राष्ट्रपति की सुरक्षा की समीक्षा करेगा 'व्हाइट हाउस'
वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की एक शीर्ष अधिकारी ने वार्षिक पत्रकार रात्रिभोज के दौरान शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा की समीक्षा के लिए इस सप्ताह के अंत में 'यूएस सीक्रेट सर्विस' और गृह मंत्रालय (डीएचएस) की बैठक बुलाई है। 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' (डब्ल्यूएचसीए) के रात्रिभोज स्थल 'वाशिंगटन हिल्टन' होटल में हुए हमले ने राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है क्योंकि कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के कई मंत्री मौजूद थे। ट्रंप को चार जुलाई को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना है। इसके मद्देनजर 'व्हाइट हाउस' की 'चीफ ऑफ स्टाफ' सुसन वाइल्स ने 'सीक्रेट सर्विस' और डीएचएस नेतृत्व की बैठक बुलाई है जिसमें प्रोटोकॉल और अन्य प्रक्रियाओं पर चर्चा होगी। 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अधिकारियों ने 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' के रात्रिभोज से पहले 'डेजिग्नेटेड सर्वाइवर' (आपात स्थिति में सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए नामित अधिकारी) और उत्तराधिकार क्रम पर चर्चा की थी। लेविट ने कहा, ''लेकिन उत्तराधिकार क्रम में शामिल मंत्रिमंडल के कई सदस्य विभिन्न निजी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे इसलिए कोई 'डेजिग्नेटेड सर्वाइवर' नामित करना जरूरी नहीं था क्योंकि कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद नहीं थे।'' उन्होंने कहा कि वाइल्स द्वारा बुलाई गई बैठक में इस बात पर ''चर्चा'' होगी कि क्या ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे डी वेंस को एक ही सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद रहना चाहिए। रात्रिभोज में ट्रंप, वेंस, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ मौजूद थे। ये सभी राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम में शामिल हैं। रिपब्लिकन पार्टी के नेता एवं सांसद माइकल मैक्कॉल ने 'केबल न्यूज नेटवर्क' (सीएनएन) से कहा, ''मुझे लगता है कि सीक्रेट सर्विस को इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि ऐसे किसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों को एक साथ मौजूद रहना चाहिए या नहीं।'' अमेरिकी संविधान एवं 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम में राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम का प्रावधान है। इसके तहत क्रम इस प्रकार है- उपराष्ट्रपति, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष, सीनेट के अस्थायी अध्यक्ष, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, अटॉर्नी जनरल, गृह, कृषि, वाणिज्य, श्रम, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा, आवास एवं शहरी विकास, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, 'वेटर्न्स अफेयर्स' (सेवानिवृत्त सैन्य कर्मचारियों के मामलों से जुड़ा) विभागों के मंत्री आदि.










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