ब्रेकिंग न्यूज़

स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे ने गांव-गांव पहुंचाई राष्ट्र निर्माण और जागरूकता की भावना : डॉ. रमन

 *-महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर में हुआ 26वां वसुंधरा प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन*

*-पत्रकार/संस्कृतिकर्मी श्री राजेश गनोदवाले को 26वें वसुंधरा सम्मान से किया गया सम्मानित*
*-समारोह में कृति ‘बहुमत’ एवं कृति ‘वसुंधरा’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया*
दुर्ग/ लोकजागरण की संस्था वसुंधरा और श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन आज भिलाई के महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर में किया गया। स्व.देवी प्रसाद चौबे की 50वीं पुण्य स्मृति में आयोजित इस 26वें प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत, लोककला, लोकसंस्कृति एवं रंगमंच जैसी सांस्कृतिक विधाओं पर निरंतर लेखन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने में योगदान देने वाले श्री राजेश गनोदवाले को 26वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में कृति ‘बहुमत’ एवं कृति ‘वसुंधरा’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। कृति ‘वसुंधरा’ का यह विशेषांक प्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित है। 
    26वें वसुंधरा सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि स्व.देवी प्रसाद चौबे दैनिक समाचार पत्र से जुड़े ग्रामीण संवाददाता रहे तथा रायपुर के दैनिक समाचार से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही देवी प्रसाद चौबे ने युवाओं और किसानों को संगठित करने तथा स्वतंत्रता की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया था। इसी दौर में उनका संपर्क छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के जनक स्व.ठाकुर प्यारेलाल सिंह से हुआ। वे उनके साथ गांव-गांव घूमे और राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को जागरूक किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के बाद छत्तीसगढ़ में जिन महापुरुषों से स्व.देवी प्रसाद चौबे सर्वाधिक प्रभावित रहे, उनमें ठाकुर प्यारेलाल सिंह प्रमुख थे। उनका जुड़ाव केवल व्यक्तिगत प्रभाव तक सीमित नहीं था, बल्कि वे उनके विचारों और सामाजिक दृष्टिकोण से भी गहराई से जुड़े थे। गांव, श्रमिक, युवा और आम आदमी को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखने की यही सोच आगे चलकर वसुंधरा सम्मान की मूल प्रेरणा बनी। 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में वसुंधरा सम्मान के माध्यम से ऐसे अनेक प्रतिष्ठित पत्रकारों, संपादकों और साहित्यकारों को सम्मानित किया गया, जिनका योगदान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने आयोजन समिति को इस परंपरा को लगातार समृद्ध करने के लिए बधाई दी।
     विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह पूर्व में सम्मानित विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों एवं संपादकों को सम्मानित किया जाना इस आयोजन की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। 2026 के वसुंधरा सम्मान से सम्मानित पत्रकार को बधाई देते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक राष्ट्रीय पत्रिका में छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकसंगीत और शास्त्रीय विधाओं पर निरंतर लेखन किया। उनके लेखन ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 26 वर्षों तक इस आयोजन को निरंतर आगे बढ़ाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने पत्रकारिता और समाज के लिए किए गए इस विशिष्ट योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
    छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि भारतीय संस्कृति, पुरानी परंपराओं और समाज के लिए योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक संस्थानों और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने भोपाल के भारत भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह भारत भवन ने कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है, उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी ऐसा कोई स्थायी संस्थान विकसित किया जाना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करे।
इस अवसर पर ख्यातिलब्ध विचारक, लेखक एवं संपादक श्री शशांक शर्मा ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृति, इतिहास एवं पत्रकारिता’ विषय पर आयोजित वैचारिक संगोष्ठी में विस्तारपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, इतिहास एवं पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं 26वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित श्री राजेश गनोदवाले ने अपनी पत्रकारिता यात्रा एवं अनुभवों को संक्षेप में साझा किया। इस अवसर पर वैशाली नगर विधानसभा विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, श्री प्रदीप चौबे, संयोजक श्री विनोद मिश्र, सचिव निर्णायक समिति श्वेता उपाध्याय, श्री सतीश जायसवाल, श्री ई.वी.मुरली सहित बड़ी संख्या में पत्रकारिता एवं साहित्य से जुड़े प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
 
:

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english