ब्रेकिंग न्यूज़

महासमुंद जिले के चिकित्सालयों में एंटीरेबीज टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

-पशुपालकों को पशु चिकित्सक से संपर्क कर आवश्यक टीकाकरण कराने की अपील 
महासमुंद / रैबीज एक घातक वायरल बीमारी है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। यह संक्रमित स्तनधारी जीवों की लार के माध्यम से काटने या खरोंच लगने पर मनुष्यों एवं अन्य पशुओं में फैल सकती है। रैबीज के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक लार आना, मुंह से झाग निकलना, निगलने में कठिनाई, आवाज में परिवर्तन, धीरे-धीरे लकवे की स्थिति तथा पानी से डर या घबराहट शामिल हैं।उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ अंजना नायडू ने बताया कि केवल स्तनधारी जीव ही रैबीज से संक्रमित हो सकते हैं और इसे फैला सकते हैं। चमगादड़ एवं लोमड़ी इस बीमारी के प्रमुख वाहक माने जाते हैं, जबकि श्वान, बिल्ली, गाय, बकरी, भेड़ एवं बंदर के काटने से भी रैबीज संक्रमण का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि जिले में एंटीरेबीज टीकाद्रव्य पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 12 मात्रा एंटीरेबीज टीका उपलब्ध है। संक्रमण से बचाव के लिए प्री-एक्सपोजर टीकाकरण वर्ष में एक बार तथा संक्रमण के बाद पोस्ट-एक्सपोजर टीकाकरण निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार 0, 3, 7, 14 एवं 28वें दिवस पर निःशुल्क लगाया जाएगा।
पशुपालकों से अपील की गई है कि अपने पशुओं को रैबीज से सुरक्षित रखने के लिए निकटतम पशु चिकित्सक से संपर्क कर आवश्यक टीकाकरण अवश्य कराएं। साथ ही, किसी पशु के काटने या खरोंचने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेकर निर्धारित टीकाकरण प्रोटोकॉल का पालन करें।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english