गोवा में भाजपा को 20 सीटों पर मिली जीत, एमजीपी और निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन मिला
पणजी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गोवा में सत्ता विरोधी लहर से पार पाते हुए विधानसभा की 20 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। साथ ही, वह क्षेत्रीय दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। गोवा विधानसभा की 40 सीटों में भाजपा को 20 सीटों पर जीत मिली है, जो बहुमत से केवल एक सीट कम है। भाजपा ने 2017 की तुलना में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, जब पार्टी को 13 सीटों पर जीत मिली थी। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक कांग्रेस को 11 सीटों पर जीत मिली है, जबकि उसके सहयोगी दल गोवा फॉरवार्ड पार्टी (जीएफपी) को एक सीट पर जीत मिली। कांग्रेस को पिछली बार के मुकाबले छह सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को 2017 के चुनाव में 17 सीटों पर जीत मिली थी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी विधानसभा में पहुंचे हैं। आम आदमी पार्टी और एमजीपी ने दो-दो सीटें जीतीं, जबकि रिवोल्यूशनरी गोवा पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की। चुनाव पूर्व एमजीपी के साथ गठबंधन करने वाली तृणमूल कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है।
सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा ने तीन निर्दलीय विधायकों और एमजीपी का समर्थन भी हासिल कर लिया है, जिससे विधानसभा में उसके पास विधायकों की संख्या बढ़ कर 25 हो गयी। जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है। गोवा में सरकार बनाने के लिए 21 सीटों की जरुरत है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि एमजीपी ने सरकार गठन के लिए भाजपा को बिना शर्त समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शुक्रवार को अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के दौरान राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करेगी। भाजपा के गोवा चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार बनाने का दावा करने पर फैसला शुक्रवार को पार्टी विधायक दल की बैठक के बाद लिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि एमजीपी ने औपचारिक रूप से भाजपा को सरकार गठन में समर्थन देने के लिए एक पत्र सौंपा है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "एमजीपी के दोनों विजेता उम्मीदवार तीन निर्दलीय विधायकों के साथ भाजपा का समर्थन करेंगे।" प्रमोद सावंत ने कहा कि नेतृत्व पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है और इस मुद्दे पर शुक्रवार को पार्टी के विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक की मौजूदगी में चर्चा की जाएगी।






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