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अगले पांच-छह दिनों में खत्म हो सकता है उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून का इंतजार : आईएमडी

नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि अगले पांच. छह दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय रूप से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वहीं, मौसमी बारिश में देरी के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई।       

आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कुछ अन्य राज्यों के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।विभाग के अनुसार, इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने 28 और 29 जून को उत्तर प्रदेश में लू चलने की चेतावनी भी दी है, जो कुछ स्थानों पर गंभीर रूप ले सकती है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट' के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में चार जुलाई तक मानसून पहुंचने की संभावना है। इस बीच, दिल्ली में पिछले दो वर्षों में रविवार को सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई जहां न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 3.2 डिग्री अधिक है जबकि अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 14 जून, 2024 को शहर का न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
 मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में लू की स्थिति रही और आईएमडी द्वारा शाम साढ़े पांच बजे दर्ज किया गया 'फील्स लाइक' तापमान लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस था यानि 50.7 डिग्री सेल्सियस तापमान 'जितनी तेज गर्मी महसूस हो रही थी'। हालांकि, सोमवार के लिए विभाग ने गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
 स्काईमेट ने कहा कि मानसून के आगमन में देरी तथा शुष्क और नम हवाओं के परस्पर प्रभाव के कारण तापमान और आर्द्रता का स्तर दोनों असामान्य रूप से अधिक बना हुआ है। स्काईमेट के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ''सामान्यतः मानसून 27-28 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है, जिसके बाद तापमान में गिरावट आती है और आर्द्रता बढ़ जाती है। इस वर्ष मानसून लगभग एक सप्ताह की देरी से पहुंचने की संभावना है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं दिल्ली में नमी बढ़ा रही हैं।'' उन्होंने कहा, ''जब ये शुष्क और नम वायु द्रव्यमान आपस में मिलते हैं तो बादल तो बनते हैं, लेकिन व्यापक वर्षा के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। बादल आमतौर पर शाम चार या पांच बजे बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही कारण है कि अधिकतम तापमान और 'फील्स लाइक' तापमान दोनों असामान्य रूप से अधिक बने हुए हैं। उधर, शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में चार जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। केंद्र ने कहा कि दो जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।        

विभाग ने 30 जून से चार जुलाई के बीच राज्य के अलग-अलग स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश का 'अलर्ट' जारी किया है।  शनिवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों में गरज के साथ बारिश दर्ज की गई।  उत्तर प्रदेश में प्रयागराज का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था।        
मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।         जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री कम है।         मौसम विभाग ने कहा कि 29 जून को जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में मानसून-पूर्व बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया गया है।         
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि उत्तराखंड के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। केंद्र ने पर्वतीय जिलों के अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली चमकने, तेज से अत्यधिक तेज बारिश और तेज हवाओं को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है।   देहरादून में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।        पंजाब और हरियाणा के लिए आईएमडी ने 29 जून तथा एक और दो जुलाई को छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जबकि कई स्थानों पर तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। एक से चार जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज, बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार (झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक) से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।         
राजस्थान में कई हिस्सों में उमस भरा मौसम बना रहा, हालांकि झुंझुनू जिले के पिलानी सहित कई स्थानों पर छिटपुट बारिश दर्ज की गई। पिलानी में सुबह से सात मिलीमीटर वर्षा हुई।         मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही, दो जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की है।

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