हवाई अड्डों, एयरलाइन के लिए भारतीय संगीत बजाना अनिवार्य करने की कोई योजना नहीं : सरकार
नयी दिल्ली। सरकार ने सोमवार को कहा कि विभिन्न एयरलाइन और हवाई अड्डों के लिए उनकी उड़ानों और टर्मिनल परिसर में भारतीय संगीत बजाने को अनिवार्य किए जाने की उसकी कोई योजना नहीं है। नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
नागर विमानन मंत्रालय ने 27 दिसंबर को सभी एयरलाइन एवं हवाई अड्डों से उनकी उड़ानों एवं टर्मिनल पर भारतीय संगीत बजाये जाने पर विचार करने को कहा था। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने 23 दिसंबर को नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भारतीय विमान वाहक द्वारा परिचालित की जाने वाली उड़ानों में भारतीय संगीत को प्रोत्साहन देने का अनुरोध किया था। कांग्रेस की सदस्य अंबिका सोनी ने उच्च सदन में प्रश्न किया कि क्या सरकार का कोई ऐसा प्रस्ताव है कि भारतीय एयरलाइन एवं हवाई अड्डों पर भारतीय शास्त्रीय या सुगम या वाद्य यंत्र संगीत को बजाना अनिवार्य किया जाए। इसके लिखित जवाब में नागर विमानन राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘नहीं''। नागर विमानन मंत्रालय ने 27 दिसंबर को सभी एयरलाइन एवं हवाई अड्डों को लिखे पत्र में कहा कि विश्व भर में अधिकतर एयरलाइन जिस देश की होती हैं वहां का संगीत बजाती हैं। मंत्रालय ने ध्यान दिलाया, ‘‘किंतु भारतीय एयरलाइंस अपनी उड़ान में भारतीय संगीत को यदा-कदा ही बजाती है। हमारे संगीत की समृद्ध परंपरा एवं विरासत है और यह उन कई चीजों में से एक है जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व करता है।






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