कलेक्टर ने सभी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति का गठन और सी-बॉक्स पोर्टल में जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करने के दिए निर्देश
- यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठन करना होगा अनिवार्य
- आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने पर 50 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी विभागों को अपने-अपने विभाग के अधीन सभी कार्यालयों में एवं शासकीय विभागों से पंजीकृत निजी संस्थानों, निजी उद्योगों, दुकानों, अस्पताल एवं स्कूलों सहित सभी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति के गठन करने और सी-बॉक्स पोर्टल में जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने कार्यशाला में बताया कि यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत प्रत्येक शासकीय कार्यालय, हॉस्पिटल, स्कूल, हॉस्टल, कंपनी, दुकान, उद्योग सहित सभी शासकीय एवं निजी कार्यालयों जहां कर्मचारियों की संख्या 10 या 10 से अधिक है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है। आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित को 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन शी-बॉक्स पोर्टल बनाया गया है, जिसमें सभी कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जानकारी अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












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