर्शिका प्रवीण भूटड़ा को पीयूष भूमित्र गुप्ता मेमोरी गोल्ड मेडल दिया गया।
वैदिक भजनों ने किया मंत्रमुग्ध
दिल्ली से पधारे आर्यसमाज प्रचारक पंडित कंचन कुमार ने अपनी टीम के सदस्यों शिवा राय तथा बृजमोहन के साथ वैदिक भजन प्रस्तुत किया। लोगों ने उनके द्वारा गाए मन के गहरे अंधियारे में ओम का नाम दीये जैसा, जो मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा सुबह-शाम बोल बंदे कृष्णा- कृष्णा, पापों का दमन न किया जीवन गंवा दिया और माता पिता की सेवा की ही नहीं देवी देवताओं को मनाता है जैसे भजनों को मंत्रमुग्ध होकर सुना। इन दिनों भूमित्र गुप्ता की सेवा परंपरा को उनके पुत्र सुरेंद्र गुप्ता तथा पौत्र- पौत्रियों द्वारा स्थापित प्रभु चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। जहां समारोह का संचालन पीयूष अग्रवाल और सविता गुप्ता ने किया, वहीं नीना गुप्ता ने आभार जताया।
भूमित्र की उपलब्धियों का बखान
इस अवसर पर उनके समकालीन बीके इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग ट्रस्टी विजय गुप्ता ने कहा कि उनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। भूमित्र जी ने भिलाई स्टील प्लांट को अपना सौ प्रतिशत दिया है। शिक्षा के क्षेत्र से लेकर इस्पात नगरी के चहुंमुखी विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उन्हीं के एक और समकालीन शंकराचार्य इंस्टिट्यूट के संस्थापक आईपी मिश्रा ने उन्हें युगद्रष्टा बताते हुए कहा कि जीने का अर्थ यह नहीं कि आप कितने वर्ष जिए, बल्कि आपका नाम कितने वर्षों तक जिंदा रहता है, यह मायने रखता है। इनके अलावा अग्रवाल जनकल्याण समिति के अध्यक्ष बंसी अग्रवाल, आर्यसमाज के अध्यक्ष अवनी पूरंग, संजीव कासलीवाल, मनोज गुप्ता, जेपी अग्रवाल, दिनेश सिंघल, भिलाई महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल प्रतिभा छाया क्लाडियस तथा आईएम जैन ने भी उनके कार्यों की सराहना की।










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