धरातल पर दिखे योजनाओं का लाभ, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : तोखन साहू
-दिशा की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की गहन समीक्षा
-केंद्रीय राज्यमंत्री की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न
बिलासपुर /जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री और सांसद श्री तोखन साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फ्लैगशिप योजनाओं सहित जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 122 गांवों की विकास परियोजनाओं एवं अरपा भैंसाझार परियोजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में विधायक सर्व श्री धरम लाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित जनपद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो। धरातल पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नजर आएं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं श्री तोखन साहू ने मनरेगा के लंबित कार्यों, मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण एवं आंगनबाड़ी भवनों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। लेन-देन पर सख्त रोक लगाने, आवास मित्रों के मानदेय से जुड़े मामलों की जांच तथा गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली के निर्देश भी दिए गए। श्री शुक्ला ने मनरेगा कार्यों में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने एम.आई. टैंक, वेटलैंड संरक्षण तथा शासकीय तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष फोकस करने की बात कही। गर्मी के मौसम में होने वाली पेयजल समस्या के निराकरण के लिए योजना बनाने पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए ठोस एवं गहन योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जा सकता है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 25-26 में जिले को 40 लाख मानव दिवस का लक्ष्य प्राप्त हुआ है तथा राज्य स्तर पर जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में 12,597 कार्य अपूर्ण हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह भी जानकारी दी गई कि दिसंबर माह तक श्रमिकों का भुगतान पूर्ण कर दिया गया है। बैठक में बिहान योजना की प्रगति, लक्ष्यों तथा ‘लखपति दीदी’ पहल की जानकारी दी गई। महिलाओं को रीपा के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 79992 आवासों के लक्ष्य के विरूद्ध 71093 आवासों की स्वीकृति की गई है। लक्ष्य एवं आवासों की स्वीकृति में जिला राज्य स्तर में प्रथम स्थान पर है। पीएम जनमन योजना के तहत जिले में कोटा, मस्तुरी एवं तखतपुर ब्लॉक में कुल 959 पिछड़ी जनजाति के परिवारों को आवास प्रदान किये गये है। वर्तमान में 524 हितग्राहियों के आवास पूरे किये जा चुके है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए परियोजना की धीमी गति और गुणवत्ता विहीन कार्याें पर नाराजगी जताई। सांसद आदर्श ग्राम एवं विधायक आदर्श ग्राम योजनाओं के तहत कार्ययोजनाएं बनाकर निर्माण कार्य पूर्ण करने, ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत शासकीय निर्माण कार्यों के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए गए। शौचालय निर्माण व पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 32 में से 11 सड़कों के पूर्ण होने की जानकारी दी गई। पीएम जनमन योजना, सड़क व पुल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने रेत घाटों के कारण सड़कों के जर्जर होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। साथ ही समाज कल्याण, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल जीवन मिशन, जल संसाधन विकास, श्रम रोजगार, सड़क परिवहन राज्यमार्ग, खनिज, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के अंत में सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, पारदर्शिता बनाए रखें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करें।









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