प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : किसान 15 जनवरी तक करा सकते है फसलों का बीमा
- गेहूं, सरसों, चना एवं अलसी का बीमा कराने खुला दोबारा पोर्टल
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमा कराने हेतु पोर्टल को 9 दिन बाद दोबारा खोला गया हैं। कृषक 15 जनवरी 2026 तक बीमा करवा सकते हैं। अब तक जिले के 28 हजार 661 किसानों द्वारा 38 हजार 258 हेक्टेयर में लगी गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी फसल का बीमा कराया है। पिछले साल की तुलना में अब तक 1283 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा किया जाना शेष हैं। गतवर्ष रबी 2024-25 में 39541 हेक्टेयर क्षेत्र रबी फसलों का बीमा हुआ था। असमायिक वर्षा एवं अन्य कारणों से फसलों की क्षति होने पर बीमा कंपनी द्वारा 33 करोड रूपए क्षतिपूर्ति के रूप में 20380 कृषकों को भुगतान किया गया था।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा लगातार मैदानी अधिकारियों के माध्यम से किसानों के बीच पहुंचकर फसलों का बीमा कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। साथ ही समितियों द्वारा भी धान उपार्जन करने वाले केन्द्रों के माध्यम से किसानों को अपने फसलों को बीमा आवरण में लेने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिन किसानों द्वारा भी धान विक्रय नहीं किया गया है तथा बैंक के माध्यम से खरीफ अल्पकालीन ऋण को अद्यतन नहीं कराया गया है, ऐसे कृषकों का बीमा करने में बैंकों को व्यवहारिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यदि किसान अपने ऋण को अद्यतन नहीं करा पाये है, वह अऋणी कृषक के रूप में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से अपने फसलों का बीमा करवा सकते है। इस वर्ष किसान द्वारा प्रीमियम राशि प्रति हेक्टेयर गेहूं सिंचित 690 रूपए प्रति हेक्टेयर, गेहूं असिंचित 405 रूपए प्रति हेक्टेयर, चना 645 रूपए प्रति हेक्टेयर, राई सरसो 375 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं अलसी 315 रूपए प्रति हेक्टेयर रखा गया है। उन्होंने जिले के कृषकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करते हुए शीघ्र ही बैंक शाखा, लोकसेवा केन्द्र में पहुंचकर फसलों का बीमा कराकर फसलों को सुरक्षित कर बीमा आवरण का लाभ लेने तथा ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश, बेमौसमी बारिश एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए अपील की है।












.jpg)
Leave A Comment