बिलासपुर जिले में पहली बार बेलतरा महोत्सव का भव्य आयोजन
-16 से 18 जनवरी तक चलने वाले सांस्कृतिक आयोजन में जुटेंगे प्रदेश के दिग्गज कलाकार
-समापन महोत्सव में शामिल होंगे उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव
बिलासपुर /छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के प्रयासों से पहली बार तीन दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नगपुरा मेला मैदान ग्राम पंचायत कड़री में 16 से 18 जनवरी तक आयोजित यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन व बेलतरा महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में होगा।
महोत्सव का भव्य शुभारंभ 16 जनवरी संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने लोक गायक श्री चंदन यादव एवं लोक यायिका श्रीमती अल्का चन्द्राकर शामिल होंगी। महोत्सव के दूसरे दिन 17 जनवरी 2026 को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतरता बनी रहेगी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्षता बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, जिला सहकारी मर्यादित बैंक के अध्यक्ष सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। शाम 6 बजे से इस दिन मंच पर लोक गायक श्री अनुराग शर्मा एवं प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
महोत्सव के समापन 18 जनवरी को अवसर पर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव शामिल होंगे। अध्यक्षता तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। समापन संध्या में लोकगायक श्री अनुज शर्मा तथा लोक गायक श्री हिलेन्द्र सिंह ठाकुर की प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
तीनों दिनों तक महोत्सव परिसर में लोकनृत्य, लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। बाँस व मिट्टी से बने शिल्प, पारंपरिक वस्त्र तथा पारंपरिक व्यंजन दर्शकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा से परिचित कराएंगे। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना, ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने जिले वासियों व क्षेत्रीय निवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं।











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