ब्रेकिंग न्यूज़

 जामगुड़ा में 3 हैंडपंपों, एक सोलर पंप और एक पॉवर पंप से लोगों को मिल रहा पानी

-स्कूल के नलकूप की जल आवक क्षमता का परीक्षण कर गर्मियों के लिए वैकल्पिक रनिंग वाटर की व्यवस्था की जाएगी, सहायक अभियंता को व्यवस्था के निर्देश
-कोसारटेड़ा समूह जलप्रदाय योजना से जामगुड़ा में होती है जल की आपूर्ति, ग्रीष्म ऋतु के कारण अभी नहीं भर पा रही टंकी
 रायपुर. ।  बस्तर जिले के पिपलावंड ग्राम पंचायत के जामगुड़ा बसाहट में अभी 3 हैंडपंपों, एक सोलर पंप और एक पॉवर पंप से लोगों को पानी मिल रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्रीष्म काल में रनिंग वाटर की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए स्कूल परिसर के नलकूप की जल आवक क्षमता का परीक्षण कर 2 हॉर्स-पॉवर का पंप लगाकर स्कूल के साथ ही जामगुड़ा बसाहट में कनेक्शन के निर्देश सहायक अभियंता को दिए हैं।  
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कोसारटेड़ा समूह जलप्रदाय योजना से जामगुड़ा में पाइपलाइन से जल की आपूर्ति होती है। पहले से संचालित समूह जलप्रदाय योजना में रेट्रोफिटिंग के माध्यम से पिपलावंड में जल आपूर्ति की व्यवस्था बनाई गई है। रेट्रोफिटिंग योजना के तहत यहां 70 लाख 29 हजार रुपए की लागत से 3530 मीटर पाइपलाइन बिछाकर और दो सोलर जलापूर्ति सिस्टम स्थापित कर 237 एफ.एच.टी.सी. (Functional Household Tap Connection) प्रदान किए गए हैं, जिनके काम पूर्ण किए जा चुके हैं। पिपलावण्ड कोसारटेड़ा समूह जलप्रदाय योजना का अंतिम छोर का गांव है, जिसके कारण ग्रीष्म काल में दो महीने टंकी नहीं भरने के कारण पेयजल व्यवस्था बाधित रहती है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जगदलपुर परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता ने आज पिपलावंड एवं जामगुड़ा का दौरा कर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थाएं देखीं तथा मैदानी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पेयजल के लिए एक हजार की आबादी वाले पिपलावंड में अभी 14 कार्यरत हैंडपंप, दो पॉवर पंप और दो सोलर पंप हैं। वहीं 300 जनसंख्या वाले गांव के जामगुड़ा बसाहट में 3 हैंडपंपों, एक सोलर पंप और एक पॉवर पंप से लोगों को पानी मिल रहा है।
अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता ने गांव पहुंचकर सरपंच श्री केशवराम बघेल और दुलाय कश्यप से मिलकर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली। दुलाय कश्यप ने बताया कि अमूमन रोड के पार बसे रिश्तेदार द्वारा लूज पाइप से पानी उनके घर तक पहुंचाया जाता है। वह कभी-कभी रोड पार कर पानी लाने जाती है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग से उसे बैटरीचलित ट्राइसिकल मिली है। इसका उपयोग कर वह पेयजल एवं निस्तारी के लिए अपने रिश्तेदार के निजी नलकूप या 200 मीटर दूर स्कूल के पॉवर पम्प से पानी लाती थी। उनका ट्राइसिकल पिछले दो माह से खराब है। समाज कल्याण विभाग और सरपंच को उन्होंने यह बात बताई है, परंतु सुधार नहीं हो पाने के कारण परेशानी हो रही है।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english