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प्रधानमंत्री मोदी ने चटनी और समोसे के ज़रिए भारत-सेशेल्स के रिश्तों को रेखांकित किया

विक्टोरिया (सेशेल्स).  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और सेशेल्स के लोगों के बीच गहरे संबंधों को रेखांकित करते हुए रविवार को कहा कि चटनी और समोसे का स्वाद उन खास चीज़ों में शामिल है जो दोनों देशों की साझा विरासत को दर्शाती हैं। मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए यह बात कही। वह द्वीपीय देश की तीन दिन की यात्रा पर हैं। यह उल्लेख करते हुए कि सेशेल्स की ''सबसे बड़ी ताकत'' इसके लोग हैं, मोदी ने कहा कि पीढ़ियों से दुनिया भर के लोग इस देश में आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने साथ अलग-अलग भाषाएँ, रीति-रिवाज़, मान्यताएँ और परंपराएँ लेकर आए।
 मोदी ने कहा, ''और साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसी साझा पहचान बनाई, जिस पर सेशेल्स के लोगों को गर्व है।''
 नेशनल असेंबली के आदर्श वाक्य 'विविधता में एकता' का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि जब देश अपनी 'समृद्ध विरासत' का जश्न मना रहा है, तो भारत और सेशेल्स की संस्कृतियों के बीच के संबंध रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साफ़ दिखाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''इन्हें करी कोको, समोसा और चटनी के स्वाद में महसूस किया जा सकता है। इन्हें दीपावली, थाई पोंगल और नवरात्र के दौरान गरबा नृत्य के जश्न में देखा जा सकता है। यही वह भावना है जो हमें हमारी मित्रता के भविष्य के प्रति बहुत भरोसा दिलाती है।'' इस बात का उल्लेख करते हुए कि इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है, मोदी ने कहा, ''आज, इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती वर्ष में जब मैं आपके सामने खड़ा हूँ, तो हमारे लोग उस मित्रता का जश्न मना रहे हैं जो ढाई सदी से भी अधिक पुरानी है।'' मोदी ने कहा ''बहुत कम साझेदारियाँ इतनी मज़बूत नींव पर बनी हैं। और बहुत कम साझेदारियाँ इतनी आत्मीयता, भरोसे एवं सद्भावना के साथ आगे बढ़ी हैं। भविष्य की ओर देखते हुए, आइए- हम इस नींव को और मज़बूत करते रहें।'' उन्होंने कहा कि भारत सेशेल्स का ''भरोसेमंद साथी'' बना रहेगा और इसकी उपलब्धियों का जश्न मनाएगा।
मोदी ने कहा, हम आपकी आकांक्षाओं का समर्थन करेंगे और मित्रों की तरह आपके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, ''पिछले पचास साल बहुत शानदार रहे हैं। लेकिन मेरा पक्का यकीन है कि सेशेल्स की कहानी के सबसे बेहतरीन अध्याय अभी लिखे जाने बाकी हैं। और हमारी दोस्ती का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है।'' विदेश मंत्रालय के अनुसार, सेशेल्स के साथ भारत का एक अहम संबंध है; 1770 में भारतीयों का पहला छोटा समूह (पांच लोग) सेशेल्स पहुंचा था। इसने कहा कि सेशेल्स की कुल आबादी लगभग 1,20,000 है और वहां भारतीय मूल के करीब 5,000 लोग रहते हैं।
 

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