राम मंदिर के प्रथम पूर्णकालिक सीईओ के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हुई
अयोध्या (उप्र) / श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के लिए चयन समिति ने छांटे गए 18 उम्मीदवारों की साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली है और समिति द्वारा इस पद के लिए नामों की सिफारिश किए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इससे पूर्व, न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने कहा था कि न्यास, चयन समिति द्वारा तीन नामों की सिफारिश से अंतिम नियुक्ति करेगा। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में गठित इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि चयन प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गई है। पिछले कुछ दिनों में समिति द्वारा 18 उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया गया। उम्मीदवारों में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व आईएएस एवं आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को साक्षात्कार के दूसरे दिन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी राजेश पांडेय का दूसरी बार साक्षात्कार लिया गया। साथ ही बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक परेश सक्सेना भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे। सूत्रों ने बताया कि ये साक्षात्कार राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में लिए जा रहे हैं क्योंकि न्यास राम मंदिर का प्रशासन और कामकाज देखने के लिए पूर्णकालिक सीईओ का चयन करना चाहता है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व, मंगलवार को आठ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया था और बुधवार को चार आवेदक साक्षात्कार के लिए पेश हुए। सूत्रों ने कहा कि समिति ने उम्मीदवारों से साक्षात्कार में अलग-अलग प्रश्न पूछे, जिनमें बुधवार को पूछे गए प्रश्न मंदिर व्यवस्था के कामकाज और प्रबंधन पर केंद्रित थे। सूत्रों ने कहा कि उम्मीदवारों से प्रमुख आयोजनों पर भारी भीड़ संभालने के संबंध में भी प्रश्न पूछे गये। इसके अलावा, उम्मीदवारों की पारिवारिक पृष्ठभूमि और हिंदू धर्म और भगवान में उनकी आस्था से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों से उनके कार्य के अनुभव, राम मंदिर के लिए दूरदृष्टि और कार्ययोजना के बारे में सवाल पूछे गए और कोई व्यक्तिगत प्रश्न नहीं पूछे गए जैसे कि क्या वे जनेऊ पहनते हैं, शाकाहारी हैं आदि। मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीन पूर्व अधिकारी, एक पूर्व आईपीएस अधिकारी और सेना के चार पूर्व अधिकारी साक्षात्कार के लिए पेश हुए थे। इन उम्मीदवारों से उनकी धार्मिक आस्था, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक एवं धार्मिक सक्रियता और राम मंदिर के लिए उनकी दूरदृष्टि एवं कार्य योजना के बारे में प्रश्न पूछे गए। न्यास ने इस पद के लिए आए करीब 5,200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को छांटा है। इनमें दक्षिण भारत के मंदिरों से जुड़े पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इस बीच, सीईओ की नियुक्त के निर्णय को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है जिसमें अयोध्या के कुछ संत इस योजना के खिलाफ हैं। न्यास ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का भी प्रस्ताव किया है जिस पर दो सितंबर को न्यास की अगली बैठक में इसकी पुष्टि होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के आरोपों के बाद पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया।








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