आईआईटी गुवाहाटी-बंबई, यूरोपीय साझेदारों के साथ बना रहे जल गुणवत्ता सेंसर
नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी और बंबई यूरोपीय विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर भारत में पीने योग्य और अन्य पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए कम लागत वाली प्रौद्योगिकी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ‘लोटस इंडो-यूरोपियन परियोजना' विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा यूरोपीय आयोग की एक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय घरों और अन्य जगहों पर आपूर्ति किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों का समाधान प्रदान करना है। लोटस परियोजना का एक प्रमुख तत्व एक नया जल गुणवत्ता सेंसर है जो इकोले पॉलिटेक्निक, पेरिस, फ्रांस में किए गए पिछले काम पर आधारित है। आईआईटी-गुवाहाटी के प्रौद्योगिकी इंक्यूबेशन केंद्र के अध्यक्ष एस सेंथिलमुरुगन ने कहा कि लोटस जल गुणवत्ता सेंसर का सफल व्यावसायीकरण भारतीय नागरिकों को कम लागत वाली जल गुणवत्ता निगरानी और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति समाधान प्रदान करेगा जो भारत सरकार के जल जीवन मिशन और इसकी ‘मेक-इन-इंडिया' पहल के अनुरूप है।


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