प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास में नया युग, कैबिनेट ने दी एक लाख करोड़ रुपए मंजूरी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने शहरी चुनौती कोष (Urban Challenge Fund – UCF) को मंजूरी दी है। इसके तहत शहरों में उच्च गुणवत्ता वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए कुल एक लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट ने बताया कि यह कोष बाजार वित्त, निजी भागीदारी और नागरिक-केंद्रित सुधारों का लाभ उठाकर उच्च गुणवत्ता वाले शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा। इसका उद्देश्य लचीले, उत्पादक, समावेशी और जलवायु-अनुकूल शहर तैयार करना है, ताकि शहर देश के आर्थिक विकास के अगले चरण के प्रमुख चालक बन सकें।
शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय सहायता के रूप में दिया जाएगा, बशर्ते परियोजना लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार से जुटाया गया हो। इस पहल से अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में कुल चार लाख करोड़ रुपए का निवेश होने का अनुमान है। यह अनुदान आधारित वित्तपोषण से हटकर बाजार-संलग्न, सुधार-उन्मुख और परिणाम-उन्मुख इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में भारत के शहरी विकास दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
कैबिनेट ने बताया कि यह कोष वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक परिचालन में रहेगा, और इसकी कार्यान्वयन अवधि वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाई जा सकती है। परियोजनाओं का चयन परिवर्तनकारी प्रभाव, स्थिरता और सुधार-उन्मुखीकरण जैसे मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। कोष का आवंटन सुधारों, लक्ष्यों और स्पष्ट रूप से परिभाषित परिणामों से जुड़ा होगा, और सुधारों की निरंतरता आगे कोष जारी करने की पूर्व शर्त होगी। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के एकल डिजिटल पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं और सुधारों की कागजरहित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। (


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