बिहान योजना: गीता यादव की बदली जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’
बिलासपुर /जिले के ग्राम साल्हेखापा निवासी श्रीमती गीता यादव ने मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी मुश्किल और परेशानियों भरे जीवन में सीमित आय में परिवार का गुजारा करने वाली गीता यादव आज ‘लखपति दीदी’ बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। गीता ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
गीता यादव के परिवार की मुख्य आजीविका पहले कृषि कार्य पर निर्भर थी। पर्याप्त भूमि होने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण परिवार की कुल वार्षिक आय केवल 88,100 रुपये थी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन था।साल 2021 में उन्होंने बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़कर बैंक ऋण, सीआईएफ और आरएफ की सहायता प्राप्त की। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ मुर्गी पालन, मछली पालन और भैंस पालन जैसे नए व्यवसाय शुरू किए। इन प्रयासों से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्तमान में उन्हें कृषि से 88,100 रुपये, मुर्गी पालन से 87,000 रुपये, मछली पालन से 70,000 रुपये और भैंस पालन से 60,000 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार उनके परिवार की कुल वार्षिक आय बढ़कर लगभग 3,05,100 रुपये हो गई है। गीता कहती है सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से उन जैसी हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। गीता की सफलता ये संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और योजनाओं का उचित लाभ मिले तो वे आत्मनिर्भर बन आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ सकती हैं। आज गीता यादव अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रही


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