संस्कार और सेवा का भाव भारतीय संस्कृति की असली पहचान : नितिन नवीन
जयपुर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि संस्कार और सेवा का भाव भारतीय संस्कृति की असली पहचान है तथा भारतीय संस्कृति में संस्कारों का बहुत अधिक महत्व है। नवीन ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिवस पर आयोजित नवदशकोत्सव एवं 'ग्लोबल समिट' को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ''अच्छे विचार तभी सार्थक हैं, जब वे संस्कार बनते हैं। मैं मानता हूं कि भारतीय संस्कृति में हमारे संस्कारों का महत्व बहुत अधिक होता है। संस्कार तभी प्रभावी होते हैं, जब वे सेवा के भाव के साथ समाज के बीच पहुंचते हैं।'' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''हम मानते हैं कि आने वाले समय में हम इस पद्धति से, अपने सेवा और समर्पण के भाव से इस देश को आगे बढ़ाएंगे।''
नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को सेवा और समर्पण के भाव से नेतृत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि देश को आगे बढ़ाने के लिए 140 करोड़ देशवासियों को एक साथ, एक स्वप्न और एक भाव के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि मन की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है, मन ही मनुष्य के जीवन में बंधन का कारण बनता है और मन ही मुक्ति का माध्यम भी बनता है। उन्होंने कहा, ''आज जब मैं मन की शक्ति की चर्चा कर रहा हूं, तो हम सभी को अपने भीतर के उस अहंकार को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए, जो 'मैं' शब्द से आता है।'' उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा सेवा, साधना, शांति और विश्व बंधुत्व का प्रेरक उदाहरण है। संस्थान की थीम 'जागृति से कर्म तक' का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि जागृति तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने विचारों को कर्म में उतारे और अपने आचरण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सहयोग भारतीय संस्कृति की पहचान हैं तथा सेवा केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहकर स्वभाव बननी चाहिए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि व्यक्ति को 'मैं' की बजाय 'हम' की भावना के साथ समाज और राष्ट्र के हित में काम करना चाहिए। नवीन ने संस्थान में महिला नेतृत्व की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं का ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला विकास' के बजाय 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' के दृष्टिकोण के अनुरूप मातृशक्ति का नेतृत्व समाज और राष्ट्र को नयी दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार के नशा मुक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर ही देश के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुए नशा मुक्ति अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाना होगा। नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत का सपना देश के 140 करोड़ नागरिकों का साझा संकल्प होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आमजन से मूल्य शिक्षा को प्रत्येक युवा तक पहुंचाने, सेवा की भावना से समाज के बीच काम करने और प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार को बेहतर बनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के तीन प्रमुख संकल्प अपनाने का आह्वान किया।









.jpg)
Leave A Comment